Chapter 43: chapter 43

Billionaire's Dark DesireWords: 30283

रात का वक्त.......      त्रिहांश एक टक राज्ञा को देख रहा था जो उसके ऊपर ही सो गई थी | त्रिहांश ने उसे आराम से अपने बगल में लेटा कर उसे थोड़ी देर देखा ,फिर झुक कर उसके गाल को सहलाते हुए बोला,""_ तुम मुझे जानना चाहती हो ? हम्मम ? "   त्रिहांश के होंठ मुड़ गए | वह धीरे से राज्ञा के होंठो को अपने अंगूठे से सहलाते हुए बोला ,""_ तुम मुझे कभी नही जान पाओगी राज्ञा, मैं अपने में ही एक राज़ हु और मेरी हर एक राज़ मैं तुम शामिल हो ....जिस्म के अलावा भी यह त्रिहांश अग्निहोत्री तुमसे बहुत कुछ चाहता है बस शुरुवात तुम्हारे जिस्म से हुआ है | "    बोलते हुए त्रिहांश का औरा बेहद सनकी की तरह हो गया था | अजीब सा मुस्कुराहट त्रिहांश के चेहरे पर बिखरा हुआ था | वह झुक कर राज्ञा के होंठो पर चूमा ,फिर उसे ब्लैंकेट से कवर कर रूम से बाहर चला गया |          उसके जाते ही राज्ञा की आंखे खुल गई | त्रिहांश उसके होंठो को जिस तरह रब कर रहा था उससे राज्ञा की नींद खुल गई थी | लेकिन त्रिहांश की अजीब सी बाते सुन वह अपने आंखे नही खोली थी |    राज्ञा एक टक door के तरफ देख रही थी जहा से अभी अभी त्रिहांश गया हुआ था | त्रिहांश की बाते इस वक्त राज्ञा के दिमाग में घूमने लगे थे | वह बड़बड़ाते हुए बोली,""_ हर राज़ में मैं शामिल हु....और क्या कहा था इन्होंने ... हा? जिस्म के अलावा भी मुझसे बहुत कुछ चाहते है ? क्या मतलब है इन बातो का ? "    राज्ञा ने त्रिहांश की सारे अजीब बाते सुन लिया था लेकिन उसके समझमें कुछ नही आया था | राज्ञा के कान में कार स्टार्ट होने की आवाज सुनाई दी तो वह जल्दी से उठ कर विंडो के पास जा कर दिखी,त्रिहांश कार गेट के बाहर जा रहा था |      राज्ञा फिर घड़ी में टाइम देखने लगी | रात के अब दस बज गए थे | वही राज्ञा ना समझी में बड़बड़ाते हुए बोली,""_इस वक्त त्रिहांश कहा गए ? "      बोलते हुए राज्ञा वापस आ कर बेड पर बैठ गई |   पुश्तैनी हवेली.....                      अग्निहोत्री का पूरा परिवार इसी हवेली में शिफ्ट हो गया था | और वह सारे लोग अपने अपने रूम में थे | तो माया और सुधर्व बेचैनी से अभी भी हाल में बैठे हुए थे |        वेदिका ने कहा था की त्रिहांश राज्ञा को ले कर आ रहा है| लेकिन अभी तक वह आया ही नहीं था | और वह दोनो राज्ञा को देखने के लिए तरस रहे थे |      तभी बाहर उन्हे कार रुकने की आवाज सुनाई दी | माया और सुधर्व एक दूसरे को उम्मीद भरी निगाहों से देखे ,फिर जल्दी से बाहर जाने को हुए की तभी उन्हें त्रिहांश अंदर आते हुए नजर आया |   सुधर्व और माया त्रिहांश को एक नजर देख कर राज्ञा का आने का इंतजार करने लगे लेकिन राज्ञा उन्हे नजर ही नहीं आ रही थी | वही त्रिहांश अपने जेब में दोनो हाथ डाल कर एक टक उन्हे ही देख रहा था | उनकी बेचैनी देख उसके होंठ मुड़ गए थे | वह भारी भारी सा कदम रखते हुए त्रिहांश के माया और सुधर्व के पास आया |       राज्ञा को त्रिहांश के साथ न देख कर माया और सुधर्व  दोनो का चेहरा गुस्से से तमतमाने लगा था | वह दोनों अपने आंखों से अंगारे बरसते हुए त्रिहांश को देखने लगे | वही त्रिहांश की  चेहरे पर इस वक्त बेहद शातिर मुस्कान बिखरा हुआ था | वह  शैतानी हंसी हंसते हुए उन दोनो के चारों ओर घूमते हुए बोला,""_  लगता है आप दोनो को किसी और का आने का इंतजार था ? "   गुस्से से माया की दोनो हाथो की मुट्ठी बन गई थी | वह चिल्लाते हुए बोली,""_ मेरी बच्ची कहा है त्रिहांश ? तुम उसे अपने साथ क्यों नही ले आए ? कहा है वह ? "   माया का इस तरह चिल्लाने से सारे लोग अपने अपने रूम से बाहर आ गए | वही त्रिहांश का औरा बेहद सख्त हो गया था | वह गुस्से से अपना माथा रब करते हुए बेहद कोल्ड वाइस में बोला,""_ Don't shout मिसेज राठौड़ |   हाल में एक दम से सन्नाटा फसर गया | अब तक धीरांश भी रूम से बाहर आ गया था | त्रिहांश का औरा बेहद सख्त था और वह गुस्से से माया को घुर कर देख रहा था |      त्रिहांश को ऐसे देख माया को कोई फ़र्क नही फाड़ा तभी त्रिहांश अपने दांत पीसते हुए बोला,""_ मेरी बीवी कहा है ? कहा रहेगी ?  यह सब में तय करता हु मिसेज माया राठौड़,मुझे इसके लिए किसी का परमिशन लेने की जरूरत नही और मुझे बिल्कुल पसंद नहीं कोई इसके लिए सवाल भी उठाए .... | "    त्रिहांश गुस्से से माया को देखने लगा | माया भी बिलकुल त्रिहांश के तरह ही उसे देख रही थी | वह बोली,""_ जिस दिन मेरी बेटी को तुम्हारी सच्चाई पता चलेगा...|      माया अपनी बात पूरा करती तभी त्रिहांश जोर जोर से हंसने लगा | सभी घरवाले बस हैरानी से त्रिहांश को देखने लगे थे | लेकिन वही सुधर्व और माया की हाथो की मुट्ठी बन गई थी |       वह दोनो मुड़ कर धीरांश को देखने लगे | धीरांश का औरा भी इस वक्त बेहद सख्त था और त्रिहांश का गुस्सा देख उन्हे भी गुस्सा आ रहा था | वह चिल्लाते हुए बोला,""_ बस करो त्रिहांश....!!! "     त्रिहांश जोर जोर से हंस रहा था लेकिन धीरांश का आवाज सुन कर वह उन्हें भी गुस्से से घूरते हुए देखने लगा | वही धीरांश त्रिहांश के बेहद करीब जा कर उससे गुस्से से बोले,""_ तुम शायद भूल रहे हो त्रिहांश वह लड़की उनकी बेटी है और तुम सुबह तक उस लड़की को ले कर यहा आओगे ......| "   " मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करने वाला....सुना आपने " त्रिहांश गुस्से से अपने दांत पीसते हुए धीरन्श से बोला | धीरांश का औरा बेहद डार्क हो गया था | वह गुस्से से त्रिहांश के आंखो में देखते हुए धीमी मगर सर्द आवाज में बोले,""_ तुम उसे यहां लाओगे .....| "  " मैने कहा ना मैं.....!!! " त्रिहांश बस इतना ही कह पाया क्यों की धीरांश की चेहरे पर बेहद अजीब तरह का मुस्कान बिखर गया था | वह मुस्कान देख कर त्रिहांश के हाथो की आपस में ही मुट्ठी बन गई थी | वह फिर बिना कुछ कहे हवेली से बाहर निकल गया |       वही त्रिहांश की जाते ही धीरान्श की आंखे कसके बंद हो गए थे | वह गुस्से से किसी को बिना कुछ कहे अपने रूम में चले गए | वही माया और सुधर्व के चेहरे पर मुस्कान तैर गया था | वह दोनो एक दूसरे को देखे फिर अपने रूम के तरफ चल पड़े |     वेदिका एक टक माया और सुधर्व को ही जाता देख रही थी और इस वक्त उसके चेहरे पर दर्द साफ साफ नजर आ रहा था | तभी अजय उसके कंधे थपथपाते हुए बोला,""_ वेदू....!! "    वेदिका नम आंखों से उसे देखने लगी | तभी अजय उसे ले कर रूम में चला गया | इशा और उर्मी हैरानी से यह सब देख रहे थे उन दोनो को अभी तक यह भी नही पता चला था की राज्ञा माया और सुधर्व की बेटी है | वह दोनो ना समझी में इशान को देखने लगे इस उम्मीद से की वह उन्हें कुछ बताएगा | लेकिन इशान ने उन्हे कुछ बताने के बजाए कहा,""_ जाओ जा कर सो जाओ | "     इशान विनोद को ले कर रूम में चला गया |      हवेली से बाहर निकले त्रिहांश अपने कार को पूरे हाई स्पीड से चला रहा था | उसका चेहरा पूरी तरह गुस्से से लाल पड़ गया था और माथे पर नसे उभर कर बाहर आ गए थे | उसका शरीर कांप रहा था शायद यह उसकी गुस्से की वजह से था या कोई और वजह है ? यह बताना मुश्किल था |         थोड़ी ही देर में त्रिहांश का कार आ कर उसके विला के सामने जोर से ब्रेक लगाते हुए रुका | त्रिहांश बहुत ही गुस्से में था और उससे कही ज्यादा बेचैन भी | वह जल्दी से कार से बाहर आ कर अंदर चला गया |      रूम में ....     त्रिहांश के जाने के बाद राज्ञा का नींद खुल गई थी और उसका ही इंतजार करते हुए बैठी थी | उसके आंखो में कोई नींद नही थी | वह बस रूम में इधर से उधर टहल रही थी की तभी उसे कार रुकने की आवाज सुनाई दिया |           वह विंडो के पास जा कर देखी, त्रिहांश का ही कार था | राज्ञा फिर जल्दी से बाहर जाने को हुई की तभी रूम का door दडाम से खुल गया |       राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश गुस्से से तेज़ तेज़ सांस ले रहा था | वह बिना एक नजर राज्ञा को देखे ही वाशरूम चला गया |     वही राज्ञा बड़बड़ाते हुए बोली,""_ इन्हे क्या हुआ ? जाने से पहले तो बिलकुल ठीक थे ? "     यही सोचते हुए राज्ञा जा कर बेड पर बैठ गई | करीब तीस मिनट भीत गया लेकिन त्रिहांश वाशरूम से बाहर आया ही नही | राज्ञा को कुछ अजीब सा लग रहा था | वह उठ कर सीधे वाशरूम में चली गई |      शॉवर की आवाज सुनाई दे रही थी फिर भी राज्ञा को बेचैनी महसूस हो रहा था | वह door खोल कर अंदर गई |      त्रिहांश इस वक्त शॉवर के नीचे खड़ा था | उसने ना अपने कपड़े उतारे थे नाही shoes | वह ऐसे ही ठन्डे पानी के नीचे खड़ा था | मनाली का मौसम हमेशा सर्द होता था और इस वक्त त्रिहांश बर्फ जैसे ठंडे पानी के नीचे खड़ा था |      राज्ञा त्रिहांश के करीब जाते हुए उसका नाम ली,""_ त्रिहांश ....? "    त्रिहांश के आंखे बंद थे | लेकिन राज्ञा की आवाज सुनते ही उसने आह भरा और मुड़ कर उसे देखा | राज्ञा उसे ही बेचैन भरी नजरों से देख रही थी | वह फिर जल्दी से शॉवर बंद करने को हुई की तभी त्रिहांश अपने भारी आवाज में कहा,""_ नही....इसे रहने दो मेरा शरीर जल रहा है | "    राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी | वह फिर पानी को नॉर्मल मोड़ में रखने आगे बड़ी तो त्रिहांश बेहद गुस्से से थोड़ा खींचते हुए बोला ,""_ तुमने सुना नही ?  मैने अभी क्या कहा ? "  राज्ञा रुक कर उसे थोड़ी देर देखी फिर उसके करीब आ कर उसके गाल छूते हुए बोली,""_ त्रिहांश आ आप ऐसे क्यों खड़े है और बाहर इतना ठंड है और आप ...!! "      त्रिहांश के बदन पर इस वक्त ठंडे पानी गिर रहे थे और त्रिहांश के करीब आने से राज्ञा के ऊपर भी पानी गिर रहे थे जिससे वह अब कांपने लगी थी |     त्रिहांश एक टक राज्ञा को देख रहा था जो उसके साथ भीगते हुए उसे ही देख रही थी | वह फिर उसके सीने से लग कर उसके पीठ को सहलाने लगी ताकि त्रिहांश शांत हो जाए | उसे नही पता था की उसका पति इतना गुस्से में क्यों लौटा है ? वह कहा गया हुआ था ? लेकिन वह नहीं चाहती थी की त्रिहांश इस तरह गुस्से में आ कर खुद को ऐसे ठंडे पानी के नीचे खड़ा कर बीमार पड़ जाए |      त्रिहांश की आंखे कसके भींच गए | और उसके दोनो हाथ राज्ञा के कमर में आ गए | राज्ञा चुपचाप उसके सीने में अपना सर रख कर उसके बढ़ी हुई धड़कनों को सुनने लगी थी | वही त्रिहांश उसके कमर को सहलाते हुए उसके कंधे पर अपना सर रख दिया |     त्रिहांश का थोड़ा बेचैनी कम हो रहा था लेकिन उसका गुस्सा अभी भी शांत नही हुआ था | वही राज्ञा पूरी तरह कांपने लगी थी | ठंडे पानी वह बर्दाश्त नही कर पा रही थी लेकिन वह भी जिद्दी थी वह त्रिहांश से अलग होने के बजाए उसके शर्ट को कसके पकड़ कर उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा कर रब करने लगी|      राज्ञा की इस हरकत के वजह से त्रिहांश के बदन और जलने लगा था | वह कसके उसे अपने बाहों में जकड़ते हुए उसके पीठ को सहलाने लगा |         राज्ञा ने इस वक्त शॉर्ट और लूज नाइट सूट पहना था | वही त्रिहांश उसके कंधे से शर्ट को सरका कर उसके कंधे पर अपने होंठ रख कर बेतहाश चूमने लगा | उसे इस वक्त अजीब सा प्यास लगी हुई थी |      वही त्रिहांश की हरकत से राज्ञा एक दम से कांप उठी | वह धीरे से त्रिहांश के दोनो पैर पर खड़ी होते हुए उसके शर्ट को कसके अपने मुट्ठी में भर ली |      वही त्रिहांश का उसके कंधे पर अपने होंठ चलाते हुए उसके गर्दन को चूमने लगा | राज्ञा बुरी तरह कांपते हुए सिहर रही थी | उसकी कपकपाहट को मेहसूस कर त्रिहांश उसे अपने गोद में उठा कर क्लोसेट रूम में चला गया |      राज्ञा उसे ही अपने आंखे टिमटिमाते हुए देखने लगी | त्रिहांश का औरा सख्त था लेकिन उस गीले कपड़ों में और माथे पर बिखरे हुए गीले बाल उसे बेहद एरोगेंट वाला लुक दे रहा था |        त्रिहांश राज्ञा को एक टेबल पर बैठा कर उसके ड्रेस को उसके बदन से अलग करने लगा | राज्ञा चुपचाप उसे देख रही थी | वही त्रिहांश उसके आंखो में देखते हुए उसके बाल पोछने को हुआ की तभी राज्ञा आगे बढ़ कर त्रिहांश के शर्ट के बटंस को अनलॉक करने लगी |    त्रिहांश अपने जगह में जम कर उसे ही देख रहा था | वह फिर उससे लिपट कर उसके पुरे बदन को सहलाते हुए उसे किस करने लगा | वही राज्ञा सिहरते हुए उसके शर्ट को उतार कर धीरे से बोली,""_ त्रिहांश प्लीज़,कपड़े चेंज करिए आप बीमार पड़ जाएंगे | "    त्रिहांश के होंठ मुड़ गए | उस ठंडे पानी में इतना दम नहीं था की उसे बीमार कर दे | वही राज्ञा पूरी तरह कांप रही थी ऊपर से उसके बदन पर इस वक्त कोई लिबास ही नही था | वही त्रिहांश उसके पूरे बदन को सहलाते हुए उसके कान के इयरलोब पर काटते हुए बोला,""_ तुम्हे ऐसे देख मैं खुद को बहुत कंट्रोल कर रहा हु बीवी जल्दी से कुछ पहन लो,वरना.....| "   बोलते हुए त्रिहांश उसके सीने को सहलाने को हुआ की तभी राज्ञा हड़बड़ाते हुए वार्डरोब को ओपन कर त्रिहांश का एक शर्ट पहन ली | त्रिहांश में वह इतना खो गई थी की उसे ख्याल नही आया था की उसे कपड़े भी पहनना है |    त्रिहांश अपना थूक निंगलते हुए उसे ही देख रहा था | वह फिर उसके करीब जाने को हुआ की तभी राज्ञा उसके हाथ में से तौलिया ले कर उसके गीले बालों को पोछते हुए बोली,""_ अब आप चेंज कर रहे है या में खुद .....|"   बोलते हुए राज्ञा ने त्रिहांश के कमर पर हाथ रख दिया | त्रिहांश इस वक्त पैंट में था जो पूरी तरह गिला था | राज्ञा की बोल्ड भरी बात सुन त्रिहांश के होंठ मुड़ गए थे | राज्ञा के होंठो पर काटते हुए बोला,""_ मेरी जंगली बिल्ली तुम तो मेरी तरह बेशर्म बन गई है | "    अअह्ह्ह्ह त्रिहांश ...!! " त्रिहांश का इस तरह काटने से राज्ञा की मुंह से चिक निकल गई | वह अपने होंठ सहलाते हुए त्रिहांश को देखने लगी |     त्रिहांश उसके सामने ही अपने कपड़े चेंज किया | राज्ञा के गाल जलने लगे थे वह जल्दी से रूम में भाग गई | वही त्रिहांश की चेहरे पर स्माइल आ गई थी | वह अपने बालों में उंगलियां फिराते हुए रूम में गया |     राज्ञा खुद को पूरी तरह ब्लैंकेट से कवर कर अपने दोनो हाथ को आपस में रब कर रही थी | त्रिहांश उसे ऐसे देख रूम का ac बंद किया फिर उसके बगल में जा कर बैठ गया |     राज्ञा उसे ही देख रही थी | वह फिर त्रिहांश को भी अपने ब्लैंकेट में से कवर कर उसके बेहद करीब खिसक गई |   त्रिहांश उसे अपने बाहों में भरते हुए उसके सर पर किस करते हुए बोला,""_ तुम मेरा इंतज़ार कर रही थी ? "   त्रिहांश का हाथ धीरे से उसके कमर पर सरक रहा था तो दूसरा राज्ञा के हाथ में फस गया था | त्रिहांश की सवाल सुन कर राज्ञा हा में सर हिलाते हुए उससे लिपट गई | त्रिहांश उसके सर को सहलाते हुए अपने आंखे बंद करने को हुआ ,लेकिन राज्ञा को ज्यादा ही ठंड महसूस हो रहा था तो वह कसमसाते हुए त्रिहांश के बाहों में सिमटने की कोशिश कर रही थी | ।  त्रिहांश उसे पूरी तरह अपने आगोश मैं लिए उसे अच्छे से ब्लैंकेट से कवर करते हुए सख्ती से बोला,""_ तुम्हे मेरे साथ भीगने की क्या जरूरत थी बीवी ? "   To be continued......          Â