Chapter 13: chapter 13

Billionaire's Dark DesireWords: 12300

  अग्निहोत्री मेंशन.....       Ragya की बात सुन त्रिहांश हैरानी से उसे ही देख रहा था | वही Ragya उससे मुंह फेर कर दूसरी तरफ देख रही थी | तभी त्रिहांश उसके मुंह को अपने तरफ घुमा कर उसके आंखो में देखते हुए पूछा ,""_ क्या कहा तुमने अभी अभी ? मैने तुम्हे कार में मरने के लिए छोड़ आया ? "  त्रिहांश का सवाल सुन कर Ragya गुस्से से त्रिहांश को देखी | फिर अपने गाल से उसके हाथ हटा कर गुस्से से बोली,""_और नही तो क्या ? अगर आपको मुझे घर में नही लाना तो मुझे कम से कम उठा तो सकते थे न ? मैं खुद चली जाती ,अगर आपको मुझे मरते हुए देखना था तो हॉस्पिटल में ही छोड़ देते ,मुझ पर गोली चल रही थी ना तो मैं वही मर......!!! "    Just shut up Ragya....!!! " त्रिहांश गुस्से से चिल्ला उठा तो Ragya उसे ही देखने लगी | वही त्रिहांश गुस्से से बोला ,""_ अगर तुम्हे मारना होता तो एक ही सेकंड में सबकुछ खतम करता मैं, इस तरह ड्रामा करने की मुझे कोई जरूरत नहीं है समझी और वैसे भी तुम मेरे लिए इतनी इंपोर्टेंट नही हो की मैं तुम्हे पहले मारने का प्लान करूंगा फीर बचाते हुए यह स्टूपिड सा केयर करता रहूं ? "   Ragya को उसकी एक एक बात तकलीफ दे रही थी | लेकिन उसने उसे कुछ नही कहा और नाही खुद को रोने दिया | वह बोली,""_ फिर आप क्यों मुझे अपने पास रख रहे है ? जाने देते मुझे ? किसी और को देख लीजिए ना अपनी हवस मिटाने के लिए , मेरा जिस्म अब पहले जैसा उतना अच्छा भी नहीं रहा......!!! "   चटाक.....!!! " Ragya ने बस इतना कहा ही था की त्रिहांश ने जोर से एक चांटा मारा तो Ragya का चेहरा एक तरफ झुक गया |    वही त्रिहांश कसके उसके बाजू पकड़ कर अपने दांत पीसते हुए बोला,""_ आज बोल दिया दुबारा बोलने की हिम्मत की ना ? "    Ragya की आंखो से मोटे मोटे आंसू गिरने लगे थे | वही त्रिहांश उसका हाथ झटका कर विंडो के पास जा कर सिगरेट का कश लेने लगा | उसे बहुत गुस्सा आ रहा था | Ragya ने उसके desire को lust का नाम दिया था लेकिन ऐसा नहीं था | वह जरूर उसका जिस्म चाहता था लेकिन अपने हवस मिटाने नही | कुछ ऐसे राज थे जो त्रिहांश को Ragya से जुड़ कर रखते थे और उसका desire सिर्फ एक बहाना था |      वही Ragya अपने गाल पर हाथ रख कर रो रही थी | उसे समझ ही नही आ रहा था उसकी जिंदगी में हो क्या रहा है ? उसके मां बाप भाई होते हुए भी उसे त्रिहांश के साथ रहना पड़ रहा था जो सिर्फ अपने मकसद के लिए इस्तेमाल कर रहा है |  Ragya रोते हुए त्रिहांश को देखने लगी | वही त्रिहांश गुस्से से तेज तेज से सांसे लेने लगा था | ऐसे ही एक घंटा भीत गया | त्रिहांश एक के बाद एक का सिगार का कश लेता रहा और वही Ragya रोते हुए उसकी और देखती रही | दोनो की होते हुए भी रुम में सन्नाटा छाया रहा था |   तभी वहा त्रिहांश का फोन रिंग होने लगा | त्रिहांश ने एक नजर मुड़ कर Ragya को देखा जो अभी भी रो रही थी | वही त्रिहांश सोफे के पास जा कर फोन उठा कर देखा कॉल इस वक्त समर का था |     उधर से समर बोला,""_ बॉस काम हो गया है |  त्रिहांश थोड़ी देर चुप रहा | फिर उससे बोला,""_ good, नितिन और उसकी बेटी .....!!! "    उन दोनो को अपने कब्जे में ले लिया बॉस ..!!! " समर ने जवाब दिया तो त्रिहांश बोला ,""_ नही ,उन्हे कब्जे में लेने की जरूरत नही है , उन पर attempt to murder case डाल दो और उनकी रिपोटेशन की दज्जिया उड़ाना है ठीक है?.!!! "  त्रिहांश की बात सुन उधर से समर हा में जवाब दे कर फोन रखा | वही Ragya त्रिहांश को देख रही थी | उसे त्रिहांश की बात सुन बहुत गुस्सा आ रहा था वह कैसे किसी और के जिंदगी के साथ खेल सकता है ?लेकिन यह सब कहने का हक उसके पास नही था | वह त्रिहांश से नजरे हटा कर चुपचाप बैठ गई |   वही त्रिहांश की नजर Ragya पर ही टिकी थी | Ragya का चेहरा लाल हो गया था और रोने के वजह से उसके आंखे थोड़े सूझे हुए थे और ऊपर से उसके गाल पर त्रिहांश की हाथो की निशान भी बैठ गए थे |      त्रिहांश एक टक उसे ही देख रहा था | वह फिर अपना लैपटॉप ले कर उसके पास गया फिर उसके गोद में लैपटॉप रख कर एक्सीडेंट वाली वीडियो दिखाते हुए बोला,""_ ध्यान से देखो इसे .....!! "    Ragya हैरानी से देखने लगी थी | फिर वह बोली,""_ यह सब ....? "   Ragya अभी बोल ही रही थी की त्रिहांश उसके हाथ से लैपटॉप ले कर वापस सोफे के पास जाते हुए बोला,""_अब पता चला मैं तुम्हे मरने के लिए वहा छोड़ नही गया था ? वैसे गलती मेरी है मुझे तुम्हे ले कर ही घर में आना चाहिए था जिससे तुम्हे कोई चोट नही लगता ? So उसके लिए i am sorry...!!! "      Ragya हैरानी से त्रिहांश को ही देख रही थी | उसे इस तरह सुका सुका सा सॉरी बोलता देख वह बडबडा कर बोली,""_ sorry तो ऐसे कह रहे है जैसे मुझ पर कोई एहसान कर रहे है |"   Ragya ने यह सब बहुत ही धीमी आवाज में कहां था लेकिन त्रिहांश ने सुन लिया था | वह अपना लैपटॉप काफी टेबल पर रख कर Ragya को देखने लगा | Ragya अभी भी बडबडा जा रही थी लेकिन इसमें वह बहुत क्यूट लग रही थी |      त्रिहांश Ragya को देखते हुए उसके करीब गया | Ragya को जैसे ही एहसास हुआ कि त्रिहांश उसके करीब आ रहा है तो वह अपना सर ऊपर कर त्रिहांश को देखी | त्रिहांश की नजर सिर्फ Ragya की बड़बड़ाती होंठो पर थी | त्रिहांश Ragya के बेहद करीब बैठा फिर अपने अंगूठे से उसके होंठ सहलाते हुए बोला ,""_ क्या कह रही थी तुम...? "  अचानक से इस तरह त्रिहांश के करीब आने से Ragya एक दम से ब्लैंक हो गई थी | और अब उसके होंठ सहलाने से वह सिहर रही थी | वही त्रिहांश अपने होंठ Ragya के होंठो के बेहद करीब ले गया था | वह धीरे से थोड़ा झुका फिर उसकी मुलायम सी होंठो को अपने मुंह में भर लिया |    Ragya की आंखे कसके भींच गए | और उसके दोनो हाथ त्रिहांश की शर्ट में कस गया था | त्रिहांश की आंखे भी बंद थे और वह Ragya की चेहरे को अपने दोनो हाथो में भर कर उसके होंठो को किस कर रहा था | उसका बेहद सॉफ्ट और प्यार भरा था जो Ragya को अजीब सा सुकून दे रहा था |    थोड़ी ही देर में Ragya की सांसे फूलने लगे तो उसका पकड़ त्रिहांश की शर्ट में कस गया | वह जोर जोर से उसके सीने में मारने लगे तो त्रिहांश उसके होंठो को छोड़ कर उसके पूरे चेहरे पर अपना होंठ चलाने लगा |    To  be continued...........