Chapter 47: chapter 47

Billionaire's Dark DesireWords: 29694

अब आगे ........     त्रिहांश राज्ञा को बेड पर लेटा कर खुद उसके ऊपर आ गया था | राज्ञा नम आंखों से बस त्रिहांश को देख रही थी | त्रिहांश जो कह रहा था उसे समझना या एक्सेप्ट करना उसके लिए मुश्किल ही नहीं ना मुमकिल सा लग रहा था |     वह बोली,""_ आप यह क्या कह रहे त्रिहांश ? माया राठौड़ मेरी मां है ? लेकिन कैसे ?  "   राज्ञा के सवाल सुन कर त्रिहांश धीरे से उसके चेहरे पर गिरे हुए लटो को कान के पीछे सरकाते हुए बोला,""_ मैं तुम्हे जो कह रहा हू......| "   बोलते बोलते त्रिहांश खुद ही रुक गया | वही राज्ञा बस उसे सवालिया निगाहों से देख रही थी |  वही त्रिहांश के दिमाग में कुछ और ही चलने लगा था | वह अपने मन में बोला,""_ मै यह सारी बाते इसे क्यों बता रहा हु ? वैसे भी माया राठोड़ मेरा कोनसा बला चाहती है ? जब देखो तब राज्ञा को मुझसे अलग करने पर ही तुली रहती है ? "   त्रिहांश एक दम शांत हो कर राज्ञा को देखने लगा | लेकिन फिर से उसके मन ने उसे कहा,""_ लेकिन मैं माया राठौड़ की तरह बिलकुल नही हु,मेरा मकसद राज्ञा को उसकी मां से अलग करना नही है लेकिन मेरा मकसद ....? अगर माया राठौड़ राज्ञा को अपने साथ लेती तो वह इस लड़की को मेरा खिलाफ कर मुझसे अलग कर देगी और मैं ऐसा बिल्कुल नहीं होने दे सकता .......oh God मैं क्या सोच रहा हु ? क्या बोल रहा हु ? किस उलझन में पड़ गया मैं? "   त्रिहांश को अजीब सी बेचैनी मेहसूस होने लगा था | वह राज्ञा से अलग हो कर लेट गया | राज्ञा हैरानी से उसे ही देख रही थी | उसे इस तरह अलग हो कर लेटता देख वह उठ कर उसके करीब जाते हुए बोली,""_ क्या हुआ त्रिहांश ? आप बीच में ही क्यों रुक गए ? बताएंना ,माया मेरी कैसे हुई ? "   त्रिहांश को इस वक्त खुद पर भी गुस्सा आ रहा था | और राज्ञा पर भी....फिर भी वह अपने आपको कंट्रोल करते हुए खुद को शांत करने लगा लेकिन राज्ञा अब कहा चुप रहने वाली थी ? वह त्रिहांश का बाजू पकड़ कर उसे अपने तरफ़ घुमाते हुए पूछी,""_ त्रिहांश, आ आप कुछ बोल क्यों नही रहे ? माया राठौड़.......!!!"   " Just shut up राज्ञा....!!! " त्रिहांश चिल्लाते हुए राज्ञा को अपने ऊपर से हटा कर उठ कर विंडो के पास जाते हुए बोला | त्रिहांश का इस तरह चिल्लाने से राज्ञा थोड़ा सहम गई उसे बिलकुल उम्मीद नही था की त्रिहांश ऐसा चिल्लाएगा ?    वह डरते हुए त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश अपने बालो में उंगलियां फिराते हुए इधर से उधर टहलने लगा था | राज्ञा धीरे से उसके बारे में जा कर पूछी,""_ मुझे सच जानना है त्रिहांश? आप मुझे यहां क्यों लाए ? माया राठौड़ ने ऐसा क्यों किया मेरे साथ ? और वह अचानक से मेरी मां.....?!!"   राज्ञा ने इतना ही कहा था | उसने अभी तक अपनी बात पूरा भी नही किया था की तभी वहा कुछ टूटने की आवाज गूंज उठी |     राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश गुस्से से वही रखे हुए वास को उठा कर नीचे फर्श को दे मारा था | त्रिहांश गुस्से से राज्ञा का बाजू पकड़ कर अपने दांत पीसते हुए बोला,""_  ऐसे बकवास सवाल मुझसे पूछना बंद करोगी ? "   राज्ञा को समझ नही आ रहा था की त्रिहांश को अचानक से क्या हो गया ? वह उसे बता ही तो रहा था लेकिन अचानक से उसके दिमाग में ऐसा कोनसा खयाल आया जो वह कुछ भी बोलना ही बंद किया |       त्रिहांश गुस्से से उसका बाजू छोड़ कर बालकनी में जाने को हुआ की तभी राज्ञा ने कहा,""_ आपको मेरे सवाल बकवास लगते है तो ठीक है त्रिहांश में आपको कोई बकवास सवाल नही पूछूंगी | "     त्रिहांश मुड़ कर राज्ञा को देखने लगा | वही राज्ञा अब गुस्से में आ गई थी | वह आगे बोली,""_ मैं अभी जा कर माया राठोड़ से ही पूछ लेती हु and I am sure की वह मुझे जवाब देगी | "   त्रिहांश का जबड़ा सख्त हुआ और उसकी हाथो की मुट्ठी भी बन गई थी | वह गुस्से से राज्ञा को देखने लगा | वही राज्ञा उसे पूरी तरह इग्नोर कर रूम से बाहर जाने को हुई की त्रिहांश उसके बाजू कसके पकड़ कर लगभग पटकते हुए बेड पर बैठाया |     "  अअह्ह्ह्ह्ह.....!!! "     राज्ञा हल्का सा करहाते हुए त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश उसे बेहद कोल्ड लुक देते हुए घूर रहा था | उसने कहा,""_ तुम कही नही जा रही समझी ? "     " क्यों..? क्यों त्रिहांश ? आपको तो मुझे कुछ नही बताना होता तो मैं खुद ही पता अअह्ह्ह्ह्ह | " राज्ञा आगे कुछ भी कहती उससे पहले ही त्रिहांश कसके उसके चेहरे को पकड़ कर दबाते हुए गुस्से से देखने लगा |     राज्ञा छटपटाने लगी | उसे बहुत दर्द हो रहा था | दर्द से उसके आंखे तक भींच गए थे | वानी त्रिहांश गुस्से से अपने दांत पीसते हुए बोला ,""_ तुम कही नही जा रही उस माया राठौड़ के पास तो बिलकुल नहीं ,समझी ? "     राज्ञा की आंखो से आंसू बहने लगे थे | वह दर्द से इतना छटपटा रही थी की उसकी मुंह से बस दर्द भरा चिक निकलने लगा था | त्रिहांश गुस्से से उसका चेहरा झटका कर बालकनी में चला गया | वही राज्ञा की आंखे नम हो गए थे | उसे समझ नही आ रहा था की त्रिहांश उस पर ऐसा गुस्सा क्यों निकाल रहा है ? वह जो कह रहा था बस वह उसके बारे में ही तो जानना चाहती थी ?      वह उठ कर वाशरूम में चली गई |वही त्रिहांश बालकनी में जा कर सिगरेट का कश लेने लगा था | उसे भी समझ आ रहा था की वह बेवजह राज्ञा पर चिल्ला रहा है ? वह मुड़ कर देखा, राज्ञा उसे रूम में ना दिखी,यह देख त्रिहांश को फिर से गुस्सा आ गया | वह गुस्से से रूम में आया तो उसे वाशरूम में से पानी की आवाज गूंज रही थी यह देख त्रिहांश वापस से बालकनी में चला गया |     हॉस्पिटल में .....     माया अभी भी बेहोश की हालत में हॉस्पिटल के vip वार्ड में लेटी थी | त्रिहांश ने जिस तरह उसे राज्ञा के सामने एक्सपोज किया था उससे उसके दिल पर बहुत असर कर गया था | उनकी बीपी एक दम से हाई हो गया था |       माया को अभी भी डॉक्टर्स चेक कर रहे थे | वही वार्ड के बाहर अहीरा,अर्यांश,बाहर ही खड़े थे | थोड़ी देर बाद वहा सुधर्व भी आ गया |     वही अहीरा भागते हुए सुधर्व के पास जा कर रोते हुए बोली,""_ डैड.....मम्मा...? "  सुधर्व आहिर को अपने गले से लगाते हुए बोला,""_ कुछ नही होगा बच्चा,तुम पहले रोना बंद करो | "      बोलते हुए सुधर्व अर्यांश को सवालिया नजरो से देखने लगा | जैसे पूछ रहा हो की  माया को अचानक से क्या हुआ ? उसका कैसा कंडीशन है ?    आर्यंश उसे कुछ कहता तभी वार्ड में से डॉक्टर बाहर आ कर बोला ,""_ बीपी हाई होने के वजह से वह ऐसे बेहोश हो गई है ,अब उनका कंडीशन ठीक है | "    मम्मा को होश कब आएगा ? " अहीरा ने पूछा तो डॉक्टर ने कहा ,""_ घबराने की कोई जरूरत नही है ,उन्हे थोड़ी देर में होश आ जाएगा |   डॉक्टर वहा से चला गया | वही सुधर्व,अहीरा और अर्यांश हॉस्पिटल के अंदर चले गए |      हवेली......   धीरांश हाल में इस वक्त गुस्से से इधर से उधर टहल रहे थे | उनकी चेहरे पर गुस्सा , डर और फिकर सब साफ साफ नजर आ रहे थे |        विनोद और अजय भी इस वक्त उनके पास ही थे और वह भी थोड़ा परिशान लग रहे थे | माया का हॉस्पिटलाइज्ड होने की खबर उन्हे भी मिल गया था | भले ही उनके बीच दुश्मनी थी लेकिन इस हद तक नही की वह अपने बीच की इंसानियत ही भूल जाए |      वेदिका और दिया भी बिलकुल उनके तरह ही परिशान थे | उर्मी को अर्यंश को फिक्र हो रहा था और वही इशान को अपनी आही की फिकर हो रही थी आही कितनी सेंसिटिव है उसे अच्छे से पता था | इशान कुछ सोचते हुए घर से बाहर निकल गया | वही उर्मी की नजर उस पर टिकी थी | वह जल्दी से इशा को ले कर उसके पीछे चली गई |    त्रिहांश का रूम...     त्रिहांश अभी भी बालकनी में था और वह एक टक सिगरेट का कश ले रहा था | करीब पंद्रह मिनट बाद वाशरूम का door open हुआ | त्रिहांश मुड़ कर देख, राज्ञा एक तौलिया से अपना चेहरा साफ करते हुए वाशरूम से बाहर आ रही थी | उसका चेहरा और आंखे थोड़ा सूझ गए थे | ऐसा लग रहा था की जैसे वह बहुत देर तक रोई हो |      त्रिहांश उसे ही देख रहा था | वह सिगरेट को नीचे फेंक कर गुस्से से उस पर अपना पैर रख कर मसलते हुए राज्ञा को देखने लगा , राज्ञा ने उसके तरफ एक नजर देखा नाही और सीधे जा कर सोफे पर बैठ गई |     त्रिहांश रूम में गया | राज्ञा चुपचाप अपने मोबाइल स्क्रोल कर रही थी | वही त्रिहांश उसके पास जा कर बैठ गया | राज्ञा ने उसे देखा तक नहीं और वह उससे थोड़ा सरकने को हुई की तभी त्रिहांश उसके हाथ से फोन ले कॉफी टेबल पर रखा |   राज्ञा का चेहरा एक दम से उदास हो गया था | उसकी जिंदगी में अभी तक आजादी ही नसीब नहीं हुआ था | जब वह खुराना निवास में रहती थी तब तो गौतम उसके साथ हिटलर जैसे बर्ताव करने लगता तो उसने कभी अपना मन का किया ही नहीं और अब त्रिहांश के साथ भी वैसा ही हाल था | त्रिहांश मिस्टर गौतम से भी ज्यादा पाबंदी लगा देता था |     त्रिहांश एक टक राज्ञा को ही देख रहा था | वह उसके गोद मे अपना सर रख कर लेट गया | राज्ञा ने उसे एक नजर देखा फिर उससे अपना मुंह फेर लिया | त्रिहांश उसकी नाराजगी को बकूबी समझ पा रहा था |      वह धीरे से राज्ञा का एक हाथ पकड़ कर अपने सर पर रखते हुए उसके हाथ से अपने बालों को मसाज कराने लगा | वही राज्ञा की आंखे छोटी हो गई थी और वह घूर कर त्रिहांश को देखने लगी |     त्रिहांश के होंठ हल्के से मुड़ गए थे | त्रिहांश धीरे से राज्ञा के दूसरे हाथ को पकड़ कर उसके palm पर किस किया | राज्ञा उसे ही घूर रही थी | लेकिन त्रिहांश की हरकत की वजह से वह ज्यादा देर तक गुस्सा नही रह पा रही थी | वह उससे मुंह फेरते हुए बोली,""_ बात मत करिए मुझसे | "   त्रिहांश उठ कर उसके बेहद करीब गया | अचानक से ऐसा होने से राज्ञा कुछ समझ नही पाई थी | वह थोड़ा पीछे के तरफ झुकने लगी | वही त्रिहांश उसके ऊपर झुकते हुए बोला,""_ बात करने के मूड में मैं भी नही हु राज्ञा,मुझे तो तुम्हारे साथ कुछ और ही.....!! "   बोलते हुए त्रिहांश अपने होंठो को राज्ञा के होंठो के बेहद करीब ले गया | राज्ञा अपनी बड़ी बड़ी आंखे टिमटिमाते हुए उसे ही देखने लगी थी की तभी उसकी आंखे कसके भींच गए | क्यों की उसे मेहसूस हुआ की त्रिहांश का ठंडे हाथ उसके कमर को सहलाने लगा हैं|     राज्ञा अपने निचले होंठो को अपने दांतो के बीच चबाते हुए त्रिहांश को देखने लगी ,वही त्रिहांश की नजर अब उसके होंठो पर आ टेहरी थी | त्रिहांश धीरे से उसके होंठो को सहलाते हुए धीरे से अपना सर टेढ़ा किया फिर राज्ञा के गालों पर बेहद प्यार से किस किया |        राज्ञा की आंखे बंद हो गए थे और  वही त्रिहांश धीरे से उसके कमर को सहलाते हुए अपने पकड़ को मजबूत कर उसे अपने आपसे करीब खींच उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा लिया |    राज्ञा की धडकने एक दम से तेज़ हो गए थे | वह धीरे से आहे भरते हुए अपने बढ़ी हुई सांसों को नॉर्मल करने की कोशिश करने लगी लेकिन जो हरकत त्रिहांश उसके गर्दन में कर रहा था उससे राज्ञा का नॉर्मल होने ना मुमकिन था | वह नाराजगी से त्रिहांश को खुद से दूर करने कोशिश की  लेकिन उस घेंडा जैसे इंसान को दूर करना आसान नही था | वह छटपटाने लगी लेकिन तभी त्रिहांश उसके दोनो हाथो को अपने एक हाथ के पकड़ में ले कर उसके गर्दन में अपने होंठो को चलाते हुए राज्ञा की अंदर अजीब सी सनसनाहट पैदा कर रहा था |    त्रिहांश धीरे धीरे राज्ञा के ऊपर आ गया था | वही राज्ञा अपनी बड़ी हुई धड़कने को संभालने की ना काम कोशिश करने लगी ,वही त्रिहांश सोफे पर थोड़ा दिक्कत हो रहा था | त्रिहांश एक ही झटके में राज्ञा को अपने गोद में ले कर बेड के पास चला गया |      Ragya तेज़ तेज़ सांस लेते हुए उसे ही देख रही थी | वही त्रिहांश उसे आराम से बैठा कर उसके कंधे से उसके ड्रेस को हटाने लगा तो राज्ञा की आंखे हैरानी से चौड़ी हो गई |    राज्ञा त्रिहांश को रोकती उससे पहले ही त्रिहांश राज्ञा की ड्रेस को उससे पहले ही त्रिहांश ने उसने ड्रेस को पूरी तरह सरका दिया था |     राज्ञा जल्दी से अपने आपको ढकते हुए त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश अब तक उसके बेहद करीब आ गया था वही राज्ञा डरते हुए अपने पलकों को बार बार झपकाते हुए त्रिहांश को देखने लगी थी l   त्रिहांश का हैंडसम सा चेहरा इस वक्त नशे से चूर हो गया था l उसके कुछ बाल इस वक्त उसके माथे पर बीकरे हुए थे जिस वजह से उसका लुक ज्यादा ही क्लासी और अट्रैक्टिव लग रहा था l     त्रिहांश की नजरे राज्ञा की चेहरे पर टिकी हुई थी l वो उसे एक ही झटके में अपने नीचे कर खुद उसके ऊपर आ कर राज्ञा के चेहरे पर उंगली फेरने लगा l    त्रिहांश यह सब बेहद जेंटली कर रहा था और उसके नीचे लेटे हुए राज्ञा की हालात खराब हो रहा था | वह हल्के से कांपने लगी थी | त्रिहांश अपना चेहरा उसके गर्दन में छुपा कर उसे लव बाइट देने लगा l      उसका बाइट करते ही राज्ञा ने कसके अपने आंखे भींच लिया l उसकी मुंह से हल्के से दर्द से भरी हुई आह निकलने लगी थी l वहीं त्रिहांश बड़े ही बेचैनी से कभी बाइट करता तो कभी प्यार से किस करता l   राज्ञा को समझ ही नही आ रहा था की त्रिहांश उसके साथ कर क्या रहा है ? कभी गुस्से से चिल्लाते हुए रुला देता तो कभी प्यार से बेड पर ला कर प्यार करता ? हो क्या है यह आदमी ? जो उसे रूठने भी नही दे रहा था ?        राज्ञा इस वक्त पूरी तरफ त्रिहांश के नीचे लेट गई थी | उसके ऊपर ही हिस्से के कपड़े त्रिहांश ने उतार दिए थे | वही त्रिहांश उसके गालों को बड़े ही बेचैनी से किस करते हुए ऐसे ही उसके गर्दन से हो कर नीचे सरकने लगा |   वही राज्ञा की हाथ बेडशीट में कस गई था l और वह आहे भरते हुए अपना चेहरा इधर उधड़ घुमाने लगी थी | वही त्रिहांश बेहद पागलों की तरह अपने बालो पर हाथ फेरते हुए राज्ञा को किस कर रहा था अब अचानक से ही बिना कोई वार्निंग दिए ही राज्ञा की होंठो पर टूट पड़ा |    राज्ञा को पहले कुछ समझ ही नहीं आया था | वह अपने आंखे बड़ी बड़ी कर त्रिहांश को देखने लगी , जो बेहद नशे से उसे देखते हुए उसके होंठो को ऐसे खा रहा था जैसे वह कोई चेरी हो |    राज्ञा कसके अपने आंखे बंद कर ली तो त्रिहांश उसे ले कर पलट गया | जिससे अब राज्ञा उसके ऊपर आ गई | राज्ञा आज उसके kiss का responce नही दे रही थी लेकिन वह फील जरूर कर रही थी |     थोड़ी ही देर में उसकी सांसे फूलने लगे और यह मेहसूस कर त्रिहांश ने उसके होंठो को छोड़ कर अपने होंठो को फिर से नीचे ले गया |    राज्ञा अपने दोनो हाथो की मुट्ठी में बेडशीट को भर कर अपना चेहरा थोड़ा पीछे के तरफ झुकाते हुए आहे भरने लगी |    क्या होगा आगे इस कहानी में ? त्रिहांश का यह डिजायर राज्ञा को कहा तक पहुंचाएगा? जानने के लिए पढ़ते रहिए Â