Chapter 41 of 59

chapter 41

Billionaire's Dark Desire2,966 words~15 min read

अब आगे ... मनाली......     राज्ञा इस वक्त त्रिहांश के गोद में बैठी हुई थी और उसका चेहरा त्रिहांश के गर्दन में छुपा हुआ था | राज्ञा इस वक्त डरी हुई थी, जिस वजह से वह बार बार अपना चेहरा इधर से उधर घुमा रही थी जिससे उसके नाक त्रिहांश के गर्दन में रब हो रहा था |      त्रिहांश की चेहरे पर शैतानी मुस्कुराहट बिखर गया था | वह राज्ञा के पीठ को सहलाते हुए थोड़ा झुक कर उसके इयरलोब पर बाइट करते हुए बोला,""_ hmmmm क्या बात है ? बड़ा मूड में लग रही हो ? "  राज्ञा हैरानी से अपना चेहरा ऊपर कर त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश के होंठ मुड़ गए थे | उसके एक हाथ राज्ञा के कमर में था तो दूसरा राज्ञा के पीठ पर चल रहा था | तभी राज्ञा उससे थोड़ा हकलाते हुए बोली,""_ आ आप.... त्रिहांश..... आह...!!! "   राज्ञा आगे कुछ कहती उससे पहले ही त्रिहांश अपने अंगूठे से उसके होंठो को सहलाने लगा | उसकी हरकत से राज्ञा की धडकने तेज हो गए और वह सिहरने लगी  | राज्ञा के दोनो हाथ भी त्रिहांश के शर्ट में कस गए थे | वह धीरे से हकलाते हुए बोली,""_ त्रि... त्रिहांश.....!! "    राज्ञा अपना चेहरा एक तरफ झुकाते हुए उसका नाम लिए जा रही थी | वही त्रिहांश उसके गर्दन से हो कर उसके सीने तक आ रहा था की तभी राज्ञा के फोन में एक के बाद एक नोटिफिकेशन का साउंड बजने लगा |        त्रिहांश रुक कर राज्ञा को देखा | राज्ञा की नज़र अपने फोन पर गई थी | वह फिर त्रिहांश से अलग होने को हुई की तभी त्रिहांश ने अपना पकड़ उसके कमर में मजबूत करा | राज्ञा अपना सर घुमा कर उसे देखी, त्रिहांश की नजर राज्ञा की फोन पर था |         वह फिर खुद ही अपना हाथ बढ़ा कर राज्ञा का फोन लिया | राज्ञा को भी समझ नही आया था की उसके फोन में इतने सारे नोटिफिकेशन कैसे आए ? किसने भेजा ? राज्ञा भी फोन के स्क्रीन को देखने लगी |         त्रिहांश राज्ञा का फोन ओपन कर देखा | एक अननोन नंबर से राज्ञा के कुछ तस्वीर थे जिसमें कोई लड़का था | यह सारे तस्वीर वही थे ,जब राज्ञा ने पहली बार उर्मी के फोन में देखा था |     अचानक से राज्ञा के आंखे नम हो गए | वही त्रिहांश का जबड़ा कस गया था | वह गुस्से से सारे फोटोज को डिलीट करने लगा | तभी उसे नीचे एक मैसेज दिखा जिसमे लिखा था |     " अगर तुम चाहती हो की यह सारे तस्वीरे तुम्हारे पति और ससुर के पास ना जाए ,तो तुम्हे अपने पति को डायवोर्स दे कर अग्निहोत्री परिवार से दूर जाना होगा ..., बताओ तुम बदनाम होना पसंद करोगी या इज्जत से सबसे दूर....तुम्हारे पास सिर्फ एक हफ्ते का वक्त है | "    राज्ञा की आंखो से आंसू बहते हुए उसके गाल तक आ रहे थे ,वह थोड़ी देर त्रिहांश को देखती रही| फिर वह त्रिहांश के गोद में से उतर कर साइड में बैठ गई | वही त्रिहांश सबकुछ डिलीट कर राज्ञा को देखा |       राज्ञा रोए जा रही थी | राज्ञा को इस वक्त बहुत गुस्सा आ रहा था ,लेकिन यह गुस्सा उस अंजान आदमी पर नही जो बार बार उसे ऐसे एसोटेड तस्वीरे भेज रहा है बल्कि उसे गुस्सा त्रिहांश पर आ रहा था ,जो अभी तक उस अंजान आदमी को ढूंढा नही था | और यह दूसरी बार था त्रिहांश बिना कुछ किए वह सारे तस्वीरों को डिलीट कर रहा था |         " रो क्यों रही हो ? " त्रिहांश अपने दांत पीसते हुए पूछा | राज्ञा ने कोई जवाब नही दिया | वह बस रोते हुए उससे मुंह फेर कर बैठी रही |      त्रिहांश गुस्से से उसका चेहरा अपने तरफ घुमा कर गुस्से से बोला,""_ मैं कुछ पूछ रहा हु तुमसे ? "   राज्ञा ने गुस्से से त्रिहांश का हाथ झटका दिया तो त्रिहांश बेहद गुस्से से उसे घूरने लगा | वही राज्ञा रोते हुए उससे फिर से मुंह फेर लिया  |      त्रिहांश का गुस्सा बढ़ गया ,वह कसके उसके बाजू को पकड़ने को हुआ की तभी उनका चॉपर त्रिहांश के एक आलीशान विला के सामने लैंड हुआ | तभी समर आ कर बोला,""_ बॉस ...| "    त्रिहांश का औरा बेहद सख्त और गुस्से से भरा था | और उसका पूरा ध्यान राज्ञा पर ही था | जिस वजह से समर बिना कुछ कहे बाहर चला गया |       त्रिहांश गुस्से से ragya का चेहरा पकड़ कर कुछ कहता उससे पहले ही राज्ञा फिर से उसे खुद से दूर ढकेल कर चिल्ला कर बोली,""_ दूर रहिए आप मुझसे ....कोई जरूरत नही है इस तरह मेरे करीब आने की ...!! "     चिल्लाते हुए राज्ञा उठ कर चॉपर से बाहर चली गई |  उसे इस वक्त त्रिहांश पर बहुत गुस्सा आ रहा था , इतना पावरफुल होने के बावजूद भी त्रिहांश ने अभी तक उस आदमी को ढूंढा नहीं ? क्यों?      वह अननोन नंबर से वह सारे एडिटेड pics कभी उर्मी को आते तो कभी उसे.... त्रिहांश कर क्या रहा है ? सिर्फ फोटोज और नंबर डीलेट करने के अलावा वह कुछ किया भी है ? नही |       वही त्रिहांश को राज्ञा की हरकत बिल्कुल समझ नहीं आया था | उसका बार बार हाथ झटकाने से और दूर रहने के लिए कहने से त्रिहांश का दिमाग पिर गया था | वह गुस्से से उठ कर राज्ञा के पीछे चला गया |            चॉपर के बाहर आते ही राज्ञा रोते हुए चारो और देखने लगी थी | बहुत ही आलीशान विला और चारों और सिक्यूरिट गार्ड्स से घेरा हुआ था | राज्ञा ने अग्निहोत्री मेंशन के बाहर भी इतने गार्ड्स नही देखा था लेकिन यहां इतना हाई सिक्योरिटी क्यों ? राज्ञा ने ज्यादा सोचा नहीं क्यों की उसके सोचने से कुछ नही होने वाला था और उसका पति उसे कुछ बताता भी नही था तो उसका इन सबमें सर ना पीट ले यही बेहतर था |     राज्ञा रोते हुए अभी भी अपने जगह में खड़ी थी, की तभी वहा त्रिहांश गुस्से से आ कर उसके बाजू पकड़ कर अपने तरफ घुमाया फिर उसे एक ही झटके में अपने कंधे पर उठा कर विला में चला गया |     अचानक से ऐसा होने से राज्ञा थोड़ा घबरा गई थी | वह कसके त्रिहांश के गले में अपने दोनो बाहें डाल कर उससे बोली,""_ आ..आप मुझे इस तरह क्यों उठा ले जा रहे है त्रिहांश ? मैं कोई आलू की बोरी नही हु ,मुझे नीचे उतारिए प्लीज |    राज्ञा अपनी रूंधली सी आवाज में त्रिहांश को बस बोलते ही रही लेकिन त्रिहांश ने उसकी एक नहीं सुनी | त्रिहांश राज्ञा को हाल में ले आ कर सोफे पर फेंका |       अअह्ह्ह्ह्ह.....त्रिहांश... अह्ह्ह् "  राज्ञा दर्द से कराह उठी | क्यों की त्रिहांश ने उसे जोर से सोफे पर पटक दिया था | ऊपर से राज्ञा का पीरियड चल रहा था तो उसके पेट में बेहिसाब सा दर्द मेहसूस होने लगा था | वह रोते हुए त्रिहांश को देखने लगी |     वही त्रिहांश गुस्से से घूर रहा था | वह उसके ऊपर झुक कर उसके चेहरे को कसके पकड़ कर दबाते हुए बोला,""_ तुमने मुझे खुद से दूर रहने कैसे बोला ? How dare you राज्ञा ? "      राज्ञा की आंखो से आंसू बह रही थी | उसका एक हाथ उसके पेट में था | तो दूसरा त्रिहांश के हाथ में | वही त्रिहांश आगे बोला,""_ तुम चाहो या ना चाहो ,तुम्हे जीना भी मेरे साथ ही है और मरना भी मेरे साथ ही ....सुना तुमने मैंने क्या कहा ? "  लास्ट लाइन त्रिहांश गुस्से से चिल्लाते हुए बोला और राज्ञा का चेहरा भी झटका दिया | राज्ञा बस रोए जा रही थी | वह धीरे से उठने को हुई लेकिन त्रिहांश का इस तरह पटकने से उसके कमर और पेट दोनो में दर्द होने लगा था | वह करहाते हुए वही बैठ गई |       त्रिहांश गुस्से से घूरे जा रहा था | लेकिन राज्ञा का चेहरा उसे उसकी दर्द को अच्छे से बयां कर रहा था | त्रिहांश फिर राज्ञा के हाथ को देखा...जो अपने पेट पर था |    यह देख त्रिहांश जल्दी से उसके करीब जा कर पूछा,""_ क्या हुआ तुम्हे ? पेट में दर्द हो रहा है ? "    राज्ञा नम आंखों से उसे ही देखने लगी | वही त्रिहांश उसके पेट को सहलाते हुए उसे ही देखते हुए उसके जवाब का इंतजार करने लगा | वही राज्ञा उसका हाथ अपने पेट में से हटाते हुए बोली,""_ सोफे पर पटकने से पहले आपको ख्याल नही आया की मुझे भी दर्द होता है ? आपको पता है मेरे पीरियड्स चल रहे है फिर भी आपने मुझे सोफे पर ऐसे फेंका ...? "     राज्ञा का गला भर आया था | वह आगे कुछ नही बोल पाई थी | वही त्रिहांश उसे ही देख रहा था | वह फिर धीरे से उसके गाल पर हाथ रख कर उसके आंसू भरी आंखों में देख बोला,""_ तुम्हे पता है न मेरा गुस्सा कैसा होता है ? फिर तुम बार बार मुझे गुस्सा क्यों दिला रही हो lovey ? "      राज्ञा एक टक त्रिहांश के आंखो में देख रही थी | वह फिर अपने गाल से उसका हाथ हटाते हुए बोली,""_ उन तस्वीरों में मुझे किसी लड़के के साथ देख कर आपको कुछ महसूस हुआ ? उन तस्वीरों को देख कर आपको इतना गुस्सा क्यों नही आ रहा है जितना मेरे दूर जाने के ख्याल से आता है ? आपने अभी तक उस शक्स को पकड़ा क्यों नही त्रिहांश ? क्यों मुझे बार बार ऐसे तस्वीर देखने को मिल रहे है और आप क्यों बिना कुछ किए उन तस्वीरों को बस डिलीट कर रहे है ? क्यों त्रिहांश ? "   त्रिहांश का चेहरे के हाव भाव बदल गए | वह बिना कुछ कहे राज्ञा को देखने लगा | ऐसा नहीं था की त्रिहांश के पास इस वक्त उसे जवाब देने कुछ ना हो | उसके पास हर एक सवाल का जवाब था लेकिन वह जवाब देना नही चाहता था |     राज्ञा करहाते हुए त्रिहांश के बेहद करीब झुक कर ,उसके शर्ट को कसके पकड़के रोते हुए बोली,""_ मुझे वह सारे तस्वीरे देख कर बहुत तकलीफ सा मेहसूस होता है त्रिहांश..मेरा दिल दुखने लगता है | मुझे आपके अलावा आज तक किसी ने छुआ नही है त्रिहांश और मुझे बिल्कुल मंजूर नहीं है की आपके अलावा कोई और छुए,चाहे वह ऐसे तस्वीरों में ही क्यों ना हो ...... उन तस्वीरों में मेरे जिस्म के करीब आपके अलावा किसी और को देख अपने आप गिन्न मेहसूस होने लगा है, अपने ही जिस्म से अब मुझे नफरत सा होने लगा है त्रिहांश....| "        राज्ञा रोते हुए बोले जा रही थी | वही त्रिहांश एक टक उसके आंखो में देख रहा था | ऐसा नहीं था की वह यह सब देख कर चुप बैठा है ? लेकिन जो हकीकत है वह राज्ञा के सामने लाना नही चाहता था | राज्ञा को इस तरह रोता देख त्रिहांश को अजीब सी बेचैनी महसूस हो रहा था | वह उसके होंठो पर उंगली रखते हुए बेहद धीमी आवाज में बोला,""_ शश्श..!!! आज के बाद तुम्हे उस तरह के फोटोज नही कभी दिखेंगे...कोई तुम्हे इस तरह ब्लैकमेल करने की हिम्मत भी नही करेगा ....ठीक है | "   राज्ञा रूंधली सी आवाज में पूछी,""_ सच्ची न ? "   त्रिहांश राज्ञा के आंसू पोछते हुए सख्ती से बोला,""_ मैं झूठ नही बोलता | "     राज्ञा त्रिहांश के गले लग गई | वही त्रिहांश की आंखेकसके बंद हो गए | वह अपने मन में गुस्से से बोला,""_ जिस्म मेरा है,इस पर दाग लगा कर मुझसे छीनने की जो जाल आपने बिछाया है ..उससे तो अब......!! "   त्रिहांश के होंठो पर बेहद डेविल स्माइल आ गया | वह राज्ञा को अपने बाहों में जकड़ते हुए अपने मन में आगे बोला,""_यह मेरे करीब आ रही है, मतलब मेरे और बढ़ रही हर एक कदम आपको उससे दूर ढकेला जा रहा है hm|     त्रिहांश अपने आंखे बंद कर राज्ञा को अपने बाहों में भर लिया | वही राज्ञा उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपाए बैठी थी |  त्रिहांश की बात सुन उसे अब जा कर थोड़ा चैन मिला था |     थोड़ी देर बाद वह त्रिहांश से अलग हो कर उससे बोली,""_ मुझे वाशरूम जाना है त्रिहांश..!! "    त्रिहांश उसे अपने गोद में उठाने को हुआ लेकिन राज्ञा उसे रोकते हुए बोली,""_ नही त्रिहांश , आपके कपड़े गंदे हो जाएंगे मै खुद जाऊंगी | "      बोलते हुए राज्ञा उठी | त्रिहांश का इस तरह सोफे पर फटकने से उसका ब्लड जायदा ही जा रहा था | उसके ड्रेस यहां तक की सोफे पर भी हल्का हल्का सा खून लगा था | राज्ञा की आंखे कसके बंद हुए ,उसे त्रिहांश के सामने  एंबरसिंग फील हो रहा था |      वही त्रिहांश की नज़र उस पर ही था | वह राज्ञा को अपने गोद में ले कर रूम के तरफ जाते हुए पूछा,""_तुम्हे अभी भी दर्द हो रहा है ? "   राज्ञा उसके कंधे पर सर रखते हुए बोली,""_ बस थोड़ा सा ...!! "       त्रिहांश राज्ञा को वाशरूम में ले जाते हुए बोल,""_ तुम फ्रेश हो कर बाहर आ जाओ ,फिर हम हॉस्पिटल चलेंगे | "    त्रिहांश राज्ञा को आराम से नीचे उतारा तो राज्ञा उसे मना करते हुए बोली,""_ नही त्रिहांश ,थोड़ी देर रेस्ट करूंगी तो ठीक हो जाएगा | "   राज्ञा की बात सुन त्रिहांश उसके बेहद करीब जा कर उसके गालों पर भारी भारी से किस करते हुए बोला,""_ मैं बाहर तुम्हारा wait कर रहा हु जल्दी से बाहर आना | "    बोलते हुए त्रिहांश ने अपने दांतो के बीच उसके होंठो को फसा कर खींचा तो राज्ञा की दोनो हाथ उसके शर्ट में कस गए थे | वह करहाते हुए बोली,""_ अअह्ह्ह्ह त्रिहांश, it hurts...|"    त्रिहांश वापस से उसके होंठो पर किस कर,वाशरूम से बाहर चला | वही राज्ञा की मुंह बन गया था | वह अपने होंठो को टच करते हुए जाता हुआ त्रिहांश को घूर कर देखने लगी | त्रिहांश ने उसके होंठो पर ज्यादा ही जोर से बाइट कर दिया था |         दूसरी तरफ.....     राठौड़ निवास....     अहीरा इस वक्त हाल में इधर से उधर टहलते हुए अपने फोन के स्क्रीन को घूर रही थी | वह कब से इशान को कॉल करने की कोशिश कर रही यही लेकिन इशान उसका कॉल ही पिक नही कर रहा था |      अहीरा थक हार कर सोफे पर बैठते हुए बोली,""_ यह इंसान ... ? "  " कोन इंसान आही ? " तभी वहा आर्यांश आते हुए पूछा तो अहिरा अपना सर ऊपर कर उसे ही देखने लगी | वह फिर अपना सर ना में हिलाते हुए बोली,""_कुछ नही भाई ..आप बताइए पूरा दिन कहा गायब थे आप ? "     अहीरा की सवाल को इग्नोर कर आर्यंश उसके पास आ कर बोला,""_ हम आज ही मनाली जा रहे है आही ,जाओ जा कर बैग पैक करो | "  " मनाली ...? लेकिन क्यों भाई ..? " अहिरा ना समझी में आर्यांश से सवाल की तो अर्यांश कुछ सोचने लगा | वह अहीरा को अभी बताना नहीं चाहता था की वह मनाली उर्मी के लिए जा रहा है | वह अहीरा को इस तरह अकेला छोड़ कर भी नही जा सकता था |        अर्यांश कुछ सोचते हुए बोला,""_ मम्मा ने कहा है आही ...तुम रेडी हो जाओ ,हम आज ही निकल रहे है | "     आर्यांश अपने रूम के तरफ चला गया | वही अहीरा का चेहरा छोटू सा बन गया था l वह फिर से इशान को कॉल करने को हुई लेकिन उधर से उसे कोई रेपसंस नही मिला | यह देख अहीरा पैर पटकते हुए रूम के तरफ चल पड़ी |   मनाली......,      पुश्तैनी हवेली में वह बूढ़ा आदमी सोफे पर बैठा हुआ था | उसके हाथ में अभी भी वह स्टिक था जिसे कट कट करते हुए वह माया और सुधर्व को घूर रहा था | सुधर्व के चेहरे के हाव भाव थोड़ा ठीक थी लेकिन माया का चेहरा गुस्से से भरा था | और वह एक टक उस बूढ़े आदमी को घूर कर देख रही थी |   " सालों बाद तुम दोनो का यहा आना कैसा हुआ ? " वह बूढ़ा आदमी अपनी सख्त आवास में उनसे कहा | माया आगे बढ़ कर उसे गुस्से से कुछ कहती उससे पहले ही सुधर्व उसे रोक कर खुद ही जवाब देते हुए बोला ,""_ हमे हमारी बच्ची चाहिए ...| "     सुधर्व की बात सुन वह बूढ़ा आदमी थोड़ी देर चुप रहा फिर फिर माया और सुधर्व को देखते हुए कहा ,""_यह इतना आसान नहीं है सुधर्व....|   " आसान हो या मुश्किल ...हमे हमारे बच्ची चाहिए मतलब चाहिए बाबा सा....!!! " उस आदमी की बात को बीच में ही काटते हुए गुस्से से बोली | क्या होगा अब इस कहानी में ? कोन भेज रहा है ragya को ऐसे तस्वीर ? कब तक राज्ञा इन सबसे अंजान रहेगी ? जानने के लिए पढ़ते रहिए    Â

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