Chapter 31: chapter 31

Billionaire's Dark DesireWords: 29755

अब आगे....     त्रिहांश राज्ञा को ले कर अपने केबिन में बनाए हुए सीक्रेट रूम में आ गया था | वही ज्यादा रोने के वजह से राज्ञा को एक दम से थकान मेहसूस होने लगा था |       राज्ञा इस वक्त त्रिहांश को देख रही थी जो बिना भाव के उसके आंखो में देख रहा था | वह भले ही रुड और एरोगेंट था लेकिन वह राज्ञा का केयर भी करता था |       राज्ञा उसके करीब खिसक कर त्रिहांश का कालर पकड़ी ... त्रिहान्श उसे ही ऑब्जर्व कर रहा था | वह फिर ना समझी में राज्ञा को देखने लगा की तभी राज्ञा उसे थोड़ा अपने ऊपर झुका कर उसके होंठो पर अपना होंठ रख देती है |   वही राज्ञा का ऐसा करते ही त्रिहांश का पकड़ राज्ञा के कमर में कस गया | वह उसे अपने बाहों में जकड़ कर उसके किस को और deep करना चाहा लेकिन वह रुक कर राज्ञा को देखने लगा | राज्ञा उसे सॉफ्ट किस करते हुए उसके होंठो से खेल रही थी | थोड़ी देर बाद वह त्रिहांश के होंठो को छोड़ कर उसके माथे पर किस कर बोली,""_ I love you hubby....ummm |   बोलते हुए राज्ञा ने जोर से त्रिहांश के होंठो को फिर से चूम कर उसे देखने लगी | त्रिहांश अपने आंखे छोटी कर उसे घूर कर देख रहा था | वही राज्ञा की चेहरे पर स्माइल आ गई थी | वह त्रिहांश के बियर्ड पर हाथ फेरते हुए बोली,""_ आप खडूस, सडू गुस्सैल सब है त्रिहांश लेकिन बहुत अच्छे है | "    त्रिहांश अपना एक आईब्रो रेंज कर उसे घूर कर देखने लगा | उसकी बीवी उसकी तारीफ भी कर रही थी | और उसे सुनाए भी जा रही थी | त्रिहांश अपने दांत पीसते हुए बोला,""_ कर लिया बकवास ?"  राज्ञा का मुंह बन गया | वह धीरे से अपना सर हा में हिलाई तो त्रिहांश उठ कर वहा से जाने लगा | वह अभी door के पास गया ही था की उसे राज्ञा की बात ने रोक लिया |     " मुझे भूख लगी है hubby ...!! "     राज्ञा पिल्ला जैसा चहरा बना कर उसे ही देख रही थी | वही त्रिहांश अब मुड़ कर उसे देख रहा था | वह फिर उसके करीब आ कर गुस्से से पूछा,""_ अग्निहोत्री मेंशन में तुम्हे नाश्ता नही मिला ? भूखे पेट तुम घर से कैसे निकली बीवी ? "राज्ञा अपना सर नीचे कर धीरे से बोली,""_ तब मेरा भूख मर गया था hubby.. मैं ज्यादा टेंशन में थी तो ऐसे ही घर से निकल गई | "   त्रिहांश की हाथो की मुट्ठी बन गई थी | वही राज्ञा बेड से थोड़ा उठ कर त्रिहांश के गले में अपने बाहें डालते हुए बोली,""_ hubby.....?    राज्ञा अभी hubby बोला ही था की त्रिहांश कसके उसका चेहरा पकड़ कर दबाते हुए थोड़ा चीड़ कर बोला,""_ Ohh !! Just shut up राज्ञा.. don't call me hubby ... it's.......it's Just irritating me ....| "     राज्ञा करहाते हुए अपना चेहरा उससे छुड़वा कर घूर कर देखने लगी | त्रिहांश भी उसे गुस्से से ही देख रहा था | वही राज्ञा फिर मुंह बनाते हुए अपने में ही बोली,""_ unromantic इंसान...| "    वह फिर अपने ड्रेस ठीक करते हुए वहा से जाने को हुई की तभी त्रिहांश ने उसका हाथ पकड़ लिया | राज्ञा मुड़ कर त्रिहांश को देखने लगी | तभी त्रिहांश बोला,""_ क्या खाना है तुम्हे ? "    राज्ञा की चेहरे पर बड़ी सी स्माइल आ गई | वह उसके करीब आ कर उससे चिपकते हुए ही बोली,""_ दो चीज़ बर्गर, पास्ता,पिज्जा , चौमीन ,फ्रेंच फ्राइज़, टोकस...और .....| "           राज्ञा अपनी बात बीच में ही रोक कर ,त्रिहांश के होंठो के बेहद करीब जा कर अपने होंठो पर जीव फिराते हुए बेहद मदहोश भरी आवाज में बोली,""_ और desert में ice cream....!! "    उसकी हरकत से त्रिहांश अपना कंट्रोल खोता हुआ मेहसूस कर रहा था | वह जल्दी से उससे अलग हो कर अपने फोन ले कर खाना ऑर्डर करने लगा लेकिन अचानक से उसे रियलाइज हुआ की उसकी बीवी इतनी अनहाइजेनिक फूड खाने का डिमांड कर रही है जो उसके सेहत के लिए बिलकुल सही नही है |     त्रिहांश राज्ञा को बेहद सख्ती से बोला,""_ तुम यही रेस्ट करो...तुम्हारे लिए ब्रेकफास्ट यही आ जाएगा |     राज्ञा बेहद खुश लग रही थी क्यों की उसका टेंशन तो उसका पति पल भर में दूर जो किया था, वह अब बस खाने में फोकस करेगी | वह हा में सर हिलाई | वही त्रिहांश अपने मोबाइल में कुछ करते हुए बाहर चला गया लेकिन उसके चेहरे पर बेहद एविल स्माइल था |    दूसरी तरफ......      इशान का कार आ कर अल्पा इंडस्ट्री के सामने रुक गई | वह कार से बाहर आ कर अंदर जाने को हुआ की तभी उसकी नजर एक कार पर गई,जो रोड के दूसरे किनारे पर खड़ा था और उसमे से अहीरा बाहर आ रही थी |   इशान ना समझी में उसे देखते हुए अपने मन में बोला,""_ यह यहा क्यों आई है ? "    इशान यही सोचते हुए अहीरा की तरफ देखने लगा | वही अहीरा की भी नजर इशान पर ही था,वह उसे फॉलो करते हुए ही यहां आई थी |      इशान को रुका हुआ देख वह जल्दी से भाग कर उसके पास जाने लगी | अहीरा को इस वक्त सिर्फ इशान नजर आ रहा था,आस पास का माहोल कैसा है ? और वह इस वक्त कहा है ? कहा भाग रही है ? इसका ध्यान उसे बिलकुल नही था |     वही अहीरा को इस तरह लापरवाई से भाग कर आता देख इशान हैरानी से आस पास देखने लगा | बहुत सी व्हीकल्स वहा जितना स्पीड में आ रहे थे उतना ही स्पीड से जा रहे थे | यह देख इशान का दिल मानो धड़कना ही भूल गया हो ..वह जल्दी से अहिरा को आवाज देते हुए चिल्लाया ..     अहीरा......!!!! "    इशान का इस तरह चिल्लाने से अहीरा एक पल के लिए रुक आस पास देखी तो उसकी आंखे अचानक से बड़ी हो गई | सामने एक ट्रक उसके पास ही आ रहा था और ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए ड्राइवर उसे इशारा भी कर रहा था की रास्ते से हट जाए लेकिन अहीरा खुद को ऐसे सिचुएशन में देख  कुछ रिएक्ट ही नही कर पा रही थी |      वही वह ट्रक तेजी से आ कर ब्रेक लगा कर रोकता उससे पहले ही इशान आ कर उसे अपने तरफ खींच लिया इसी के साथ वह ट्रक थोड़ा आगे जा कर रुक गया..अगर अहीरा अभी भी वही खड़ी होती तो वह इस वक्त ट्रक के नीचे कुचल जाती |       वह ड्राइवर अपना सर ना में हिलाते हुए वहा से चला गया | वही इशान का गुस्सा उस पर हावी हो चुका था वह गुस्से से आहिरा को देखने लगा जो कसके अपने आंखे बंद कर उससे चिपकी थी |    वही इशान उसे खुद से दूर कर बिना सोचे समझे एक जोरदार थप्पड़ उसके गाल पर झाड़ देता है, तो अहीरा नीचे गिर गई |      उसे इसका बिलकुल उम्मीद नहीं था और वह खुद को गिरने से संभाल भी नही पाई थी | वह हैरानी से इशान को देखी ...!! इशान गुस्से से उस पर चिल्लाते हुए बोला,""_ पागल हो गई हो ? इस तरह कोन भाग कर आता है ? अभी तुम उस ट्रक के नीचे कुचल जाती इडियट...| "    अहीरा नम आंखों से आस पास देखने लगी | आस पास के सारे लोग वहा इकट्ठे हो गए थे | और उन सबके सामने इशान उस पर चिल्लाए जा रहा था | अहीरा को बहुत बुरा लगा ,जिसके लिए वह भाग कर आई थी,अपने जान का परवा तक नही किया था वही इंसान उसे बीच रास्ते में मारा ....उसके दिल पर यह एक दाग भरा था |   वह उठ कर बिना एक नजर इशान को देखे ही अपने कार के तरफ चली गई | वही इशान उसे जाता देख रुक गया था ..लेकिन उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ था | वह कैसे ऐसे अपने जान को झोंके में डाल सकती है ? वह उसके कार के तरफ जाने को अपने कदम आगे बढ़ा ही था की अहिरा कार स्टार्ट कर वहा से चली गई |         वही इशान अपने बालो में हाथ फेरते हुए अपने मन में बोला,""_ यह लड़की....अभी इसे कुछ होता तो मेरा क्या होता ? यह समझती क्यों नही ? "    त्रिहांश का केबिन....    सीक्रेट रूम में राज्ञा अपने नाश्ते का इंतजार कर रही थी | तभी रूम का door open हुआ | राज्ञा अपना सर घुमा कर door के तरफ देखि...सामने इस वक्त एक सर्वेंट खड़ा था | और उसके हाथ में खाने का ट्रे था |    वह आ कर ट्रे को काफ़ी टेबल पर रख कर वहा से जाने को हुआ तो राज्ञा उसे रोकते हुए बोली,""_ यह क्या लाए हो तुम ? मैने तो कुछ और ऑर्डर किया था ? बाकी खाना कहा है ? "      राज्ञा की सवाल सुन कर वह सर्वेंट ना समझी में उसे देखने लगा | फिर उसने कहा,""_ ma'am बॉस ने जिताना आर्डर किया है वही लाया हु ...| "   सर्वेंट की बात सुन राज्ञा हैरानी से खाने को देखने लगी जो हद से ज्यादा हेल्थी था | राज्ञा का मन उल्टी करने को हो रहा था क्यों की इस तरह का खाना वह अपने बीमार होने की हालत में भी नही खाती थी |       राज्ञा उस सर्वेंट से बोली,""_मुझे लगता है आपको गलतफहमी हुई है,इस तरह का खाना शायद आपको हॉस्पिटल में भेजना था और यहां लाए है | "  सर्वेंट ना समझी में कभी खाने को देखता तो कभी राज्ञा को..त्रिहांश ने राज्ञा के लिए यही ऑर्डर किया था | वह सर्वेंट अपना सर ना में हिलाते हुए बोला,""_ नही ma'am... बॉस ने यही ऑर्डर किया था | "   वह इतना बोल कर वहा से चला गया | वही राज्ञा का मुंह बन गया था | वह खाने के प्लेट ले कर त्रिहांश के पास चली गई |   वही त्रिहांश इस वक्त समर के साथ कुछ इंपोर्टेंट बाते डिस्कस कर रहा था | तभी वहा राज्ञा आते हुए बोली,""_ त्रिहांश यह खाना हॉस्पिटल का लग रहा है .. आ आपने मेरे लिए यह क्यों मंगाया ? मैं क्या आपको पेशेंट नजर आ रही हू ? "   राज्ञा का चेहरा चीड़ गया था | वह गुस्से से सिर्फ खाने को ही घूर रही थी | वही त्रिहांश भी राज्ञा को घूर कर देख रहा था जो आज ज्यादा ही नकरे कर रहे थे |     वही समर त्रिहांश को एक नजर देख कर कुछ फाइल्स वहा रख कर बाहर चला गया | वही राज्ञा त्रिहांश को देख बोली,""_ आप मेरे लिए मेरे बताए हुए खाना ऑर्डर करिए त्रिहांश.. मैं इसे कुत्तों को खिला कर आती हु | "    बोलते हुए वह बाहर जाने को हुई ही थी की तभी उसे कुछ टूटने का आवाज गूंजा | राज्ञा मुड़ कर देखी....सामने फर्श पर इस वक्त बड़ा सा वास टूटा था जिसकी कांच की टुकड़े पूरे फर्श पर फैल गए थे |      राज्ञा फिर त्रिहांश को देखी,जो गुस्से से उसे घूरते हुए खड़ा था | वह फिर उसके करीब आते हुए बेहद गुस्से से बोला,""_  जो मंगाया है उसे अच्छे बच्चे की तरह खालों बीवी वरना....| "    त्रिहांश अपनी बात अधूरा ही छोड़ कर उसे घूर कर देखने लगा | वही राज्ञा का मुंह बन गया था | वह रोनी सी शकल बना कर त्रिहांश से बोली,""_ आप दिन ब दिन मेरे साथ अच्छा नही कर रहे है त्रिहांश.. मैं चुप हू इसका मतलब यह नही की आप मुझे ऐसे सड़ा हुआ खाना खिलाएंगे..इससे अच्छा तो मैं कुछ भी ना खाऊं..ऐसे ही मर जाऊंगी लेकिन मै नही खाऊंगी | "     बोलते हुए राज्ञा गुस्से से प्लेट को त्रिहांश के हाथ में पकड़ाने को हुई लेकिन अब तक उसके पति का औरा किसी खुंकार शेर की तरह हो गया था | उसका औरा देख कर राज्ञा ने एक बात कहने का भी हिम्मत नही की |     वह जा कर काउच पर बैठी,फिर बिना कुछ कहे वही खाने लगी | उसे त्रिहांश के गुस्से से डर लगता था क्यों की वह गुस्से से इंसान नही हैवान लगता था | त्रिहांश अपने दोनो हाथ फोल्ड कर एक टक उसे देखने लगा था |        राज्ञा बड़बड़ाते हुए खाना चबा रही थी जो त्रिहांश को आधा अधूरे सुनाई दे रहा था | वह थोड़ा आगे आया तो उसे राज्ञा की बात सुनाई दी | उसकी आंखे एक दम से छोटे हो गए और वह घूर कर राज्ञा को देखने लगा |      "   किसी दिन मौका मिला ना तो मैं इन्हे अच्छे से पीटते हुए इनका बैंड बजा दूंगी.यह खाना .... उफ्फ अगर मैं यह खाना कुत्तों को देने भी जाति न कुत्ता भी इसे खाने नकरे करने लगता .hhhhhhhh "   राज्ञा जी भर कर त्रिहांश को कोसते खा रही थी | और कोसते हुए ही उसने सारा खाना खत्म कर दिया था |     " मुझे सब सुनाई दे रहा है राज्ञा...."त्रिहांश बेहद ठंडे और गहरी आवाज मे बोला तो राज्ञा चुप हो कर उसे ही देखने लगी | फिर वह बिना कुछ कहे अपना खाना खत्म कर उठ कर जाने लगी तो त्रिहांश उसे कमर से पकड़ कर रोका |     राज्ञा अपने नज़रे उठा कर त्रिहांश को देखी,वही त्रिहांश उसके चेहरे के ऊपर गिरे हुए लटो को कान के पीछे सरकाते हुए बोला,""_ वह सारे foods अनहाइजेनिक है राज्ञा...तुम बीमार पड़ जाओ....!! "      त्रिहांश अभी आगे बोल ही रहा था की तभी अचानक से उसकी आंखे छोटी हो गई | राज्ञा उसे स्माइल देते हुए देख रही थी जो उसे समझ नही आया था |    वही राज्ञा उसके गले में बेहद नज़ाकात से अपने बाहें डाल कर त्रिहांश के होंठो पर लाइट किस किया, फिर उससे  बोली,""_ आप जब मेरे केयर करने लगते है ना मेरा दिल झूम उठने लगता है त्रिहांश..ऐसा लगता है मैने दुनिया का बेस्ट पति पाया है |     त्रिहांश बिना भाव के राज्ञा को देख रहा था | वह धीरे से उसके कमर में अपने दोनो हाथ रख कर उसे अपने आपसे चिपका कर अपने दांत पीसते हुए पूछा,""_ तुम्हे नही लगता तुम आज मेरा ज्यादा ही तारीफ करने लगी हो .. मेरा ज्यादा ही फायदा उठा रही हो ....हां...| "    बोलते हुए त्रिहांश ने कसके राज्ञा के कमर को दबाया तो राज्ञा की मुंह से आह निकल गई | लेकिन फिर भी वह त्रिहांश से अलग नही हुई..वह धीरे से त्रिहांश के होंठो पर काटते हुए बोली,""_ मेरा तेरा क्या होता है त्रिहांश ? हम एक ही है ? "     राज्ञा की बात सुन कर त्रिहांश के चेहरे के भाव एक दम से बदल गए | उसका औरा अजीब तरह से हो गया था और उसका पकड़ राज्ञा के कमर में कस गया था | वही राज्ञा करहाते हुए उससे अलग हो कर त्रिहांश से कुछ कहती तभी वहा राज्ञा का फोन रिंग होने लगा |   राज्ञा ने एक नजर फोन चेक किया ..कॉल इस वक्त गौतम खुराना का था | यह देख राज्ञा जल्दी से कॉल पिक करने को हुई की तभी उसके हाथ से त्रिहांश ने फोन छीना |   राज्ञा को इसका बिलकुल उम्मीद नहीं था | वह अपना सर ऊपर कर उसे ना समझी में देखने लगी | तभी त्रिहांश बेहद सख्ती से बोला ,""_ तुम रूम में जाओ....!!"      राज्ञा की नजर फोन पर ही था जो बार बार रिंग हो रहा था | वह त्रिहांश से बोली,""_ लेकिन त्रिहांश मुझे....!! "   " I said go damid....!!! " त्रिहांश गुस्से से चिल्लाते हुए बोला | जिसे सुन राज्ञा एक दम से सहम गई | उसकी कदम भी अपने आप पीछे चले गए थे |      त्रिहांश अपने दांत पीसते हुए उसे देखने लगा | राज्ञा बिना कुछ कहे केबिन में बनाए हुए रूम में चली गई | वही त्रिहांश गुस्से से उसे जाता हुआ देख रहा था | लेकिन उसका पकड़ राज्ञा के फोन में कस गया था |   वह कॉल पिक कर कान पे फोन लगाया तो उधर से गौतम की परिशान सी भरी लेकिन गुस्से से भरी हुई आवाज सुनाई दी ,""_ राज्ञा... राज्ञा तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हमे इस तरह मुश्किल में फसाने की ? तुम सच में मनहूस ही हो..तुम्हारे रहने से भी हमे जरा भी शांति नसीब नही हुआ था और अब तुम्हारे जाने से भी नही मिल रहा है...तुम कही जा कर मर क्यों......!!! "    Enough.....!! त्रिहांश गुस्से से चिल्लाया जिसे सुन गौतम एक दम से कांप उठा | वह थोड़ा हकलाते हुए पूछा ,""_ कोन ..कोन हो तुम ?     "  सिर्फ पांच मिनट......इन पांच मिनट में ही तुम्हारे सांसे नही रोकी न मेरा नाम भी त्रिहांश अग्निहोत्री नही ,..!! " बोलते हुए त्रिहांश गुस्से से राज्ञा का फोन फर्श को दे मारा फिर केबिन से बाहर चला गया | To be continued......... Â