Chapter 38: chapter 38

मुक्ति (The end)Words: 20602

एक नई योजना दोपहर का आसमान रंगों का कैनवास था, सफेद बादल नीले विस्तार में धीरे-धीरे तैर रहे थे। सूरज एक सुनहरा गोला था, जो अपनी गर्म किरणें धरती पर बिखेर रहा था। एक हल्की हवा बह रही थी, जो फूलों की मीठी सुगंध साथ ला रही थी। दूर, पक्षियों का एक झुंड आसमान में उड़ रहा था, उनके पंख आकाश में सिल्हूट बनाते हुए। ऊपर एक बाज मंडरा रहा था, जिसकी तीखी निगाहें जमीन पर शिकार की तलाश कर रही थीं। फूलों के एक मैदान में रंगों की बाढ़ सी आ गई थी, लाल, पीले, नीले और बैंगनी फूल हवा में लहरा रहे थे। एक तितली फूल से फूल पर मंडरा रही थी, उसकी नाजुक पंख धूप में चमक रहे थे।दूसरी ओर, एक युवा लड़की घास पर लेटी थी, आसमान की ओर देख रही थी। उसने अपनी आंखें बंद कर लीं और प्रकृति की आवाज़ों को सुनने लगी। पक्षियों का चहचहाना, मधुमक्खियों की भनभनाहट, और हवा में पत्तों की सरसराहट। उसे अपनी त्वचा पर सूरज की गर्माहट और चेहरे पर हल्की हवा का एहसास हो रहा था। स्मिता आज समुद्र के किनारे गई थी और वहां एक घंटे तक बैठी रही। इस हफ्ते ने उसे बहुत थका दिया था, क्योंकि रोनित ने पुणे पुलिस स्टेशन का चार्ज संभालने के बाद, वह सुराग ढूंढने में जुट गया था ताकि वह केस खोल सके। अब तक दस बच्चों के गायब होने का कोई सुराग नहीं मिला था। रोनित एक महीने से उनकी तलाश कर रहा था, लेकिन उसे कुछ गलत लग रहा था। उच्च अधिकारी उस पर दबाव बना रहे थे कि वह जल्द से जल्द मामले को बंद कर दे। स्मिता भी कोई सुराग नहीं ढूंढ पाई थी। उसने सोचा कि वह उस घर में जाएगी, जहां उसने पहली बार पारानॉर्मल फ्रिक्वेंसी रिकॉर्ड की थी। इधर, ट्रेसी के घर में ट्रेसी अब भी बेहोश थी। नाथन ने कहा, "जब हमने शर्तें रखी थीं, तो मिस्टर जैक ने कहा था कि वह मालिक मिस्टर अलेक्जेंडर से पूछकर निर्णय लेंगे। याद है तुमने उनके डिज़ाइन देखकर उन्हें 1 करोड़ का चेक साइन करके दिया था और वह चेक एक महीने पहले वापस आ गया था। मुझे तब भी अजीब लगा जब उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया।" रुद्र ने सोचा और कहा, "हां, मुझे याद है। एक महीने पहले, एक महिला ने मुझे फोन किया था और कहा था कि वह नौकरी चाहती है और उसने वह चेक जमा किया था, तो मुझे संदेह हुआ कि ट्रेसी ही वह व्यक्ति थी जिसने तुम्हारा प्रस्ताव स्वीकार किया था और हमारे साथ काम करने आई थी।" रुद्र ने कहा, "इस बारे में और गहराई से पता करो और मेरी बहन पर गुप्त निगरानी रखो। कल से हमें बहुत कुछ करना है और हमने नए प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा की। फिर नाथन बाहर चला गया।" जब रुद्र टेबल साफ कर रहा था, तो उसने बेडरूम से कुछ आवाजें सुनीं और वह दौड़कर वहां गया। उसने देखा कि ट्रेसी जाग गई थी और उसके हाथ से कांच का फ्रेम गलती से टूट गया था, जिससे उसके हाथ में हल्की सी चोट आ गई थी। उसने ट्रेसी को अपनी बाहों में उठाया और धीरे-धीरे बिस्तर पर लिटा दिया। फिर उसने कांच के टुकड़े साफ कर दिए। रुद्र को देखकर ट्रेसी अपनी भावनाओं को काबू में नहीं कर पाई और उसे गले लगा लिया, जैसे उसका सपना हकीकत में बदल गया हो। रुद्र उसे देखकर खुश था और उसे गहराई से चूमा, जब तक कि दोनों की सांसें थम नहीं गईं। रुद्र उसे अपनी बांहों में कस कर महसूस करना चाहता था। ट्रेसी उसकी छुअन का आनंद ले रही थी और उसे महसूस हो रहा था कि सब कुछ सच में हो रहा है।उसकी छुअन ने उसके दिमाग में एक खूबसूरत पागलपन भर दिया। वह अपने सारे अतीत को याद करने लगी और हर पल का आनंद लेने लगी, यह भूलकर कि वह अपने पिछले जीवन में अटकी हुई थी। अचानक, रुद्र को एहसास हुआ कि वे अतीत में नहीं, बल्कि वर्तमान में हैं, तो उसने खुद को पीछे खींच लिया। लेकिन ट्रेसी ने कहा, "मत जाओ, मैं वो सब प्यार महसूस करना चाहती हूं, जो तुमने मुझे अतीत में दिया था। इतने सालों बाद मैं उसे महसूस करना चाहती हूं।" रुद्र ने पूछा, "क्या तुम सुनिश्चित हो कि तुम्हें अब बुरा नहीं लग रहा है? उस वक्त हम शादीशुदा थे, लेकिन अब नहीं।" ट्रेसी ने कहा, "मैं बस तुम्हारा दिल महसूस करना चाहती हूं। अगर तुम ऐसा नहीं करना चाहते तो मैं नहाने जा रही हूं।" रुद्र उसे अपनी बाहों में उठाकर अपने कमरे में ले गया और उसे नरम और आरामदायक बिस्तर पर सुला दिया। उसने उसकी पोशाक को धीरे-धीरे उतारना शुरू किया, जब तक कि उसकी छाती पूरी तरह से दिखाई देने लगी। यह देखकर उसे लगा जैसे वह उसके साथ किसी जहाज में कैद हो गया हो। वह आगे बढ़ा, उसके बालों को धीरे-धीरे पीछे खींचते हुए, जैसे रेशमी धागे से बने हों, और फिर वह उसमें समा गया। उसकी उंगलियां हल्के से इशारा कर रही थीं, और वह झुक कर उसके होठों पर अपना मुँह रख दिया।  उन दोनों के बीच वह क्षण जैसे स्थिर हो गया हो, उनका अस्तित्व आपस में मिलकर एक हो गया था। उसकी उँगलियाँ उसके बालों में खो गईं, और उनके होंठों के बीच की दूरी धीरे-धीरे मिटने लगी। रुद्र ने उसकी आँखों के पलकें फिर से चूमा, और उसके होठों को धीरे से स्पर्श किया, जैसे वह किसी यादगार पल को दोबारा जी रहा हो। चुम्बन उस बिंदु से आगे बढ़ गया जहाँ वह सामान्यतः रुक जाता था, और फिर वह धीरे से पीछे हट गया। लेकिन ट्रेसी उसे रोकना चाह रही थी, वह उसे महसूस कर रही थी जैसे उसने उसे एक नई दृष्टि से देखा हो, जैसे कि वह वर्षों से उसे खो चुकी थी। उसके होंठ फिर से रुद्र के होंठों को छूने लगे। रुद्र ने उसे फिर से चूमा, और धीरे-धीरे उसकी छोटी नाइटी को उसके सिर से उतार दिया। उसके मजबूत और नाजुक हाथ उसके शरीर पर धीरे-धीरे घूमने लगे। उसकी उँगलियाँ, होंठ, और जीभ, उसके नग्न शरीर पर हर जगह स्पर्श करने लगे। रुद्र बेहद कोमल था। ट्रेसी को बिल्कुल डर नहीं लग रहा था। उसे पता था कि वह क्या कर रहा है। उसने अपनी नाजुक उँगलियों से उसकी छाती के निप्पल को महसूस किया, और यह उसे चौंका गया। रुद्र ने उसे शांत करने के लिए कहा, "श्श्श, घबराओ मत, बस आराम करो और अपने शरीर को महसूस करो।" वह धीमा था, लयबद्ध, बेहद कोमल, उसके शरीर पर नीचे की ओर बढ़ते हुए, जब तक कि वह उसकी जांघों के बीच नहीं पहुँच गया। ट्रेसी को अचानक एक हल्का दर्द महसूस हुआ, फिर एक मीठी अनुभूति उसके शरीर में फैल गई। ऐसा लगा जैसे वह हवा में उठ रही हो, और वह दर्द अब गायब हो गया था। अब बस आनंद था, जो उसकी सांसों को तेज कर रहा था। उसने रुद्र को कसकर अपनी ओर खींचा, जैसे कि वह उस मिठास और शांति को और गहरे महसूस करना चाह रही हो।ट्रेसी अब पूरी तरह नग्न थी, उसके होठों ने रुद्र के शरीर को खोजा। रुद्र ने उसके बालों को अपने चारों ओर लपेट लिया, जैसे कि वे दोनों एक अलग दुनिया में प्रवेश कर चुके हों। ट्रेसी धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ी, रुद्र के शरीर के हर हिस्से को महसूस करती, उसके गले, उसकी छाती, उसके पेट तक। उसने उसकी नाभि के पास के हिस्से से आखिरी बूँदों को महसूस किया और उसे अपने होठों से चखा। उसने रुद्र के शरीर की गर्मी को महसूस किया, और उसकी आँखों से उसकी त्वचा पर अपनी नमी को फिसलते हुए देखा।रुद्र ने उसे अपनी ओर खींचा और उसे अपनी गोद में बैठा लिया। ट्रेसी ने उसके कठोर पेट के नीचे अपनी नमी महसूस की, उसकी त्वचा पर वह फिसल रही थी। रुद्र ने उसके निप्पल को अपने होंठों से छुआ और दूसरे स्तन को अपनी खुरदुरी हथेली में पकड़ा। इस स्पर्श ने ट्रेसी को और अधिक आनंदित कर दिया। यह सिलसिला पूरी रात चलता रहा, और जैसे-जैसे रात गहरी होती गई, उनके जज़्बात और भी तीव्र होते गए। अंततः, थकान ने दोनों को घेर लिया और वे एक-दूसरे की बाँहों में सो गए।अब सवाल यह है कि रुद्र का असली प्लान क्या है? क्या रुद्र और ट्रेसी मिलकर इस रहस्य को सुलझा पाएंगे? क्या स्टेला बदल गई है? क्या स्टेला और प्रकाश उनकी मदद करेंगे? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए अगली बार का इंतज़ार करें दोस्तों। धन्यवाद, हमेशा मेरा साथ देने के लिए!  वह धीमे, लयबद्ध, बेहद कोमलता से उसके शरीर पर नीचे की ओर बढ़ रहा था, जब तक कि वह उसकी जांघों के बीच नहीं पहुंच गया। ट्रेसी को अचानक हल्का दर्द महसूस हुआ, फिर एक मीठी अनुभूति उसके शरीर में फैल गई। ऐसा लग रहा था जैसे वह हवा में तैर रही हो, और वह दर्द अब पूरी तरह गायब हो चुका था। अब बस आनंद था, जो उसकी सांसों को तेज कर रहा था। उसने रुद्र को कसकर अपनी ओर खींचा, जैसे कि वह उस मिठास और शांति को और गहराई से महसूस करना चाह रही हो। ट्रेसी अब पूरी तरह नग्न थी, उसके होठों ने रुद्र के शरीर की हर जगह को महसूस किया। रुद्र ने उसके बालों को अपने हाथों से जकड़ लिया, जैसे कि वे दोनों एक अलग दुनिया में प्रवेश कर चुके हों। ट्रेसी धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ी, रुद्र के शरीर के हर हिस्से को अपने होठों से महसूस करती, उसके गले, उसकी छाती, उसके पेट तक। उसने उसकी नाभि के पास के हिस्से से आखिरी बूँदों को महसूस किया और उसे अपने होठों से चखा। उसने रुद्र के शरीर की गर्मी को महसूस किया, और उसकी आँखों से उसकी त्वचा पर अपनी नमी को फिसलते हुए देखा। रुद्र ने उसे अपनी ओर खींचा और उसे अपनी गोद में बिठा लिया। ट्रेसी ने उसके कठोर पेट के नीचे अपनी नमी महसूस की, वह उसकी त्वचा पर फिसल रही थी। रुद्र ने उसके निप्पल को अपने होंठों से छुआ और दूसरे स्तन को अपनी खुरदुरी हथेली से पकड़ा। इस स्पर्श ने ट्रेसी को और अधिक उत्तेजित कर दिया। यह सिलसिला पूरी रात चलता रहा, और जैसे-जैसे रात गहरी होती गई, उनके जज़्बात और भी तीव्र होते गए।अंततः, थकान ने दोनों को घेर लिया और वे एक-दूसरे की बाँहों में सो गए। अब सवाल यह है कि रुद्र का असली प्लान क्या है? क्या रुद्र और ट्रेसी मिलकर इस रहस्य को सुलझा पाएंगे? क्या स्टेला बदल गई है? क्या स्टेला और प्रकाश उनकी मदद करेंगे? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए अगली बार का इंतज़ार करें दोस्तों। धन्यवाद, हमेशा मेरा साथ देने के लिए!