Chapter 39: chapter 39

मुक्ति (The end)Words: 25949

 एक झटकाट्रेसी अब पूरी तरह नग्न थी, और उसे कल रात की याद आ रही थी, जो उसके लिए एक खूबसूरत अनुभव था, जब उसका मुँह उसके शरीर पर था। उसने उसके बालों को चारों ओर लपेटा जैसे एक तंबू हो, और वो उसके शरीर के हर हिस्से से परिचित हो रही थी। उसकी गर्दन, निप्पल्स, पेट—सब। उसने उसकी नाभि से पानी के आखिरी कतरे को चूमा, और उसकी आँखों पर उसके तन की गर्मी महसूस की।  वह उठा और उसे फिर से अपनी ओर खींच लिया। उसने उसकी मांसपेशियों को सख्त होते महसूस किया, जैसे कोई कड़ी लकड़ी हो। उसकी त्वचा पर उसकी नमी फिसल रही थी। उसने उसको अपने मुँह में लिया और दूसरी छाती को अपने खुरदरे हाथों में पकड़ लिया।यह प्रक्रिया पूरी रात चली। रात जितनी गहरी होती गई, उनके बीच की भावनाएँ और अधिक तीव्र होती गईं, और अंत में वे थक कर सो गए। हालांकि, यह उनका पहला अनुभव नहीं था, लेकिन इस जीवन में यह ट्रेसी का पहला अनुभव था। वह केवल उपन्यासों में पुनर्जन्म की कहानियाँ पढ़ती थी, लेकिन अब उसे यह अपने जीवन में महसूस हो रहा था। ट्रेसी उस व्यक्ति के पास गई, जो शांति से सो रहा था, चेहरे पर एक सुंदर मुस्कान लिए हुए। वह अभी भी उसके साथ रहना चाहती थी। सुबह के 6:00 बज रहे थे, और ट्रेसी को अभी और सोने का मन कर रहा था, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। उसने उसके नग्न शरीर को पकड़ लिया और उसके कंधों पर सिर रखकर उसे देखती रही।रुद्र ने कहा, "क्या हुआ? क्या तुम और चक्कर लगाना चाहती हो, इसलिए तुम मेरे पास आई हो?" उसने उसका बायाँ हाथ पकड़ा और एक-एक करके उसकी उँगलियों को चूमा, और फिर अपने होंठ उसकी उँगलियों के सिरे पर रख दिए। वे दोनों फिर से एक-दूसरे को चूमने लगे, और ट्रेसी की उम्मीदें बढ़ने लगीं। लेकिन उसी समय रुद्र ने एक सधे हुए एथलीट की तरह उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसे बिस्तर पर लिटा दिया। उसका वजन उसकी कोहनी और हाथों के बल पर था, लेकिन फिर भी ट्रेसी को लगा कि वो पूरी तरह से उसकी पकड़ में थी। थोड़ी हिचकिचाहट के बाद, ट्रेसी खिड़की की ओर दौड़ी, जहाँ से प्रकृति की सुंदरता झलक रही थी, और अब भी वह सिर्फ बिस्तर की चादर से ढकी हुई थी। रुद्र भी उसके पीछे आया, और उसे पीछे से पकड़कर चूम लिया।सुबह के समय ट्रेसी चिड़ियों की मीठी चहचहाहट से जागी। उसे खिड़की की तरफ एक नरम, दिव्य रोशनी खींच रही थी। आसमान गुलाबी, हलके बैंगनी और नीले रंग की खूबसूरत छटा से सजा हुआ था। सूरज धीरे-धीरे क्षितिज से उभर रहा था, और अपनी सुनहरी किरणों से बादलों को रुई के गद्दों जैसा दिखा रहा था। आसमान मानो जीवन से भरा हुआ था, जहाँ बादल धीमे-धीमे नाच रहे थे। हवा में ताजगी थी, और घास और जंगली फूलों की भीनी-भीनी खुशबू थी। ट्रेसी ने गहरी सांस ली और इस पल की शांति और सुंदरता को महसूस किया। आसमान का ये नज़ारा जीवन की सुंदरता और हर दिन की नई शुरुआत का प्रतीक था। यह उम्मीद और जादू का संदेश दे रहा था, और ट्रेसी इस अद्भुत नज़ारे को देखकर जीवन के प्रति आभार महसूस कर रही थी।थोड़ी देर वहाँ खड़ी रहने के बाद, वे दोनों तैयार होने चले गए। तभी दरवाज़े पर दस्तक हुई और ट्रेसी ने दरवाजा खोला तो उसकी नौकरानी आई थी, खाना पकाने के लिए। उसी समय रुद्र की नौकरानी भी सफाई के लिए आई। ट्रेसी ने दोनों का परिचय करवाया। रुद्र अपने कार्यालय के कमरे में चला गया, ईमेल चेक करने के लिए। ट्रेसी भी उसके साथ जाना चाहती थी, लेकिन वह उसे परेशान नहीं करना चाहती थी, इसलिए वह रसोई में अपनी नौकरानी की मदद करने चली गई। ट्रेसी ने कहा, "आंटी, क्या मेरे पिछले घर में कोई मरा था, जब मैं वहाँ आई थी?" नौकरानी का नाम एमिली था और दूसरी नौकरानी का नाम बेला। एमिली डर गई और उसका स्पैटुला हाथ से गिर गया। नौकरानी की आँखें चौड़ी हो गईं और वह डर गई। ट्रेसी ने कहा, "आंटी, मुझे बताओ क्या हुआ था।" नौकरानी ने धीरे से कहा, "बेटी, मुझे उस घटना के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है। मेरी दादी उस घर में नौकरानी थीं। यह कहा जाता है कि राजा प्रताप के शासनकाल में दो लोग उस घर में रहने आए थे। उनका नाम था अलेक्जेंडर और कैथरीन।"ट्रेसी ये सुनकर चौंक गई। एमिली ने आगे कहा, "उनके दो सुंदर बेटियाँ थीं, स्टेला और ट्रेसी। उन दोनों का विवाह राजा प्रताप के बेटों से हुआ था। लेकिन अलेक्जेंडर और कैथरीन ने शैतानी काला जादू करने वाले समूह ब्लैक ड्रैगन के साथ अनुबंध किया था। इस समूह को महिला का खून चाहिए था। एक दिन, जब अलेक्जेंडर घर पर नहीं था, तो ब्लैक ड्रैगन का नेता आया और कैथरीन को बलपूर्वक अपने साथ सोने के लिए मजबूर किया। उसने कैथरीन के शरीर से खून निकालकर शैतान की पूजा के लिए प्रयोग किया। बाद में, जब शैतान के अनुयायी को और खून की जरूरत पड़ी, तो उसने अलेक्जेंडर को मार डाला और कैथरीन के साथ नहाते समय बर्बरता से बलात्कार किया।" ये सुनकर ट्रेसी के होश उड़ गए। वह पसीने-पसीने हो गई और बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ी। आवाज़ सुनकर रुद्र भागता हुआ आया और उसे उठाकर बेडरूम में ले गया।पंद्रह मिनट बाद, ट्रेसी जागी और खुद को बिस्तर पर पाया। रुद्र उसके पास ही बैठा था। उसने उसे कसकर गले लगा लिया और ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी। रुद्र ने पूछा, "क्या हुआ? तुम इतनी क्यों रो रही हो?" ट्रेसी ने अपने आँसू पोंछते हुए सारी कहानी रुद्र को बताई। रुद्र ने कहा, "लेकिन यह तो हमारे पिछले जीवन में हुआ था, अब तुम इतनी चिंता क्यों कर रही हो?" ट्रेसी ने कहा, "मुझे लगता है कि इस जीवन में भी वे हमें उसी तरह छोड़ गए हैं। हमें ब्लैक ड्रैगन समूह को ढूंढकर उनका अंत करना होगा। मैं अपने परिवार की बर्बादी का बदला लेना चाहती हूँ।" रुद्र ने कहा, "शांत हो जाओ, मैंने पहले ही इसके लिए इंतजाम कर दिए हैं।"तभी दरवाजे की घंटी बजी, और एमिली ने दरवाजा खोला। नाथन आया था और रुद्र से मिलने के लिए पूछ रहा था। एमिली ने रुद्र और ट्रेसी को बुलाया। तीनों कार्यालय के कमरे में गए। नाथन ने पहले ट्रेसी की हालत के बारे में पूछा, फिर कहा, "मुझे ब्लैक ड्रैगन के बारे में नई जानकारी मिली है और मुझे आपके पिता अलेक्जेंडर के बारे में भी पता चला है।" ट्रेसी ये सुनकर हैरान हो गई। वह अपने पिता के बारे में सुनने के लिए बेचैन थी। नाथन ने कहा, "मैंने जिस व्यक्ति से बात की, मुझे नहीं पता कि वह अलेक्जेंडर है या नहीं। आपको इसकी पुष्टि करनी होगी।" ट्रेसी ने कहा, "तुम जानकारी बताओ, मैं खुद जांच करूँगी।" नाथन ने कहा, "ठीक है, तो सुनो।" फिर उसने रुद्र की ओर मुड़ते हुए कहा, "तुम जानते हो कि तुम्हारे चाचा अरुण शर्मा और तुम्हारे पिता दो महीने पहले गोवा गए थे, वहाँ नई शाखा खोलने के लिए।" रुद्र ने कहा, "हाँ, मुझे पता है।" नाथन ने कहा, "एक महीने पहले, जब वे शाखा खोलने के समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे थे, कुछ मछुआरे उनके पास आए और एक आदमी की लाश समुद्र में मिली। लेकिन जब उन्होंने देखा, तो वह आदमी जिंदा था।" रुद्र के पिता और अरुण ने उसे अस्पताल पहुंचाया। जांच में पता चला कि उसकी याददाश्त चली गई है। उन्होंने जासूस भेजे, जो पता लगाकर आए कि वह आदमी अलेक्जेंडर है।कुछ समय बाद, दोनों ने खुद को तरोताजा कर लिया। जैसे ही वे तैयार हुए, दरवाजे पर दस्तक हुई। ट्रेसी ने दरवाजा खोला तो उनकी नौकरानी खाना पकाने के लिए आई थी। उसी समय रुद्र की नौकरानी भी सफाई के लिए आ गई। ट्रेसी ने दोनों की आपस में मुलाकात करवाई। इसके बाद रुद्र अपने ऑफिस रूम में ईमेल चेक करने चला गया। ट्रेसी भी उसके साथ जाना चाहती थी, लेकिन उसे परेशान नहीं करना चाहती थी, इसलिए वह रसोई में नौकरानी की मदद करने लगी।ट्रेसी ने पूछा, "आंटी, क्या मेरे पिछले घर में किसी की मौत हुई थी, मेरे वहां आने से पहले?" नौकरानी का नाम एमिली था, और दूसरी नौकरानी का नाम बेला। ट्रेसी का सवाल सुनकर एमिली डर गई, और उसके हाथ से स्पैचुला गिर गया। नौकरानी की आँखें चौड़ी हो गईं और वह कांपने लगी। ट्रेसी ने जोर दिया, "आंटी, प्लीज बताइए, क्या हुआ था?" एमिली ने हिम्मत जुटाई और कहा, "बेटी, मुझे पूरी तरह से मालूम नहीं है, पर मेरी दादी उस घर में काम करती थीं। ऐसा कहा जाता है कि राजा प्रताप के शासन के दौरान दो लोग उस घर में रहने आए थे। वे एक जोड़ा था, जिनका नाम अलेक्जेंडर और कैथरीन था।"यह सुनकर ट्रेसी चौंक गई। एमिली ने जारी रखा, "उनके दो खूबसूरत बेटियां थीं, स्टेला और ट्रेसी, और दोनों राजकुमारियाँ राजा प्रताप के बेटों से ब्याही गई थीं।" ट्रेसी की धड़कनें तेज़ हो गईं। "क्या आपने कहा... ट्रेसी और स्टेला?" उसने कांपती आवाज़ में पूछा। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि जो नाम उसने अभी सुने थे, वे वही थे, जिनके साथ उसका जीवन जुड़ा था एमिली ने गहरी सांस ली और सिर हिलाते हुए कहा, "हाँ, बेटी, यही नाम थे। मेरी दादी ने हमेशा कहा कि उन दिनों में बहुत कुछ हुआ था, जिसकी वजह से वह महल और वह परिवार कभी खुश नहीं रहे।"ट्रेसी की आँखों में हैरानी थी। उसे महसूस हो रहा था कि जो कुछ भी वह महसूस कर रही थी, वह सिर्फ एक सपना नहीं था, बल्कि शायद उसकी आत्मा का कोई पुराना रिश्ता था उस महल और उन लोगों के साथ। "क्या हुआ था उनके साथ?" उसने जल्दी से पूछा। एमिली ने थोड़ा हिचकते हुए कहा, "इस बारे में पूरी कहानी तो मुझे भी नहीं पता, बेटी, पर मेरी दादी कहती थीं कि अलेक्जेंडर और कैथरीन के साथ कोई धोखा हुआ था। उन्होंने किसी पर भरोसा किया, जिसने बाद में उन्हें बर्बाद कर दिया। कैथरीन की मौत भी रहस्यमयी तरीके से हुई थी, और उसके बाद अलेक्जेंडर पागल हो गया था। उस घटना के बाद से महल में अजीब-अजीब घटनाएँ होने लगीं।" ट्रेसी ने गहरी सांस ली। यह सुनकर उसके पूरे शरीर में सिहरन दौड़ गई। उसे एहसास हो गया था कि उसका और रुद्र का रिश्ता सिर्फ इस जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस समय से चला आ रहा है, जब वे दोनों शायद इस रहस्यमयी महल के हिस्से थे।तभी रुद्र ऑफिस से बाहर आया और ट्रेसी के चेहरे की घबराहट को देखकर उसके पास आ गया। "क्या हुआ, ट्रेसी? तुम ठीक तो हो?" उसने चिंता से पूछा। ट्रेसी ने उसे देखा और धीमे से मुस्कुराई। "रुद्र, हमें बात करनी होगी। कुछ ऐसा है, जो मुझे लगता है कि हम दोनों को जानना चाहिए।" रुद्र ने उसकी आँखों में देखा और महसूस किया कि कुछ गहरा और गंभीर है। वह ट्रेसी का हाथ पकड़कर उसे अपने कमरे में ले गया। "क्या हुआ?" रुद्र ने धीरे से पूछा। ट्रेसी ने कुछ क्षणों तक चुप रहकर अपने विचारों को संजोया। फिर उसने रुद्र से कहा, "रुद्र, क्या तुमने कभी सोचा है कि हमारे बीच का यह रिश्ता सिर्फ इस जीवन का नहीं हो सकता? मुझे ऐसा लगता है कि हम दोनों का अतीत कहीं न कहीं इस महल और उसके इतिहास से जुड़ा है। रुद्र ने हैरानी से उसकी ओर देखा। "क्या कहना चाहती हो?" ट्रेसी ने धीरे-धीरे एमिली की बताई कहानी दोहराई—अलेक्जेंडर, कैथरीन, और उनके बच्चों की। रुद्र ध्यान से सुनता रहा, और जैसे-जैसे ट्रेसी आगे बताती गई, उसके चेहरे पर हैरानी और गंभीरता बढ़ती गई। "क्या तुम कह रही हो कि हम... पुनर्जन्म लेकर वापस आए हैं?" रुद्र ने पूछा, जैसे उसे इस विचार को समझने में मुश्किल हो रही हो। "शायद," ट्रेसी ने धीरे से कहा। "मुझे यह सब समझ में नहीं आ रहा, लेकिन जो भी हो रहा है, वह सिर्फ एक संयोग नहीं हो सकता। मेरे सपनों में बार-बार वही चेहरे, वही घटनाएँ आती हैं। और अब एमिली की यह कहानी... यह सब जुड़ा हुआ लगता है।" रुद्र ने कुछ देर तक सोचा। वह हमेशा तार्किक सोच वाला व्यक्ति था, लेकिन यह सब उसके लिए नया और अनजाना था। "अगर यह सच है, तो हमें इसके पीछे की सच्चाई का पता लगाना होगा। शायद हमारे अतीत में कुछ ऐसा है, जो अब भी अधूरा है, और हमें उसे पूरा करना है," उसने गंभीरता से कहा। ट्रेसी ने सहमति में सिर हिलाया। "शायद हमें उस महल में वापस जाना चाहिए, जहाँ अलेक्जेंडर और कैथरीन रहते थे। वहाँ कुछ ऐसा हो सकता है, जो हमें इस पहेली को सुलझाने में मदद कर सके।" रुद्र ने उसकी आँखों में दृढ़ता देखी और उसने कहा, "ठीक है, हम महल जाएंगे। हमें अपने अतीत के बारे में जानना होगा, और यह भी समझना होगा कि हमारे वर्तमान में इसका क्या असर हो सकता है।" आने वाले अध्यायों में, ट्रेसी और रुद्र उस महल की ओर अपने सफर की तैयारी करेंगे, जहाँ अलेक्जेंडर और कैथरीन का इतिहास छिपा हुआ है। क्या वे अपने अतीत का सामना कर पाएंगे, और क्या यह उन्हें उनके भविष्य के लिए कोई नई दिशा देगा?