Chapter 24: chapter 24

Billionaire's Dark DesireWords: 33940

  शाम का वक्त....   त्रिहांश राज्ञा को अपने बाहों में लिए खड़ा था | राज्ञा बस लाचारी में त्रिहांश को देख रही थी | वही त्रिहांश उसके लटो के साथ खेल रहा था | वह बेहद calm नजर आ रहा था लेकिन उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था जिसमे कही न कही राज्ञा भी शामिल थी |     करीब दस मिनट बाद त्रिहांश का फोन रिंग होने लगा | उसने एक नजर फोन को देखा फिर राज्ञा से अलग हो कर बिना कुछ कहे रूम से बाहर चला गया |         राज्ञा बस उसे जाता हुआ देख रही थी | लेकिन उसे बार बार सुधर्व याद आ रहा था , सुधर्व का उसे पुकारना,प्यार भरी नजरो से उसे देखना ,राज्ञा को सब याद आने लगा था | राज्ञा को बिलकुल समझ नही आया था की हाल में कुछ देर पहले हुआ क्या था ?   राज्ञा त्रिहांश से पूछा भी था लेकिन वह आदमी उसे कभी कुछ भी बताना जरूरी ही नही समझता था तो वह क्या ही पूछती ?      राज्ञा थोड़ी देर सुधर्व के बारे में सोची ,फिर जल्दी से क्लोसेट रूम में जा कर चेंज कर बाहर आई |फिर अपने बाल बनाई,और बाहर जाने के लिए सोचने लगी | उसे पता था की सारे घरवाले इस शादी के खिलाफ है, लेकिन उसे उन लोगो को फेस करना ही था | तो वह थोड़ा हिम्मत जुटाते हुए बाहर चली गई |    हाल में इस वक्त अजय,विनोद और आरव सोफे पर बैठ कर कुछ सोच रहे थे, तभी उनकी नजर त्रिहांश पर गई | जो किसी से बात करते हुए बाहर जा रहा था |     वेदिका और दिया भी वही खड़े थे, लेकिन उनकी नजर राज्ञा पर गई थी | जो अभी अभी रूम से बाहर निकली थी | उसकी गुंगरू से भरी हुई पायल की शोर ही उस सन्नाटा से भरी हुई माहोल में खलल डाल रही थी |            त्रिहांश के जाते ही अजय,विनोद और आरव भी राज्ञा के तरफ देखने लगे | राज्ञा को उन सबका देखना अजीब लग रहा था और वैसे भी इशा,उर्मी और इशान अभी तक घर नही आए थे ,तो उसे वापस अपने रूम में जाना ही सही लगा | वह वापस जाने मुड़ी की तभी वेदिका उसके पास आ कर उसे ले कर अपने रूम में चली गई |    दूसरी तरफ....    राठौड़ निवास ....    माया गुस्से से हाल में इधर उधर टहल रही थी | उसके चेहरे पर गुस्सा भी था और बेचैनी से भरी हुई डर भी था | उसका यह डर राज्ञा के लिए था तो वही उसका गुस्सा उन लोगो के लिए था जो राज्ञा को त्रिहांश तक पहुंचाया था |       वही सुधर्व किसी को कॉल करने का try कर रहा था लेकिन उधर से कोई कॉल पीक नही कर रहा था जिससे उसका चेहरा और गुस्से से भर गया था |      तभी वहा उसका असिस्टेंट आया तो माया उसके पास जा कर बोली,""_ कहा है वह लोग ? उनके बारे में कुछ पता चला ? "     वह असिस्टेंट बोला ,""_ वह तीनों मुंबई से रायगढ़ चले गए है | "  माया की हाथो की मुट्ठी बन गई | वह गुस्से से अपना फोन निकाल कर किसी को कॉल करने लगी ,तभी उधर से एक औरत ने कॉल पीक किया |    माया गुस्से से बोली,""_ वाणी......? "     माया ने बस वाणी का नाम लिया ही था, की उधर से कॉल कट हो गया | यह देख माया फोन के स्क्रीन को घूरने लगी | वह फिर से ट्राई करने लगी लेकिन उधर से फोन ऑफ हो चुका था |       माया फिर गुस्से से अपने असिस्टेंट से बोली,""_ खुराना फैमिली जहा भी है उन्हे अगले 24 घंटे में अपने कब्जे में ले लो "       खुराना फैमिली ...यह वही फैमिली था जहा राज्ञा रहती थी | गौतम खुराना ,वाणी और मानव इन तीनो को राज्ञा अपना मानती थी लेकिन वह कभी उसके सगे नही थे | उनके लिए वह क्या नही करती थी,और उनकी मजबूरी देख उनके लिए ही उसने खुद को चिराग से शादी करने तक का फैसला किया था |    माया की बात सुन उनका असिस्टेंट हा में सर हिला कर वहा से चला गया |       आर्यांश इस वक्त वही door के पास खड़ा था | माया और सुधर्व को इतना टेंशन में देख कर वह उनके पास आते हुए बोला ,""_ क्या हुआ mom ? क्या हुआ डैड ? आप दोनो इतना परिषाण क्यों लग रहे है ? और यह खुराना फैमिली कोन है ? उन्हे अपने कब्जे में क्यों लेना है ?"   माया एक नज़र सुधर्व को देखी फिर उससे बोली,""_ अभी कुछ मत पूछो अंश ...!! "   माया अपने रूम के तरफ चल पड़ी | अर्यांश फिर सुधर्व को देखने लगा ,वह भी वहा से जा रहा था | अर्यांश बोला,""_ क्या आप लोगो को वह लड़की मिल गई ? "   सुधर्व की कदम रुक गए | वह फिर हैरानी से मुड़ कर आर्यांश को देखने लगा | उसे नही लगा था की अर्यांश ऐसा भी कुछ उससे पूछेगा |    सुधर्व का देखने का अंदाज समझ कर आर्यांश आगे आ कर बोला ,""_ मैने कल रात आपके और mom की बाते सुन लिया था डैड और मैं उस रूम भी गया था, जहा mom ने एक लड़की की बहुत सी तस्वीरे लगाई है ,वैसे कोन है वह ?  "  सुधर्व थोड़ी देर चुप रहा | फिर वह एक गहरी सांस लेते हुए उसे जवाब देते हुए बोला,""_ वह तुम्हारी बड़ी बहन है रव्या ...!! लेकिन वह हमारे साथ क्यों नही है ? इस वक्त कहा है ? अभी यह सब तुम्हारा जानना जरूरी नहीं है ,so जैसे चल रहा है वैसे ही रहो | "    सुधर्व की बात सुन कर आर्यांश हैरानी से उसे देखने लगा था | उसकी एक बड़ी बहन भी है ? उसे आज पता चला था | वह सुधर्व से और कुछ कहता उससे पहले ही सुधर्व अपना सर ना में हिलाते हुए बोला ,""_ अभी कोई सवाल नही अर्यांश | "    सुधर्व वहा से चला गया |   अग्निहोत्री मेंशन.......,      वेदिका राज्ञा को ले कर अपने रूम में आई थी | राज्ञा उसे ना समझी में देख रही थी और वह थोड़ा डर भी रही थी | तभी वेदिका डांटते हुए बोली,""_ तुम लोगो ने शादी कर ली ? बड़ो से एक बार भी नही पूछा ? इतने बड़े हो गए तुम दोनो ?"      राज्ञा अपना सर नीचे कर चुप हो गई | फिर उससे धीरे से बुदबुदा कर बोली,""_ सॉरी आंटी ,आपको पता है त्रिहांश किसी के नही सुनते ,मेरी तो बिलकुल भी नही तो....|। "    बोलते हुए राज्ञा अपना सर ऊपर कर वेदिका को देखी | वेदिका ना खुश लग रही थी | तभी राज्ञा बोली,""_ आ आप चिंता मत करिए आंटी, वह ज्यादा दिन यह शादी नही निभाएंगे,वह जल्द ही मुझे छोड़ देंगे तो आप अपनी मनपसंद की बहु ला सकती है | "    यह बात बोलते हुए राज्ञा को बहुत तकलीफ हो रहा था लेकिन यह हकीकत था, जिससे वह अंजान नही थी | वही वेदिका की चेहरे के हाव भाव एक दम से नरम पड़ गए थे | वह एक टक राज्ञा को देख रही थी | जिसकी चेहरे पर झूठी मुस्कान थी | वह ऐसे देख रही थी जैसे इस शादी टूटने से उसे कोई तकलीफ नहीं हो रही हो |    राज्ञा आगे बोली,""_ आंटी मैं..में सच कह रही हू उन्होंने खुद कहा है बस थोड़ी दिन,...मुझे भी कोई ऐतराज नहीं है मैं कोई प्राब्लम भी खड़ी नही करूंगी , मैं चली जाऊंगी यहा से. सच में आंटी..!! "  राज्ञा सफाई देते हुए वेदिका को कंपर्ट करने की कोशिश कर रही थी | वही वेदिका बस लाचारी में उसे देख रही थी | किसी लड़की को शादी के दिन ही ऐसी बाते करते हुए वह पहली बार देख रही थी | लेकिन हकीकत क्या है ? उसके बेटे का इरादा क्या है ? उससे अच्छा कोन जान सकता था ?      वह आगे बढ़ कर राज्ञा को अपने गले से लगाई | राज्ञा चुपचाप खड़ी थी | क्यों की उसके दिल में दर्द सा लहर उठ गया था | उसे कही न कही यही लगता था की चाहे घरवाले इस शादी के खिलाफ क्यों ना हो बस वेदिका उनमे से नही होगी लेकिन उसकी सोच गलत साबित हुआ था |       वेदिका राज्ञा से अलग हो कर उसके गाल को थपथपाते हुए बोली,""_ तुम्हारे मेरे बहु बनने से मुझे कोई ऐतराज नहीं है बस तुम लोगो ने हमे बताया नही इस बात की गुस्सा है | "    वेदिका की यह बात सुनते ही राज्ञा की आंखे नम हो गए और वह उससे लिपटते हुए बोली,""_ मुझे लगा आप मुझे पसंद नही करते...| "   वेदिका उसके बाल सहलाने लगी | लेकिन उसने कुछ नहीं कहा | तभी door knock हुआ |    राज्ञा वेदिका से अलग हो कर मुड़ कर देखी ,सामने अजय खड़ा था | जिसका चेहरा गुस्से से भरा था | राज्ञा ने एक नजर वेदिका को देख वहा से जाने लगी तो वेदिका ने उसे रोकते हुए बोली,""_ रुको राज्ञा ? "     राज्ञा ना समझी में उसे देखने लगी | वह क्लोसेट रूम में चली गई | वही अजय राज्ञा को देख रहा था | राज्ञा को वह पहले दिन से ही पसंद नही करता था और अब सच जनाने के बाद की वह माया की बेटी है तो उसका दिल जलने लगा था |      वही वेदिका जल्दी से बाहर आ कर राज्ञा के हाथ में कंगन पहनाते हुए बोली,""_ यह अग्निहोत्री खानदान की कंगन है राज्ञा,इसे हमेशा संभाल कर रखना ...!! ""  लेकिन आंटी...? " राज्ञा एक नजर अजय को देख डरते हुए वेदिका से बोली, तो वेदिका उसे कंगन पहना कर बोली,""_ जितना कहा है उतना करो ,और हां आंटी नही अब से मम्मा कहो | "    राज्ञा ने अपना सर हा में हिलाया और जल्दी से रूम से बाहर निकली | अजय के रहने से उसे वहा रुकने अजीब सा डर  लग रहा था |       " तुमने उसे अपनी बहु मान लिया ? क्यों वेदु? " अजय गुस्से से उस पर चिल्लाया तो वेदिका बोली,""_ मनाने ना मानने से कुछ नही बदल सकता अजय,वह मेरी बहु है क्यों की आपके बेटे ने उससे शादी कर लिया है | "   वेदिका फिर अपने रूम से बाहर निकल गई | वही वेदिका की बात सुन अजय की हाथो की मुट्ठी बन गई | वह दांत पीसते हुए त्रिहांश का नाम लिया ,""_ त्रिहांश...!! "    वही राज्ञा रूम से बाहर निकल कर वेदिका के दिए हुए कंगन को देखते हुए आगे बढ़ रही थी | की तभी वह किसी से टकरा गई |      अअह्ह्ह्ह राज्ञा....? "   राज्ञा अपना माथा रब करते हुए सामने देखी | सामने वह उर्मी से टकरा गई थी | उर्मी अपना माथा रब करते हुए उसे ही देख रही थी ,तभी उसकी नजर राज्ञा की मंगलसूत्र और मांग में भरे हुए सिंदूर पर गई |     उर्मी के साथ इशा भी खड़ी थी जो हैरानी से राज्ञा को ऊपर से नीचे तक देख रही थी | फिर वह चिल्लाते हुए बोली,""_ तुमने शादी कर ली ? और हमे बताया भी नही राज्ञा,How dare you ? "   राज्ञा आस पास देखते हुए उसे छुप कराती तो इशा और उर्मी उसे एक साथ घूरने लगे | तभी राज्ञा लाचारी में उन्हें देख बोली,""_ तुम्हारे भाई ने तो मुझे भी नही बताया था यार, प्वरना मैं तुम सबको बता कर ही शादी कर लेती | "   इशा और उर्मी दोनो ने अपने हाथ को अपने कमर में रख कर उसे घूर कर देखने लगे | राज्ञा मासूम सा शकल बना कर कसम खाते हुए आगे बोली,""_ सच्ची,सब कुछ तुम्हारे भाई ने किया मैंने कुछ.....| "    इशा और उर्मी हंसने लगे | यह देख राज्ञा की आंखे छोटी हो गई | वही वह दोनो उसके करीब आते हुए बोले,""_ हमारे बोली और मासूम भाभी.....अब हम दोनो नानंदो की नकरे झेलने तयार हो जाओ |      राज्ञा हैरानी से उन्हें देखने लगी,वही वह दोनो उसके गले लग गए | क्यों की वह लोग यही चाहते थे की त्रिहांश राज्ञा से ही शादी कर ले नाकी पलक से ..|   " हम बहुत खुश है भाभी, फाइनली  त्रिहांश भाई की शादी आपसे ही हो गई | " उर्मी राज्ञा से अलग होते हुए बोली तो राज्ञा भी खुशी से उसे देखने लगी |    तभी वहा उसे इशान की गुस्सैल आवाज सुनाई दी,""_ ओह !! तो इसीलिए सुबह सुबहमैडम ने इतना मेकअप तोप लिया था | "   राज्ञा मुड़ कर देखी | इशान गुस्से से उसे घूरे जा रहा था | राज्ञा अपना सर ना में हिलाते हुए बोली,""_ नही इशान... उस वक्त मुझे सच में नही पता था की त्रिहांश मुझसे शादी कर लेंगे | "   इशान थोड़ी देर उसे घूर कर देखा फिर वह भी मान गया | वह तीनो फिर राज्ञा को ले कर अपने साथ छत पर चले गए | शादी तो अटेंड नही कर पाते थे लेकिन अब खुशी तो मना सकते थे ?      रात के 11 बजे की आस पास राज्ञा रूम में आई | वह इतनी देर तक इशा ,इशान और उर्मी के साथ मस्ती करते हुए उनके साथ ही टाइम स्पेंड की थी | राज्ञा फिर रूम में इधर उधर नज़रे दौड़ाते हुए त्रिहांश को ढूंढी |       त्रिहांश भी घर आ चुका था और वह इस वक्त बालकनी में रखे हुए सोफे पर बैठ कर अपने लैपटॉप में कुछ कर रहा था |       राज्ञा ने उसे एक नजर देखा फिर कुछ सोचते हुए सोफे पर सोने चली गई | थोड़ी देर बाद त्रिहांश रूम में आया | लेकिन राज्ञा को सोफे पर देखते ही उसका माथा टनका,वह कैसे सोफे पर जा कर सो सकती है ? क्या उनके बीच अभी कोई फरदा बचा था | वह इधर उधर घुमते हुए एक वास उठा कर ड्रेसिंग टेबल के मिरर को दे मारा |      पल भर में कांच की टुकड़े रूम में बिखर गए | वही राज्ञा डर से उठ कर बैठ गई थी | वह हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश गुस्से से उसे घूरे जा रहा था ,उसके माथे की नसे तक उभर कर बाहर आ गए थे |    राज्ञा डर से अपने दबी हुई आवाज में उससे बोली,""_ त्रिहांश... क..क्या हुआ ..? आ आप इतना गुस्से में...? "       त्रिहांश का गुस्सैल औरा देख कर राज्ञा ने मुश्किल से इतने ही शब्द बोला था | वही त्रिहांश उसके करीब आ कर काफी टेबल पर बैठ गया | उसकी गुस्सैल नजर राज्ञा की चेहरे पर टिक गई थी | वही राज्ञा डरते हुए पीछे हट रही थी उसे समझ ही नही आया था की उसका यह मोनोस्टर गुस्से से उसे क्यों घूर रहा है ?   राज्ञा धीरे से बोली,""_ त्रि... त्रिहांश... आ आप ऐसे गुस्से से क्यों .....| "      त्रिहांश का जबड़ा सख्त हो गया | वह एक टक उसे खा जाने वाले नजरों से घूरे जा रहा था | राज्ञा को कुछ समझ नही आ रहा था और वह ठीक से उससे कुछ पूछ भी नही पा रही थी |     त्रिहांश अपने जगह से उठा फिर पूरी तरह राज्ञा के ऊपर लिन हो कर झुकते हुए बेहद गुस्से से अपने बात चबाते हुए पूछा,""_ यहां क्यों सो रही हो ? "    राज्ञा की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई | वह थोड़ा अटकते हुए बोली,""_ आ वह,आ,,वो हा त्रिहांश वह में यहा जानबूझ कर नहीं सोई थी ,बस फोन चलाते चलाते आंख लग गई | "  त्रिहांश की एक आईब्रो रेंज हुआ | और वह घूरते हुए राज्ञा के चेहरे के बेहद करीब झुकते हुए फिर से पूछा,""_ फोन कहा है तुम्हारा ? "     राज्ञा आस पास फोन ढूंढी उसका फोन ड्रेसिंग टेबल के पास था | यह देख राज्ञा लाचारी में त्रिहांश को देखने लगी तो त्रिहांश अपने दांत पीसते हुए बोला,""_  बताओ ? तुम्हारे सोते ही तुम्हारा फोन चलते हुए ड्रेसिंग टेबल के पास जा कर सो गया क्या ? "       राज्ञा का मुंह बन गया | वह अपना सर कुजाने लगी | वही त्रिहांश उसकी अजीबो गरीब हरकतें देखे जा रहा था | उसे बहुत गुस्सा आया था, वह फिर उसे अपने गोद में उठाते हुए सख्ती से बोला ,""_ आज तुम गई बीवी...!!! "   राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देखते हुए कुछ कहती उससे पहले ही त्रिहांश उसे बेड पर फेंक दिया |      अअह्ह्ह्ह त्रिहांश.....!! " राज्ञा दर्द में कराह उठी |    वही त्रिहांश उसे देखते हुए उसके ऊपर जा कर अपने शर्ट के बटंस खोलने का इशारा किया | राज्ञा उसे ही पिल्ला जैसे चेहरा बना कर देख रही थी | लेकिन त्रिहांश को कोई फरक नही पड़ा | वह उसके दोनो हाथ पकड़ कर अपने शर्ट पर रखा फिर आंखे दिखाने लगा तो राज्ञा डर के हल्के से उठ कर उसके शर्ट खोलने लगी |     वही त्रिहांश उसके चेहरे के बेहद करीब झुक कर उसके गालों पर अपने नाक रगड़ा,फिर धीरे से उसे बेड पर लेटा कर अपने होंठो को उसके कमर तक ले गया |     राज्ञा कुछ समझ नही पाई थी | वही त्रिहांश उसके टी शर्ट को ऊपर सरका कर उसके खुले कमर पर अपने नाक रब करने लगा तो राज्ञा की पकड़ बेडशीट में कस गया | उसकी धरकने तेज हो गए थे |    वही त्रिहांश धीरे से उसके दोनो हाथो को अपने हाथो में फसा कर उसके कमर पर होंठ रख देता है तो राज्ञा के मुंह से आह निकल गई |      वही त्रिहांश बेहद शिद्दत से अपने होंठ घुमाते हुए राज्ञा को पूरी तरह मचलने पर मजबूर करने लगा था | राज्ञा उसकी हरकत से अपने निचले होंठो को चबाते हुए अपने दोनो पैर आपस में रब करने लगी थी | वह सिसकियां भरने लगी थी |         त्रिहांश की छोटे छोटे दाढ़ी को वह अपने पेट पर चूबते हुए मेहसूस कर रही थी | उसे अजीब सी गुदगुदी सा हो रहा था | वह उठने लगी तो त्रिहांश एक दम से उसके ऊपर आ गया |     वही राज्ञा तेज तेज सांस लेते हुए उसे कुछ कहती तभी त्रिहांश उसके होंठो के किनारे अपने होंठ रख कर किस करने लगा | उसके ऐसे करते ही राज्ञा की होंठ हल्के से o शेप में खुल गए | तभी त्रिहांश उसके होंठो पर अपने जीव फेरते हुए उसके कमर में अपना हाथ रख देता है |    राज्ञा की हालत खराब हो रही थी | उसे समझ ही नही आ रहा था की त्रिहांश उसके साथ क्या कर रहा है ? कभी उसके हाथ राज्ञा अपने कमर में मेहसूस करती तो कभी अपने सीने पर |     वही त्रिहांश के होंठ बुरी तरह उसके चेहरे पर फिरने लगे थे | राज्ञा अपने आंखे बंद कर उसे फील करने लगी ,वही त्रिहांश उसके कंधे से टी शर्ट सरका कर उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपाते हुए बोला,""_ hmmm I want you badly,..ummmm ..| "    अह्ह्ह्ह्ह्ह....!! बोलते हुए त्रिहांश उसके गर्दन में बाइट करा तो राज्ञा की मुंह से आह निकल गई | वही त्रिहांश उसे ले कर फलत गया जिससे राज्ञा उसके ऊपर आ गई | वही त्रिहांश उसके चेहरे को अपने हाथो में भर कर उसके होंठो पर अपना होंठ रख दिया | वही राज्ञा उसे ही देख रही थी वह फिर अपने आंखे बंद कर लेती है |    वही त्रिहांश उसे फिर से अपने नीचे कर उसके ऊपर आ गया |    To be continued.... Inka intimacy scene aise hi chahiye ya do line me khatm kare comment kar बताइए...         Â