Chapter 38: chapter 38

Billionaire's Dark DesireWords: 30528

   स्टडी रूम ....   त्रिहांश राज्ञा को अपने स्टडी रूम के ग्लास टेबल पर लेटाया था | राज्ञा सिहरते हुए त्रिहांश को देख रही थी | वही त्रिहांश भी उसे ही मदहोशी से देखते हुए उसके ऊपर झुक रहा था |    राज्ञा वहा से उठने को हुई की तभी त्रिहांश का सख्त हाथ उसके कमर को थोड़ा पीछे के तरफ पुश किया जिससे राज्ञा फिर से टेबल पर लेट गई |       वही त्रिहांश उसके सीने पर अपने होंठ रखते हुए धीरे से इधर उधर सरकाते हुए ऊपर ले जाने लगा ,वही राज्ञा के हाथ अब त्रिहांश के बालो में आ गए थे | वह उसका चेहरा ऊपर उठाने की कोशिश करते हुए बोली,""_ आह त्रिहांश...? छोड़िए ना ....| "      त्रिहांश अब राज्ञा के गर्दन को चूमते हुए हल्के हल्के से बाइट कर रहा था ,जिससे राज्ञा की हाथ उसके बालो में कसते जा रहे थे | त्रिहांश का एक हाथ राज्ञा के खुले कमर में चला गया तो दूसरा राज्ञा के गालों पर सरकने लगा | त्रिहांश का हर एक चूवन बेहद सेंशुअल था जिसे मेहसूस कर वह लड़की खुद को उसके बाहों में खोते जा रही थी |      वह आहे भी भर रही थी और धीरे से अपने होंठो को काट भी कर रही थी |     वही त्रिहांश अपना सर ऊपर कर राज्ञा को देखा, राज्ञा अपने आंखे कसके बंद कर अपना चेहरा इधर उधर घुमा रही थी | त्रिहांश के होंठो पर टेढ़ी स्माइल आ गई ,वह झुक कर राज्ञा की टुडी पर kiss किया फिर उसके होंठो के किनारों को चूमा...वही राज्ञा के होंठ हल्के o शेप में खुल रहे थे | उसकी मुंह से अब सिसकियां निकल रहे थे और वह लगदार अपने दोनो पैरो को आपस में रब कर रही थी |         त्रिहांश धीरे से उसके होंठो पर अपने होंठ रखने को हुआ की तभी राज्ञा ने उसका नाम लिया,""_ त्रिहांश...? "   त्रिहांश अपने नज़रे उठा कर राज्ञा की आंखो में देखने लगा | राज्ञा की आंखो में अजीब सा इमोशन नजर आ रहा था शायद वह uncompertable फील कर रही थी |    त्रिहांश ना समझी में उसके तरफ देखने लगा | वही राज्ञा त्रिहांश से धीरे से बोली,""_ मुझे रूम में जाना है अभी...| "   त्रिहांश की आइब्रोज सिकुड़ गए | वह उससे पूछा,""_ are you ok? "  " No ..!! " राज्ञा अपना सर ना में हिलाते हुए बोली तो त्रिहांश उसे उठा कर आराम से बैठा दिया | वही राज्ञा का एक हाथ अपने पेट पर था तो दूसरा अब त्रिहांश के कंधे पर ,वह टेबल से नीचे उतरने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसके चेहरे पर ज्यादा ही दर्द नजर आने लगा था |    त्रिहांश के माथे पर शिकन आ गए | वह राज्ञा के पेट पर हाथ रख कर सहलाते हुए बोला,""_ क्या हुआ है तुम्हे ? चलो हम डॉक्टर के पास चलते है | "   बोलते हुए त्रिहांश ने राज्ञा को अपने गोद में उठाने को हुआ तो राज्ञा उसे रोकते हुए बोली,""_ नही त्रिहांश,मुझे बस पीरियड्स......| "   राज्ञा बस इतना ही बोल पाई | राज्ञा को इस वक्त पीरियड्स आए हुए थे | और उसे पेट और कमर में ज्यादा ही दर्द महसूस हो रहा था |     त्रिहांश उसे आगे कुछ नही पूछा,और उसे अपने गोद मे उठा कर अपने रूम के तरफ चला गया | त्रिहांश उसे ले कर सीधे वाशरूम में चला गया |     फिर राज्ञा को आराम से नीचे उतार कर,उसके गाल को सहलाते हुए पूछा,""_ तुम्हे ज्यादा तकलीफ नहीं हो रहा है ना ? "    राज्ञा ने अपना सर ना में हिलाया लेकिन उसके चेहरे पर छोटी सी स्माइल आ गई थी | वही राज्ञा को स्माइल करता देख त्रिहांश की आंखे छोटी हो गई ,वह घूर कर उसे देखते हुए थोड़ा सख्ती से पूछा,""_ हंस क्यों रही हो तुम ? "   तभी राज्ञा उसके गाल पर जोर से किस करते हुए बोली,""_ जब आप मेरा केयर करते हो न बहुत प्यारे लगते हो ..umm love you "    बोलते हुए राज्ञा ने फिर से उसके गाल को चूम लिया | वही त्रिहांश उसे खा जाने वाले नज़रों से देख रहा था | वह फिर उसे इग्नोर कर वाशरूम से बाहर चला गया |     अल्पा इंडस्ट्री.....        इशान का कार आ कर अल्पा इंडस्ट्री के सामने रुका,इशान फिर कार से बाहर आ कर अंदर जाने को हुआ की तभी उसकी नजर एक ब्लैक कार पर गई | कार के बोनट को टिक कर अहीरा खड़ी थी | उसकी नजर इशान पर थी लेकिन अहीरा का चेहरा उदास था |    इशान आस पास देखा,बहुत सी गाड़ियां इधर से उधर दौड़ रहे थे | और अहीरा आज वहा से भागते हुए उसके पास नही आ रही थी | वह अपने जगह पर ही खड़ी थी |     इशान वापस कार में बैठ कर रोड पार कर अहीरा के पास गया | अहीरा अपने दोनो हाथो को आपस में उलझा कर रब करते हुए उसे ही देख रही थी और थोड़ा नर्वस भी लग रही थी |      इशान की नजर उस पर ही था | वह कार से बाहर जा कर उसके करीब गया | वही अहीरा अब अपने नज़रे नीचे कर ली थी |  इशान पूछा,""_ तुम यहा क्या कर रही हो ? "  " सॉरी कहना था " अहीरा बिना इशान को देख बोली | वही इशान उसके बेहद करीब आया था | उसकी सॉरी सुन वह थोड़ी देर चुप रहा ,फिर उससे पीछे हटते हुए बोला,""_ hmm अच्छा..!! "  अहीरा अपने पलके ऊपर इशान को देखने लगी | इशान के चेहरे पर कोई एक्सप्रेशंस नही थे | लेकिन वह अंदर ही अंदर अहीरा पर हंस रहा था क्यों की उसे वह लड़की बहुत प्यारी और मासूम लग रही थी |       वही अहीरा उसके करीब जा कर बोली,""_ मैने आप पर हाथ उठाया उसके लिए सॉरी...!! "    बोलते हुए आहिर ने अपने कान पकड़ ली | वही इशान उसे ही देख रहा था,वह बोला,""_ ok ...| "      अहीरा का चेहरा रोनी जैसा हो गया | उसे इशान से इस तरह के जवाब का इंतजार नही था | वह धीरे से इशान का हाथ पकड़ने को हुई की तभी इशान अपना हाथ पीछे ले कर घड़ी में टाइम देखते हुए बोला,""_ hmmm...मुझे देर हो रहा है मैं चलता हूं | "     बोलते हुए इशान मुड़ कर अपने कार के पास चला गया | वही अहिरा की आंखो से आंसू लुड़क कर अब नीचे गिरने लगे  थे | वह जल्दी से अपने आंसू पोंछ कर अपने कार में जा कर बैठ गई |       उसे इशान का बरताव अच्छा नही लगा था | वह जल्दी से कार स्टार्ट करने को हुई की तभी उसका फोन बजने लगा | अहीरा ने अपना फोन को चेक किया,कॉल इस वक्त इशान का ही था | यह देख अहीरा हैरानी से सामने देखने लगी ,इशान उसे गुस्से से घूर रहा था |     अहीरा ने कॉल पिक किया तो उधर से इशान सख्ती से पूछा ,""_ रो क्यों रही हो ? "     अहीरा एक टक नम आंखों से इशान को देख रही थी | वह फिर जोर जोर से रोने लग गई | इशान को कुछ समझ ही नही आया वह जल्दी से कार से बाहर आ कर उसके कार के पास आ गया | उसे आता देख वही अहीरा को दिल ही दिल हंसी आ रही थी |      थोड़ी ही देर में इशान उसके कार का door open कर अंदर आ कर बैठा गया | अहिरा मोटे मोटे आंसू बहाते हुए उसे ही देख रही थी | इशान उसे अपने करीब खींच कर उसके आंसू पोछते हुए बोला ,""_ क्या हुआ अहीरा ? तुम ऐसे रो क्यों रही हो ? "    अहीरा बस नम आंखों से उसे ही देख रही थी | वही इशान परिशान सा लग रहा था | अहीरा को अब तक समझ आ गया था की ईशान उससे प्यार करने लगा है लेकिन वह जताता क्यों नहीं ?    वही इशान उसके गालों को सहलाते हुए बोला,""_ तुम पहले रोना बंद करो न,प्लीज..!! "    अहीरा पूरी तरह उसके गोद में आ कर बैठते हुए बोली,""_ मुझे आज पूरा दिन तुम्हारे साथ रहना है | "          इशान हैरानी से अहीरा को देखने लगा जो अब किसी बच्ची की तरह उससे लिपट कर बैठी थी | इशान एक नजर ऑफिस के तरफ देख उससे बोला,""_ मुझे काम है आही मैं.....| ""  सिर्फ आज इशान...कल से आप मुझे देख भी नही पाओगे | " इशान की बात को काटते हुए अहीरा ने कहा तो इशान की आइब्रोज सिकुड़ गए | वह अहीरा को ना समझी में देखते हुए थोड़ा गुस्से से पूछा ,""_ क्या मतलब है तुम्हारा ? "    अहीरा बस अपने बड़ी बड़ी पलके झपकाते हुए उसे देख रही थी | वह बोली,""_ कल सुबह मैं आस्ट्रेलिया जा रही हू और मैने डिसाइड किया है की मै वही सेटल हो जाऊंगी | "   इशान का दिल में अजीब सी बेचैनी मेहसूस होने लगी | वह गुस्से से अहीरा को घूरते हुए अपने मन में बड़बड़ाते हुए बोला,""_ यह लड़की ....फिर से मुझसे दुर जा रही है ?नही मैं इसे इस बार जाने नही दे सकता | "   वही अहीरा इशान के गालों पर भारी भारी से किस करने लगी थी | तभी इशान उसे रोकते हुए गुस्से से पूछा,""_ मज़ाक कर रही हो,मेरे साथ ? "  मैं क्यों मजाक करूंगी ...!!! " बोलते हुए अहिरा ने ग्लोबॉक्स में से पासपोर्ट निकाल कर ईशान को दिखाई तो इशान का चेहरा एक दम से काला पड़ गया | वह बेचैनी से अहिरा को देखने लगा |     अग्निहोत्री मेंशन....     वाशरूम से बाहर आ कर राज्ञा सीधे बेड पर लेट गई थी | उसके कमर और पेट दोनो में बेहिसाब सा दर्द हो रहा था | जिससे वह इधर से उधर करवट बदलते हुए ठीक से सोने की कोशिश कर रही थी | लेकिन हर तरफ उसे दर्द मेहसूस हो रहा था |     त्रिहांश बालकनी में फोन पर बात करते हुए खड़ा था | उसका नजर राज्ञा पर ही था जो दर्द से छटपटा रही थी | त्रिहांश रूम में आ कर काफी टेबल के पास गया | उसने पहले ही वेदिका से बोल कर , राज्ञा के लिया काड़ा बनवा दिया था |      त्रिहांश ग्लास ले कर राज्ञा के करीब आ कर बोला,""_ तुम इसे पिलो, ठीक हो जाओगी | "   राज्ञा ने एक नजर ग्लास को देखा,फिर त्रिहांश को, जो काडा पीने का इशारा कर रहा था | राज्ञा उसके हाथ से ग्लास लेते हुए बोली,""_ आपने बनाया ..?"  त्रिहांश उसके बगल में बैठते हुए बोला,""_ वेदु ने बनाया है | "   काङा पीते हुए राज्ञा का चेहरा अजीब सा हो गया था | वह जल्दी से पी कर ग्लास को साइड में रख दी | वही उसकी शकल देख कर त्रिहांश के चेहरे पर स्माइल आ गई थी | वह उसे वापस बेड पर लेटा कर उसके कुर्ती को ऊपर सरकाने लगा तो राज्ञा हैरानी से उसे देख पूछी,""_ यह ...यह आप क्या कर रहे है ? "    राज्ञा उठने को हुई तो त्रिहांश उसे घूरते हुए बोला,""_ चुपचाप लेटी रहो | "    राज्ञा लाचारी में त्रिहांश को देखते हुए लेट गई | वही त्रिहांश उसके खुले पेट पर धीरे धीरे अपना हाथ घुमाते हुए उसे मसाज देने लगा | राज्ञा की सांसे अटक गए थे वह कसके बेडशीट को पकड़ते हुए त्रिहांश का नाम लिया,""_ त्रि ....त्रिहांश...!! "     त्रिहांश उसके पेट को हल्के हल्के से दबाते हुए पूछा,""_ तुम्हे दर्द कहा हो रहा है ? "    राज्ञा अपना थूक निंगलते हुए उसे थोड़ा अपने पेट पर इशारा करते हुए बोली,""_ लेफ्ट साइड ? "   त्रिहांश उसके लेफ्ट साइड को मसाज करने लगा तो राज्ञा उसे रोकते हुए बोली,""_ वहा नही त्रिहांश ...थोड़ा नीचे ..| "     त्रिहांश अपना सर हा में हिला कर अपने हाथ को थोड़ा नीचे ले जा कर उसका मसाज करने लगा | राज्ञा को थोड़ा अच्छा फील हो रहा था | वह धीरे धीरे नींद में चली गई |     वही त्रिहांश उसे सोता देख धीरे से अपना हाथ हटा कर उसके कुर्ती को ठीक कर उसके बेहद करीब आया | और एक टक राज्ञा के चेहरे को देखने लगा | त्रिहांश फिर उसके माथे पर किस कर उसके गालों को सहलाने लगा ,उसके दिमाग में इस वक्त बहुत कुछ चल रहा था लेकिन कब वह क्या करने वाला है इसका कोई भी अंदाज नही लगा सकता था ?         त्रिहांश धीरे से उसे ब्लैंकेट से कवर कर उठने लगा की तभी राज्ञा कुछ बडबडाने लगी ,""_ त्रि.... त्रिहांश आ...आप अअह्ह्ह्ह्ह...!! "  अचानक से राज्ञा चिल्लाते हुए उठ गई | त्रिहांश को कुछ समझ ही नही आया था | वह जल्दी से उसे अपने बाहों में खींचते हुए पूछा ,""_ क्या हुआ तुम्हे ? तुम..तुम शांत हो जाओ पहले ...!! "       राज्ञा ज्यादा ही घबरा गई थी | वह कसके त्रिहांश से लिपट गई | वही त्रिहांश उसके बालो में हाथ फेरते हुए बोला,""_ क्या हुआ राज्ञा...just relax...|  "   राज्ञा हल्के से शिवर कर रही थी | वह अपनी कपकपाहट भरी आवाज में उसका नाम ली,""_ त्रिहांश....| "    त्रिहांश उसे अपने बाहों में जकड़ते हुए बोला,""_क्या हुआ ? मैं यही हूं,just relax "     राज्ञा अपना सर ऊपर कर त्रिहांश को देखने लगी | वही त्रिहांश उसके माथे पर से उसके बालो को हटाते हुए बोला,""_ क्यों चिल्लाई तुम ? "    राज्ञा रोनी सी शकल बना कर रोते हुए बोली,""_ मेरे साथ क्या हो रहा है ?मैने किसी का कुछ नही बिगाड़ा फिर भी मेरे ऊपर हमला हो रहा है ,कभी कोई ब्लैक बाइक में आ जाता है तो कभी कोई जेट को ही उड़ा देता है,और उर्मी के मोबाइल में वह गंदे गंदे फोटो..सब.....| "   " शश्शा.... मैं हु ना ? मेरे रहते हुए ना तुम्हे कुछ होगा और नाही तुम्हे कोई बदनाम कर सकता ,ठीक है ? "  त्रिहांश उसकी बात को बीच में ही रोक कर बेहद सख्ती से बोला तो राज्ञा के सीने में अपना चेहरा छुपा कर उससे लिपट गई |    राज्ञा ने एक बुरा सपना देखा था | जिससे वह डर कर चिल्लाते हुए उठ कर बैठ गई थी | बार बार इन दिनों उसके ऊपर एक के बाद एक हमला होते ही जा रहा था | जिससे वह परिशान हो गई थी |        थोड़ी देर बाद राज्ञा शांत हुई ,वही त्रिहांश उसे अभी भी अपने बाहों में लिए बैठा था तभी उसका फोन रिंग होने लगा |    त्रिहांश ने अपना फोन चेक किया ...कॉल इस वक्त समर का था | त्रिहांश ने कॉल पिक किया ,उधर से समर ने कुछ कहा जिसे सुन त्रिहांश ने कहा,""_ ठीक है मै आ रहा हु | "    त्रिहांश ने कॉल कट किया | वही त्रिहांश की जाने की बात सुन राज्ञा अपना सर ऊपर कर उसे देखी,तभी त्रिहांश उसके माथे से अपना माथा जोड़ कर बोला,""_ तुम रेस्ट करो, मैं आता हूं | "      राज्ञा ने कुछ नही कहा | लेकिन उसका चेहरा लटक गया था | वही त्रिहांश उसके माथे पर किस कर उससे अलग होते हुए बोला,""_ just relax bivi.. तुम राज्ञा त्रिहांश अग्निहोत्री हो ,तुम्हे डरना नही डराना चाहिए | "      त्रिहांश अपने कपड़े ठीक किए और वहा से जाने को हुआ लेकिन वह रुक राज्ञा से बोला,""_ ड्रॉवर में तुम्हारे लिए कुछ रखा है देख लेना | "      त्रिहांश वहा से चला गया | वही त्रिहांश की बात सुन राज्ञा की नजर ड्रॉअर पर गई थी ,वह उठ कर वहा गई फिर drawer को ओपन कर देखी | अचानक से उसके चेहरे पर स्माइल आ गई |    त्रिहांश ने उसके लिए नया मोबाइल खरीदा था और साथ में यूनिक डिजाइन के पायल और एक बड़ा सा चाकलेट था | राज्ञा ने तीनो ले कर बेड पर बैठ गई |    उसकी नजर पायल पर ही ज्यादा थी | वह अपने पैरों में पहने हुए पायल निकाल कर नए पायल को पहनने लगी,उसकी चेहरे पर इस वक्त बड़ी सी स्माइल थी | वानी उसे पायल ला कर देने का बहुत कोशिश करती थी लेकिन गौतम की वजह से वह कभी ला ही नही पाती थी | जिस वजह से राज्ञा को अपने बचपन में पायल पहनने का मौका ही नही मिला था लेकिन अब ...जब से त्रिहांश को पता चला था की राज्ञा को पायल पसंद है और उसके पास नही है ,तो उसने उसी दिन बहुत सी अलग अलग डिजाइन के पायल मंगा कर उसके वार्डरोब में भर दिया था |      राज्ञा जो थोड़ी देर पहले उदास लग रही थी वह अपने गिफ्ट्स देखते हुए बेहद खुश हो गई थी |       मनाली.......   एक पुश्तैनी हवेली की सामने इस वक्त एक बड़ा सा ब्लैक कार खड़ा था | कार से माया और सुधर्व बाहर आए ,दोनो ने एक नजर पूरे हवेली को देखा | ना जाने कितने यादें जुड़े थे उनकी इस हवेली में ...जितना गहरा रिश्ता राठौड़ परिवार का इस हवेली में था उतना ही बराबर हिस्सा अग्निहोत्रियो का भी था |        माया का चेहरा बेहद सख्त और गुस्से से भरा था लेकिन उसे ही पता था वह अंदर ही अंदर कितना कमज़ोर पड़ी है | सुधर्व एक टक चारो और देख रहा था | वह फिर माया को ले कर अंदर चला गया |  To be continued......   Story achchi lagi to please share kariye aur comment bhi kariye please ....   Â