Chapter 30 of 59

chapter 30

Billionaire's Dark Desire2,872 words~15 min read

   अब आगे.....   त्रिहांश का गुस्सा बेवजह कर जाने से राज्ञा का चेहरा थोड़ा मुरझा गया था | वह अपने साड़ी चेंज कर सीधे किचन में चली गई जहा,वेदिका और दिया पहले से ही सबके लिए नाश्ता बना रहे थे |     राज्ञा भी जा कर उनके हेल्प करने लगी | तभी उर्मी राज्ञा को आवाज लगाते हुए आ कर बोली,""_ राज्ञा भाभी....| "  राज्ञा अपना सर घुमा कर उर्मी को देखी,तभी उर्मी वेदिका को देख बोली,""_ मम्मा मुझे भाभी से कुछ काम है ? मैं उन्हे ले जा रही हू | "   बोलते हुए उर्मी ने राज्ञा का हाथ पकड़ कर अपने साथ ले गई | वही वेदिका और दिया उन दोनो को ही जाता हुआ देख रहे थे | वह दोनो फिर ना में अपना सर हिलाए |   " क्या हुआ उर्मी ? कहा ले जा रही हो मुझे ? "  राज्ञा उर्मी के पीछे जाते हुए बोली ,वही उर्मी उसे ले कर अपने रूम में चली गई |    उर्मी का चेहरा ज्यादा ही सीरियस लग रहा था | वह राज्ञा को रूम में ले जा कर उसका हाथ छोड़ी फिर रूम का door lock करने लगी | राज्ञा अभी भी उसे ना समझी में देख रही थी | तभी उर्मी राज्ञा के पास आ कर बोली,""_ भाभी मुझे आपसे कुछ कहना है ? "   राज्ञा सवालिया निगाहों से कबसे उर्मी को देखने लगी थी | फिर वह पूछी,""_ क्या बात है उर्मी ? तुम परिशान क्यों लग रही हो ? "   उर्मी ने उसे अपने फोन में कुछ दिखाते हुए बोली,""_ भाभी कल से मुझे एक unknown number से msg आ रहा है...वह कह रहा है की आप.....| "      उर्मी बोलते हुए चुप हो गई क्यों की उसे आगे बोलने में गिन्न आ रही थी | लेकिन राज्ञा ने उस मेसेज चाट को पढ़ते हुए बुदबुदाया,""_ आपकी भाभी की मेरे बेटे के साथ अफेयर चल रहा है | "   राज्ञा हैरानी से उर्मी को देखने लगी | तभी उर्मी ने उसे कुछ तस्वीर दिखाया जिसमें राज्ञा ही थी लेकिन साथ में कोई और लड़का था जिसे वह जानती नही थी |   राज्ञा हैरानी से कभी उर्मी को देखती तो कभी फोटोज को..उसकी आंखे अचानक से नम हो गए | वह ना में सर हिलाते हुए उर्मी से बोली,""_ उर्मी यह सब झूठ है मैं इस..इस लड़के को जानती ही नही हु....trust me उर्मी...| " "  सबूत आपके सामने ही है भाभी, इसे देख मैं कैसे यकीन ना करु ?? " उर्मी राज्ञा को उन तस्वीर को दिखाते हुए गुस्से से बोली तो राज्ञा की मानों पैरों तले जमीन ही किसक गया हो | वह रोते हुए अपना सर ना में हिलाते हुए उर्मी की बाजू पकड़ कर बोली,""_ मैं सिर्फ त्रिहांश से प्यार करती हु उर्मी, वही मेरे पहला प्यार है और अखरी भी मैं सच कह रही हू भाभी..| "  " I know भाभी...| " उर्मी बिना भाव के राज्ञा को देख बोली | वही राज्ञा हैरानी से उर्मी को देखने लगी | उसे समझ नही आया था की उर्मी उससे कहना क्या चाह रही है ?    वही उर्मी उसके आंसू पोछते हुए बोली,""_ यह तसवीर एडिटेड है ..जो आप जैसे बुद्धू भाभी को समझ ही नही आया | "     उर्मी बोलते हुए राज्ञा की नाक पिंच की | वही राज्ञा नम आंखों से उसे ही देख रही थी | वह उससे पूछी ,""_तुम मुझ पर ट्रस्ट....|   उर्मी उसके गले लगते हुए बोली,""_ मैं आप पर ट्रस्ट करती हु भाभी..... मैंने आपकी आंखो में सिर्फ भाई के लिए प्यार देखा है ,लेकिन ....| "    " लेकिन क्या ..? " राज्ञा रोते हुए उससे सवाल की,तो उर्मी उससे आगे बोली,""_ लेकिन कोई है ? जो आपके और भाई के बीच में आने की कोशिश कर रहा है ? या फिर कोई है जो आपको और भाई को नुकसान पहुंचाना चाहता है | "    राज्ञा भी सोचते हुए एक टक उस तस्वीर को देखने लगी | उसे किसी की बाहों में देख अपने आप ही गिन्न मेहसूस हो रहा था | वह जल्दी से उन तस्वीरों को delet करने को हुई तो उर्मी उसे रोकते हुए बोली,""_ नही भाभी, डिलीट मत करना हमे पहले इस इंसान को पता करना है तभी हमे समझ आएगा की इन सबके पीछे कोन है ? "    उर्मी के बाते राज्ञा को सही लगे | राज्ञा कुछ सोचते हुए उस अननोन नंबर के साथ साथ फोटोज को भी अपने फोन में शेयर कर बोली,""_ मैं पता करती हु ,एंड थैंक यू सो मच तुमने मुझे गलत नही समझा | "   राज्ञा रूम से बाहर चली गई | वही डाइनिंग एरिया में इस वक्त सब नाश्ता करते हुए बैठे थे | राज्ञा का मन अब नाश्ता करने में बिल्कुल नही था | वह जल्दी से बाहर जाने लगी तो इशान उसे रोक कर बोला ,""_ भाभी कहा जा रही हो ? नाश्ता कर लीजिए ,दोनो साथ में ऑफिस चकते है |    " नही इशान,तुम नाश्ता कर आओ. मुझे कुछ काम है... मैं चलती हु | " राज्ञा इतना बोल कर बिना उसके जवाब सुने ही बाहर चली गई |  वही बाहर ब्लैक कार के सामने एक ड्राइवर खड़ा था | वह राज्ञा को बाहर जाता देख उसे रोकते हुए बोला ,""_ ma'am, बॉस ने ऑर्डर दिया है आपको सीधे ऑफिस आना है ,pls....| "   ड्राइवर रिक्वेस्ट करते हुए कार में बैठने का इशारा किया.. राज्ञा बेहद बेचैनी महसूस करने लगी थी | वह बिना कुछ कहे जा कर कार में बैठ गई तो ड्राइवर आ कर ड्राइविंग सीट पर बैठ गया |    वही राज्ञा बार बार त्रिहांश का नंबर डायल करते हुए erase कर रही थी | उसे समझ नही आ रहा था की वह त्रिहांश से क्या कहे ?या उसे कहना भी चहिए या नही ? अगर उर्मी के जगह किसी और घरवाले के पास उस अननोन नंबर से मैसेज जाता ..वह झूठी तस्वीर जाते.... तो अब तक उसे कितना बुरा बला सुनाया जाता...|      राज्ञा रोते हुए यह सब सोचते हुए त्रिहांश को याद कर रही थी | राज्ञा अब त्रिहांश से प्यार करती थी और इस तरह गलत इल्जाम ले कर वह उससे दूर जाना नही चाहती थी | राज्ञा को अब तकलीफ होने लगा था |    करीब दस मिनट बाद उनका कार अल्पा इंडस्ट्री के सामने रुका .. राज्ञा जल्दी से कार से बाहर आई,फिर सीधे त्रिहांश के केबिन के तरफ चल पड़ी |      त्रिहांश का केबिन..., राज्ञा सीधे त्रिहांश के केबिन में आई लेकिन त्रिहांश इस वक्त केबिन में नही था | यह देख राज्ञा अपने माथा रब करते हुए बोली,""_ त्रिहांश कहा गए ? "   राज्ञा केबिन से बाहर आ कर मीटिंग रूम के तरफ जाने लगी | उसकी अंदर उठी हुई तूफान इस वक्त त्रिहांश देखने भर से ही खतम होने वाला था | भले ही वह उसके साथ रुड फेश आता लेकिन सुकून अब उसीके बाहों में ही मिलने वाला था |     राज्ञा मीटिंग रूम का door दडाम से खोल कर अंदर चली गई | मीटिंग रूम में इस वक्त मीटिंग चल रहा था | पूरी तरह सन्नाटा भरे माहौल था क्यों की त्रिहांश गुस्से से मीटिंग अटेंड कर रहा था | और सबका उसने लगभग जीना हराम कर चुका था |   वही राज्ञा नम आंखों से त्रिहांश को देख रही थी | जो बेहद गुस्से से सिगरेट का कश लेते हुए अपने लाल आंखो से राज्ञा को देखे जा रहा था | राज्ञा उसका औरा देख एक पल के लिए कांप उठी लेकिन उसका मन कह रहा था की वह उसके सीने में खुद को छुपा लेगी तो वह इंसान उस पर गुस्सा भी नही करेगा ..सबसे सेफ जगह उसके लिए वही था ..कोई भी उसे त्रिहांश से चाह कर भी अलग नहीं कर सकता था | वह भागते हुए जा कर त्रिहांश से लिपट गई |    मीटिंग रूम में बैठे हुए हर एक एंप्लॉय की आंखे अब बाहर आने को हुए थे | राज्ञा अब उनकी जैसे ही एक एम्प्लॉय थी | फिर त्रिहांश के करीब कैसे पहुंची ? क्या अब वह इन्सान राज्ञा को छोड़ेगा ?    त्रिहांश गुस्से से समर को कुछ इशारा किया तो समर सबको देख बोला ,""_ meeting is over..| "     सारे लगभग भागते हुए जल्दी से मीटिंग रूम से बाहर निकले | क्यों की थोड़ी देर पहले यह मीटिंग रूम किसी भयानक गुफ़ा जैसा हो गया था | क्यों की त्रिहांश अचानक से ही गुस्से में आ कर उन पर चिल्लाते हुए उनका खून चूस रहा था |   समर भी उन सबके साथ ही बाहर जा कर door बंद किया | वही त्रिहांश ऐसे ही चुप चाप बैठा था | वही राज्ञा रोते हुए उससे लिपट गई थी |     करीब दस मिनट बाद..त्रिहांश कसके राज्ञा के कमर को पकड़ कर खुद से हल्के से दूर किया ,फिर उसे घूरते गुस्से से बोला,""_किसके मरने पर तुम इतना रोए जा रही हो  ? "   राज्ञा की माथे पर दर्द से शिकन आ गए, त्रिहांश का पकड़ मजबूत था | लेकिन वह उससे अलग हुने की कोशिश नही कर रही थी | वह धीरे से रोते हुए त्रिहांश का चेहरा पकड़ कर बोली,""_ त्रिहांश..आज से पहले मेरे करीब आपके अलावा कोई नही आया,आप ही वह पहला इंसान हो जो मुझे छूआ है ,मेरे करीब आया है ...और मैं भी आपके अलावा किसी की करीब नही गई त्रिहांश,किसी को चाहा नही सिर्फ आप ही है त्रिहांश सिर्फ आप .....| "    त्रिहांश बिना एक्सप्रेशन के बस राज्ञा को देख रहा था | जो करीब पंद्रह मिनट से रोए जा रही थी | वही राज्ञा उसके बेहद करीब झुक कर त्रिहांश के गालों पर उंगलियां फिराते हुए आगे बोली,""_ त्रिहांश...उर्मी के फोन में किसी unknown number.......|    उर्मी ने जो कुछ भी राज्ञा को बताया था वह सब कुछ राज्ञा त्रिहांश को बताने लगी लेकिन पल पल वह डर रही थी ..कही त्रिहांश उस पर भरोसा ना करे ? उस पर शक करते हुए उसका जीना हराम ना करे ?      त्रिहांश का एक्सप्रेशन अब भी न्यूट्रल था | वही राज्ञा रोते हुए अपने मोबाइल में उन तस्वीरों को उसे दिखाने लगी | त्रिहांश अभी भी राज्ञा का डरा हुआ चेहरा ही देख रहा था ..उसके चेहरे पर दिख रही है यह डर उसके खौफ का नही बल्कि उसे खोने का था |    वह दावा तो करती थी की वह त्रिहांश से कुछ नही चाहती है लेकिन वह इस वक्त त्रिहांश को खोने से डर रही थी ...अपनी वजूद पर लग रही झूठे दाग से डर रही थी....कही त्रिहांश उसे प्यार करने के बजाए उसे नफरत न कर जाए उसके लिए डर रही थी.. डर... डर.. उसका यह डर त्रिहांश को चाहने का था ....डर से उस लड़की का अब चेहरा पीला पड़ गया था |    वही त्रिहांश एक नजर उसके फोन के स्क्रीन को देखा ,फिर राज्ञा के हाथ से फोन ले कर एक एक कर सारे फोटोज delet करने लगा | वह इस वक्त बेहद calm नजर आ रहा था लेकिन उसकी अंदर किस तरह का तूफान उठा था उसका अंदाज किसी को नही था |        राज्ञा उसकी थी ...भले ही उसे राज्ञा से प्यार नही था.. लेकिन उस पर ...उसके जिस्म पर ..सिर्फ उसका हक था | वही राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देख रही थी | त्रिहांश का चेहरा देख उसे समझ नही आ रहा था की वह गुस्से में है या नही | वह रोते हुए बोली,""_ त्रिहांश मैं सच में इस इंसान को नही जानती ...मैने आज ही.....| " "  मैने तुमसे कोई सफाई मांगी ? " त्रिहांश सारे फोटोज delet कर, टेबल पर उसके फोन फेंकते हुए राज्ञा से गुस्से से पूछा ..तो राज्ञा डरते हुए अपना सर ना में हिलाई |     वही त्रिहांश राज्ञा के कंधे से उसका दुपट्टा अलग करते हुए आगे उसी लहजे बोला,""_ फिर तुम बकवास क्यों किए जा रही हो ? "   राज्ञा ना समझी में त्रिहांश को देखने लगी | वही त्रिहांश धीरे से झुक कर उसके सीने पर किस किया, फिर उसे सहलाते हुए राज्ञा की होंठो को अपने मुंह में भर लिया | राज्ञा हैरानी से उसे ही देख रही थी | उसे अब समझ आ रहा था की त्रिहांश को पहले से ही इसके बारे में पता है और वह बेवकूफ की तरह रोए जा रही है |    राज्ञा का चेहरा गुस्से से भर गया..वह गुस्से से त्रिहांश के कंधे पर मारते हुए उससे अलग होने छटपटाने लगी | वही त्रिहांश टेढ़ी स्माइल करते हुए उसके होंठो को चूमे जा रहा था | वह फिर जोर से उसके निचले होंठो पर बाइट कर अलग हुआ।   " अअह्ह्ह्ह...!!!" राज्ञा अपने होंठो को छूते हुए दर्द से कराह उठी |    वही त्रिहांश अपने होंठो पर अपना जीव फेरते हुए राज्ञा को देख रहा था | राज्ञा उसे गुस्से से घूर कर देख रही थी | तभी त्रिहांश उसे फिर से छुने को हुआ तो राज्ञा उसे खुद से दूर धकेलते हुए बोली,""_ मतलब आपको पहले ही सब पता था ? फिर भी मुझे इतना रुलाया ? "        त्रिहांश का एक आईब्रो रेंज हुआ..वह उसके बाजू पकड़ कर अपने करीब खींचते हुए बोला,,""_ मैने कब तुम्हे रुलाया ? वह तो तुम ही रोते हुए आई थी | "    राज्ञा को उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था | अगर वह रो रही थी तो उसे चुप कराना चाहिए था ...लेकिन नही ...| राज्ञा  अपने आंसू पोछते हुए बोली,""_ पता है कितना डर गई थी मैं...जब आपको सब पता था तो मुझे कह देते तो ......| "    " तो...? त्रिहांश उसके सीने में अपना सर रख कर उससे सवाल पूछा | वही उसकी हरकत से राज्ञा एक दम से सिहर उठी ,लेकिन त्रिहांश को इतना करीब देख उसे बहुत सुकून मिल रहा था | उसे लगा था की त्रिहांश उस पर गुस्सा करते हुए उसे पनिश करेगा , उस पर शक करेगा लेकिन उसका पति  उसके बारे उससे एक सवाल तक नही किया | मतलब वह उससे भरोसा करता है | राज्ञा की चेहरे पर सुकून का  भाव नजर आने लगा |     वह झुक कर त्रिहांश के सर पर किस कर बोली,""_ थैंक यू त्रिहांश, मुझ पर यकीन करने के लिए ....!!! "     त्रिहांश अपना सर ऊपर कर राज्ञा को देखने लगा | वही राज्ञा झुक कर त्रिहांश के माथे पर किस कर,उसके एक हाथ को अपने सीने पर रख कर उससे बोली,""_ यह सिर्फ आपके लिए धड़क रहा है और अखरी सांस तक यह आपके लिए ही धड़कते रहेगा ...| "  बोलते हुए राज्ञा उसके हथेली पर किस की | फिर उसके कंधे पर अपना सर रख कर उसे देखने लगी | वही त्रिहांश बिना भाव के वैसे ही बैठा था | वह उसे अच्छे से अपने गोद में बैठा कर उसे अपने बाहों में भरते हुए राज्ञा की उंगलियों में अपना उंगलियां फसा कर हल्के से सहलाने लगा |     वह धीरे धीरे शांत हो रहा था..क्यों की राज्ञा की कही हुई एक एक बात उसके दिल में लगी हुई आग को बुझा रहा था | रो रो कर राज्ञा का हालत बिगड़ा हुआ लग रहा था | वह ज्यादा ही थक गई थी |    त्रिहांश अपना सर थोड़ा टेढ़ा कर राज्ञा को देखा , राज्ञा का चेहरा इस वक्त ज्यादा ही थका हुआ लग रहा था और उसके आंखे सूझ भी गए थे |       त्रिहांश उसके गालों पर उंगली चलाते हुए अपने मन में बोला ,""_ मैं चाहता तो तुम्हे रोने से रोक सकता था राज्ञा.. लेकिन तुमने उस चिराग से शादी करने की हिम्मत की ,यह जानते हुए भी की मै तुम्हारे लिए पागल हु....उस बात का तुम्हे सज़ा मिलनी चाहिए था न ? |    राज्ञा अपने दोनो बाहें उसके गर्दन में डाल कर ,अपने गर्दन में अपना चेहरा छुपाते हुए बुदबुदा कर बोली,""_ I love u त्रिहांश..I love you ...| "     बोलते हुए राज्ञा ने अपने आंखे बंद कर ली | वही त्रिहांश एक गहरी सांस लेते हुए उसे अपने गोद में ले कर अपने केबिन में बने हुए सीक्रेट रूम में चला गया |     त्रिहांश फिर राज्ञा को आराम से लेटा कर उसके माथे पर किस करते हुए बोला,""_ थोड़ी देर रेस्ट करो मैं...| "    बोलते हुए त्रिहांश उससे अलग होने को हुआ की तभी राज्ञा उसका हाथ पकड़ कर उठ कर बैठ गई | त्रिहांश उसे ही देख रहा था, तभी राज्ञा नम आंखों से उसे देख सुबकते हुए बोली,""_ आप पता करिए न त्रिहांश ..,ऐसा गिन्हौनी हरकत मेरे साथ किसने किया है ? उर्मी की तरह सब घरवाले मुझ पर यकीन नही करते अगर वह आदमी फिर से सारे घरवालों को.....| "शशशश.... मेरे रहते हुए तुम्हे यह सब सोचने की जरूरत नही है बीवी , मैं देख लूंगा तुम रेस्ट करो | " त्रिहांश राज्ञा के होंठो पर उंगली रख कर उसकी बात को बीच में काटते हुए बोला तो राज्ञा नम आंखों से उसे ही देखने लगी |    To be continued.........   किसने किया यह सब ? क्या होगा आगे जानने के लिए पढ़ते रहिए ......

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