Chapter 59: chapter 59

Billionaire's Dark DesireWords: 28497

  अब आगे ......     उस पुराने फैक्ट्री में एक बार फिर से गन शूट होने की आवाज गूंज उठा था | वही फैक्ट्री के थोड़ी दूरी पर खड़ी हुई त्रिहांश के कार के डिक्की में जिस लड़की के हाथ पैर बांधकर फेंका था,वह कोई और नहीं राज्ञा थी ,जो इस तरह गन शूट होने की आवाज से उसे धीरे-धीरे होश में आने लगी थी |      राज्ञा धीरे से हिलने को हुई लेकिन उसके हाथ पैर बांध दिए थे जिस वजह से उससे हिलाना मुश्किल हुआ | वह थोड़ा दर्द से करहाते हुए अपने आंखे खोल कर देखी,उसके आंखो के सामने अंधेरा छा गया था क्यों की डिक्की में कोई रोशनी नही था |      वह अपने हाथ पैर हिलाने लगी लेकिन हाथ पैर बांध दिया गया था और मुंह पर भी पट्टी बांध दिया था तो वह कुछ आवाज भी निकल नही पा रही थी | राज्ञा की आंखे नम हो गए | वह रोते हुए अपने मन में बोली,""_ मुझे कहा फेंका है ? और मेरे हाथ पैर क्यों बांधे है ?किसने किया मेरे साथ ऐसा ? "      राज्ञा रोते हुए त्रिहांश को याद करने लगी ,वह त्रिहांश को ढूंढते हुए मंदिर से बाहर आई थी | लेकिन उसे त्रिहांश मिला ही नही था | राज्ञा फिर रोते हुए भगवान से प्रे करते हुए बोली,""_ प्लीज भगवान जी, मेरे त्रिहांश का रक्षा करना...वह कही भी हो बस सही सलामत हो | "      बॉम्ब ब्लास्ट होने की आवक सुन कर राज्ञा को त्रिहांश के लिए डर लग रहा था | वह ऐसा कुछ नही सुनना चाहती थी जिसमे त्रिहांश उससे दूर हो जाए |      वही फैक्ट्री में .....     त्रिहांश का इस तरह अभय पर हमला करने से सुहास गुस्से से अपना आपा खो कर वापस त्रिहांश पर गन प्वाइंट कर दिया था | लेकिन यह पूरी तरह उस पर ही भारी पड़ गया था | वह गुस्से से त्रोहांश पर दुबारा गोली चलाने वाला था की तभी त्रिहांश के बॉडीगार्ड् ने उस पर हमला कर उसी गन से शूट कर दिया था |        सुहास भी नीचे गिर गया था और वही देविका और ध्रुव अपने जगह में जम गए थे | उनके आंखो के सामने ही उनका परिवार बर्बाद हो गया था | वही त्रिहांश अपने जेब से नैपकिन निकाल कर अपने बाजू में कसके बांधा, क्यों की गोली छू कर जाने से वहा से खून निकल रहा था |      त्रिहांश फिर देविका को देखा ,जो जिंदलाश की तरह बैठ गई थी | यह देख त्रिहांश की होंठ मुड़ गए | वह उसके पास जा कर बेहद सख्ती से बोला,""_ सांसे उनकी अभी भी चल रही है ,जा कर अखरी बार मिललो मिसेज मल्होत्रा...क्या पता थोड़ी देर बाद तुम्हे यह मौका भी ना मिले | "         इतना बोल कर त्रिहांश फैक्ट्री से बाहर चला गया | वही कार के डिक्की में राज्ञा रोते हुए छटपटा रही थी | उसके दिल और दिमाग में बस त्रिहांश था और वह इस वक्त त्रिहांश का एक झलक देखने के लिए भी तड़प रही थी |        राजा रोए जा रही थी | वही त्रिहांश कार के पास ही आ रहा था लेकिन उसे अजीब अजीब गड़गड़ाहट भरी  आवाज सुनाई दे रहा था तो वह जल्दी से कार के डिक्की केे पास गया | उसकी बीवी छटपटाते हुए आवाज निकाल रही थी ,""_ ummmmm....hmmmm। !!! "     त्रिहांश डिक्की का लॉक खोलते हुए अपने मन मे बोला,""_ इसे होश आ गया ? "   राज्ञा एक तक अपने हाथ पैर चलाते हुए अपने हाथ और पैर में बंधे हुए रस्सी को खोलने की कोशिश कर रही थी |  लेकिन जैसे ही डिक्की ओपन होने की आवाज सुनाई दी , राज्ञा डर से एकदम से सहम कर सामने की ओर देखने लगी |    उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसे किसने किडनैप किया है ? और किसने इस तरह बांधकर फेंका  है ? अगर वह इंसान उसके साथ कुछ करता तो क्या वह त्रिहांश को कभी देख नही पाएगी ? नही अगर अभी कोई मार ही डालता तो वह त्रिहांश को देखे बिना ही मर जाती ?  नही नही उसे त्रिहांश चाहिए मतलब चाहिए था | वह रोने लग गई,उसका दिल इस waqt किस हद तक तकलीफ महसूस करते हुए रोने लगा था यह वही जानती थी |    त्रिहांश जल्दी से कार का डिक्की ओपन कर देता तो उसकी नजर राज्ञा की आंसुओ से भरे हुए चेहरे पर गई | राज्ञा ने डर से अपने आंखे भींच लिया था | वह इतना डर गई थी की उसे अपने आंखे खोल कर सामने देखने भी डर लग रहा था लेकिन उसके आंखो के खोने में से आंसू बहाते hu Jaa रहे थे |      त्रिहांश झुक कर उसे देखते हुए ही उसके हाथ में बांधे हुए रस्सी खोलने लगा | रज्ञा झट से अपने आंखे खोल कर त्रिहांश को देखने लगी,त्रिहांश का चेहरा उसके चेहरे के बेहद करीब था | के त्रिहांश का नाम लेने को हुई लेकिन उसका आवाज वही दब गया था |            वही राज्ञा रोते हुए त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश उसके हाथ पैर में बांधे हुए रस्सी खोल कर, राज्ञा को देखने लगा | राज्ञा रोते हुए अपने मुंह पर बांधे हुए पट्टी खोलने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसके हाथ लगातार कांप रहे थे जिस वजह से उससे खोला नही जा रहा था |   वही त्रिहांश उसे आराम से अपने गोद में उठा कर बाहर गया | राज्ञा रोते हुए उससे अपने मुंह पर बांधे हुए पट्टी खोलने का इशारा की तो त्रिहांश के होंठ मुड़ गए | वह उसके पट्टी को अच्छे से बांधते हुए बोला ,""_ इसे रहने देते बीवी,तुम आज कल ज्यादा ही चपर चपर करने लगी है | "   राज्ञा की आंखे छोटी हो गए | वह घूर कर उसे देखते हुए उसके बाजू में मारी तो त्रिहांश के आंखे दर्द से भींच गए ,""_ अअह्ह्ह्ह....?! "...  त्रिहांश का कराहान देख राज्ञा की नजर त्रिहांश के बाजू में गई | गोली लगने से उसके बाजू में अभी भी खून बह रहा था | यह देख राज्ञा की आंखे हैरानी से चौड़ी हो गई थी | वह रोते हुए जल्दी से त्रिहांश का बाजू पकड़ कर छूते हुए बोलने को हुई लेकिन अभी भी उसके मुंह पर पट्टी था |    वह जल्दी से रोते हुए अपने पट्टी खोलने को हुई ,वही त्रिहांश अपने आंखे खोल कर राज्ञा को देखने लगा था | राज्ञा जोर से रोने लगी थी लेकिन अपने मुंह पर कपड़े की वजह से उसका आवाज दब रहा था | वही त्रिहांश को उसका इतना रोना कहा बर्दाश्त होने वाला था ?? वह जल्दी से राज्ञा के मुंह पर बांधे हुए पट्टी निकाल कर सख्ती से पूछा ,""_इतना क्यों रो रही हो तुम ? "    त्रिहांश की बात को इग्नोर कर राज्ञा उसके जख्मी हाथ को देखते हुए त्रिहांश से रोते हुए बोली,""_ त्रिहांश...,आ आपका हाथ...आपके हाथ पड़ चोट कैसे लगी ? "     त्रिहांश एक नजर अपने हाथ को देखा,फिर उसे पैसेंजर सीट पर बैठने का इशारा करते हुए बोला,""_ बैठो....!!! "..      " नही...आप बताइए मुझे...आपको यह चोट कैसे लगी है ? "  राज्ञा जिद्द करते हुए त्रिहांश से रोते हुए बोली,भले ही चोट उसे लगी थी लेकिन दर्द वह उस लड़की की चेहरे में देखने लगा था |    त्रिहांश को कुछ भी नही बताता देख राज्ञा धीरे से त्रिहांश का हाथ पकड़ कर उसके घाव पर छूते हुए बोली,""_ ज्यादा दर्द हो रहा है आपको ? "   बोलते हुए वह लड़की उसकी घाव पर हल्के हल्के से फूंकने लगी थी | वही त्रिहांश बिना भाव के उसे ही देख रहा था | उसे पता नही क्यों ऐसा लगने लगा था की वह उसे अपने बाहों में भर कर जी भर कर प्यार करू ? लेकिन क्यों ? क्यों यह एहसास उसे फील हो रहे है | क्यों वह इस लड़की के तरफ अट्रैक्ट हो रहा है?     राज्ञा त्रिहांश का हाथ पकड़ कर बोली,""_ चलिए हम हॉस्पिटल चलते है | "   त्रिहांश उसे मना करते हुए पसेंजर सीट का door open करते हुए बोला,""_ नही अब हम घर जा रहे है ....!!! "    राज्ञा गुस्से से door close कर उस पर चिल्लाते हुए बोली,""_ नही बिलकुल नही....हम घर नही हॉस्पिटल जा रहे है त्रिहांश | "   त्रिहांश का जबड़ा कस गया | वह गुस्से से राज्ञा को घूरने लगा | इस लड़की की हिम्मत कैसे हुआ उस पर चिल्लाने की ? आज कल वह उस पर ज्यादा ही हुकुम चलाने लगी ,बिलकुल टिपिकल बीवी के तरह |     त्रिहांश को गुस्से में आता देख राज्ञा रोते हुए उसके गले लग  कर बोली,""_ आपको ऐसे देख मुझे तकलीफ हो रहा है ,चलिए ना हॉस्पिटल चलते है प्लीज त्रिहांश | "   राज्ञा को इतना तड़पता देख त्रिहांश उसे अपने बाहों में कस कर उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपाते हुए बोला,""_ मेरे लिए इतना तड़प क्यों रही हो राज्ञा ? क्यों ? "      राज्ञा का दिल बेचैनी से मर रहा था और त्रिहांश बकवास सवाल पूछ रहा था | वह उससे अलग हो कर कार का डोर ओपन कर बोली,""_ मैं आपको जवाब दे दूंगी आप बैठिए ....!! "   त्रिहांश उसके आंखो में देखते हुए उसके बेहद करीब आया फिर जोर से door close कर,पैसेंजर सीट का door open कर उसे बैठने का इशारा किया | राज्ञा हैरानी से उसे ही देख रही थी | वह फिर आस पास अपने नज़रे दौड़ाते हुए बोली,""_ ड्राइवर कहा है ? "    तुम्हे मेरे अलावा कोई नज़र आ रहा है ? " त्रिहांश अपने दांत पीसते हुए पूछा ,तो राज्ञा भी चिड़ते हुए बोली,""_ आपके हाथ से इतना खून बह रहा है तो आपको मै ड्राइव करने नही दूंगी ....!! ""    ठीक है,अगर तुम्हे कोई ड्राइवर मिल गया तो ले आओ | " त्रिहांश गुस्से से बोलते हुए बैकसीट पर जा कर बैठ गया | वही राज्ञा का रोनी सी शकल हो गया था | वह कुछ सोचते हुए आस पास देखी ,त्रिहांश का कार सुनसान जगह में आ खड़ा था | भले ही उनके थोड़ी ही दूरी पर त्रिहांश के बॉडीगार्ड्स खड़े थे | लेकिन त्रिहांश उन्हे बुलाना नही चाहता था और राज्ञा को इसके बारे में पता नही चला था |      त्रिहांश राज्ञा को ही देख रहा था | राज्ञा अंदर आ कर त्रिहांश का फोन मांगते हुए बोली,""_ आपका फोन दीजिए ना त्रिहांश ..? "   त्रिहांश अपना सर सीट को टिका कर उसे एक नज़र देखा फिर बिना कुछ कहे अपने आंखे बंद करा | त्रिहांश को इस तरह आंखे बंद करता देख राज्ञा घबरा गई | वह त्रिहांश के गाल पर हाथ रखते हुए बोली,"__ त्रिहांश....त्रिहांश आपको तकलीफ हो रहा है ? "     त्रिहांश उसे अपने करीब खींच कर उसके गालों पर हाथ फेरते हुए बोला,""_ तुम्हे कुछ भी बताना जरूरी नही समझता राज्ञा इसीलिए सवाल मत करो | "    राज्ञा उसे ही नम आंखों से देखते हुए उसके पैंट के जेब में से फोन ढूंढने लगी | यह देख त्रिहांश की आंखे छोटी हो गई | वह घूर कर राज्ञा को देखते हुए बोला,"__ यह क्या कर रही हो तुम।? "    मैं आपका फोन ढूंढ रही हू | " राज्ञा गुस्से से उसे घूरते हुए बोली | वही त्रिहांश अपना सर हिलाते हुए बोला,""_ मेरा फोन मंदिर में ही छुट गया है | "    राज्ञा रुक कर त्रिहांश के हाथ को देखने लगी | अभी अभी त्रिहांश के हाथ से हल्का हल्का सा खून बहने लगा था | यह रोनी सी शकल बना कर उसके हाथ को देखने लगी | वही त्रिहांश बोला ,""_ रोना बंद करो बीवी,वरना तुम्हारे साथ इस सुनसान जगह में बहुत कुछ बुरा कर दूंगा | "    त्रिहांश की धमकी सुन राज्ञा का मुंह बन गया लेकिक तभी उसे कुछ याद आया तो वह आस पास कुछ ढूंढने लगी | उसे इस तरह फिर से कुछ ढूंढता देख त्रिहांश ने पूछा,""_ अब क्या डूंडने लगी तुम ? "   " फर्स्ट एड बॉक्स...?!  " बोलते हुए राज्ञा कार में इधर उधर नजरे दौड़ाने लगी थी की तभी उसे फर्स्ट एड बॉक्स मिल गया | वह जल्दी से फर्स्ट एड बॉक्स ले कर त्रिहांश के करीब बैठते हुए बोली,""_ हॉस्पिटल पहुंचने तक आपको थोड़ा तो राहत मिल ही जाएगा | "      त्रिहांश बिना कुछ कहे राज्ञा को देख रहा था | वह लड़की उसे दवा लगाने के लिए छटपटा रही थी | और त्रिहांश उसे सताए जा रहा था | वहीं राज्ञा धीरे से उसके हाथ में बांधे हुए बैंडेज हटा कर रूही से चोट साफ करने लगी , राज्ञा यह सब बहुत ही ध्यान से कर रही थी | और उस पर हल्के हल्के से फूंक भी रही थी |    तभी राज्ञा के कान में किसी की कदमों की आहट सुनाई दिया | राज्ञा आस पास देखते हुए त्रिहांश को डरी सी सहमी सी आंखो से देखने लगी | त्रिहांश उसे ही बिना भाव के देख रहा था | राज्ञा बोली,""_ त्रिहांश कोई...!!! "    बोलते हुए उसके सीने में अपना चेहरा छुपा कर कसके गले लग गई | त्रिहांश की होंठ मुड़ गए | वह उसे अपने बाहों में भरते हुए सामने देखा , उसके कार के पास उसका ही एक आदमी आ रहा था |   त्रिहांश का औरा सख्त हो गया | वही वह आदमी आ कर बोला ,""_बॉस , सब कुछ.....!! "   उस आदमी ने इतना कहा ही था की वह त्रिहांश गुस्सैल नजर देख कर चुप हो गया | वही त्रिहांश को बॉस कहता देख राज्ञा झट से अपना सर ऊपर कर उस आदमी को देखने लगी |     त्रिहांश उस आदमी को ही घूर रहा था लेकिन राज्ञा को इस तरह उस आदमी को देखता देख त्रिहांश की बाहें तन गए | वह उसके चेहरे को अपने तरफ घुमाते हुए बोला,""_ तुम.....!!! "   त्रिहांश गुस्से से आगे कुछ भी कहता उससे पहले ही राज्ञा उसे इग्नोर कर उस आदमी से बोली,""_ त्रिहांश के हाथ में चोट आई है और ऐसे में वह ड्राइव नही कर सकते ...प्लीज आप....? "   राज्ञा की बात सुन कर गार्ड को समझ आ गया था की राज्ञा उससे क्या कहना चाहती है | वह आदमी डरते हुए त्रिहांश को देख पूछा,""_ बॉस में.....!! "   त्रिहांश ने अपना सर हिला दिया तो वह आदमी ड्राइविंग सीट पर बैठ गया | वही त्रिहांश राज्ञा को घूरते हुए कोला,""_ पार्टीशन ऑन करो.....!!! "   जी...जी बॉस.. " उस आदमी ने कहा और पार्टीशन on कर दिया |   राज्ञा उसे इग्नोर कर उसके हाथ पर हल्के हल्के से ऑइंटमेंट लगाने लगी | त्रिहांश उसे ही देख रहा था | वह फिर झुक कर उसके गाल पर बेहद भारी से चूमा |     राज्ञा को इस sudden kiss का उम्मीद नही था | वह अपना सर ऊपर कर त्रिहांश को देखने लगी | वही त्रिहांश बेहद करीब झुक कर उसकी टुडी को पकड़ कर उसके चेहरे को ऊपर उठाया फिर उसके दूसरे गाल पर भी किस कर अपने होंठ उसके होंठो के करीब ले गया |      राज्ञा सिहरते हुए उसे ही हैरानी से दखने लगी थी | वही त्रिहांश धीरे से उसके चेहरे को अपने हाथो में भर कर उसके आंखो में देखने लगा | जितना प्यार वह अपने लिए उसके आंखो में देख देखने लागा | फिर वह झुक कर उसके माथे पर किस किया फिर राज्ञा के दोनो बंद पलको पर किस करते हुए राज्ञा को अपने बेहद करीब खींचा |     सबसे safest जगह तो उस लड़की के लिए त्रिहांश के बाहें ही थे | वह उसके गोद में बैठ कर त्रिहांश के गर्दन में अपना चेहरा छुपाते हुए रूंधली सी आवाज बोली,""_ अपको पता है ,मंदिर के बाहर जैसे ही बॉम्ब ब्लास्ट हुआ,मुझे लगा की मैने आपको...... |      बोलते बोलते राज्ञा की पकड़ त्रिहांश के गर्दन में कस गया और वह डर से हल्के से कांप भी रही थी |       To be continued........

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