Chapter 39: chapter 39

Billionaire's Dark DesireWords: 28679

  मनाली......,        माया और सुधर्व अपने पुश्तैनी हवेली गए हुए थे | वह हवेली जंगलों की बीचों बीच था जिस वजह से इस वक्त वहा अजीब सा सन्नाटा फसरा हुआ था |       हाल में इस वक्त कुछ सर्वेंट्स काम कर थे | लेकिन माया और सुधर्व को देख कर उनके चेहरे पर बेहद दिलकश स्माइल आ गया था | वह माया और सुधर्व को ग्रीट करते हुए उनके पास आए तो, माया ने उनसे पूछा ,""_ वह कहा है ?" "  अभी अभी बड़े साहब बाहर टहलने गए है ,थोड़ी देर में आ जाएंगे | " एक फीमेल सर्वेंट ने कहा तो माया ने आगे कुछ नही कहा |    वही एक मेल सर्वेंट बोला,""_सालों बाद आपको देखने को मिल रहा है ,hmmm हम ..हम आपके लिए रूम तयार कर देते है | "       सुधर्व ने बस हा में सर हिलाया फिर माया को देखा जो ज्यादा ही परिशान लग रही थी | सुधर्व उसके हाथ को अपने हाथ में ले कर बोला,""_ माया...तुम चिंता मत करो,सालो पहले हम इसी जगह हमारी बच्ची को खोया था और इसी जगह में पा कर जायेंगे | "    माया को सुधर्व की बात पर कोई विश्वास नहीं हुआ | क्यों की वह हकीकत से बिलकुल अंजान नही थी | वह बोली,""_ सुधर्व...वह उसकी कैद में है और त्रिहांश कितना जिद्दी है तुम्हे तो पता ही है | "  सुधर्व का चेहरा गुस्से से भरा | वह माया से बोला,""_ वह मेरी बच्ची है माया , सालों से जुदा है हमसे .....अब और नहीं ...|     माया और सुधर्व वही सोफे पर बैठ गए |    अग्निहोत्री मेंशन.....     रूम में बैठे बैठे राज्ञा बोर हो रही थी | वह  उर्मी के पास जाने का सोच कर,उठ के उसके रूम के तरफ चली गई | उर्मी इस वक्त ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़े हो कर अपने बाल बना रही थी | राज्ञा उसके पास जाते हुए पूछी,""_ hmm कही जा रही हो ? "  " हा,भाभी..!! "  उर्मी राज्ञा के पास जा कर अपने दुपट्टा ठीक करने का इशारा करते हुए बोली | राज्ञा को उर्मी कुछ अलग सी लग रही थी | वह ज्यादा ही ब्लश भी कर रही थी |    राज्ञा उसके दुपट्टा ठीक करते हुए पूछी,""_ क्या बात है ? आज कुछ अलग सी क्यों लग रही हो ? और यह तुम्हारे चबी जैसे गाल ब्लश क्यों कर रहे है ? "  उर्मी की चेहरे पर मुस्कान अभी भी बरकरार था | वह बिना कुछ भी छुपाए बोली,""_ मैं किसी स्पेशल इंसान से मिलने जा रही हू ? "" स्पेशल इंसान ? यह कैसा अजीब नाम है ? " राज्ञा अजीब सा मुंह बनाते हुए बोली,तो उर्मी राज्ञा की गाल खींचते हुए बोली,""_ अरे ...मेरा दिल आ गया है किसी स्पेशल इंसान पर....!! "    उर्मी को खुश देख , राज्ञा को अंदाज हो गया था | वह फिर curious हो कर पूछी,""_ कोन है वह जिसके याद में तुम्हारे गाल लाल होते जा रहे है ? मुझे भी बताओ उस स्पेशल इंसान के बारे में ? "   उर्मी मोबाइल ले कर राज्ञा के गाल पर किस करते हुए बोली,""_ आ कर बताती हु भाभी ,अगर आपको ज्यादा ही क्यूरियोसिटी हो रहा है तो आप गूगल कर लीजिए , उस स्पेशल इंसान का नाम आर्यांश राठौड़ है......!! "  उर्मी वहा से चली गई | वही राठौड़ नाम सुन राज्ञा को कुछ अजीब सा लग रहा था | उसे ऐसा लग रहा था की उसने यह नाम पहले भी सुना है | राज्ञा फिर अपने रूम में जा कर,गूगल में अर्यांश का नाम सर्च कीया |      आर्यांश के साथ ही वहा माया और सुधर्व का डिटेल्स भी दिखने लगा | राठौड़ परिवार अग्निहोत्री परिवार जैसा ही नामी गिरामी परिवारों में से एक था | अहीरा का वहा कोई इनफॉर्मेशन नही था शायद जानबूझ कर हाइड रखा था |     राज्ञा की नजर इस वक्त सुधर्व पर टिका था, सुधर्व को वह अपने शादी के दिन अग्निहोत्री मेंशन में ही देखी थी | वह उसका बुदबुदा कर बोली,""_  सुधर्व राठौड़ ? "   राज्ञा कुछ सोचते हुए माया को देखी | तभी उसे कुछ याद आया तो वह बड़बड़ाते हुए बोली,""_ कल मिस्टर गौतम के वीडियो के नीचे यही नाम था ..माया राठौड़ ...!! "    राज्ञा को सब याद आ रहा था लेकिन कुछ समझ नही आ रहा था |  राज्ञा फिर बेड पर बैठते हुए बोली,""_hmmm त्रिहांश ने मिस्टर गौतम को क्यों मारा ? और वह विडियो माया राठौड़ को क्यों भेजा ? क्या हो रहा है यहा ?    राज्ञा के समझमे कुछ नही आ रहा था | वह अपना सर झटका कर वाणी का नंबर डायल किया, लेकिन उधर से वाणी ने कॉल पिक नही किया | राज्ञा फिर मानव का नंबर डायल किया | उधर से मानव कॉल पिक कर बोला,""_ hello... कोन है ? "     तभी राज्ञा बोली,""_ भाई ,मैं राज्ञा बोल रही हू वह......| "   राज्ञा ने इतना बोला ही था की उधर से मानव उसे ताना मारते हुए बोला,"" _ओह!! मेरी बहन राज्ञा.... तुम्हारे लिए एक खुशखबरी है , बाबा को यानी मिस्टर गौतम खुराना को हम अभी अभी दफना कर आ गए ,अब तुम्हारे उस आशिक का अगला टारगेट कोन है ? मै या मेरी मां ? "    राज्ञा की आंखे नम हो गए | वह रूंधली सी आवाज में बोली,""_ भाई ,आप ऐसे कैसे बात...? " "  Just shut up राज्ञा, मुझे सब पता है तुम्हारे वह आशिक ही मेरे बाबा को बेवजह मारा है | "   राज्ञा की बात को बीच में ही रोकते हुए मानव ने चिल्लाते हुए बोला ,तो राज्ञा आगे कुछ नही बोल पाई | वही उधर से मानव ने गुस्से से कॉल काट दिया |    राज्ञा रोते हुए फोन को देखने लगी |     दूसरी तरफ....   अहिरा का कार...     इशान बेचैनी से अहीरा को देख रहा था | जो उसे पासफोर्ट दिखा रही थी | अहीरा फिर इशान के गालों पर किस करते हुए बोली,""_ तुम आज मुझे जी भर कर देखलो..कल सुबह तो मैं....?! "  अहीरा ने अपनी बात पूरा भी नही किया था, उससे पहले ही इशान ने उसके हाथ से पासफोर्ट ले कर फाड़ते हुए गुस्से से बोला,""_ तुम कही नही जा रही समझी ? "        अहीरा हैरानी से पासपोर्ट को देखते हुए उससे बोला,""_यह.... यह क्या किया आपने ? अब में कल कैसे जाऊ? आप भी ना..अब मुझे किसी और रास्ता अपनाना पड़ेगा..| "   अहीरा मासूमियत से टुकड़े टुकड़े हुए पासपोर्ट को देखते लगी | वही इशान का चेहरा गुस्से से भरा था | वह कसके आहिरा के बाजू पकड़ कर अपने दांत पीसते हुए बोला,""_ कहा ना तुम कही नही जा रही ..मतलब नही जा रही ....| "   " क्यों ? मेरे बिना नही रह सकते ? क्या आपको मुझसे प्यार है ? "  अहिरा ने पूछा तो इशान ने गुस्से से अपना सर हा में हिलाते हुए बोला,""_ हां ...| "   अहिरा की चेहरे पर तिरछी स्माइल आ गई | वह उसके गले में अपने दोनो बाहें नज़ाकत से डाल कर उससे शैतानियत से पूछी,""_ then say I love you न...? "  इशान हैरानी से अहीरा को देखने लगा | गुस्से में उस लड़की ने उसके मुंह से सब उगलवा दिया था | इशान उससे पूछा,""_ तुम मेरे साथ मजाक कर रही थी ? "  अहीरा थोड़ी देर उसे देखी,फिर अपना सर ना में हिलाते हुए बोली,""_ अगर आप कल रात मुझे आ कर नही मनाते तो सुबह ही मैं पक्का आस्ट्रेलिया चली जाती ....| "   इशान ने एक नजर पासपोर्ट को देखा फिर उससे पूछा,""_ मतलब यह आज सुबह के  .....| "    अहीरा अपने एक उंगली को इशान ने होंठो पर रख कर हल्का सा रब करते हुए मदहोश भरी आवाज में बोली,""_ हा.... आज सुबह ही मेरा फ्लाइट था ,और मैने जानबूझ कर मिस किया, सिर्फ आपके लिए | "     इशान एक टक अहीरा को देख रहा था,जो उसके बेहद करीब आ गई थी | अपने चेहरे पर वह उसकी गरम सांसे भी मेहसूस कर रहा था | वही अहीरा उसके होंठो पर अपने होंठो रख किस करने को आगे बढ़ी ही थी की तभी इशान उसके फोरहेड पर अपने एक उंगली रख कर ,उसे खुद से दूर करते हुए बोला,""_ तुम मुझे किस नही कर सकती | "   अहिरा की आइब्रोज सिकुड़ गए | वह ना समझी में इशान को देखते हुए पूछी,""_क्यों..? "     वही इशान उसे कमर से उठा कर ड्राइविंग सीट पर वापस बैठाते हुए बोला,""_ क्यों की तुमने मुझसे झूठ कहा ,इतनी देर तक मुझे तंग किया ..!!! "   " लेकिन इशान ....? " अहीरा बोलती ही रही ,इशान कार से बाहर चला गया |        वही अहीरा का मुंह बन गया था |      दूसरी तरफ.....   🏖️ बीच एरिया....,    उर्मी का कार आ कर बीच पर रुक गया | उर्मी कार से बाहर आ कर आस पास देखी,आस पास वहा कोई नही था |       यह देख उर्मी अपने फोन निकाल कर आर्यंश को कॉल करने को हुई लेकिन उधर से आर्यन्श ने कॉल ही पिक नही किया |         उर्मी फिर फोन के स्क्रीन को घूरते हुए बोली,""_ यह आदमी.. हमारे पहले डेट पर ही लेट कैसे हो सकता है ? "     उर्मी बोनट को टिक कर अर्यांश का आने का वेट करने लगी लेकिन उसे बार बार ऐसा लग रहा था ,की कोई उसे देख रहा है | वह आस पास अपने नज़रे दौड़ाते लगी लेकिन उसे कोई नजर ही नहीं आ रहा था |        उर्मी फिर से आर्यन्श को कॉल करने को हुई ,की तभी अचानक से उसे आपने कान पर किसी की गरम सांसे मेहसूस हुई ,वह जल्दी से मुड़ कर देखी तो चिल्लाते हुए पीछे हट गई |   "  अअह्ह्ह्ह .....कोन हो तुम ? "    उर्मी पूरी तरह डर गई | उसके करीब आए हुए शक्स विराज मलहोत्रा था | विराज के चहरा बेहद नशे से चूर था ,ऐसा लग रहा था की उसने नशा किया हो | और उसकी नजर उर्मी को ऊपर से नीचे तक देख रहे थे |           वही विराज का औरा देख उर्मी डरते हुए अपने कदम पीछे लेने लगी | उसका मन बहुत घबरा रहा था | वह जल्दी से झुक कर अपने हाथो में मिट्टी ली, फिर विराज के चेहरे पर उछाल कर भागने लगी |     विराज को उर्मी की इस हरकत का बिलकुल उम्मीद नहीं था | वह अपने आंखो को साफ करते हुए उस पर चिल्लाने लगा | वही उर्मी जल्दी से अपने कार के पास भाग रही थी तभी वह किसी से टकरा कर नीचे गिर गई | "   उर्मी......!!! "  वह अर्यांश था |उर्मी को इस तरह डरा हुआ देख वह जल्दी से उसके पास गया | वही अर्यांश को देख उर्मी की जान में जान आ गई थी | वह जल्दी से उससे लिपट कर रोते हुए बोली,""_ आर्यांश...अर्यांश वह आदमी ...प्लीज मुझे यह से ले चलो, वह आदमी मुझे गंदी नजर से देखते हुए करीब आ रहा है | "    उर्मी कसके अर्यांश का शर्ट पकड़ कर उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा कर ,जोर जोर से रोने लगी थी | वही आर्यांश का चेहरा बेहद गुस्से से भरा था | वह उर्मी के बालो पर हाथ फेरते हुए आस पास देखा ,वहा विराज नजर नहीं आ रहा था क्यों की उर्मी भागते हुए उससे दुर आ गई थी | तभी आर्यांश उर्मी से बोला,""_ यहा तो कोई नही है उर्मी ? "  उर्मी हैरानी से उससे अलग हो कर आस पास देखने लगी | विराज को इस तरह गायब देख,वह आर्यांश से बोली,""_ मै सच कह रही हू आर्यंश, मैं आपको कॉल कर रही थी तभी वह आदमी मेरे करीब आया ,वह मुझे टच करता उससे पहले ही मैं भागना शुरू किया,लेकिन वह भी मेरे पीछे भागने लगा तो मैने उस पर soil फेंका .....| "   रोते हुए उर्मी सारी बाते बताने लगी थी | डर से उसका चेहरा ही पिला पड़ गया था | वही आर्यंश उसे अपने गले से लगा कर उसे शांत कराते हुए बोला,""_ शांत हो जाओ बच्चा ,तुम्हे इतना परिशान किया है तो मैं उस आदमी को छोडूंगा ही नही !! "      बोलते हुए आर्यांश उर्मी की चेहरे पर किस करने लगा | वही उर्मी पूरी तरह उससे लिपट गई थी | वह रोते हुए बोली,""_ मुझे यहां से जाना है, आर्यांश...!! "   उर्मी हल्के से कांप भी रही थी | आर्यंश आस पास गुस्से से देखते हुए उर्मी को अपने गोद में ले कर कार के पास गया | वही विराज दूर से उन दोनो को ही देख रहा था | उसका चेहरा गुस्से से भरा था | वह अपने हाथो की मुट्ठी कसते हुए बोला,""_ आर्यन्श राठौड़ ....... लगता है अब राठौड़ और अग्निहोत्रियो को सिर्फ मलहोत्रा लडको की रास्ते में आने की ही आदत हो गई ,कभी वह त्रिहांश तो कभी यह अर्यांश.......| "   विराज गुस्से से अपना फोन ले कर किसी को कॉल करते हुए वहा से चला गया |   अल्पा इंडस्ट्री.....       त्रिहांश अपने हेड चेयर पर बैठ कर एक टक सीलिंग को देख रहा था | उसके चेहरे पर इस वक्त बेहद devilish smile था ,उसके दिमाग में इस वक्त बहुत कुछ चल रहा था |   तभी त्रिहांश का फोन रिंग हुआ | त्रिहांश ने कॉल पिक किया तो उधर से समर बोला,""_ बॉस ..,चापर रेडी है | "  Hmmmm...!!! " त्रिहांश ने इतना कह कर कॉल काटा | फिर वह राज्ञा को कॉल किया |    उधर से राज्ञा ने कॉल पिक किया तो त्रिहांश ने कहा ,""_ क्या कर रही हो ? "   रो रही हू ..!! " उधर से राज्ञा ने जवाब दिया | वही उसकी आवाज और जवाब सुन त्रिहांश का जबड़ा कस गया | वह अपने दांत पीसते हुए बोला,""_ तुम्हे मैने रेस्ट करने के लिए कहा था ना राज्ञा ..और तुम ...? "   " आपने मिस्टर गौतम को क्यों मारा त्रिहांश ? उन्होंने आपका क्या बिगाड़ा था ? " त्रिहांश की बात को बीच में रोकते हुए राज्ञा ने पूछा ,तो त्रिहांश का औरा सख्त हो गया | वह गुस्से से कॉल कट करते हुए बोला ,""_ इस लड़की को बस बकवास करते हुए मेरा खून पीना होता है ..आज ....आज तो मैं इसे छोडूंगा नही ....|    बोलते हुए त्रिहांश गुस्से से उठ कर केबिन से बाहर चला गया |     अग्निहोत्री मेंशन....    राज्ञा नम आंखों से अपने फोन को देख रही थी | त्रिहांश उसे जवाब दिए बिना ही उसका कॉल काट दिया था |     राज्ञा ने फिर से कॉल किया लेकिन उधर से त्रिहांश ने कॉल काट दिया | यह देख राज्ञा बड़बड़ाते हुए बोली,""_ आप ऐसे क्यों है त्रिहांश ?"  "  तुम्हारे लिए तो ऐसा बना है | " राज्ञा के कान में विनोद की बात सुनाई दी तो वह ना समझी में सामने देखने लगी | सामने इस वक्त विनोद खड़ा था | राज्ञा को विनोद की बात समझ नही आई थी |        वह बेड से नीचे उतर कर ना समझी में उसे देखते हुए उसके पास जा कर पूछी,""_क ..क्या मतलब है आपका ? "    विनोद बस बिना भाव के राज्ञा को देख रहा था |     मनाली.....        माया और सुधर्व सोफे पर बैठ कर किसी का आने का इंतज़ार कर रहे थे | तभी उन्हें हवेली की बाहर एक जीप रुकने की आवाज सुनाई दिया |    वही माया उठ कर बाहर जाने को हुई की तभी सुधर्व उसे रोकते हुए बोला ,""_ माया......!!! "  माया ना समझी में सुधर्व को देखने लगी | तभी सुधर्व गुस्से से बोला ,""_ कोई भी जल्दबाजी नही...एक बार उसे खो चुका हु इस बार नही.....| "  " सुधर्व.. मैं भी तो....? " माया इतना ही बोल पाई | वही सुधर्व उसकी बात को बीच में ही रोकते हुए आगे बोला,""_ मुझे पता है माया... लेकिन भूलो मत जो कुछ भी हुआ सिर्फ तुम्हारी वजह से हुआ है.....तुम तो यहां ठीक हो लेकिन मेरी बच्ची ...?"      सुधर्व अपने बात को बीच में ही छोड़ कर बाहर चला गया | वही माया की आंखे नम हो गए थे | वह फिर सुधर्व के पीछे ही बाहर चली गई |      कोन आया है बाहर ? सालों पहले इनके बीच हुआ क्या था ? मां बाप के होते हुए भी राज्ञा को इतनी मुश्किलें क्यों सहना पड़ रहा है ? त्रिहांश का क्या इरादा है ?  मनाली में आगे क्या होने वाला है ? जानने के लिए पढ़ते रहिए   Â