Chapter 45: chapter 45

Billionaire's Dark DesireWords: 29711

अब आगे .......     त्रिहांश का हाथ पकड़ कर राज्ञा कार से बाहर आई | त्रिहांश की नजर उस पर ही था लेकिन राज्ञा की नजर अभी भी हवेली से हट नही रहा था |        त्रिहांश उसके चेहरे को अपने तरफ घुमाते हुए बेहद सख्ती से बोला,""_ मेरे अलावा तुम्हे किसी पर भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नही है समझी ? "     राज्ञा त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश का चेहरा अजीब सी बेचैनी भरी गुस्से भरा था | राज्ञा की होंठ मुड़ गए | वह नज़ाकत से अपने दोनो बाहें त्रिहांश के गले में लपेटते हुए बोली,""_ आप jealous feel कर रहे है ? वह भी इस पूराने हवेली के लिए ? "   त्रिहांश का जबड़ा सख्त हुआ | वह गुस्से से उसे कमर से पकड़ कर अपने आपसे चिपकाते हुए बोला ,""_ हां तो...? "     राज्ञा की चेहरे पर बेहद खरिलाना मुस्कान बिखर गया | वह त्रिहांश के चेहरे पर अपने उंगलियां फिराते हुए बोली,""_ i like it त्रिहांश and I love you | "       बोलते हुए राज्ञा ने उसके होंठो पर अपना होंठ रख दिया | त्रिहांश बेचैनी से पहले ही अंदर ही अंदर तड़प रहा था | जैसे ही राज्ञा के होंठ उसे अपने होंठो पर मेहसूस हुई त्रिहांश राज्ञा की होंठो को अपने होंठो के गिरफ्त में ले लिया |       राज्ञा अपने आंखे बंद कर बस उसे किस करते हुए खुद को उसमे खोने लगी | वही त्रिहांश के हाथ राज्ञा के कमर में इधर से उधर सरकते हुए सहला रहे थे | त्रिहांश बेहद डेस्परेट हो कर किस कर रहा था |    हाल में ....       धीरांश की बात सुन कर माया की हाथो की मुट्ठी बन गई थी | वह कभी नही चाहती थी की त्रिहांश राज्ञा से शादी करे ? वैसे माया यह भी जानती थी कि राज्ञा से शादी करना त्रिहांश का कोई इरादा नही था तो ऐसे में त्रिहांश राज्ञा से शादी क्यों किया ? इसका जवाब उसे अभी तक नही मिला था |          धीरांश बिना भाव के बस माया को देख रहा था | माया बिना कुछ कहे गुस्से से बाहर चली गई और उसके पीछे सुधर्व भी चला गया |      कार के पास .....त्रिहांश कार को टिक कर राज्ञा को देख रहा था | जो उसके गालों को सहलाते हुए उसे किस कर रही थी | त्रिहांश को अभी तक समझ नही आ रहा था की राज्ञा कब उससे इतना प्यार करने लगी ? उसने हमेशा उसे दर्द दिया था और राज्ञा को अच्छे से पता था कि त्रिहांश उसे नही उसका जिस्म चाहता है | तो फिर राज्ञा उससे इतना प्यार कब कर बैठी ?      त्रिहांश यही सब सोचते हुए राज्ञा को अपने आपसे चिपकाने लगा था | लेकिन अचानक से उसकी आंखो में चमक आ गई ,और उसके होंठ मुड़ गए थे |     त्रिहांश की नजर door के पास खड़ी माया पर गया था | माया के पीछे ही सुधर्व खड़ा था और वह दोनो ही राज्ञा और सुधर्व को गुस्से से घूरे जा रहे थे |   वही राज्ञा अभी भी त्रिहांश को ही भर कर चूमने में बिजी थी लेकिन कुछ ही देर में राज्ञा की सांस फूलने लगे, वह जल्दी से त्रिहांश के होठों को छोड़कर जोर-जोर से हाफ्ते में उससे लिपट गई | वह लड़की त्रिहांश के बाहों में बेहद खुश नजर आ रही थी |     धीरांश भी अब तक बाहर आ गया | त्रिहांश, राज्ञा पीठ सहलाते हुए उसे ही देख रहा था लेकिन आस पास क्या हो रहा है ? कोन उन्हे देख रहा है ? सबका खबर उसे अच्छे से था |       थोड़ी देर में राज्ञा अपना सर ऊपर कर त्रिहांश को देखी,त्रिहांश की नजर तो उस पर ही टिकी थी | वह फिर आस पास देखने को मुड़ी की तभी उसकी नजर माया और सुधर्व पर गई |    वह दोनो उन्हे गुस्से से घूर रहे थे | यह देख राज्ञा की हाथ त्रिहांश के हाथ में कस गया | वह मुड़ कर त्रिहांश को देख कुछ कहती,तभी त्रिहांश बोला,""_ तुम्हे मेरे अलावा किसी से डरने की जरूरत नही है,सिर्फ मैं.. मेरे अलावा कोई नही | "   राज्ञा एक टक त्रिहांश को देखने लगी थी | वह फिर अपना सर हा में हिलाते हुए बोली,""_ मुझमें अब आप ही बस गए है त्रिहांश....मौत भी आ जाए बस आपके बाहों में ही......| ""  बकवास बंद करोगी तुम ? " त्रिहांश कसके राज्ञा को अपने करीब खींच कर गुस्से से दांत पीसते हुए बोला | राज्ञा का चेहरा छोटू सा बन गया | वह त्रिहांश के गाल पिंच करते हुए पूछी,""_ आपको मैं और मेरी बाते बकवास क्यों लगते है त्रिहांश ? It's love....pure love , जिस्म का नही रूह का प्यार | "       राज्ञा की लास्ट लाइन सुन त्रिहांश के चेहरे के हाव भाव बदल गए और उसका पकड़ भी राज्ञा के बाहों में कस रहा था, उसे ऐसा लग रहा था की राज्ञा उसे ताना मार रही थी | वही राज्ञा दर्द से करहाते हुए अपने आंखे बंद की,फिर धीरे से अपने आंखे खोल कर त्रिहांश के होंठो के करीब बढ़ कर उसे चूमते हुए बोली,""_ मैने अपना बोला है त्रिहांश, जरूरी नही है की आप भी मुझसे वैसा ही प्यार करे ? आपका केयर करना,गुस्सा करना और प्यार करना भले ही जिस्म का ही है बस प्यार ही तो है ....!! आपको जिस्म से मतलब है मुझे रूह से ..दोनो एक दूसरे से जुदा नहीं है त्रिहांश,जिस्म के बिना रूह नही और रूह के बिना जिस्म नही...| "     राज्ञा की बात सुन त्रिहांश थोड़ा शांत हुआ लेकिन उसे गुस्सा अभी भी आ रहा था | वही राज्ञा उसके पकड़ से अपने बाजू को छुड़वा कर उसके दोनो हाथो में अपना हाथ उलझाते हुए बोली,""_ मेरे अलावा आपने किसी को चाहा नही ,मेरे अलावा किसी के लिए तड़पा नही ,आज तक किसी के करीब ना गए और नाही किसी को करीब आने दिया,यह प्यार नही तो क्या है त्रिहांश ? आपका यह pure love ही मुझे आपसे प्यार करने पर मजबूर किया ,मुझे आपसे इसीलिए बेइंतहा मोहब्बत है त्रिहांश,और अब अखरी सांस तक रहेगा |           राज्ञा की एक एक बात त्रिहांश के दिल को ना जाने क्यों बेहद ठंडक पहुंचा रहा था | रात भर वह बेचैनी से राज्ञा का बाहों में होते हुए भी तड़पा था | उसे एक पल के लिए सुकून नहीं मिला था लेकिन उस लड़की यह बाते उसके दिल को हिला कर रख दिया था |       वही राज्ञा की आंखे नम हो गए थे | त्रिहांश के आंखे छोटी हो गई | वह गुस्से से कुछ कहता तभी राज्ञा रूंधली सी आवाज में बोली,""_ थैंक यू आपने मुझ पर ट्रस्ट किया ....आपके अलावा कोई और होता और उस unknown number से आए हुए फोटोज को देखता ,तो मुझ पर शक करते हुए मेरे वजूद पर दाग लगाता,मुझे घर से बेदखल करता जैसे मिस्टर गौतम ने किया था | "    बोलते हुए राज्ञा की आंखो से आंसू बहने लगे | वही त्रिहांश उसे अपने बाहों में जकड़ते हुए बोला,""_ जब तुम ऐसे रोने लगती हो न राज्ञा... मु..मुझे इरोटेशन होने लगती है | "     त्रिहांश का चिढ़ भरी बाते सुन राज्ञा हल्के से हंसते हुए अपने आंसू पोछने लगी | वही त्रिहांश खुद ही उसके आंसू पोछते हुए बोला,""_ चले ? "   राज्ञा ने हा में सर हिलाया | वही त्रिहांश उसे ले कर अंदर जाने लगा | माया और सुधर्व उन दोनो को ही देख रहे थे और उन दोनो ने राज्ञा की सारे बाते भी सुन लिया था | वह दोनो हैरान थे क्यों की उन्हे लगा था की राज्ञा को त्रिहांश अपने प्यार के जाल में फसा कर उसके जिस्म से खिलवाड़ कर रहा है | और राज्ञा इस बात से अंजान है | लेकिन उन्हे अभी अभी राज्ञा की बातो से पता चला की राज्ञा इस बात से अंजान नही है| वह दोनो हैरानी से राज्ञा को देखने लगे | राज्ञा उन्हे चोर नज़रों से देख रही थी | क्यों की वह दोनो उसे थोड़ी देर पहले गुस्से से देख रहे थे तो राज्ञा को उन्हे देखने का हिम्मत नही हो रहा था |     त्रिहांश के चेहरे पर बेहद घमंड भरा स्माइल था | वह राज्ञा को अपने करीब चिपकाते हुए माया को देख आईविंक करते हुए अंदर चला गया |     उर्मी का रूम....    उर्मी उदास हो कर विंडो के पास खड़ी थी | वही अर्यांश लाचारी में एक टक उर्मी को देख रहा था |    वह उसके करीब जा कर उसे पीछे से अपने बाहों में भरने को हुआ की तभी उर्मी उसे रोकते हुए बोली,""_ मुझे भूल जाओ आर्यंश |     आर्यांश की आइब्रोज सिकुड़ गए | वह गुस्से से उर्मी को अपने तरफ घुमा कर घूरने लगा | की तभी उर्मी बोली,""_ आपकी mom मुझे पसंद नही करती है अर्यांश,वह हमारे रिश्ते को कभी अपनाएंगे नही,इसीलिए हमे एक दूसरे को भूलना ही सही है  | "     उर्मी की बात सुन आर्यंश को गुस्सा आ रहा था | वह गुस्से की थूक निंगलतें हुए उसे कुछ कहता उससे पहले ही उर्मी ने उसका कालर पकड़ कर अपने तरफ खींचते हुए गुस्से से बोली,""_सोचना भी मत अर्यांश की मैं तुम्हे ऐसा ही कुछ बोलूंगी ? अगर अपके घरवाले या मेरे घरवाले हमारी शादी कराने जरा भी नकरे दिखाने को हुए तो हम सीधे भाग कर शादी करेंगे ठीक है ? "   उर्मी की धमकी भरी बात सुन आर्यांश को उस पर बहुत प्यार आ रहा था | वह उसे घुमाते हुए अपने करीब खींच कर उर्मी को पीछे से अपने बाहों में भरते हुए बोला ,""_ yes my lord.... और कोई फरमाइश? "    उर्मी छोटू सा चेहरे बना कर देखने लगी | वही अर्यांश उकसा कंधे पर किस करते हुए उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपाया |      आर्यांश का ऐसा करते ही उर्मी की पेट में अजीब सी तितलियां उड़ने लगे | वही अर्यांश उर्मी के कमर को सहलाते हुए उसके इयरलोब को हल्के से काटते हुए किस करने लगा | उर्मी इधर से उधर मचलते हुए आहे भर रही थी |      शर्म से उसके पलके झुके थे | और आर्यांश की वजह से उसकी धडकने तेज हो गया था जिससे उसका सीना थोड़ा ऊपर नीचे होते हुए आर्यंश के सीने से टकरा रही थी |     आर्यांश धीरे से उसके कमर को सहलाते हुए अपने हाथ को उर्मी के सीने तक ले जाता उर्मी उसे खुद से दूर धकेलते हुए बोली,""_ आह अंश, इससे आगे आप शादी के बाद करेंगे अभी नही | "   बोलते हुए उर्मी रूम से भाग गई | वही आर्यांश पूरी तरह seduced हो गया था | वह अपने बालो में उंगलियां फिराते हुए खुद से बड़बड़ाया,""_ इस लड़की को बस मुझे सताना होता है |    अर्यांश बोलते हुए बाहर अपने रूम के तरफ चला गया ,ताकि अपने अंदर उठी हुई तूफान को शांत कर सके |    अहिरा का रूम ....     इशान अपने थीकी नजरे अहीरा पर टिका कर उसे बेहद गुस्से से घूर रहा था | अहीरा उसे पूरी तरह इग्नोर कर जो आई थी |      अहीरा अपने earings उतारते हुए टेढ़ी नजरों से इशान को देख रही थी | वह बोली,""_ इस तरह आ आप मेरे रूम में क्यों घुस गए ? जाइए मुझे रेस्ट करना है | "       अहीरा की बात को इग्नोर कर ईशान अहीरा के करीब गया | वही इशान को करीब आता देख अहीरा अंदर ही अंदर बड़ा खुश हो रही थी | लेकिन चेहरे पर वह जाहिर नही कर रही थी |         अहीरा थोड़ा गुस्से से इशान को देख बोली,""_ मेरे करीब आने की कोई जरूरत नही है आपको ,जो भी कहना है वही रुक कर कहो | "       अहीरा की गुस्से भरी बात को इशान पूरी तरह इग्नोर कर उसे अपने करीब खींच कर धीरे से पूछा,""_ लगता है जंगली बिल्ली ज्यादा ही गुस्से में है ? उम्मम्म्म | "     बोलते हुए इशान ने अहीरा के इयरलोब को चूम लिया | अहीरा की दोनो हाथ इशान के शर्ट को अपने मुट्ठी में भरे ,और वह धीरे से आह भरते हुए उसके पकड़ से छुटने की कोशिश करने लगी | वह इशान से गुस्सा थी और वह जल्दी मानना नही चाहती थी |    अहीरा ने इस वक्त एक हल्का रेड कलर कर क्रॉप टॉप पहना था जिससे उसका खुला कमर इशान को बेहद आकर्षक कर रहा था | इशान के उंगलियां तो बेहद सेंशुअली उधर ही सरक रहे थे |       आह "" आही आह भरते हुए इशान को देखी,इशान की आंखो में बेहद नशा सा छा गया था | वह झुक कर उसके टुडी पर अपना होंठ चलाते हुए उसे अपने आपसे चिपकाने को हुआ की तभी अहीरा ने उसे जोर से दूर ढकलेते हुए बेड के पास गई | इशान की हरकत से अहीरा की धडकने जायदा ही तेज हो गए थे |     वही इशान अपने शर्ट के दो तीन बटन खोलते हुए अहीरा के पास गया | फिर धीरे से आहिर के गर्दन के तरफ झुकने लगा | अहीरा अपनी बड़ी हुई सांसे को नॉर्मल कर रही थी | लेकिन तभी उसे इशान की गरम सांसे अपने गर्दन पर मेहसूस हुए और वह झट से मुड़ कर देखी |    इशान के दोनो हाथ धीरे से आहिर के कमर में लपेट गए और उसे अपने करीब खींचते हुए अपने बेहद करीब लाया | अहीरा हैरानी से उसे ही देख रही थी | इशान की होंठ अहीरा के होंठो के तरफ बढ़ रहे थे लेकिन अहीरा ने उसके होंठो पर अपना हाथ रख कर गुस्से से बोली,""_ आप अब हटिए, मैं बहुत नाराज़ हु आपसे तो मुझे छूने की कोशिश मत करिएगा | "   बोलते हुए अहिरा गुस्से से उसे खुद से दूर धखलेने को हुई लेकिन इशान जरा भी हिला नही | अहिरा फिर इशान को देखी,इशान उसे ही बेहद नशे से देख रहा था |         अहीरा का चेहरा रोनी जैसा हो गया और रूंधली सी आवाज में बोली,""_ कल से मैं आपसे बात करने मरे जा रही थी लेकिन आप... आपने मेरा कॉल तक पिक करना जरूरी नही समझे,जाइए आप मुझसे बात मत करिए | "    अहीरा के आंखे नम हो गए थे | और उसे रोता देख इशान का पकड़ उसके कमर में कस रहा था | वही आहिर बोली,""_ मुझे समझ आ गया है इशान,आपके लिए मेरी कोई इंपोर्टेंस ही नही है ,तो ठीक है मै भी आपसे दूर ही .... अह्ह्ह्ह्ह्ह | "    इशान ने जोर से उसका कमर दबा दिया | उसकी लास्ट लाइन इशान को बिलकुल अच्छा नही लगा था | वही अहीरा का चेहरा गुस्से से भर गया था | वह उसके सीने पर मारते हुए बोली,""_ आप बहुत बदतमीज है इशान ...छोड़िए मुझे..|   अहीरा के आंखो से आंसू बहने लगे थे | यह देख इशान ने उसे छोड़ दिया | अहीरा उसे पीछे के तरफ धखेलते हुए बोली,""_ बहुत बुरे है जाइए यहां से ...!! "  इशान अपने कदम पीछे ले रहा था | वही अहीरा उसे पीछे के तरफ धक्का दे रही थी | फिर वह रुक कर इशान को घूर कर देखने लगी | उसका चेहरा लाल भी हुआ और थोड़ा फूला भी गया था |   इशान उसे ही देख रहा था | उसने एक ही झटके में अहीरा को दीवार को सटा कर उसके इर्द गिर्द अपने हाथ रखते हुए बोला ,""_ निकल लिया न भड़ास....? "   अहीरा की आंखे छोटी हो गई | वही इशान उसके कंधे पर अपना सर रख कर उसकी खुशबू को सूंघते हुए धीरे से आहिर का नाम लिया ,""_ आही.....| "  इशान ने बेहद सेडक्टिव टोन में आहिर का नाम सुना था जिसे सुन अहीरा की रीढ में सिहरन सा दौड़ गया था | वही इशान का एक हाथ अहीरा के कमर को सहला रहा था | इशान अपना चेहरा ऊपर कर अहीरा को देखा,अहीरा अपने निचले होंठ चबाते हुए उसे ही देख रही थी लेकिन उसके मुंह से आहे निकल रहे थे |        इशान के होंठ मुड़ गए | वह धीरे से उसके होंठो को अपने दांतों के बीच दबाते हुए जोर से किस किया फिर उससे अलग हो कर आहिर के माथे पर किस कर रूम से बाहर चला गया | अहीरा बस door के तरफ ही देखने लगी उसे समझ नही आ रहा था इशान क्या है ? प्यार भी करता है और नजरंदाज भी ?    अहीरा को उसने पूरी तरह कन्फ्यूज कर दिया था | वह फिर फ्रेश होने वाशरूम चला गया |    हाल में ......,       हाल में इस वक्त वेदिका ,आरव,अजय,विनोद,इशा और धीरांश एक टक सामने देख रहे थे | सामने त्रिहांश राज्ञा को ले कर अंदर आ रहा था |   क्या होगा आगे इस कहानी में ? जानने के लिए पढ़ते रहिए Â