Chapter 32: chapter 32

Billionaire's Dark DesireWords: 29094

अब आगे....     एक छोटा सा पान की दुखान के सामने, खड़े गौतम हैरानी से अपने फोन को देख रहा था,जो अभी अभी त्रिहांश ने काटा था | गौतम को समझ नही आ रहा था की, उसने राज्ञा को कॉल किया था फिर त्रिहांश अग्निहोत्री ने कैसे उठाली ? और त्रिहांश अग्निहोत्री के पास राज्ञा पहुंची तो कैसे पहुंची ? और त्रिहांश उस पर चिल्लाते हुए क्यों धमकी दी की वह पांच मिनट में ही उसका जान ले लेगा ?     गौतम को कुछ समझ नही आ रहा था | दरसल गौतम को नही पता था की राज्ञा और चिराग की शादी जिसकी वजह से रुकी थी वह त्रिहांश था | गौतम ने अभी तक यही समझा था की किसी गुंडे ने राज्ञा की शादी रोक ली थी | क्यों की गौतम को चिराग ने उसे ऐसे ही बताया था | की त्रिहांश कोई गुंडा है |    गौतम यही सब सोचते हुए वहा से जाने को हुआ की तभी वहा अचानक से एक स्कार्पियो आ कर रुक गई | गौतम कुछ समझ पता उससे पहले ही स्कार्पियो से एक गार्ड बाहर आ कर गौतम के मुंह पर एक जोरदार पंच मारा जिससे गौतम कुछ समझ पता ,खुद को संभाल पाता उससे पहले ही वहा तीन चार गार्ड आ कर गौतम को उठा कर स्कार्पियो में डाल कर वहा से चले गए |    आस पास बस गिनती की ही लोग खड़े थे | सब लोग अपने जगह में रुक कर यह सारा नजारा देख रहे थे ,लेकिन किसी ने भी आगे आ कर गौतम का हेल्प करने का हिम्मत नही किया |अल्पा इंडस्ट्री.....   त्रिहांश का गुस्से से चिल्लाने से राज्ञा सीक्रेट रूम में वापस चली गई थी | लेकिन उसे बार बार गौतम खुराना याद आ रहा था | कल जिस तरह आर्यांश उससे मिल कर गया था... वह पहले से ही गौतम से मिलना चाहती थी लेकिन त्रिहांश ने गुस्से से सुबह ही मना किया था | लेकिन अब गौतम का कॉल.....उसे कुछ अजीब लग रहा था |   करीब एक घंटा भीत गया | राज्ञा बैठे बैठे बोर हो रही थी | वैसे भी वह ऑफिस के काम करने के लिए वहा आई थी ...तो वह कुछ सोचते हुए उठ कर बाहर चली गई |    त्रिहांश तो कब का बाहर चला गया था | वही बाहर आते ही राज्ञा की नजर अपने फोन पर गई थी ,जो टुकड़े टुकड़े में नीचे गिरा था | यह देख राज्ञा का शकल रूवासा सा हो गया...वह झुक कर सारे टुकड़ों को उठा कर उसे जोड़ने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नही था |    राज्ञा फिर उन टुकड़ों को अपने बैग में डाल कर इशान के पास चली गई | क्यों की उसे उसके काम के बारे में अभी भी उसे कोई नही बताया था | जब वह पहली बार यहा आई थी तभी त्रिहांश उससे जबरदस्ती शादी कर उसे उलझा कर रख दिया था |तो उसे तब समझने का कोई मौका नही मिला था |          राज्ञा इशान को ढूंढते हुए 15 फ्लोर पर गई | इशान इस वक्त अपने केबिन में बैठ कर काम करने की ना काम कोशिश कर रहा था | अहीरा के वजह से वह काम में फोकस ही नही कर पा रहा था | उसे बार बार वह एक्सीडेंट याद आ रहा था जो होते होते बचा था | उसे अभी भी अहीरा पर गुस्सा आ रहा था | और गुस्से से उसका दिमाग हिल गया था |    इशान.....!!! " राज्ञा उसे आवाज लगाते हुए उसके पास गई | राज्ञा की आवाज सुन इशान खुद को नॉर्मल कर राज्ञा के तरफ देखने लगा |   फिर इशान बोला,""_  क्या हुआ भाभी ? "  राज्ञा उसके सामने रखे हुए चेयर पर बैठते हुए उससे बोली,""_ इशान..मेरा काम क्या है ? मुझे कोई समझा ही नहीं रहा ? "        इशान थोड़ी देर उसे देखा,फिर त्रिहांश का नाम लेने को हुआ की तभी राज्ञा मुंह बनाते हुए बोली,""_ उनका तो नाम ही मत लो तुम..वह काम बताना तो दूर सीधे मुंह बात तक नहीं करते ..कद्दू कही के....!!! "  राज्ञा को इस तरह त्रिहांश को सुनाता देख,इशान हल्के गुस्से में बोला,""_ आप मेरे ही सामने मेरे भाई की बुराई कर रहे है ? "   राज्ञा अपने आंखे छोटी कर उसे घूर कर देखी..फिर वही टेबल पर रखे हुए पेपर उठा कर उस पर फेंकने को हुई की तभी उन पेपर्स से कुछ तस्वीर गिरे | यह देख राज्ञा ना समझी में इशान को देखने लगी,..वही इशान अब जल्दी जल्दी से उन तस्वीरों को उठाने लगा जो अहिरा की थी | अहीरा की अलग अलग एंगल के बहुत सी तस्वीर उसने जमा किया था |     राज्ञा की नजर फिर से उन तस्वीरों पर गई, उसे अहीरा का चेहरा जानी पहचाना सा लग रहा था | तभी अचानक से उसे याद आया कि यह वही लड़की थी ,जो कल उससे मिलने अग्निहोत्री मेंशन आई हुई थी |   राज्ञा फिर ना समझी में ईशान को देखने लगी, जो सारे फोटोस उठा कर अपने ड्रॉअर में रख रहा था | लेकिन उसके चेहरे पर इस वक्त थोड़ा बेचैनी से भरी हुई घबराहट का भाव नजर आ रहा था |   " यह लड़की तो मुझसे कल मिलने मेंशन आई थी ? तुमने इसके इतने सारे फोटोज क्यों रखा है ? और यह कोन है ? " राज्ञा ईशान को सवालिया निगाहों से देखते हुए एक के बाद एक सवाल करने लगी थी |   वही इशान को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ,वह राज्ञा को जवाब दे भी तो क्या दे ? वह नहीं जानता था की आहिरा आर्यांश के साथ कल अग्निहोत्री मेंशन में क्यों आई थी ? क्यों राज्ञा से मिलना चाहती थी ? लेकिन वह इतना जानता था कि वह अहीरा से प्यार करता है और उसे दिलो जान से चाहता है इसीलिए उसके तस्वीर उसके पास रहते हैं |    वही दूसरी तरफ....   एक ब्लैक कार हवा को चीरते हुए इस वक्त एक सुनसान जगह में दौड़ रहा था | आस पास बस घना जंगल था |जहा शोर सिर्फ उस कार का था | थोड़ी देर बाद वह ब्लैक कार जोर से ब्रेक लगाते हुए एक फॉर्महाउस के सामने रुक गई |        ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए त्रिहांश कार से बाहर आ कर एक नजर गुस्से से अंदर चला गया | अंदर इस वक्त एक आदमी की जोर जोर से दर्द से चिल्लाने की आवाज गूंज रही थी |     लेकिन त्रिहांश के कदम रखते ही वहा एक दम से सन्नाटा छा गया | वह आदमी करहाते हुए सामने देखा तो उसकी आंखो में डर सा दिखने लगा | वह कोई और नहीं गौतम खुराना था जिसे इस वक्त एक चेयर पर बांध कर,उसे बेरहमी से मारा जा रहा था |     त्रिहांश ने उसके सामने जा कर सोफे पर फसर कर बैठा | तभी एक गार्ड आ कर उसके मुंह में एक सिगार रखा फिर उसे लाइटर से जला कर दूर हट गया |   वही त्रिहांश अपनी गहरी काली आंखो को गौतम पर टिकाते हुए लंबे लंबे कश लेने लगा | वह जैसे जैसे सिगरेट का धूंआ उड़ा रहा था वैसे वैसे उसका चेहरा गुस्से से तमतमा रहा था | गौतम ने उसकी राज्ञा को एक शादी शुदा आदमी से शादी करने के लिए मजबूर किया था | अगर वह सही वक्त पर नहीं पहुंचता तो उसकी बीवी की जिंदगी नरक हो जाता और वह किसी और की हो जाती      और गौतम ने थोड़ी देर पहले राज्ञा को बुरा बला सुनाया था ,जो त्रिहांश के गुस्से की आग में गी डालने की कोशिश की थी | त्रिहांश गुस्से से गौतम को देखने लगा ....वही गौतम हैरानी से त्रिहांश को देख रहा था..त्रिहांश को कोन नही जानता था ? उसकी बिजनेस से ज्यादा उसके खौफ से लोग वाकिफ थे |   गौतम हकलाते हुए बोला,""_त्रि...त्रिहांश अग्निहोत्री....| "  त्रिहांश के होंठ मुड़ गए | वह अपने एक पैर पर दूसरे पैर डालते हुए बेहद रौबदार आवाज में बोला,""_ yes मिस्टर गौतम खुराना ,त्रिहांश अग्निहोत्री ही तुम्हारे सामने बैठा है और आज यही तुम्हारे यमराज बनने वाला है | "    त्रिहांश के लास्ट लाइन सुन गौतम की सांसे ही अटक गए थे | वह हकलाते हुए बोला,""_ आ आपसे मेरी कोई दुश्मनी नहीं है मिस्टर त्रि...त्रिहांश आप क्यों मेरे जान के पीछे पड़े है ? "    त्रिहांश एक टक सिगार का कश ले रहा था | गौतम के आंखो में इस वक्त उसे मौत का डर दिख रहा था जो वह उठ कर गौतम के करीब गया |      गौतम डरते हुए त्रिहांश को देख रहा था | तभी त्रिहांश अपने मुंह में रखे हुए सिगार को ले कर गौतम के हथेली पर मसलते हुए बेहद ठंडे लहजे में मगर धीमी स्वर में बोला,""_ बहुत लंबी कहानी है गौतम ,तुम्हे समझाते बैठने के लिए मेरे पास फालतू का वक्त नहीं ....hmmm ऊपर जा कर अपने साथियों का इंतजार करो वह आ कर तुम्हे पूरी कहानी समझा देंगे...| "    " अह्ह्ह्ह्ह्ह.....|" गौतम के मुंह से दर्दनाक चिक निकला |क्यों की त्रिहांश अपने कोहनी से जोर से उसके सिने में वार किया था |     गौतम के मुंह से खून निकलने लगा था | तभी त्रिहांश उसे फिर से मारने को आगे बढ़ा की तभी उसका फोन बजने लगा |        त्रिहांश रुक कर अपना फोन चेक किया | मोबाइल के स्क्रीन में शो हो रही नाम को देख त्रिहांश का औरा एक दम से डार्क हो गया | कॉल इस वक्त माया का था | त्रिहांश का पकड़ फोन में कस गया था |   वह अपने गन निकाल कर सीधे गौतम पर प्वाइंट करते हुए कॉल पिक किया |    उधर से माया की परिशानी से भरी हुई आवाज सुनाई दी ""_ हेलो...!! "     माया की बस हेलो कहना ही था की त्रिहांश की गन बात करने लगा था | एक साथ तीन बुलेट सीधे जा कर गौतम के सीने पर लगी थी |    वही उधर से माया एक दम से स्पीचलैस हो गई थी | तभी त्रिहांश अपने गन को घुमाते हुए माया से बेहद sarcastic वे में बोला,""_ जवाब मिल गया न मिसेज राठौड़ ? "    माया दांत पीसते हुए गुस्से से त्रिहांश का नाम ली,""_ त्रिहांश अग्निहोत्री ......!!! "       त्रिहांश हंसने लगा | उसका हंसी बेहद भयानक से गूंजते हुए माहोल को भयानक बना रहा था | वह अचानक से अपनी हंसी को रोकते हुए माया से बोला,""_ बहुत जल्द आपसे दुबारा मुलाकात होगी मिसेज माया राठौड़...और हा इस बार आपकी बेटी यानी की मेरी lovely Wifey आपके सामने  मेरे बाहों में होगी ....|      बोलते हुए त्रिहांश जोर-जोर से हंसते हुए कॉल काट दिया | वही उस तरफ माया के हाथों की मिट्टी बन गई थी, उसका तो अब खून जलने लगा था |      त्रिहांश गौतम का लाश बिना भाव के देखने लगा था | उसका चेहरा एक दम से सीरियस हो गया था | वह फिर अपने माथा रब करते हुए बडबडा कर बोला,""_ पाने की चाह में कितने लाशे गिराना पड़ रहा है wifey...जब से मेरी नजर तुम्हारी जिस्म पर पड़ी है तब से ना जाने मैने कितने जिस्मों का जान नोच लिया है.... हा तुम्हे तो अंदाज ही नही की तुम अग्निहोत्री और राठौड़ के लिए कितनी जरूरी हो ...| "      त्रिहांश की हर एक लफ्ज़ गहरी राजो से भरा था | गौतम को इतनी जल्दी मौत का घाट क्यों उतारा ? क्या सिर्फ यही वजह था की उसने राज्ञा के साथ अच्छा बरताव नही किया ? या कोई हे कुछ राज जिसमे गौतम भी हकदार हो ? कैर यह सब अब वक्त आने पर ही पता चलने वाला था |   त्रिहांश अपने बॉडीगार्ड्स को कुछ इशारा कर विला से बाहर चला गया |   राठौड़ मेंशन.....   मेंशन में इस वक्त अहीरा के अलावा कोई नही था | माया और सुधर्व मनाली के लिए निकल पड़े थे और वही आर्यांश ऑफिस गया हुआ था |   अहीरा इस वक्त अपने रूम में थी | वह इस वक्त पेट के बल लेट कर रो रही थी | इशान का इस तरह सबके सामने थप्पड़ मारना उसके दिल को बहुत चोट पहुंचाई थी | वह उससे प्यार करने लगी थी लेकिन जिस तरह इशान ने आज बरताव किया था उससे उसके मन में इशान के लिए गुस्सा और कड़वाहट भर रहा था | वह इस वक्त खुद को समझाने की कोशिश कर रही थी की वह अब इशान के आस पास भी नहीं भटकेगी और नाही उसे भटकने देगी |   अहीरा रोते हुए कब सो गई उसे पता ही नही चला |    दूसरी तरफ....   उर्मी इशा के साथ कॉलेज से बाहर आई | उन दोनो के क्लासेस ऑलमोस्ट खतम हो गए थे तो वह दोनो अब घर के लिए चल रहे थे |   उर्मी और इशा स्कूटी में ही आना पसंद करते थे और आज भी वह दोनो उसी में आए हुए थे | उर्मी स्कूटी स्टार्ट करने को हुई की तभी इशा बोली,""_ उर्मी दी..आप जरा टायर के तरफ देखिए ...!! "     इशा की बात सुन कर उर्मी टायर के तरफ देखि ... टायर में हवा ही नही रहा था | यह देख उर्मी गुस्से से स्कूटी से उतरते हुए बोली,""_ what the hell ... यह किसने किया ? "   उर्मी गुस्से से अपने टायर को देखने लगी | तभी इशा बोली,""_मैं इशान भाई को कॉल करती हु ...| "  इशा इशान का नंबर डायल करने ही लगी थी की तभी उर्मी और इशा दोनो के कान में किसी की खांसने की आवाज सुनाई दी | दोनो मुड़ कर आर्यांश के तरफ देखना लगे | जो इस वक्त अपने कार को टिक कर खड़ा था और उसकी नजर सिर्फ उर्मी पर था |    अर्यांश को देख कर उर्मी की आंखे छोटी हो गई | वह घूर कर अर्यांश को देखने लगी की तभी अर्यांश ने अपना एक आंख दबाया ,फिर उनके पास आ कर स्कूटी को देख लाचारी में बोला,""_किसी ने इसकी हवा निकाल दी है ....चलो मैं तुम दोनो को घर छोड़ देता हु |    इशा ना समझी अर्यांश को देखने लगी थी |  वह उससे पूछी,""_ कोन है आप ? "     इशा की सवाल सुन कर अर्यांश ने एक नजर उर्मी को देखा फिर बेहद मासुमियत से बोला,""_ तुम्हारे होने वाला जीजू...i mean उर्मी की boyfriend | "   "What...? " इशा और उर्मी एक साथ लगभग चिल्लाते हुए पूछे तो अर्यांश का मुंह बन गया |     अल्पा इंडस्ट्री.... राज्ञा अभी भी न समझी में इशान को देख रही थी | जो अहीरा के सारे फोटोज उठा कर छुपा कर रख रहा था | राज्ञा यह थोड़ा अजीब लगा फिर भी उसने सवाल करते हुए पूछा,""_ इशान....तुम कुछ बोल क्यों नहीं रहे ? "     इशान अपना सर ना में हिलाते हुए बोला,""_ अभी नही भाभी जब वक्त आएगा तब सबसे पहले आपको ही बताऊंगा ,इसीलिए अभी कुछ मत पूछिए | "  इशान की बात सुन राज्ञा ने आगे कुछ नही कहा | जब इशान उसे कुछ भी बताने से अनकंपर्टेनल फील कर रहा था तो उसने भी आगे ना पूछने का सोच कर चुप हुई |    इशान थोड़ी देर में खुद को नॉर्मल हुआ फिर उसे काम समझाने लगा | थोड़ी देर बाद राज्ञा अपना काम समझ कर अपने टेबल के तरफ जाने लगी उसे त्रिहांश गुस्से से अपने केबिन के तरफ जाता हुआ दिखा |   राज्ञा अपने जगह में रुक कर थोड़ी देर त्रिहांश को देखी,जो गुस्से से अपने कैबिन की अंदर कदम रखने ही वाला था की वह अचानक से रुक कर मुड़ कर देखा.... राज्ञा मासुमियत से उसे ही देख रही थी |   त्रिहांश उसे अपने करीब आने का इशारा किया | राज्ञा ने थोड़ी देर उसे देखा फिर बिना कुछ कहे धीमी कदमों के साथ उसके करीब चली गई |        वही त्रिहांश उसे ही देख रहा था | वह फिर राज्ञा का हाथ पकड़ कर अपने केबिन में चला गया | राज्ञा को कुछ समझ नही आया था | वह उसे कोई सवाल करती उससे पहले ही त्रिहांश उसे कमर से उठा कर अपने केबिन में ले गया |  त्रिहांश का इस तरह उठाने से राज्ञा की चहरा त्रिहांश के चेहरे के बेहद करीब गया था |राज्ञा एक टक अपने पति के चार्मिंग को देखने लगी थी | कितना हैंडसम था उसका पति....एक पल के लिए राज्ञा को डर मेहसूस होने लगा की उसे कोई उससे चीन ना ले | यह सोच कर राज्ञा की पकड़ त्रिहांश के गर्दन में कस गया | वही त्रिहांश कब से उसे ही देख रहा था |  Â