Chapter 21 of 59

chapter 21

Billionaire's Dark Desire3,159 words~16 min read

  अल्पा इंडस्ट्री......             25 मंजर का यह 🏢 बिल्डिंग त्रिहांश अग्निहोत्री का था | उसका अखेला का मेहनत था | अल्पा इंडस्ट्री की कही सारे ब्रेचेस इंडिया में फैले हुए थे लेकिन अग्निहोत्री कंपनी इससे अलग था | हाला की त्रिहांश की बहुत सी शेयर्स अग्निहोत्री इंडस्ट्री में थे लेकिन त्रिहांश हमेशा उस कंपनी को अलग ही रखा था | क्यों की वह अजय,विनोद और त्रिहांश का बड़ा भाई उम्रांश अग्निहोत्रि संभालते थे |    इशान का कार आ कर अल्पा इंडस्ट्री के सामने रुक गई | राज्ञा इस वक्त पैसेंजर सीट पर बैठी हुई थी | वह एक नजर विंडो से बाहर उस बिल्डिंग को देखी,तभी इशान कार से बाहर जाते हुए बोला,""_ आओ राज्ञा....!!! "      राज्ञा ने खुद को एक बार mirror में देखा उसका चेहरा सच में अजीब लग रहा था | उसने हद से ज्यादा अपने चेहरे पर मेकअप तोप लिया था | वह रोनी सी शकल बना कर त्रिहांश को कोसने लगी |         इशान ने उसके तरफ का door open किया तो राज्ञा बाहर आई | फिर उसके साथ अंदर चली गई | वह जैसे जैसे अंदर जा रही थी वैसे वैसे सबकी अजीब नजरे राज्ञा अपने चेहरे पर मेहसूस कर रही थी | उसे बहुत uncompertable फील हो रहा था | लेकिन वह अब भी मेकअप उतारने की हिम्मत नही कर सकती थी | त्रिहांश की हाथो की निशान उसके गालों पर चाप गया था | और वह नही चाहती की कोई भी उसे वैसे देखे |       इशान राज्ञा को ले कर जल्दी से त्रिहांश के प्राईवेट लिफ्ट में चला गया | फिर जल्दी से 16th फ्लोर का बटन प्रेस किया | त्रिहांश का केबिन वही था |        इशान फिर राज्ञा को घूर कर देखने लगा | राज्ञा को समझ आ गया था की इशान उसे ऐसे क्यों देख रहा है | वह बोली,""_ मेरे गाल पर कुछ रैशेज आए है इशान इसीलिए उसे छुपाने......| "     राज्ञा ने अपनी बात पूरा किया ही नहीं था की इशान उस पर गुस्से से बिपरते हुए बोला,""_ रैशेज...? तुमने बताया क्यों नही ? और तुम idiot हो क्या कोई रैशेज पर इतना हेवी मेकअप करता है?  चलो हम अभी हॉस्पिटल चलते है "   इशान इतना बोल कर जल्दी से फर्स्ट फ्लोर का बटन दबाने लगा था | तभी लिफ्ट 16th फ्लोर पर रुक गया | इशान फिर भी फर्स्ट फ्लोर का बटन दबाने को हुआ तो उसे त्रिहांश नजर आया जो रेलिंग को टिक कर किसी से कॉल पर बात कर रहा था |        इशान फिर राज्ञा को ले कर उसके पास जा कर कुछ कहता तभी वहा समर आ कर त्रिहांश से बोला,""_ बॉस मीटिंग का टाइम हो गया है |  त्रिहांश कॉल कट कर उसके पीछे जाने लगा | वही राज्ञा की नजर भी त्रिहांश पर गई थी लेकिन वह जल्दी से उससे नजरे हटा कर इशान को रोकते हुए बोली,""_ इशान ,ऐसे इन्फेक्शन वाला रैशेज नही ,इस तरह मेकअप करने से कोई इफेक्ट भी नहीं होगा मैने सब सोच कर ही लगाया है |        इशान उसे ही देख रहा था | वह फिर कुछ कहता तभी उन्हें त्रिहांश की आवाज सुनाई दिया |       "  तुम दोनो यहा क्या कर रहे हो ? "    इशान और राज्ञा,दोनो ही त्रिहांश को देखने लगे | त्रिहांश की नजर सिर्फ राज्ञा पर था | उसे समझ नही आ रहा था की राज्ञा खुद को इस तरह तयार क्यों किया है |      इशान बोला,""_ भाई आपने कहा था ना,हमे आज से ऑफिस ज्वाइन करना है ? " "  लेकिन तुम दोनो को देख ऐसा लग रहा है की तुम लोग ऑफिस नही किसी शादी अटेंड करने जा रहे हो ? " त्रिहांश उन दोनो को ताना मारते हुए राज्ञा के बेहद करीब गया | राज्ञा उसे देख नही रही थी | राज्ञा का चेहरा गुस्से से भरा था और उसकी हाथो की मुट्ठी बन चुकी थी |      वही इशान खुद की ड्रेसिंग को देखने लगा | उसने ऑफिस वियर कपड़े ही पहना था | वह फिर शिकायत लहजे में बोला,""_ भाई में कहा..? बस राज्ञा इस तरह तयार हुई है वह भी अपने गालों पर आए हुए रैशेज छुपाने ...| "     इशान की लास्ट लाइन सुन कर त्रिहांश की आइब्रोज सिकुड़ गए | वह एक नजर उसे देखा फिर राज्ञा को देखने लगा | राज्ञा उसका चेहरा तक नही देख रही थी | क्यों की वह त्रिहांश से बहुत गुस्सा थी |     त्रिहांश फिर इशान से बोला,""_ मीटिंग रूम में जाओ .| "     इशान एक नजर राज्ञा को देख कर मीटिंग रूम के तरफ चला गया | वही राज्ञा भी उसके पीछे जाने को हुई तो त्रिहांश ने उसके हाथ में अपना हाथ फसा लिया |     त्रिहांश का ऐसे करने से राज्ञा अपने जगह में ही रुक गई थी | लेकिन वह बिना त्रिहांश के तरफ मुड़े ही अपना हाथ छुड़वाने लगी | त्रिहांश का कोई मूड नहीं था उसे छोड़ने का,वह राज्ञा को ले कर अपने केबिन में बनाए हुए सीक्रेट रूम में गया |     राज्ञा हैरानी से उसे ही देख रही थी | वह अपना हाथ छुड़वाते हुए बोली,""_ यह आप मुझे कहा ले आए ? हम ऑफिस में है त्रिहांश....!! "   त्रिहांश ने राज्ञा को कोई जवाब नही दिया ,वह उसे ले कर वाशरूम में ले गया | राज्ञा को कुछ समझ नही आ रहा था की त्रिहांश उसके साथ करना क्या चाहता है ? वह ना समझी में उसे देखने लगी थी |     वही त्रिहांश राज्ञा का फेस धोते हुए उसका मेकअप उतारने लगा | वह देखना चाहता था की राज्ञा के गाल पर रैशेज कैसे आ गए ?    वही राज्ञा उसे खुद से दूर कर अपना चेहरा साफ करते हुए उससे बोली,""_ मैने इशान को झूठ कहा था की मुझे रैशेज आए है ,असली बात तो यह है की आपकी मेहरबानी से मेरे गालों पर आपकी उंगलियों का निशान बैठ गया है इसीलिए मुझे बहुत सारे मेकअप प्रोडक्ट यूज करना पड़ा | "      राज्ञा ने अपना पूरा मेकअप उतार दिया | उसका एक गाल हल्का सूझा हुआ लग रहा था और त्रिहांश की हाथो की निशान भी नजर आ रहे थे | त्रिहांश की नजर उसके गाल पर ही था | वह उसे अपने करीब खींच कर अपने दांत पीसते हुए बोला,""_अगर तुम बकवास करते हुए मुझे गुस्सा नही दिलाती तो मैं तुम पर हाथ नही उठाता राज्ञा ? "    राज्ञा बुरी तरह त्रिहांश को घूरते हुए बोली,""_ रहने दीजिए त्रिहांश ,अगर मैं गुस्सा नही भी दिलाती तो भी आपको गुस्से में ही रहना होता है |       राज्ञा कि ताने भरी बात सुन त्रिहांश थोड़ी देर उसे देखा फिर वह वही रखे हुए तौलिया ले कर राज्ञा का चेहरा पोछा फिर उसे बाहर ले आया |    राज्ञा अभी भी उससे नाराज थी लेकिन उसने बिलकुल उम्मीद नहीं रखा था की त्रिहांश उसे मनाए ? वह उसे कभी मनाता था नही था या यू कहे की उसने राज्ञा को नाराज होने का कोई हक नही दिया था |        त्रिहांश उसे बेड पर बैठा कर अपने फोन में कुछ किया फिर अपने वार्डरोब से कुछ पेपर्स ले कर राज्ञा के पास आया | राज्ञा उसे ही ना समझी में देख रही थी | तभी त्रिहांश बेहद सख्ती से बोला ,""_ साइन करो इस पर...| "   राज्ञा उसके हाथ से पेपर्स ले कर पढ़ने लगी | अचानक से उसकी आंखे हैरानी से चौड़ी हो गई | वह फिर त्रिहांश को देखने लगी |      तभी त्रिहांश उसके बेहद करीब बैठ कर उसके हाथ में pen पकड़ा कर उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपाया | राज्ञा अपने जगह में ही जम गई थी |   दूसरी तरफ.....          आर्यांश का कार इस वक्त ट्रैफिक में फसा था | वहीं आर्यांश बहुत ही सीरियस way में कुछ सोचते हुए ट्रैफिक क्लियर होने का wait कर रहा था की तभी उसकी नजर एक red scooty पर गई |      वह स्कूटी उर्मी की थी | उर्मी इस वक्त इशा के साथ शॉपिंग मॉल के सामने खड़ी थी | अर्यांश की चेहरे पर अचानक से टेढ़ी स्माइल आ गई | उसने जल्दी से ट्रैफिक सिग्नल को देखा जो ग्रीन लगने ही वाला था | जैसे ही ग्रीन आया वह कार को u turn ले लिया |    वही उर्मी और इशा मॉल के अंदर गए | उर्मी और इशा अलग अलग सेक्शन में गए क्यों की उन्हें अपने कॉलेज के फंक्शन के लिए कुछ खरीदना था और उनके पास वक्त भी बहुत कम था तो वह दोनो जल्दी जल्दी से शॉपिंग कर कॉलेज के लिए निकलना चाहते थे |       उर्मी इस वक्त अपने लिए एक ड्रेस सेलेक्ट कर रही थी की तभी उसके चेहरे के सामने किसी ने एक रेड ड्रेस पकड़ कर बोला ,""_ यह तुम्हे परफेक्ट लगेगा....!! "  उर्मी की चेहरे पर बड़ी सी स्माइल आ गई | उसे ड्रेस देखते ही पसंद आ गया था | वह उस ड्रेस को लेती तभी उसे ध्यान आया की जो voice अभी अभी उसने सुना है वह किसी जान पहचान वाले का है या यू कहे की इससे पहले भी वह लड़की यह आवाज सुनी है |    वह आदमी उसके सामने ही खड़ा था लेकिन उसके चेहरे से ले कर पूरे बदन उसे ड्रेस से चुप गया था | क्यों की उसने ड्रेस ही ऐसा पकड़ा था की उर्मी अर्यांश का चेहरा ही देख नही पा रही थी |      उर्मी जल्दी से उसके चेहरे से ड्रेस सरकाने लगी लेकिन आर्यांश अपने कदम पीछे लेते हुए बोला,""_ अरे...!! तुम करीब क्यों आ रही हो ? बस ड्रेस कैसा लगा यह बताओ |         उर्मी को अंदाज हो चुका था की यह आर्यांश ही है | लेकिन फिर भी वह देखना चाहती थी | उर्मी उसके सामने से ड्रेस हटाने आगे बढ़ रही थी वही आर्यांश मना करते हुए पीछे जा रहा था |     अचानक से उर्मी अपने आप को हवा में मेहसूस करने लगी | वह कुछ समझ पाती उससे पहले ही अर्यांश उसे ले कर चेंजिंग रूम में घुस गया |      उर्मी की आंखे हैरानी से चौड़ी हो गए थे क्यों की आर्यांश यह सब बहुत ही जल्दी जल्दी में किया था | वही आर्यांश ड्रेस उसके हाथ में पकड़ा कर उसके बेहद करीब आ गया था | उर्मी गुस्से से बोली,""_ तुम....| "     आर्यन्श झुक कर उसके गाल पर किस कर बोला ,""_ हां मेरी लव ... मेरे अलावा कोन हो सकता है ? "   उर्मी गुस्से से उसे घूरते हुए बोली,""_ you बदतमीज इंसान..!! "       आर्यांश की होंठ मुड़ गए | वह उर्मी को कमर से पकड़ कर अपने आप से चिपका दिया तो उर्मी की होंठ उसके सीने से टकरा गई | अचानक से ऐसे होने से अर्यांश की बदन करेंट सा दौड़ गया | उसका पकड़ भी उर्मी की कमर में कस गया था |      वही उर्मी की धड़कने भी तेज हो चुके थे | वह उससे अलग होने की कोशिश करने लगी तो अर्यांश ने उसके चेहरे को ऊपर उठा कर उसके होंठो पर अपना होंठ रख देता है तो उर्मी की आंखे चौड़ी हो गई |    अल्पा इंडस्ट्री.....    त्रिहांश राज्ञा के बेहद करीब आ गया था | उसके होंठ लगादार राज्ञा के गर्दन में घूमते हुए राज्ञा के अंदर अजीब सी सनसनाहट पैदा कर रहा था | वही राज्ञा तो इस वक्त शोक में थी | उसके हाथ में जो त्रिहांश ने पेपर्स पकड़ाया था वह देख उसके होश उड़ गए थे |     वह अटकते हुए बोली,""_ त्रिहांश यह.... अह्ह्ह्ह्ह्ह| "   राज्ञा ने बस इतना ही कहा था की उसकी मुंह से दर्द भरी आह निकल गई | क्यों की त्रिहांश ने उसके गर्दन में जोर से बाइट कर दिया था |        त्रिहांश उससे अलग हो कर उसे घूर कर देखने लगा | उसके काटने से राज्ञा के आंखे नम हो गए थे | वही त्रिहांश उसके चेहरा पकड़ कर अपने करीब लाते हुए बोला ,""_ जितना कहा है उतना करो ....| "   त्रिहांश का चेहरा गुस्से से भरा था | और उसकी आवाज में भी अनकही सा नाराजगी था जिसे राज्ञा ने समझ भी लिया था | वह अपने चेहरे से उसका हाथ हटाई,फिर अपना सर ना में हिलाते हुए बोली,""_ नही... मैं साइन नही करूंगी | "    त्रिहांश का चेहरा एक दम सख्त हुआ | वही राज्ञा आगे बोली,""_ शादी दो लोगो का तभी होता है जब उनका दिल मिला होता है ,लेकिन यहां..? ना आप मुझे चाहते है और नाही मैं...आपको बस मेरे जिस्म से मतलब है उसके लिए यह शादी जैसा ...... अह्ह्ह | "     त्रिहांश गुस्से से उसे बेड पर धखेल कर उसके ऊपर आया  | राज्ञा हैरानी से उसे ही देख रही थी | तभी त्रिहांश लगभग चिल्लाते हुए बोला,""_ तुम्हारी आखिर प्रोब्लम क्या है राज्ञा ? कल रात तो तुम बड़ी बड़ी बाते करते हुए खुद को मेरी रखैल कह रही थी ना ? तो अब मैं खुद तुम्हे शादी के पेपर्स पर साइन करने कह रहा हु,तुम्हे अपनी पत्नी का दर्ज दे रहा हु तो अब क्या दिक्कत है ? "       राज्ञा नम आंखों से त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश का गुस्सा देख कर वह थोड़ा सहम गई थी | कल जो भी उसने कहा था वह सच ही तो था | बिना शादी के राज्ञा त्रिहांश के साथ उसके घर में रह रही थी कभी कभी तो त्रिहांश उसके रूम में ही रात गुजार लेता था | और अब त्रिहांश उससे शादी करना चाहता था या यू कहे की वह उन दोनो के रिश्ते को सिर्फ नाम के लिए शादी का नाम देना चाहता था |        राज्ञा को कोई जवाब ना देता देख त्रिहांश को बहुत गुस्सा आ रहा था | वह उसके ऊपर से उठ कर उसे जबरदस्ती बैठा कर बेहद ठंडे लहजे में बोला ,""_ sign करो...| "    " नही त्रिहांश,मैं आपको इस तरह जबरदस्ती शादी में बांध कर नही रख सकती ,आप .....| " राज्ञा मना करते हुए उसे कुछ कहने को हुई की तभी त्रिहांश ने उसकी बात को बीच में ही रोकते हुए बोला ,""_ मुझे बांध कर रखना....seriously तुम मुझे बांध कर रख सकती हो ? दुनिया में ऐसा कोई नही जो त्रिहांश अग्निहोत्रि को बांध कर रखने की हिम्मत रख सके सुना तुमने और हां...इस शादी को ले कर इतना सोचने की जरूरत नही है नाम की शादी है ,जिस दिन मेरा मन तुम पर भर जाएगा उसी दिन यह शादी खतम,और तुम कही भी मेरी जिंदगी में नजर नहीं आओगी | "      राज्ञा की चेहरे पर दर्द भरी मुस्कान बिखर गया | वह इंसान सिर्फ उसे ही नहीं शादी जैसे पवित्र बंधन को भी इस्तेमाल कर रहा था |       त्रिहांश राज्ञा के हाथ में पेन पकड़ा कर बोला ,""_ चलो साइन करो इस पर...|   तभी रूम का door knock हुआ|  त्रिहंश एक नजर door के तरफ देखा फिर राज्ञा को धमकी देते हुए बोला ,""_ sign कर रही हो या मुझे अब कुछ....| "   राज्ञा ने अपने आंसू पोछे फिर उन पेपर्स पर साइन कर दीया | त्रिहांश एक टक बिना भाव के उसे देखे जा रहा था | राज्ञा ने sign कर त्रिहांश को देखा | त्रिहांश ने पेपर्स उठा कर sign किया फिर door के तरफ देखते हुए बोला ,""_ come in...| "   तभी अंदर समर आया | उसके हाथ में दो बैग्स थे | वही त्रिहांश उसके हाथ में शादी के पेपर्स पकड़ा कर बैग लेते हुए बोला ,""_ शादी को रिजिस्टर करवा दो ...| ""   जी बॉस ...!! " समर पेपर्स ले कर वहा से चला गया | वही त्रिहांश वापस राज्ञा के पास आया | राज्ञा उसे ही देख रही थी | तभी त्रिहांश एक बैग में से छोटा सा ज्वेलरी बॉक्स खोला जिसमे एक छोटा सा मंगलसूत्र था जो बेहद uniq और गोल्ड एंड डायमंड से बनाया गया था |     राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देख रही थी | वही त्रिहांश थोड़ा झुक कर उसके गले में मंगलसूत्र पहना देता है | राज्ञा आज उस इंसान से जुड़ गई जिसे प्यार का कोई मतलब नहीं पता था,किसी पर भी रहम करना नही जानता था और एक खुदगर्ज और घमंडी इंसान था |          त्रिहांश ने एक और बॉक्स उठाया जिसमे सिंदूर था | उसके डिब्बा खोला फिर चुटकी भर का सिंदूर ले कर राज्ञा की मांग भरा | राज्ञा बस उसे देखने के अलावा कुछ नही कर रही थी |     वही त्रिहांश राज्ञा को देखा, राज्ञा इस वक्त एक सुहागन की तरह लग रही थी | लेकिन त्रिहांश को कुछ कमी सा मेहसूस हो रहा था |    वह बैग चेक करा तो उसे पायल और बिछिया मिले | वह हाथ में लिया तो राज्ञा की नजर पायल पर गई | उसे पायल बहुत पसंद थी लेकिन उसने पहना नही था या यू कहे की उसके पास था ही नही |     राज्ञा खुशी से त्रिहांश के हाथ में से पायल ले कर बोली,""_ यह बहुत सुंदर है त्रिहांश...| "     त्रिहांश एक नजर पायल को देखा फिर राज्ञा की पैर को ... राज्ञा की पैर बहुत सुन्दर थे | वह उसके हाथ से पायल ले कर उसे पहनाते हुए बोला,""_ नही,तुम्हारे पैर ज्यादा सुंदर है | "      त्रिहांश की बात सुन कर राज्ञा की मुंह बन गया | लेकिन वह इग्नोर कर दोनो पायल को देखने लगी जो त्रिहांश उसे पहना रहा था | वही त्रिहांश की नजरे उस पर ही टिकी थी | उसने राज्ञा को बहुत महंगी मंगलसूत्र पहनाया था लेकिन राज्ञा की चेहरे पर कोई खुशी नही दीखी लेकिन पायल देखते ही उसके चेहरे पर अजीब सा नूर नजर आ रहा था | वह फिर उसे बिछिया पहनाते हुए बोला,""_ लगता है मैडम को पायल बहुत पसंद है | "  " बहुत... लिकन मेरे पास एक भी नही था ,THANK YOU त्रिहांश " बोलते हुए राज्ञा ने अपने पैर पीछे ले कर उन पायलो  से शोर करने लगी | त्रिहांश एक टक उसे देख रहा था | वह फिर उसे अपने करीब खींच लिया |    शादी तो इन लोगो ने कर लिया अब घरवालों का क्या। ? माया और राग्या का क्या रिश्ता है ? जानने के लिए पढ़ते रहिए    " Desire of Mr. Billionaire "     Â

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