Chapter 6 of 59

chapter 6

Billionaire's Dark Desire2,743 words~14 min read

    अग्निहोत्री मेंशन......,  अदा इस वक्त गेस्ट रूम के पास खड़ी थी | उसकी नजरे कभी त्रिहांश के रूम के तरफ जाती तो कभी गेस्ट रूम के तरफ | वेदिका ने कहा था की ragya अब गेस्ट रूम में रहेगी लेकिन रात के ग्यारह बज गए थे त्रिहांश उसे गेस्ट रूम में भेजा ही नही था | जिस वजह से अदा गेस्ट रूम के पास आ कर चक्कर काट रही थी | बहुत देर बाद भी त्रिहांश और राज्ञ रूम से बाहर नहीं आए तो अदा बेचैनी से त्रिहांश के रूम के तरफ जाने लगी |     त्रिहांश का रूम.....,     त्रिहांश इस वक्त Ragya के ऊपर लेटा हुआ था | उसके हाथ और होंठ बिना रुके Ragya के चेहरे और बदन पर चल रही थी | जिससे Ragya का सिहरना तेज हो रहा था | Ragya के आंखे कसके भींच गए थे और उसके आंखों के कोने से आंसू भी बह रहे थे |     त्रिहांश को उसके रोने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था बस वह ragya को पूरी तरह फील करना चाहता था और उसे टच करना चाहता था वह बस वही किए जा रहा था | सुबह के चार बजे की आस पास त्रिहांश रुक कर ragya के सीने में ही अपना सर कर लेट गया |     Ragya एक टक सीलिंग को देख रही थी | वह एक दम से बेजान सी लेटी थी तभी त्रिहांश अपना सर ऊपर कर उसे देखने लगा तो Ragyaa बोली,""_आपका desire पूरा हुआ ना ? तो अब मैं जाऊ ? "       त्रिहांश के चेहरे पर कोई भाव नहीं था | वह ragya से अलग हो कर लेटते हुए सख्ती से बोला,""_ जा कर गेस्ट रूम में सो जाओ | "  "  मुझे यहा नही रहना .!!! " Ragya उठते हुए उससे बोली तो त्रिहांश अपनी ठीकी नजरे उसके चेहरे पर टिकाते हुए बोला,""_ तुम्हारे पास कोई ठिकाना तो हे नही तो क्यों नकरे दिखा रही हो ? "        राज्ञा थोड़ी देर चुप रही फिर वह बोली,""_मेरे पास क्या है क्या नही ,इसके बारे में आपका जानना बिलकुल जरूरी नही है | "        त्रिहांश Ragya को देखते हुए उसके कमर को पकड़ा फिर एक ही झटके में अपने ऊपर खींच कर बोला,""_ You are absolutely right राज्ञा, लेकिन एक बात अपने दिमाग में घुसालो की यह तुम्हारा जिस्म मुझे हर वक्त हर हाल में चाहिए और तुम इसका बिलकुल ख्याल नही रख रही हो तो .....? "    तो ....? " Ragya ना समझी में उसे देख पूछी तो त्रिहांश थोड़ा उसके चेहरे के करीब जा कर उसके निचले होंठो को अपने दांतों की बीच में ही फसाते हुए बोला,""_ hmmm तो अब तुम्हे मेरे साथ मेरे आस पास ही रहना होगा | "      Ragya के दोनो हाथ त्रिहांश के शर्ट में कस गए | वह छटपटाते हुए अपने होंठ छुड़वाते हुए बोली,""_ अह्ह्ह्हह, मै नही रह सकती यहां | "     Ragya की बात सुन त्रिहांश सक्ति से बोला ,""_ कोई और ऑप्शन नहीं है ragya | "    Ragya को त्रिहांश पर बहुत गुस्सा आ रहा था | वह थोड़ा चिल्लाते हुए बोली,""_ क्यों कर रहे है आप ऐसा ? दो साल पहले भी आप ....आआह्ह्ह | "    " जितना जुबान चलना है उतना ही चलाओ ragya,वरना ना तुम्हारे लिए ठीक होगा और नाही उस जान के लिए जिसमे तुम्हारी जान बस्ती है | " Ragya आगे कुछ भी कहती उससे पहले ही त्रिहांश गुस्से से उसका चेहरा कसके पकड़ कर दबाते हुए एक एक बात पर भी जोर देते हुए बोला |    वही त्रिहांश की लास्ट लाइन सुन कर Ragya की चेहरे पर डर का भाव नजर आने लगा था | वह रोते हुए उसे कुछ कहती तभी त्रिहांश बोला,""_ अब चुपचाप सो जाओ मुझे नींद आ रही है | "         त्रिहांश ragya का चेहरा अपने सीने में छुपा कर लेट गया | तभी Ragya उससे अलग होने छटपटाते हुए बोली,""_ गेस्ट रूम कहा है ? "    त्रिहांश Ragya को अपने नीचे लेटा कर देखने लगा | वही Ragya उसे ही देख रही थी | त्रिहांश फिर उसके गालों पर अपना होंठ सरकाते हुए उसे थोड़ी देर kiss किया फिर उसे अपने गोद में ले कर रूम से बाहर जाने लगा |       अदा वही डोर के पास ही खड़ी थी door खुलने की आवाज सुन कर वह वही चुप गई थी | वही त्रिहांश ragya को ले कर गेस्ट रूम में गया | फिर ragya को आराम से लेटा कर उसके बगल में ही लेट गया तो ragyaa हैरानी से उसे ही देखने लगी | वह बोली,""_ आ आप यहां क्यों लेट गए ? जाइए न यहा से ? "    त्रिहांश उसे अपने करीब खींच कर बोला,""_ नही ,मुझे अभी तुम्हारे बाहों में ही रहना है | "    Ragya हैरानी से त्रिहांश को देखती रही | वही त्रिहांश अपने आंखे बंद कर लेट चुका था | ragya की भी आंखे भारी होने को हुए थे तो वह त्रिहांश को देखते हुए कब सो गई उसे समझ ही नही आया |    वही अदा अब गेस्ट रूम के बाहर खड़ी थी | वह इस वक्त त्रिहांश का बाहर आने का wait कर रही थी लेकिन त्रिहांश बाहर आ ही नही रहा था | बहुत देर बाद भी जब त्रिहांश रूम से बाहर आता हुआ नजर नहीं आया तो अदा अपना पैर पटकते हुए अपने रूम के तरफ चली गई |            सुबह के 9 बजे की आस पास Ragya की आंख खुली | वह अंगड़ाई लेते हुए उठी | रूम में त्रिहांश नही था | वह आस पास देखी फिर उठ कर पूरे रूम को देखने लगी | पूरे रूम लग्जरी चीजों से भरे थे | जो बेहद आलीशान और आरामदायक था |      Ragya फिर विंडो के पास जाने लगी तो रूम का door खुला | Ragya मुड़ कर देखी , त्रिहांश ही फोन में कुछ करते हुए अंदर आ रहा था |      Ragya बोली,""_ मुझे कब तक यहां रहना है ? "  त्रिहांश अपना सर ऊपर कर ragya को देखा | फिर अपना फोन बेड पर फेंकते हुए बोला,""_ hmmm जब तक मैं चाहता हु | "      बोलते हुए त्रिहांश Ragya के पास गया | वही Ragya अपने कदम पीछे लेते ही जा रही थी | तभी वह बोली,"" _और आप कब तक मुझे चाहने वाले है ? "      त्रिहांश Ragya के करीब जाते हुए उसके कमर पर हाथ रखा फिर उसे अपने आप से चिपकाते हुए धीमी आवाज में बोला,""_ जब मेरा मन भर जाएगा तब तुम्हे मैं खुद छोड़ दुंगा | "   Ragya अपने आंखे टिमटिमाते हुए उसे देख रही थी | तभी त्रिहांश बेहद सेंशुआली उसके कमर को सहलाते हुए अपने होंठ उसके गाल पर ले जाते हुए अपने बात जारी रखते हुए बोला,""_ वही छोड़ कर आऊंगा जहा तुम थी | "    Ragya की चेहरे पर दर्द भरी मुस्कान बिखर गया | उसने उसे आगे कुछ नही पूछा | वही त्रिहांश उसके चेहरे पर बनती बिगड़ती एक्सप्रेशन देखते हुए उसके पूरे बदन को सहलाते हुए उसे kiss कर रहा था | Ragya चुप चाप खड़ी थी |     तभी त्रिहांश का फोन रिंग होने लगा | Ragya ने एक नजर फोन को देखा फिर त्रिहांश को | वही त्रिहांश उससे अलग हो कर अपना फोन ले कर बालकनी में चला गया | Ragya बस उसे जाता हुआ देख रही थी | वह फिर बाथरूम चली गई |        थोड़ी देर बाद वह रूम में आई तो उसकी नज़र अदा पर गई जो रूम में गुस्से से इधर उधर टहल रही थी | Ragya को कुछ समझ नही आया | वह धीरे से उसके पास जाने को हुई तो अदा उसके तरफ मुड़ कर देखी |    अदा ज्यादा गुस्से में थी | वह Ragya से कुछ कहने आगे बढ़ने को हुई की तभी रूम का door खुला | Ragya और अदा उस तरफ देखने लगे | रूम में वेदिका ही अंदर आ रही थी | वेदिका अदा को सवालिया नज़रों से देखते हुए Ragya को देखी |       Ragya को समझ नही आ रहा था की वह उन दोनो से क्या बात करे ? वह एक नजर बालकनी की तरफ देखी , त्रिहांश अभी भी फोन पर किसी से बात कर रहा था |       वेदिका बोली,""_ अब तुम्हारी तबियत कैसी है बेटा ? "   Ragya ने बस हा में सर हिलाया | वही वेदिका अदा से पूछी,""_और तुम यहां क्या कर रही हो ? "   अदा एक नजर Ragya को देखी फिर वह वेदिका से बोली,""_ मुझे इस लड़की से....? "    " Ragya... राज्ञा नाम है मेरा | " अदा को इस तरह लड़की नाम से बात करता देख Ragya बोली तो अदा और वेदिका उसे ही देखने लगे |      वही अदा बोली,""_ मुझे तुम्हारे नाम जानने में कोई इंटरेस्ट नहीं है लड़की मैं बस तुमसे कुछ बात करने आई थी | "    " जिन लोगो को मेरे नाम तक जानना पसंद नहीं मुझे भी उनसे बात करने में कोई इंटरेस्ट नहीं मिस..!!! "  अदा को उसी लहजे में जवाब देते हुए राज्ञा बोली तो अदा की दांत भींच गए |     वैसे राज्ञा को बिलकुल नहीं पता था की अदा कोन है ? त्रिहांश को और इस घर की क्या लगती है ? यह भी नही पता था | बात सिर्फ इतना था की अदा उससे बिलकुल एटीट्यूड से बात कर रही थी जो राज्ञा को पसंद नहीं आई तो वह उसी के लहजे में जवाब दे रही थी |    वेदिका राज्ञा को ही देख रही थी उसे नही लगा था की राज्ञा अदा को इस तरह जवाब भी दे सकती है | वही अदा गुस्से से बोली,""_ you.....!!! "   " क्या हो रहा है यहा ? " अदा ने अपनी बात पूरा भी नही किया था की तभी उन तीनो को त्रिहांश की आवाज सुनाई दी | तो सब मुड़ कर त्रिहांश को देखने लगे |    त्रिहांश की नजर राज्ञा पर ही था | अदा बोली,""_ बड़ी बदतमीज लड़की को उठा कर ले आए हो तुम,इसे तो बात करने की बिलकुल तमीज़ नही त्रिहांश| "     अदा बोलते हुए त्रिहांश के पास गई | त्रिहांश ने उसे कुछ नही कहा ,वह बस राज्ञा के पास गया | वही वेदिका कभी अदा को देखती तो कभी त्रिहांश को,दोनो ही राज्ञा को बड़े ही अजीब नजरो से देख रहे थे | वेदिका को समझ नही आ रहा था की त्रिहांश ने अदा की बात मानी या नही ? वह जल्दी से त्रिहांश से बोली,""_ त्रिहांश आज बाउजी ने ....!!!"   " मुझे पता है वेदु..!!! " वेदिका की बात को बीच में ही रोक कर त्रिहांश कहता है तो वेदिका उसे ही लाचारी में देखने लगी | वही त्रिहांश को अच्छे से पता था की उसकी मां उसे कहने क्या जा रही है ? इसीलिए उसने उसे कहने ही नही दिया |      त्रिहांश फिर राज्ञा को ऊपर से नीचे तक देखते हुए बोला,""_ hmm, तुम्हारा बैग तो मैंने कल अपने साथ लाया ही नही ,तुम थोड़ी देर wait करो तुम्हारे जरूरत के सारे चीज़े आ जायेंगे | "   त्रिहांश इतना बोल कर बाहर जाने को हुआ की वह रुक कर अदा को देखा | जो राज्ञा को देख रही थी | वह फिर उसे कुछ कहने को हुआ तो वेदिका उसे रोक कर अदा को ले कर रूम से बाहर चली गई | वह नही चाहती थी की त्रिहांश अदा के वजह से ज्यादा स्ट्रेस या टेंशन में आए |     वही त्रिहांश वहा से जाने को हुआ तो राज्ञा बोली,""_आ आप मुझे..... | "      त्रिहांश ना समझी में राज्ञा को देखने लगा | राज्ञा ने अपनी बात पूरा ही नही किया था | वह बोला,""_ क्या कहा तुमने ..? "   राज्ञा उससे बोली,""_ जी वह मैं यह कहना चाह रही थी की मै मतलब आप मुझे कही आने जाने से रोक टोक तो नही लगाएंगे न ? "     त्रिहांश उसे ही सवालिया नज़रों से देख रहा था | वह पूछा,""_ कहा जाना है तुम्हे ? "   " आपको क्यों जानना है ? "  राज्ञा ने सवाल किया तो त्रिहांश उसे घूर कर देखने लगा | वह बोला,""_ कही नही जा रही हो तुम ? "  क्यों..? " राज्ञा ने सवाल किया तो त्रिहांश की दांत भींच गए | वही राज्ञा बोली,""_ आप मेरे साथ ऐसा क्यों.....!!!"     राज्ञा बोल ही रही थी की त्रिहांश गुस्से से अपना फोन गुस्से से नीचे फेंक देता है तो राज्ञा की आंखे नम हो गए | उसे समझ ही नही आ रहा था की उसके साथ क्या हो रहा है ? एक तो उसके घरवाले उसे घर से बेदखल किए और यह त्रिहांश उसे चैन की सांस तक लेने नही दे रहा था | वह करे तो क्या करे ?       राज्ञा डरते हुए त्रिहांश को देखी | त्रिहांश गुस्से से उसे ही घूरे जा रहा था | राज्ञा बिना कुछ कहे अपने कदम पीछे लेते हुए बालकनी में चली गई |      वही उसके जाते ही त्रिहांश की आंखे कसके बंद हुए | वह एक गहरी सांस लेते हुए अपना फोन को देखा जो चूर हो कर फर्श पर गिरा था |      वह फिर रूम से बाहर चला गया |     उसके जाते हुए दो तीन सर्वेंट्स आ कर रूम में राज्ञा की सारे जरूरत की चीज़े रख कर चले गए | हाल में ....   अजय एक टक विनोद को घूरे जा रहा था | जो इस वक्त न्यूज पेपर पढ़ रहा था | वह बोला ,""_ मैं उस लड़की को कभी अपनी बहु नही मानूंगा बाऊजी...!!! "      अजय की बात सुन विनोद न्यूज पेपर नीचे रख कर बोला,""_ तुम पागल हो गए हो ? त्रिहांश ने कब कहा की वह उस लड़की से शादी करने वाला है ? होगी कोई दोस्त कुछ दिन रह कर चली जाएगी इसमें इतना सोचने वाली क्या बात है ? "   विनोद को इतना बेफिक्री से बात करता देख अजय थोड़ी देर उसे देखा फिर वह भी खुद को शांत करते हुए उठ कर डाइनिंग टेबल के तरफ गया |   Ragya का रूम .....,      राज्ञा रूम में आ कर चुपचाप बैठी थी | फिर वह कुछ सोचते हुए उठ कर रूम से बाहर चली गई | डाइनिंग टेबल पर इस वक्त अजय,आरव ,विनोद,वेदिका ,दिया,इशान ,इशा सब नाश्ता करने बैठे थे | Ragya ने एक नजर सबको देखा फिर रूम में चली गई |    Ragya रूम में इधर उधर घुमते हुए अपने मन में बोली,""_ मुझे राशु से बात करना होगा ....?? "    Ragya फिर से रूम से बाहर जाने को हुई की तभी वहा एक फीमेल सर्वेंट अंदर आ कर बोली,""_ ma'am,वेदिका ma'am आपको नाश्ता के लिए बुला रही है | "    Ragya थोड़ी देर उस औरत को देखी फिर थोड़ा request करते हुए बोली,""_ क्या आ आप थोड़ी देर अपना फोन दे सकती है बस एक कॉल करना है ? "         उस फीमेल सर्वेंट ने अपना फोन दे कर बाहर जाने को मुड़ी तो वह अपने जगह में जम गई | सामने त्रिहांश गुस्से से खड़ा था | Ragya का ध्यान तो नंबर डायल करने में था तो वही फीमेल सर्वेंट की सांसे अटक गई थी | उसे ऐसा लग रहा था की त्रिहांश उसके वजह से गुस्से में आया हो | वह बोली,""_ बॉस...वह ma'am ने.....!!!"     उस फीमेल सर्वेंट को इतना अटकते हुए बात करता देख Ragya का भी नजर त्रिहांश पर गई थी | वह कुछ बोलने को हुई की तभी त्रिहांश उसके हाथ में से सर्वेंट का फोन ले कर वापस सर्वेंट को देते हुए बोला ,""_ Go....!! "  त्रिहांश फिर Ragya को देखने लगा जिसका चेहरा रोनी जैसा हो गया था | वह फिर बिना कुछ कहे रूम में जाने को हुई की त्रिहांश ने उसे खींच कर अपने आप से चिपकाया फिर उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा कर उसे बिना रुके चूमने लगा |   To be continued  Â

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