Chapter 53: chapter 53

Billionaire's Dark DesireWords: 30388

अब आगे ....   त्रिहांश जैसे ही रूम में आया ,उसकी नजर राज्ञा पर गई | वही राज्ञा बैठे-बैठे ही सो गई थी ,लेकिन उसका चेहरा ज्यादा ही मुरझा हुआ सा लग रहा था ,जैसे वह बहुत देर तक रोई हो ,उसके आंखे भी सो गए थे |    वही त्रिहांश राज्ञा को देखते हुए उसके करीब अपने कदम बढ़ने लगा ,लेकिन जैसे-जैसे वह आगे राज्ञा की करीब बढ़ रहा था ,वैसे-वैसे त्रिहांश का चेहरा गुस्से से भरते हुए आने लगा था |        राज्ञा गहरी नींद में थी लेकिन अचानक से रूम में कुछ जोर से टूटने की आवाज सुन कर वह हड़बड़ी में उठ कर बैठा गई | वही त्रिहांश गुस्से से उसे देखते हुए एक एक चीज़ भी फोड़ते जा रहा था | उसका औरा बेहद गुस्से से भर गया था , उस लड़की की हिम्मत कैसे हुई उसका दिल और दिमाग पर हावी होने का ? वह उसे बिलकुल नही छोड़ेगा अब ...|     राज्ञा को बिल्कुल समझ नहीं आ रहा था कि त्रिहांश इतना गुस्से में क्यों है ? क्यों वह उसे गुस्से से घूरते हुए यह सब तोड़फोड़ कर रहा है?   राज्ञा अपने जगह में ही बैठी रही,और चुपचाप त्रिहांश को देखती रही, उसकी बिल्कुल हिम्मत नहीं हो रहा था की वह उठ कर त्रिहांश के पास जाए ? उससे कुछ कह पाए ?      वह बस डरी सी ,सहमी सी आंखों से बस त्रिहांश को देखने लगी,वही त्रिहांश रूम में रखे हुए हर एक चीज को तोड़ते हुए रज्ञा के करीब आया , त्रिहांश को इस तरह गुस्से से अपने करीब आता देख, राज्ञा डर से अपनी थूक निंगलते हुए पीछे के तरफ सरकने लगी |      त्रिहांश बेहद गुस्से से उसके करीब बढ़ रहा था | तभी राज्ञा डर से उसका नाम लेते हुए बोली,""_ त्रिहांश...आ आप ऐसे..... अअह्ह्ह्ह्ह..| "    राज्ञा बस इतना ही बोल पाई थी की त्रिहांश गुस्से से उसके बालो को अपने मुट्ठी में भर कर उसके चेहरे को अपने चेहरे के बेहद करीब ला कर बेहद ठंडे लहजे में बोला,""_ तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई राज्ञा ? मेरे और मेरे दिल के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत कैसी की तुमने ? हा ?      राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी ,उसने ऐसा कुछ नहीं किया था |  बल्कि त्रिहांश उसके साथ बहुत कुछ गलत कर रहा था |    त्रिहांश का इस तरह कश के बाल पकड़ने से राज्ञा को बहुत दर्द हो रहा था | वह दर्द को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी |       वह रोते हुए बोली,""_  आ आप यह क्या कह रहे हैं त्रिहांश ? जो आप बोल रहे है वैसे मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है त्रिहांश .....प्लीज छोड़ीए मुझे दर्द हो रहा है |      त्रिहांश का पकड़ बहुत मजबूत था | वह रोने लगी,वही त्रिहांश का दिल अब राज्ञा के हर तकलीफ से दर्द मेहसूस करते हुए उसके लिए अब धड़कने लगा था |   राज्ञा का रोना जिससे त्रिहांश को कभी फर्क तक नहीं पड़ा था ,लेकिन आज उसे बहुत तकलीफ दे रहा था | राज्ञा की आंखों से गिर रही हर एक आंसू की बूंद उसके दिल में अजीब चुभन सा महसूस कराने लगा था |   त्रिहांश राज्ञा के बाल छोड़ कर उसके सामने ही चुपचाप बैठ गया, लेकिन आज उसके दिल में तूफान सा उठ चुका था और उसे समझ नहीं आ रहा था कि इस तूफान को शांत कैसे करें ?   राज्ञा रोते हुए त्रिहांश को देखने लगी थी ,उसे त्रिहांश इस वक्त कुछ अलग सा नजर आ रहा था,उसे देख राज्ञा को ऐसा महसूस होने लगा कि त्रिहांश अंदर ही अंदर घुटन सा महसूस करने लगा है |  अजीब सी उधेड़बुन में फंस कर वह दर्द में तड़प रहा है |     राज्ञा धीरे से उसके करीब की खिसक कर त्रिहांश के गाल को छू लेती उससे पहले ही त्रिहांश ने गुस्से से उसका हाथ झटक दिया |       लेकिन वह लड़कि उससे प्यार करने लगी थी | त्रिहांश को इस तरह तड़पते ह छोड़ने का सवाल ही नहीं पैदा होता |    राज्ञा फिर से त्रिहांश का गाल को छुने को हुई कि तभी त्रिहांश गुस्से से उसे पीछे धक्का दे कर उसके ऊपर आ गया , राज्ञा को इसकी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी, वह अपने नम आंखों को बड़ी-बड़ी कर त्रिहांश को देखने लगी |     वही त्रिहांश गुस्से से उसे घूर रहा था ,वह राज्ञा का चेहरा कस के पकड़ कर अपने दांत पीसते हुए बोला ,""_ stay away राज्ञा, अब से मेरे करीब आने की हिम्मत मत करना | "    त्रिहांश के यह बात सुनते ही राज्ञा का दिल अचानक से दर्द में रोने लग गया | चाहे कुछ भी हो जाए....त्रिहांश उसे कभी खुद से दूर नहीं करता और नाही उसे दूर रहने के लिए कहता था लेकिन आज .....वह उससे दूर रहने के लिए कह रहा था |     राज्ञा नम आंखों से त्रिहांश को देख कुछ कहती उससे पहले ही त्रिहांश गुस्से से उसके होंठ प्रेस करते हुए बोला,""_ कुछ मत बोलो, जो कह रहा हु वह करो समझी |         राज्ञा रोते हुए अपना चेहरा इधर उधर हिलाते हुए त्रिहांश का हाथ हटा कर बोली,""_ मै मरना पसंद करूंगी लेकिन आप से दूर रहना बिलकुल नही......| "   त्रिहांश का जबड़ा कस गया | वह गुस्से से उस पर चिल्लाता उससे पहले ही राज्ञा उसके गाल पर हाथ रख कर बोली,""_ कैसे कह दिया आपने मुझे खुद से दूर रहने ? कैसे त्रिहांश ? पता है कितना तकलीफ मेहसूस हो रहा है ? "     त्रिहांश गुस्से से उसका हाथ झटका कर उठ कर बैठते हुए बोला,""_ मुझे भी हो रहा है तकलीफ़...? सिर्फ तुम्हारी वजह से आज मेरा पत्थर दिल दर्द मेहसूस कर रहा है ? मुझसे बगावत कर रहा है ? मेरे खिलाफ जा रहा है ?  "     त्रिहांश की बात सुन राज्ञा को कुछ समझ नही आ रहा था | उसने ऐसा त्रिहांश का दिल दुखने वाला काम क्या किया ?  वह त्रिहांश का चेहरा अपने तराड़ घुमा कर उसके आंखो में देख पूछी,""_ मैने क्या किया त्रिहांश जिससे आपको तकलीफ़ मेहसूस हो रहा है ? "    प्यार.......!!! " त्रिहांश राज्ञा के आंखो में देखते हुए बेहद नफरत से बोला |        राज्ञा उसे ही लाचारी में देखने लगी | प्यार उसने किया नही हो गया था | उसने कभी नही सोचा था की वह कभी त्रिहांश से प्यार भी करने लगेगी ? लेकिन उससे उसे प्यार हो गया था और यह उसके बस में भी नही था |    वही त्रिहांश राज्ञा का चेहरा कसके पकड़ कर अपने चेहरे के करीब ला कर गुस्से से बोला ,""_ कहा था ना मुझसे प्यार नही करना है ? लेकिन तुमने मेरी एक नही सुनी....क्यों ? क्यों किया मुझसे प्यार ? हा ? "    बोलते हुए त्रिहांश गुस्से से उसका चेहरा झटका कर फिर से रूम में रखे हुए चीज़ों को तोड़ने लगा | सब कुछ तोड़ते हुए, राज्ञा पर गुस्सा निकालते हुए वह अपना गुस्सा शांत करना चाह रहा था लेकिन वह ना कामयाब हो रहा था |    वह चाह कर भी खुद को शांत नही कर पा रहा था | वही राज्ञा रोते हुए त्रिहांश को देख रही थी | त्रिहांश ने उसे कही बार मना किया था की वह उससे दिल ना लागए ? लेकिन क्यों ? वह कोई पत्थर नही थी जो किसी पर भी दिल ना आए ?     वही त्रिहांश सब तोड़ फोड़ करते हुए जा कर सोफे पर जा गिरा | त्रिहांश का चेहरा गुस्से से तप रहा था |।             वह बेदिल इंसान अब आशिक बनते जा रहा था,लेकिन वह उसे बिलकुल मंजूर नहीं था | वह किसी के लिए भी कुछ भी मेहसूस नही करना चाहता था |    राज्ञा उसके सामने ही थी, लेकिन फिर भी उस बेरहम इंसान का दिल यह मानने के लिए तैयार ही नहीं था कि उसका भी दिल अब उसकी बीवी पर आ गया है ,उसके लिए धड़कने लगा है, कुछ महसूस करने लगा है | प्यार का यह एहसास बेहद खूबसूरत होता है लेकिन त्रिहांश जैसे बेरहम इंसान के लिए बोझ....वह इस वक्त अपने में ही घुट रहा था |        त्रिहांश कराहते हुए अपना चेहरा मसलते हुए अपना सर सोंफे पर टिका कर अपने आंखे बंद करा |     त्रिहांश इस वक्त खुद को शांत करना चाहता था | वह जिस तरह बेदिल इंसान था , बिल्कुल उसी तरह रहना चाहता था | लेकिन अब यह मुमकिन नहीं था, उसका दिल अब राज्ञा पर आ गया था, राज्ञा के लिए धड़कने लगा था , वह प्यार में पड़ चुका था |   वहीं राज्ञा एक टक उसे ही देख रही थी | वह फिर उठ कर त्रिहांश के बेहद करीब  जा कर, अपने पल्लू से पसीने से दरबदर हुई त्रिहांश का चेहरा पूछने लगी | वही राज्ञा का स्पर्श पाते ही त्रिहांश गुस्से से अपने आंखें खोल कर उसे घूरने लगा |       उसने अभी-अभी राज्ञा से कहा था ,कि वह उससे अब दूर रहे है ,लेकिन यह लड़की मानती तब ना ?  वह गुस्से से राज्ञा को दूर धकेलने को हुआ कि तभी राज्ञा उसके चेहरे को अपने हाथो में भर कर ,उसके माथे पर बेहद शिद्दत से चूमते हुए बोली ,""_ ठीक है त्रिहांश ,अगर मेरे यहा रहने से ,आपसे बेइंतहा प्यार करने से आपको इतना तकलीफ हो रहा है तो मैं यहां से,आपकी जिंदगी से हमेशा के लिए चली जाती हूं  लेकिन याद रखिएगा आखरी सांस तक मैं सिर्फ आपसे प्यार करते रहूंगी और इसके लिए कभी अफसोस भी नहीं मनाऊंगी आई लव यू.....|    इतना बोलते हुए राज्ञा उठ कर वहां से जाने को हुई | राज्ञा ने बस एक ही कदम आगे रखा था, की तबी त्रिहांश गुस्से से राज्ञा का हाथ पकड़ कर अपने ऊपर खींच लिया |    अचानक से ऐसा होने से राज्ञा जा कर त्रिहांश के सीने से जा लगी |     वही त्रिहांश का औरा राज्ञा की जाने की बात सु नकर एक दम से काला पड़ गया था | इस लड़की की हिम्मत कैसे हुई उससे दूर जाने की ?       वहीं राज्ञा अपना चेहरा ऊपर कर त्रिहांश को देखती ,त्रिहांश का चेहरा गुस्से से अब कांप रहा था और उसके बेजान सी आंखें गुस्से से लाल रंगत में बदल रहे थे |   त्रिहांश को इतना गुस्से में देख राज्ञा एक पल के लिए डर गई ,लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था कि त्रिहांश उससे आखिर चाहता क्या है ?      त्रिहांश राज्ञा के बाजू को कसके पकड़ कर अपने दांत पीसते हुए बोला ,""_ मुझे छोड़ कर जाने की तुमने सोचने की भी हिम्मत कैसी की ? हा ? How dare you ?    राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी | राजा को त्रिहांश अब पहेली की तरह लगने लगा था | वह इंसान एक पल के लिए उससे कहता कि वह उससे अब दूर रहे ,फिर अगले ही पल यह कह रहा है कि उसने उससे दूर जाने की हिम्मत कैसे की ?      क्या त्रिहांश कुछ चढ़ा कर घर आया है ? बिल्कुल नहीं ....त्रिहांश ने कोई ड्रिंक नहीं किया था लेकिन हां उसे नशा जरूर चढ़ गया था वह भी प्यार का....उसकी बीवी की प्यार का .....|        त्रिहांश गुस्से से अभी भी राज्ञ को घूर रहा था और राज्ञा उसे हैरानी से देख रही थी | वह उससे पूछी,"" _ आप चाहते क्या है मुझसे ? "  " सिर्फ तुम्हारे जिस्म चाहता हु सिर्फ जिस्म....| "  त्रिहांश अपनी मरी हुई सी आवाज में बोला | राज्ञा उससे थोड़ी देर देखी,फिर उसके चेहरे को अपने हाथो में भर कर उसे किस करते हुए बोली,""_ कब का दे दिया है आपको....| "   नही.....!!! " त्रिहांश राज्ञा को खुद से दूर ढकेल कर बेड पर जा कर गिरते हुए बोला |    राज्ञा को आज त्रिहांश का बरताव समझ नही आ रहा था | वह उठ कर उसके पास जाते हुए पूछी,""_ क्या हुआ है आपको....!!! "   प्यार......!!! " त्रिहांश खोए हुए अंदाज में बोला तो राज्ञा की आंखे चौड़ी हो गई | वह उसके करीब जाते हुए पूछी,""_ क्या ..क्या कहा आपने ? "   त्रिहांश को कोई होश नही था की उसने अभी अभी क्या कहा ? वही राज्ञा उसके करीब झुकी की तभी त्रिहांश उसे बेड पर धक्का दे कर उसके सीने पर प्वाइंट करते हुए बोला,""_ मैने कहा मुझे सिर्फ यह जिस्म चाहिए लेकिन तुम ....तुमने यहां दिल रख कर दिया..... क्यों....? "    राज्ञा का सर घूम रहा था | हद हो गई अब तो ? अब उसका दिल त्रिहांश पर आ गया है तो वह क्या कर सकती है ?       राज्ञा उसके सीने पर सर रखने को हुई की तभी त्रिहांश उसे रोकते हुए बोला,""_ नही... यहां दर्द हो रहा है ? "   राज्ञा ना समझी में त्रिहांश को देखने लगी | फिर वह जल्दी से त्रिहांश के शर्ट खोल कर उसके सीने पर हाथ फेरते हुए टेंशन से पूछी,""_ कहा दर्द हो रहा है आपको ? मुझे दिखाई ....? "   अपने लंबे पतले उंगलियों से राज्ञा त्रिहांश के सीना सहलाते हुए राज्ञा त्रिहांश को देखने लगी | उसके सीने पर तो कोई चोट नहीं थी फिर त्रिहांश को दर्द क्यो हो रहा है ?     राज्ञा का इस तरह सीना सहलाने से त्रिहांश का दिल जोरो से धड़कने लगा था | वह राज्ञा का हाथ कसके पकड़ कर रोकते हुए बोला,""_ कहा ना दुख रहा है ? "    कहा दुख रहा है त्रिहांश ? चलिए हम हॉस्पिटल चलते है ? " बोलते हुए राज्ञा त्रिहांश का हाथ पकड़ कर उठाने को हुई लेकिन वह गेंडे जैसे आदमी हिला ही नही |    राज्ञा बोली,""_ आप रुकिए मैं डाक्टर को कॉल कर आती हु ...!  "   राज्ञा जाने को हुई की तभी त्रिहांश ने उसे अपने ऊपर खींच लिया | लेकिन राज्ञा को उसकी फिकर हो रही थी | वह उसके ऊपर से उठते हुए बोली,""_ त्रिहांश.....!!! आह्ह्ह "    त्रिहांश उसे अपने नीचे लेटा कर अपना सर उसके सीने में रखते हुए बोला,""_ तुम कही मत जाओ.....!! "   आपको दर्द हो रहा है ? और मैं ऐसी ही लेटी रहूं? त्रिहांश हटिए, मै डॉक्टर को ......!! " राज्ञा बोल ही रही थी की तभी त्रिहांश राज्ञा के सीने में अपना चेहरा रब करने लगा | अचानक से त्रिहांश की इस हरकत से राज्ञा की बदन में सिहरन सा दौड़ गया |     वह सिहरते हुए त्रिहांश का चेहरा ऊपर उठा कर देखी,त्रिहांश बहुत ही बेचैनी नजर आ रहा था | वह उसके चेहरे को अपने करीब ला कर उसके आंखो में देख धीरे से पूछी,""_ आप ठीक है ? "   " नही....!!! "  त्रिहांश उसके हाथ से अपना चेहरा छुड़वा कर बगल में लेटते हुए बोला | राज्ञा को ऐसा लग रहा था की त्रिहांश को कोई बात अंदर ही अंदर खाए जा रही है | वह त्रिहांश का गाल पकड़ कर उसके चेहरे को अपने तरफ घुमा कर बोली,""_ आप परिशान क्यों है ? "   " तुम्हारी वजह से ....| " त्रिहांश ने फिर से उसके हाथ से अपना चेहरा छुड़वा कर उससे पीठ कर लेटते हुए बोला | राज्ञा को समझ नही आ रहा था की त्रिहांश उसकी वजह से इतना परिशान क्यों है ? जब से त्रिहांश रूम में आया था तब से उस पर ही इल्ज़ाम लगा रहा था |    राज्ञा बिना कुछ कहे वह भी उसके तरफ पीठ कर लेट गईं | वह त्रिहांश को शांत मेहसूस कराना चाहती थी लेकिन त्रिहांश ना उसे करीब आने दे रहा था और नाही उसे कुछ बता रहा था |   राज्ञा चुपचाप लेटी थी की तभी उसे अपने कमर में किसी की सख्त हाथ मेहसूस हुई,अचानक से उसकी आंखे कसके बंद हो गए | वही त्रिहांश धीरे से राज्ञा के गर्दन में अपना चेहरा छुपा कर बेचैन भरा आवाज में बोला,""_ तुमने मुझसे दिल क्यों लगाया...? "     राज्ञा मुड़ कर त्रिहांश को देखी त्रिहांश ने अपने आंखे बंद करा था लेकिन उसका चेहरा पसीने से भीगा था | वह हल्के से कांप भी रहा था | वही राज्ञा उसके चेहरा साफ करते हुए उसके माथे पर किस करते हुए बोली,""_ दिल ही तो लगाया है त्रिहांश यह कोई गुनाह थोड़ी  है....| "   त्रिहांश धीरे से अपने आंखे खोल कर उसके आंखो में देखने लगा | वह उसके नजरो से नजरे मिलाने भी डर रहा था की कही वह भी उससे प्यार करने ना लग जाए ?    त्रिहांश उसके सीने में अपना चेहरा छुपाते हुए बोला,""_ गुनहा ही तो है यह ....| "  पता नही आज त्रिहांश को क्या हो गया था ? वह ठीक से ragya को देख भी नहीं रहा था | क्या त्रिहांश अपने दिल में उमड़ रहे फीलिंग्स को कभी समझ पाएगा ? राज्ञा को jत्रिहांश का प्यार मिलेगा या राज्ञा ऐसे ही क्या होगा आगे जानने के लिए पढ़ते रहिए   Â