Chapter 16: chapter 16

Billionaire's Dark DesireWords: 30375

    अग्निहोत्री मेंशन....,,       त्रिहांश इस वक्त राज्ञा को पीछे से अपने बाहों में भर कर उसके कमर को सहला रहा था | वही त्रिहंश की स्पर्श को मेहसूस करते ही राज्ञा की सांसे अटक गए  थे | वह लंबी लंबी सांसे ले रही थी | और उसके मुंह से आहे भी निकल रही थी |       " त्रिहांश....ummm  छोड़ीए मुझे जाना है | "   राज्ञा ने अटकते हुए बोला तो त्रिहांश उसे अपने तरफ घुमाते हुए उसे दीवार को सटा कर उसके आंखों में देखने लगा | राज्ञा हैरानी से उसे ही देख रही थी | वह फिर धीरे से बोली,""_ आ आप ....!!! "    त्रिहांश ने उसके होंठो पर अपने एक उंगली रखा फिर बेहद उसके करीब जाते हुए बोला ,""_ तुम्हारे लिए एक surprise है| "    राज्ञा ना समझी में त्रिहांश को देखने लगी | वही त्रिहांश उसके कमर पर दोनो हाथ रख कर उसे अपने और करीब खींचा फिर उसे ले कर पलट गया | जिससे अब राज्ञा और दीवार के बीच त्रिहांश खड़ा हो गया था | राज्ञा अपने बड़ी बड़ी आंखे और बड़ी कर उसे देख रही थी | तभी त्रिहांश झुक कर उसके होंठो को हल्के से अपने दांतो के बीच दबाते हुए kiss किया फिर उसके दोनो गालों पर अपना होंठ चलाने लगा |     राज्ञा इस वक्त त्रिहांश के बाहों में लॉक्ड थी | और उसके दोनो हाथ त्रिहांश के सीने में आ गए थे | वह बोली,""_ मुझे आपसे कुछ नही लेना | "    त्रिहांश बस उसे देखता रहा फिर वह उसके गाल पर हल्के से काटते हुए बोला,""_ पहले मेरी बात तो सुनो राज्ञा,फिर अपनी बकवास करते रहना | "       राज्ञा का मुंह बन गया | वही त्रिहांश अपने जेब से एक लेटर निकाल कर उसे देते हुए बोला ,""_ ये लो... कल तुम्हे ईशान के साथ मेरी कंपनी join करना है | "   राज्ञा उसे देखते हुए वह लेटर खोल कर देखी,अचानक से उसकी चेहरे पर खुशी की भाव नजर आया लेकिन उतनी ही तेजी से गायब भी हो गया | त्रिहांश उसे ही देख रहा था | वह पूछा ,""_ क्या हुआ ? "    राज्ञा उसे थोड़ी देर देखी फिर शिकायत लहजे में उससे पूछी,""_ आप मुझे वहां भी ऐसे ही तंग तो नही करेंगे न? "    त्रिहांश के चेहरे पर टेढ़ी स्माइल आ गई | वह धीरे से उसके ड्रेस की जिप नीचे सरकाते हुए बोला,""_कल तुम खुद देख लेना..!! "      त्रिहांश का इस तरह जिप खोलने से उसका ड्रेस नीचे सरक गया था | वह जल्दी से अपना ड्रेस पकड़ कर उससे बोली,""_ आ आप बदतमीज है ? आ आप जाइए ummmm ...!!! "     राज्ञा आगे कुछ भी कहती उससे पहले ही त्रिहांश उसके कपड़े को नीचे सरका कर उसके सीने पर होंठ रख देता है तो राज्ञा एक दम से सिहर उठी | त्रिहांश के ऐसे करने से राज्ञा के हाथ से वह लेटर भी नीचे गिर गया था |     वही त्रिहांश अपने होंठ से उसके सीने को चूमते हुए उसके गर्दन तक आया फिर उसके लिए एक अनारकली सूट निकाल कर पहनाने लगा | राज्ञा सिहरते हुए उस आदमी को ही देख रही थी | जो बेशरमो की तरह उसके साथ बदतमीजी पर बदतमीजी करते जा रहा था |     वही त्रिहांश उसे अपने आप से चिपका कर उसके ड्रेस का जिप लगाते हुए उसके गाल पर बेहद शिद्दत से चूमा तो राज्ञा का चेहरा एक तरफ झुक गया | तभी त्रिहांश उससे अलग हो कर उसका हाथ पकड़ते हुए बोला,""_ let's go...| "  " आ आप भी आ रहे है ? " त्रिहांश को अपने साथ आता देख राज्ञा हड़बड़ाते हुए पूछी तो त्रिहांश रुक कर उसे ही अपना एक आईब्रो रेंज कर घूर कर देखने लगा |        वह पूछा ,""_ क्या मैं नहीं आ सकता ? "   राज्ञा बड़बड़ाते हुए बोला ,""_ ना आए तो ही अच्छा है | "  " क्या कहा तुमने ? "  त्रिहांश उसे अपने करीब खींचते हुए पूछा | वही राज्ञा जा कर उसके सीने से टकरा गई | राज्ञा फिर उससे अलग होते हुए बोली,""_ आप आ सकते है लेकिन आप....!!! "    त्रिहांश ना समझी में राज्ञा को देखने लगा | राज्ञा की एक्सप्रेशन देख कर उसे समझ आ गया था की वह उसके आने से ना खुश है |       वही राज्ञा अपनी बात बीच में ही रोक दी थी | फिर कुछ सोचते हुए बोली,""_ आ आप क्यों आ रहे है ?आ आप बोर हो जाएंगे,आप मत आइए |    राज्ञा को पता था की त्रिहांश के आने से न वह एंजॉय कर पाएगी और नाही ईशान ,ईशा और उर्मी | वह नही चाहती थी की त्रिहांश उनके साथ आए | लेकिन त्रिहांश तो त्रिहांश था उसे वही करना होता है जो वह चाहता है | बिना राज्ञा की एक सुने वह उसे ले कर रूम से बाहर गया |         हाल में इस वक्त वेदिका और दिया बात करते हुए बैठे थे | तभी उनकी नजर त्रिहांश और राज्ञा पर गई | वह दोनो बाहर जा रहे थे | या यू कहे की त्रिहांश राज्ञा को बाहर ले जा रहा था |         वेदिका और दिया ने एक नजर एक दूसरे को देखा फिर चुप हो गए | तभी वहा विनोद की आवाज सुनाई दी |     "  हमे समझ नही आ रहा है की त्रिहांश के मन में क्या चल रहा है ? वह इस लड़की को किस हक से यहा रखा है ? और उससे क्या चाहता है ? "      विनोद की बात सुन वेदिका और दिया मुड़ कर विनोद को देखे | विनोद अभी भी डोर के तरफ देख रहा था |     बाहर कार के पास इस वक्त ईशान ,इशा और उर्मी राज्ञा का आने का इंतजार कर रहे थे | तभी उन तीनो की नजर त्रिहांश पर गई जो राज्ञा के साथ उनके पास ही आ रहा था | यह देख उन तीनो की चेहरे का रंग उड़ गया |    तभी इशा ने कहा,"_ यह क्या देख रही हू में ? त्रिहांश भाई भी हमारे साथ आ रहे है ? "      इशा का सवाल सुन कर इशान और उर्मी एक दूसरे को देखे फिर त्रिहान्श को | त्रिहांश के साथ आ रही राज्ञा का भी उन तीनो जैसा ही हाल था |         वही त्रिहांश को अच्छे से समझ आ रहा था की उसका आना उन चारों को बिल्कुल पसंद नहीं लेकिन उसका राज्ञा के साथ जाना उसके लिए जरूरी ही था |    त्रिहांश राज्ञा का हाथ छोड़ कर अपने कार में बैठते हुए बोला,""_ चलो सब मेरे कार में आ कर बैठो..!!! "  बोलते हुए त्रिहांश ड्राइविंग सीट पर बैठ गया | वही ईशान,इशा और उर्मी खा जाने वाले नजरों से राज्ञा को घूरने लगे तो राज्ञा मुंह बनाते हुए बोली,""_ तुम तीनो मुझे ऐसे मत घूरो मैं नही लाई इन्हे ,यह खुद आए है | "    उन तीनो का रोनी सा शकल हो गया | वह पैर पटकते हुए बैक सीट पर बैठ गए | वही राज्ञा उनके बगल में बैठने को हुई की तभी त्रिहांश की गुस्सैल आवाज सुनाई दी ..     " तुम चारो को मैं कोई ड्राइवर नजर आ रहा हु ? कोई एक आ कर आगे बैठो | "      इशान उर्मी और इशा ऑलरेडी पीछे वाली सीट पर बैठ गए थे | और राज्ञा भी उनके ही बगल में बैठने वाली थी लेकिन त्रिहांश की बात सुन कर वह लाचारी में उन तीनो को देखने लगी | लेकिन उन तीनो में से किसी को भी आगे नहीं बैठना था तो वह तीनो राज्ञा से मुंह फेरा |      त्रिहांश कार के mirror मे सब देख रहा था | उसे कोई फरक नही पड़ा | वही राज्ञा ना चाहते हुए भी आगे आ कर बैठ गई |      त्रिहांश ने उसे एक नजर देखा फिर कार स्टार्ट करा | वही कार में बैठे हुए सबकी चहेरे पर बारह बजा हुआ था | उन लोगो ने अलग ही प्लान बनाया था बस त्रिहांश को बताया था की वह movie देखने जा रहे है |    थोड़ी ही देर में उनका कार आ कर एक बड़े से थिएटर पर रुक गई | इशान,इशा और उर्मी राज्ञा कार से बाहर आए | त्रिहांश अपना फोन ले कर कार से बाहर आया | वह एक नजर चारो और अपने नजरे दौड़ाई फिर राग्या के पास आया |   राज्ञा पर जिसने हमला किया था वह अभी तक त्रिहांश के हाथ नही लगा था तो वह रिस्क नहीं लेना चाहता था | वही इशान बोला ,""_ भाई मैं टिकट्स लाता हु | "      इशान इतना बोल कर टिकेट लाने चला गया | वही त्रिहांश का चेहरा बेहद सख्त था | वह आस पास अपने नजरे दौड़ा रहा था की तभी उसकी नजर एक लड़के पर गई | वह लड़का कोई और नहीं चिराग था जो राज्ञा से उस दिन शादी करने वाला था |     त्रिहांश की आइब्रोज अचानक से सिकुड़ गए | क्यों की वह आदमी एक औरत और दो बच्चे के साथ खड़ा था | ऐसा लग रहा था की वह उसके ही बीवी बच्चे हो | त्रिहांश फिर राज्ञा को देखा जो उर्मी और इशा के साथ busy थी |   त्रिहांश चिराग और उसके बीवी बच्चे का फोटो ले कर समर को सेंड किया ताकि पता लगा सके की आखिर चिराग का क्या पर्सनलिटी है ?      थोड़ी देर में इशान टिकेट ले कर आया | सब अंदर चले गए | थिएटर में इस वक्त अंधेरा था | इशान,इशा और उर्मी एक साथ बैठ गए | वही राज्ञा उर्मी के साथ बैठने को हुई तो त्रिहांश राज्ञा को ले कर बाहर आ गया |     राज्ञा को इसका बिल्कुल उम्मीद नहीं था | वह अपना हाथ छुड़वाते हुए त्रिहांश से बोली,""_ आ आप मुझे कहा ले जा रहे है ? छोड़िए ना मुझे भी फिल्म देखनी है | "   त्रिहांश ने ना उसकी बात सुनी और नाही उसे कोई जवाब दिया | वह उसे ले कर थियेटर से बाहर आया | वही राज्ञा का मुंह फूला हुआ था | उसने सोचा था की वह आज फिल्म देखते हुए एंजॉय करेगी लेकिन त्रिहांश छोड़े तब ना ? "     त्रिहांश ने कार का door open किया फिर उससे राज्ञा को बैठा कर खुद ड्राइविंग सीट पर आ कर बैठ गया | राज्ञा को बहुत गुस्सा आ रहा था | वह बोली,""_ बहुत बुरे है  त्रिहांश आ आप एक दम मॉनस्टर है | "   Shut up...!!! " Car स्टार्ट करते हुए त्रिहांश ने कहा तो राज्ञा का चेहरा रोनी जैसा हो गया | लेकिन वह चुप हो कर बाहर की तरफ देखने लगी |    वही थियेटर में फिल्म ऑन हो गया था | इशा,इशान और उर्मी फिल्म को एंजॉय कर रहे थे | उन्हें तो पता ही नही चला की राज्ञा और त्रिहांश वहा से चले गए है |    थोड़ी देर बाद उर्मी के बगल में एक लड़का आ कर बैठा | उसके चेहरे पर तिरछी स्माइल आ गई थी | वह अपने नजरे उर्मी की खूबसूरत सी चेहरे पर टिका कर उसे निहारने लगा|      तभी उसे कुछ सुजा तो वह थोड़ा उर्मी की तरफ झुक कर उसके तरफ पॉपकॉर्न बढ़ाया | उर्मी का ध्यान फिल्म पर था तो उसने बिना देखे पॉपकॉर्न लेते हुए बोली,""_ thank you भाभी..!!! "    उस लड़के की आंखे सिकुड़ गए | वह अपने आपको देखा फिर उर्मी से दांत पीसते हुए बोला,""_ क्या मै तुम्हे औरत नजर आ रहा हु ? "    किसी की गुस्सैल आवाज सुन कर उर्मी ने अपना सर घुमा कर उस लड़के को देखा तो उसकी आंखे छोटी हो गई |       दूसरी तरफ.....               एक सुनसान जगह पर त्रिहांश का कार आ कर रुक गया | राज्ञा मुंह फूला कर बैठी थी | वही त्रिहांश कार से बाहर आ कर राज्ञा के पास आया | राज्ञा आस पास देखने लगी इस वक्त वहा कोई नही था | ना वहा किसी की आने जाने के लिए सही था |     राज्ञा फिर ना समझी में त्रिहांश को देखी | त्रिहांश कार का door open कर उसे बाहर आने का इशारा किया तो राज्ञा रूंधली सी आवाज में बोली,""_ आप मुझे यहां मार कर फेंकने आए हो ? ताकि आपसे कोई पूछ ना ले ? "    त्रिहांश उसे घूर कर देखा फिर उसका बाजू पकड़ कर कार से बाहर लाया | राज्ञा को डर लग रहा था | वह फिर से त्रिहांश से मासूमियत से पूछी ,""_ क्या आपको अब मेरी जरूरत नहीं है ? आप मुझे छोड़ रहे हो ? "      राज्ञा को समझ नही आ रहा था | की त्रिहांश इस तरह उसे सुनसान जगह में क्यों ले आया है ? वह कुछ समझ पाती उससे पहले ही त्रिहांश उसे उठा कर कार के बोनट पर बैठाते हुए बोला,""_ तुम ज्यादा ही बकवास करने लगी हो राज्ञा | "     राज्ञा डरते हुए इधर उधर देखने लगी | वही त्रिहांश उससे थोड़ा दूर जाने को हुआ तो राज्ञा ने उसका हाथ कसके पकड़ कर बोला,""_ मुझे डर लग रहा है त्रिहांश | "     त्रिहांश साफ साफ देख सकता था की राज्ञा यह जगह देख कर कितना डरी हुई है | वह उसे धीरे से बोला,""_ मैं हु ना ? क्यों डर रही हो ? "   त्रिहांश की बातो का जवाब देते हुए राज्ञा बोली,""_आपसे ही डर लग रहा है ...मुझे ऐसा लगने लगा है की आप ही मुझे यहाँ मार कर फेंकने आए हो | "                त्रिहांश बुरी तरह उस लड़की को घूर कर देखने लगा | वही वह लड़की अभी भी आस पास देख रही थी की तभी उसे एक ब्लैक कार रुका हुआ दिखा जो उनके थोड़ी दूरी पर था | यह देख त्रिहांश से लिपटते हुए बोली,""_ त्रिहांश वह ब्लैक कार....| "    त्रिहांश मुड़ कर उस ब्लैक कार को देखा | अचानक से उसकी चेहरे पर टेढ़ी स्माइल आ गई | वह राज्ञा को अपने आप से चिपकाते हुए अपना फोन निकाल कर किसी को कॉल किया |    वही दूर से खड़ी हुई ब्लैक कलर की कार में एक लेडी बैठी थी | जो इस वक्त ब्लैक आउटपिट में थी | उसका पूरा बदन एक ब्लैक ड्रेस में छुपा था तो उसका चेहरा ब्लैक मास्क से | बस उसकी दो गहरी काली आंखे दिख रहे थे | वह एक टक त्रिहांश और राज्ञा को देख रही थी जिनकी बीच दूरियां ही नजर नहीं आ रही थी |     तभी उसका फोन रिंग हुआ | उस औरत ने अपनी नजर फोन पर गड़ाई | कॉल त्रिहांश का ही था |      वही त्रिहांश से लिपट कर राज्ञा खड़ी थी | वह डरी हुई थी वही त्रिहांश उसे वापस कार में बैठा कर थोड़ा आगे आ कर उस ब्लैक कार में बैठी हुई लेडी को देखा | उस औरत ने कॉल पीक किया तो उसे त्रिहांश की शैतानी हंसी सुनाने लगी | तो उस औरत की पकड़ स्टेरिंग में कस गई |    वही त्रिहांश बोला,""_ देख लिया ? वह मेरे करीब है मेरे बाहों में और......!!! "   त्रिहांश....!!! " उधर से वह औरत दांत पीसते हुए त्रिहांश का नाम ली तो त्रिहांश की चेहरे पर बिखरी हुई स्माइल और गहरी हो गई |    वह मुड़ कर राज्ञा को देखा | राज्ञा मासूमियत से कभी त्रिहांश को देखती तो कभी उस ब्लैक कार को | उसे समझ नही आ रहा था की यह सब हो क्या रहा है? त्रिहांश ने उसे यहां लाया क्यों ?          त्रिहांश बोला ,""_ कितनी शिद्दत से आपने मुझसे उसे अलग कर दिया था ,अब देखो वह मेरे करीब रह कर मेरी बीमारी की इलाज बन चुकी है,मेरी desire पूरा करते हुए मेरी जरूरत बन गई है |    उधर से उस औरत को गुस्सा भी आ रहा था | और खुद को वह बेबस भी मेहसूस भी कर रही थी | तभी उसे त्रिहांश की फिर से आवाज सुनाई दी ,""_ कैसा लग रहा है मिसेज राठौड़ ? आपका अंश....मेरी कैद में है और रहेगी भी.... | "        त्रिहांश बेहद एविल स्माइल करते हुए थोड़ी देर उस ब्लैक कार को देखा फिर जा कर अपने कार में बैठा | राज्ञा उसे ही अजीब नज़रों से देख रही थी | वह बोली,""_ आप एक कॉल करने के लिए यहां तक वह भी मुझे ले कर आए ? "   त्रिहांश उसे देखते हुए कार स्टार्ट किया फिर अपना एक आईविंक कर उसके हाथ में अपना हाथ फसा लिया | राज्ञा को समझ नही आया की त्रिहांश का इस तरह स्माइल कर अपने हाथ पकड़ने का क्या मतलब हो सकता है ? | लेकिन वह उससे सवाल भी तो नहीं कर सकती थी | अगर कर भी लेती तो वह इंसान उसे कहा जवाब देने वाला था ?     राज्ञा चुपचाप बाहर की तरफ देखने लगी | वही त्रिहांश की नजर राज्ञा पर टिकी थी | वह आगे कम राज्ञा को ज्यादा देखते हुए कार स्टार्ट कर रहा था |      तभी उसके फोन में कुछ नोटिफिकेशन का साउंड आया | त्रिहांश ने राज्ञा का हाथ छोड़ा फिर अपना फोन चेक करा | समर के नंबर से उसे कुछ इनफॉर्मेशन का मैसेज आया था | जिसे देख त्रिहांश का पकड़ फोन में कस गया | वह फिर फोन को ग्लोबॉक्स में फेंक कर कार का स्पीड बढ़ाया |       थोड़ी ही देर में त्रिहांश का कार आ कर थियेटर के सामने रुक गई | यह देख राज्ञा बोली,""_ फिल्म तो आधा खत्म हुआ होगा ,अब क्या मजा आएगा ऐसा ? "     त्रिहांश अपना सीट बेल्ट खोलते हुए राज्ञा को देखा जो छोटू सा चेहरा बना कर उससे शिकायते कर रही थी | त्रिहांश कार से बाहर आया |    वही राज्ञा अभी भी वैसे ही बैठी थी |  Â