Chapter 5: chapter 5

Billionaire's Dark DesireWords: 27726

   अग्निहोत्री मेंशन.....,       मेंशन का माहौल इस वक्त बेहद सन्नाटा भरा था | अजय,विनोद,अदा,त्रिहांश का चाचा आरव, चाची दिया,उनके बच्चे ईशान और इशा और वेदिका सारे के सारे त्रिहांश के लिए डर गए थे |     वेदिका इस वक्त door के पास खड़ी हो कर इधर से उधर चक्कर काट रही थी | उसका दिल जोरों से धड़क रहा था और उसका यह डर सिर्फ और सिर्फ अपने बेटे त्रिहांश के लिए था | ऐसा नहीं था की त्रिहांश ही उसका एक ही बेटा हो ,त्रिहांश के भाई उम्रांश और छोटी बहन उर्मी भी थी जो इस वक्त आस्ट्रेलिया गए हुए थे |      त्रिहांश......!!!! " वेदिका को जैसे ही त्रिहांश अंदर आते हुए दिखा तो वह जल्दी से उसका नाम लेते हुए आगे बढ़ने को हुई लेकिन त्रिहांश के गोद में किसी लड़की को देख कर वह अपने जगह में ही रुक गई |      त्रिहांश राज्ञा को ले कर जल्दी से अपने रूम के तरफ जाने को हुआ तो अजय ने उसे गुस्से से रोकते हुए बोला,""_यह लड़की कोन है त्रिहांश ? तुम.....? "     अजय आगे कुछ बोल पाता उससे पहले त्रिहांश बेहद गुस्से से उसे घूरते हुए विनोद को देखा तो विनोद हड़बड़ाते हुए अजय से बोला,""_ जानने की इतनी भी क्या जल्दी है अजय ? हालता तो देख लिया करो | "           त्रिहांश राज्ञा को अपने रूम में ले गया | फिर उसे आराम से bed पर लेटा कर डॉक्टर को देखा जो उसके पीछे ही आए थे | वह बोला,""_ इसे चेक करो यह कब से बेहोश है | "   त्रिहांश की ऑर्डर सुनते ही एक लेडी डॉक्टर सामने आ कर राज्ञा को चेक करने लगी | वह फिर उसे एक इंजेक्शन लगा कर कुछ दवाई लिख कर देते हुए बोली,""_ ज्यादा पानी में रहने के वजह से इन्हें हाई फेवर है और स्ट्रेस के वजह से भी इनकी तबियत बिगड़ा है ,आप ख्याल रखिएगा इनका | "    डॉक्टर्स की बात सुन त्रिहांश एक टक राज्ञा को देखने लगा जो बेहोश पड़ी थी | वह अपने मन में बोल,""_ पानी में ..? यह तो पूरा दिन तो मंदिर में थी ? "      त्रिहांश जब सुबह उसके घर से निकला था तब राज्ञा खुद को घंटो तक शॉवर के नीचे खड़ा किया था | जिससे इस वक्त उसके तबियत पर असर पड़ रहा था |     त्रिहांश दवाई का पर्ची ले कर समर के हाथ में दिया | फिर जा कर राज्ञा के बगल में बैठने को हुआ की तभी वेदिका पूछी,""_ यह लड़की कोन है त्रिहांश ? क्या हुआ है इसे ? "      त्रिहांश ने एक नजर राज्ञा को देखा फिर वेदिका को जवाब देता तो उसकी नज़र अदा पर गई जो गुस्से से राज्ञा को देख रही थी | राज्ञा का इस तरह त्रिहांश के बाहों में रहना,उसके कमरे में उसके ही बेड पर सोना अदा को बिलकुल पसंद नहीं आया था | त्रिहांश फिर अजय और नितिन को देखता है उनका भी रिएक्शन अदा जैसा ही था |    त्रिहांश उठा | फिर थोड़ा आगे जा कर ऐसा खड़ा हुआ जिससे राज्ञा को वह तीनों देख ही नहीं पाए | वही त्रिहांश वेदिका से बोला,""_ यह राज्ञा है वेदु,मेरी .....hmmmm यह मेरी क्या लगती है फिल्हाल मुझे भी नही पता लेकिन हां अब से यह यही रहेगी ,मेरे साथ मेरे घर में,मेरे रूम में ....| ""  What....? " अजय गुस्से से पूछा तो त्रिहांश की हाथो की मुट्ठी बन गई | वही वेदिका जल्दी से त्रिहांश से बोली,""_ त्रिहांश यह तुम्हारे रूम में कैसे रह सकती है ? अगर तुम्हे इसे यही इसी घर में रखना है तो तुम इसे गेस्ट रूम में रहने बोलो न हमे कोई मसला नहीं | "     " वेदिका....? यह तुम क्या बकवास कर रही हो ? " वेदिका की बात सुन अजय गुस्से से उस पर चिल्लाते हुए बोला तो वेदिका बोली,""_ अजय प्लीज, मेरा बेटा जो चाहता है मैं वही करूंगी, किसी भी कारण अपने बेटे को इस बार मुझसे अलग होने नही दे सकती | "   वेदिका लास्ट लाइन थोड़ा गुस्से से दांत पीसते हुए बोली तो अजय की दांत भींच गए | वही विनोद सब देख रहा था | वह आगे आ कर त्रिहांश से बोला ,""_ अगर तुझे पता ही नही की यह लड़की तुझे क्या लगती है ? तो तुम इसे घर क्यों लाए ? और यह तो.....? "        विनोद अपनी बात बीच में ही रोक कर राज्ञा को देखा | राज्ञा शादी के जोड़े में थी | वह फिर त्रिहांश से पूछा,""_ और यह शादी के जोड़े ने है ? क्या तुम इसे उठा कर ले आए हो ? "     विनोद की सवाल सुन कर त्रिहांश मुड़ कर राज्ञा को देखा | फिर वह बिना भाव के उसे देख बोला ,""_आज इसकी शादी होते होते टूट गई है | "     त्रिहांश की बात सुन एक दूसरे के चेहरा देखने लगे | तभी त्रिहांश बोला,""_ यह लड़की मेरी जरूरत है और अब यह मेरे आस पास ही रहेगी | "      त्रिहांश इतना बोल कर वाशरूम में चला गया | वही उसका लास्ट लाइन सुन कर सबकी चेहरे का रंग उड़ गया था | त्रिहांश ने उसे ना अपना गर्लफ्रेंड कहा और नाही अपने होने वाली कुछ उसने बस इतना कहा की वह उसकी जरूरत है तो इसका क्या मतलब हुआ ? क्या वह उसकी मिस्ट्रेस बनेगी ?       पूरे घरवालों की नजर राज्ञा पर ही टिका था | वही राज्ञा ठंड से कांप रही थी | वह अपने में ही सिमट रही थी यह देख वेदिका आगे आ कर उसे ब्लैंकेट से कवर कर अजय और अदा को एक नजर देखी फिर रूम से बाहर चली गई |       ईशान और इशा इस वक्त एक टक राज्ञा को देख रहे थे तभी इशा बोली,""_ भाई,क्या यह लड़की हमारी भाभी बनने वाली है ? "   इशान को भी यही लग रहा था तो वह बोला,""_ हो सकता है इशी,त्रिहांश भाई जिस तरह बात कर गए है उससे तो यही लग रहा है की यही हमारी भाभी बनेगी | "   इशा की चेहरे पर बड़ी सी स्माइल आई | वह बोली,""_ hmm यह तो बहुत क्यूट है भाई,बस यह अच्छी भी निकले | "   इशा लास्ट लाइन उदासी से अदा के तरफ देखते हुए बोली थी | वही इशान को भी समझ आ गया था | वह ज्यादा कुछ ना बोलते हुए इशा को ले कर बाहर चला गया | वही उनके पीछे ही आरव,दिया,विनोद ,अजय,और नितिन भी चले गए | वही अदा अभी भी वही खड़ी थी |     उसका खून जल रहा था | त्रिहांश के आस पास वह किसी लड़की को बरदाश्त नहीं कर सकती थी लेकिन यह राज्ञा पूरा त्रिहांश के रूम में ,उसके ही बेड पर लेट गई थी |       थोड़ी देर में त्रिहांश वाशरूम से बाहर आया | तो उसकी नज़र अदा पर गई | वह फिर राज्ञा को देखा | राज्ञा सोई हुई थी वह फिर अदा से थोड़ा गुस्से से बोला,""_ तुम जा रही हो या मैं गार्ड को बुलाऊं ? "  त्रिहांश.....? " अदा नम आंखों से त्रिहांश को देखते हुए उसका नाम लिया | वही त्रिहांश अपने दांत पीसते हुए बोला,""_Get lost...!!! "      अदा एक नजर राज्ञा को देखी फिर रोते हुए बाहर चली गई | वही त्रिहांश गुस्से से जा कर door close कर देता है |         वही बेड पर सोई हुई राज्ञा door की आवाज सुन अचानक से चौंकते हुए उठ गई | उसकी मुंह से हल्के से आह भी निकली थी |      "  अह्ह्ह्ह....!!! "   वही उसकी चिक सुन त्रिहांश मुड़ कर देखा | राज्ञा उठ कर अपना सर पकड़ी हुई थी | वह धीरे से अपने आस पास देखने लगी तो उसे दीवार पर लगाए हुए बड़े बड़े त्रिहांश की तस्वीर नजर आने लगे | वह फिर हैरानी से इधर उधर देखने लगी तो उसकी नज़र त्रिहांश पर गई | त्रिहांश अपने दोनो हाथ जेब में रख कर उसे ही घूरे जा रहा था |      राज्ञा डरते हुए बोली,""_ आ आप मुझे कहा ले आए है ? "    त्रिहांश धीरे धीरे उसके तरफ अपने कदम बढ़ाने लगा तो राज्ञा की सांसे अटक गए | वह बेड पर ही पीछे सरकते हुए बोली,""_ प्लीज़.... please मुझे यहा से जाने दे...please....!!! "      त्रिहांश उसके बेहद करीब आ कर उसके ऊपर झुकने लगा तो राज्ञा आगे कुछ भी कह ही नही पाई | वह बस अपने बड़े बड़े पलके बार बार झपकाते हुए त्रिहांश के चेहरा को देख रही थी जो उसके चेहरे के बेहद करीब था लेकिन गुस्से से भरा था |     वही त्रिहांश धीरे से अपने ठंडे हाथ को उसके गाल पर रखने को हुआ तो राज्ञा ने अपना चेहरा एक तरफ झुका कर रूंधली सी आवाज में बोली,""_ please.. मुझे मत छुओ... अअह्ह्ह्हह...!!! "     राज्ञा उसे छूने से मना करते हुए कह ही रही थी की त्रिहांश का हाथ अचानक से उसके चेहरे पर कस गया | उसे राज्ञा की बात बिलकुल पसंद नहीं आई थी |    वही राज्ञा रोते हुए उससे अपना चेहरा छुड़वाने की ना काम कोशिश कर रही थी तभी त्रिहांश गुस्से से बोला,""_ बार बार मुझे तुम्हे छूने से मत रोको राज्ञा, तुम्हारे बस में नही है मुझे रोकना ...!!! "     राज्ञा जोर जोर से रोते हुए छटपटाने लगी तो त्रिहांश का पकड़ और कस गया | वह अपने दांत पीसते हुए बोला,""_ तुम......!!! "     त्रिहांश अभी बोल ही रहा था की तभी रूम का door knock होने लगा तो त्रिहांश की नजर door के तरफ गई वह फिर गुस्से से पूछा ,""_ कोन है ..?    मै हु बच्चा..!! " बाहर से वेदिका ने कहा तो त्रिहांश का पकड़ राज्ञा के चेहरे पर ढीला पड़ गया | वह एक टक राज्ञा को देखते हुए अपने बालो में उंगली फिराते हुए बोला,""_ क्या है वेदु ? क्यों disturb कर रही हो ? "     राज्ञा रोते हुए कभी door को देखती तो कभी त्रिहांश को | त्रिहांश उसे ही घूर रहा था | तभी उधर से वेदिका बोली,""_ मैं उस लड़की के लिए खाना लाई हू त्रिहांश,बेचारी बहुत कमजोर लग रही है | "       वेदिका की बात सुन त्रिहांश राज्ञा से पूछा,""_ तुम्हे भूख लगी है ? "  राज्ञा रोते हुए बोली,""_ मुझे जाना .....| "    त्रिहांश का चेहरा सख्त हुआ | उसका गुस्सैल औरा देख कर राज्ञा भी आगे कुछ नही बोल पाई | वही त्रिहांश अपने दांत पीसते हुए उससे पूछा ,""_ भूख लगी है या नही ? "    राज्ञा थोड़ी देर सहम कर उसे ही किसी गुड़िया की तरह देखती रही | फिर अपना सर हां में हिलाई | त्रिहांश ने बिना कुछ कहे जा कर door को खोलने आगे गया लेकिन वह कुछ सोचते हुए राज्ञा के पास आ कर गुस्से से बोला,""_अगर मेरी वेदू के सामने रोना धोना स्टार्ट कर जाने की बात की ना....? "   बोलते हुए त्रिहांश बेहद कोल्ड लुक देते हुए उसे घूरने लगा तो राज्ञा सहम कर उससे थोड़ा पीछे हट गई | वही त्रिहांश खुद ही उसके आंसू पोंछ कर उसके हुलिया ठीक किया फिर उठ कर door खोलने गया |         Door खुलते ही वेदिका अंदर आई | राज्ञा उसे ही टिमटिमाते हुए देख रही थी | त्रिहांश के मुंह से वेदु सुन कर उसे ऐसा लग रहा था की वह कोई त्रिहांश की गर्लफ्रेंड या फ्रेंड होगी लेकिन यह तो मिडिल एज की औरत थी | राज्ञा फिर ना समझी में त्रिहांश को देखने लगी |      त्रिहांश उसे ही देख रहा था उसे राज्ञा का देखना अच्छे से समझ आ गया था लेकिन वह उसे कुछ भी बताना जरूरी नहीं समझता था |      वही वेदिका राज्ञा के बगल में बैठते हुए बोली,""_अब तुम्हारी तबियत कैसी है ? तुम अच्छा फील कर रही हो ना ? "     वेदिका का सवाल सुन कर राज्ञा त्रिहांश को देखने लगी | वह फिर अपने मन में बोली,""_ धम घुट रहा है | "      राज्ञा अपने ही मन में बडबडा रही थी की तभी वह वेदिका का एक हाथ अपने गाल पर महसूस हुई तो वह वेदिका को देखने लगी जो उसे ही प्यार से देख रही थी | वह बोली,""_ खाना खालों..तुम्हे दवाई भी तो लेना है | "       दवाई...? " राज्ञा ना समझी में उसे देख पूछी तो वेदिका त्रिहांश को देखने लगी | वही त्रिहांश राज्ञा के बगल में ही आ कर बैठते हुए बोला,""_ तुम्हे high fever है राज्ञा बस उसी के दवाई लेनी है तुम्हे | "      वेदिका ने एक नजर त्रिहांश को देखी फिर राज्ञा के सामने ट्रे रख कर बोली,""_ लो कुछ खा लो | "   राज्ञा सुबह से ले कर अब तक कुछ नहीं खाई थी तो उसे इस वक्त बहुत भूख लग रही थी | वह बिना झिझकते हुए प्लेट में से रोटी का टुकड़ा तोड़ने लगी | लेकिन राज्ञा के हाथ इस वक्त कांप रहे थे तो वह रोटी तक तोड़ नही पा रही थी |      वही त्रिहांश और वेदिका उसे ही देख रहे थे | वेदिका हैरानी से राज्ञा को देख रही थी लेकिन त्रिहांश को गुस्सा आ गया था | वह गुस्से से उसका बाजू पकड़ कर अपने तरफ खींचते हुए बोला,""_ तुम इतना कमज़ोर क्यों हुई ? तुम्हे अपना ......| "    त्रिहांश.....!!! " वेदिका आगे आ कर त्रिहांश का हाथ राज्ञा के हाथ से हटाते हुए थोड़ा गुस्से से बोली तो त्रिहांश ने राज्ञा का हाथ छोड़ा | वही राज्ञा का चेहरा रोनी जैसा हो गया था | उसके आंखों से आंसू गिर कर अपने गाल तक भी आ गए थे |    वही वेदिका उसके आंसू पोछते हुए बोली,""_ त्रिहांश ऐसे ही गुस्सैल है बेटा बुरा मत मानना , मैं तुम्हे खिला देती हु | "    वेदिका इतना बोला कर खाना खिलाने आगे अपना हाथ बढ़ाई तो राज्ञा उसे ही देखने लगी वह फिर अपना मुंह खोल देती है तो वेदिका ने उसे खाना खिलाने लगी |     वेदिका उसे प्यार से खिला रही थी जिसे देख राज्ञा को वानी याद तो आई थी लेकिन उसने कभी राज्ञा को इस तरह खाना खिलाया नही था | थोड़ी देर में वेदिका खाना खिला कर वेदिका त्रिहांश से बोली,""_ इसे दवाई खिला देना और मैंने गेस्ट रूम रेडी करवाया है त्रिहांश इसे रूम तक छोड़ आना ठीक है | "  त्रिहांश को वेदिका की बात मानने का मन नहीं था क्यों की उसे पूरी रात राज्ञा के बाहों में ही रहना था | वह बस हा में डर हिला दिया तो वेदिका वहा से चली गई | वही राज्ञा को त्रिहांश के पास रुकने से डर लग रहा था उसे तो यह भी समझ नही आ रहा था की त्रिहांश ने उसे यहां लाया क्यों ?     वह थोड़ा हिचकिचाते हुए उससे कुछ पूछने को हुई की तभी त्रिहांश ने उसे अपने बाहों में भर कर लेटते हुए बोला,""_ सुबह तक तुम्हारे मुंह से एक शब्द नही निकलना चाहिए राज्ञा वरना तुम्हे तो पता ही है त्रिहांश अग्निहोत्री क्या कर सकता है ? "    राज्ञा को धमकी देते हुए त्रिहांश एक दम से उसे अपने नीचे कर खुद ऊपर आ गया | फिर उसके कमर पर हाथ रख कर सहलाते हुए उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा कर किस करने लगा | राज्ञा की आंखे कसके बंद हो गए | वह उससे छुटने के लिए हिलने की कोशिश कर रही लेकिन त्रिहांश उसके ऊपर ही लेटा था जिससे उसका हिलाना बहुत मुश्किल हो रहा था |      त्रिहांश धीरे धीरे अपने होंठो को सरकाते हुए राज्ञा के चेहरे पर ले आया | राज्ञा सिहरते हुए उसे ही देख रही थी लेकिन उसके आंखे नम थे |      To be continued......Â