Chapter 35: chapter 35

Billionaire's Dark DesireWords: 29144

  कार में......     त्रिहांश का कार इस वक्त अग्निहोत्री मेंशन के सामने रुका था | वही ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए त्रिहांश, राज्ञा को अपने गोद में अच्छे से एडजस्ट कर,बैठा के उसके कंधे पर अपना टुडी रखते हुए पूछा ,""_ hmmm क्या कह रही थी तुम ? "     राज्ञा की बाहें तन गए थे | वह उससे अलग होने की कोशिश करने लगी लेकिन तभी उसे मेहसूस हुआ की त्रिहांश ने उसके कमर में अपना पकड़ मजबूत किया है | वह फिर त्रिहांश का चेहरा देखने लगी,जो बेहद सख्त और बिना एक्सप्रेशन से भरा था | राज्ञा फिर उससे मुंह फेर कर दूसरी तरफ देखने लगी |        वही त्रिहांश उसे ही देख रहा था | वह उसके चेहरे को पकड़ कर अपने तरफ घुमाते हुए सख्ती से बोला,""_ बाहर क्यों देख रही हो ? मुझे देखो ...तुम्हे सिर्फ मुझे देखना है समझी ? "     राज्ञा उसे अजीब नजरो से देखने लगी,वह ऐसा ही था खुद में ही उलझा हुआ इंसान....अगर कोई उसे समझना भी चाहे तो उन्हे खुद ही उलझना पड़ जाता था |              त्रिहांश की बेजान सी आंखे सिर्फ राज्ञा की चेहरे पर टिकी थी | राज्ञा उसे थोड़ी देर देखी फिर उससे नज़रे हटा कर इधर उधर देखने लगी ,लेकिन अचानक से उसकी आंखे छोटी हो गई | वह कसके त्रिहांश का शर्ट पकड़ कर उसे थोड़ा हकलाते हुए बोली,""_ त्रि...त्रिहांश वहा कोई ......? "   राज्ञा अभी आगे बोलती उससे पहले ही उसकी नजर जिस पर टिकी थी वह इंसान गायब हो गया | राज्ञा हैरानी से मुड़ कर त्रिहांश को देखने लगी....त्रिहांश बस राज्ञा को देख रहा था और उसके चेहरे पर कोई भाव नजर नहीं आ रहा था | वह बेहद calm लग रहा था |         राज्ञा बोली,""_ वहा कोई था ? "      " कोई नही था lovey | " त्रिहांश बेहद ठंडे लहजे में बोला | वही त्रिहांश के मुंह से lovey सुन राज्ञा उसे ही न समझी में देखने लगी | वह फिर कुछ कहने को हुई उससे पहले ही त्रिहांश उसे अपने आपसे चिपका कर,उसके टुडी को पकड़,उसके चेहरे को ऊपर उठा कर उसके होंठो को अपने मुंह में भर लिया | राज्ञा को यह सब समझ ही नही आया था क्यों की त्रिहांश ने यह सब बहुत ही जल्दी जल्दी में किया था |        राज्ञा की आंखे बड़ी बड़ी हो गए थे | वह एक टक त्रिहांश को देखने लगी जो अपने आंखे बंद कर उसे पूरी शिद्दत से किस कर रहा था | राज्ञा भी धीरे से उसके गले में अपने बाहें डाल कर अपने आंखे बंद कर उसे फील करने लगी |     बस राज्ञा की आंखे बंद करने की ही देर थी की,तभी त्रिहांश की आंखे झट से खुल गए जिसमे सिर्फ गुस्सा था | गुस्से से उसके आंखे पल भर में लाल हो गए थे | और उसकी नजर इस वक्त राज्ञा पर नही मेंशन के गेट पर टिकी थी |    वही गेट के बाहर इस वक्त वही स्कार्पियो कार खड़ी थी जो थोड़ी देर पहले अल्पा इंडस्ट्री के बार खड़ा था | कार में बैठे हुए दो लोग, त्रिहांश और राज्ञा का बाहर आने का ही wait कर रहे थे | त्रिहांश अपने किस को डीप करते हुए राज्ञा को अपने आपसे और चिपकाया और दूसरे हाथ से अपने जेब में से गन निकाल कर उसे साइलेंसर लगाया,फिर उस स्कार्पियो कार के पैसेंजर सीट पर बैठे हुए इंसान पर अपना निशान लगा कर ट्रिगर दबा दिया |     वही स्कार्पियो में...ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए इंसान सिर्फ त्रिहांश के कार पर अपने नज़रे गड़ाए बैठा था | उसे तो खबर ही नहीं था की उसके बगल में बैठे हुए इंसान के साथ हुआ क्या है | तभी उस आदमी का फोन रिंग होने लगा,वह आदमी फोन उठाने जैसे ही पैसेंजर सीट पर बैठे हुए इंसान को देखता तो उसके आंखे हैरानी से बड़ी हो गई |      त्रिहांश ने अपना निशान, उस आदमी के सर पर लगाया था | गन को साइलेंसर लगाया था तो किसी को शोर सुनाई नही दिया था |      वह आदमी डरते हुए अपने साथी को देखने लगा था जो अब लाश बन गया था | वह डरते हुए सामने देखता तभी उसके सीने में भी आ कर एक साथ तीन गोली आ कर लगी | अचानक से हुई इस हमले को वह समझ पाता उससे पहले ही वह आदमी अपना दम तोड़ दिया |       त्रिहांश का कार.....,       त्रिहांश के चेहरे पर बेहद devilish smile था | वह अपने गन को ग्लोबोक्स में फेंक कर राज्ञा को देखने लगा | राज्ञा अपने आंखे बंद कर उसे किस कर रही थी |      त्रिहांश उसके पीठ पर हाथ फेरते हुए उसके गालों को सहलाने लगा | तभी राज्ञा की सांसे फूलने लगी तो,वह छटपटाते हुए त्रिहांश को देखने लगी |  त्रिहांश अभी भी उसे किस कर रहा था | वह फिर राज्ञा के होंठो को छोड़ कर उसके गाल सहलाने लगा ,वही राज्ञा तेज़ तेज़ सांस लेते हुए त्रिहांश को देख रही थी | वह फिर उसके गले लग गई |    वही त्रिहांश अपने आंखे बंद कर उसे अपने बाहों में भर अपना सर सीट को टिकाया | वही राज्ञा उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा कर आस पास देख रही थी | उसने दो लोगो को देखा था लेकिन वह कोन थे ? इस वक्त यहा क्या कर रहे थे ,उसे समझ नही आया था ?     थोड़ी देर बाद वह अपना चेहरा बाहर कर त्रिहांश को देखने लगी ,तभी त्रिहांश अपने आंखे खोल कर उसे देखा,फिर अपना आईब्रो उछकाते हुए उसे इशारों में ही पूछा की, क्या हुआ ? ऐसे क्यों घूर रही हो ? "     राज्ञा भी कम कहा थी ? वह भी इशारों में ही उससे बोली,""_ अंदर चले ? "   त्रिहांश के होंठ हल्के से मुड़ गए | वह उसे गोद में ले कर ही कार से बाहर आया और सीधे अंदर चला गया | रात बहुत हो गई थी तो सारे घरवाले अपने अपने रूम में थे | त्रिहांश राज्ञा को ले कर अपने रूम के तरफ चला गया |        इशान का रूम...    इशान बेड पर लेटा था | उसके आंखो में नींद आज कोसो दूर था | उसे बार बार अहीरा याद आ रही थी और वह बार बार फोन भी चेक कर रहा था |     थोड़ी देर बाद इशान कुछ सोचते हुए उठ कर अहीरा का नंबर खुद ही डायल किया तो उसकी आंखे छोटी हो गई,वह घूर कर फोन के स्क्रीन को घूरते हुए बोला,""_ इस लड़की ने मेरा नंबर ब्लॉक में डाला ? How dare she ?         इशान फिर दूसरे नंबर से ट्राई किया ..थोड़ी देर रिंग होने के बाद कॉल pick हुआ ,और उधर से अहीरा बोली,""_ हेलो...? "  इशान गुस्से में था और वह अभी उसे सुनाने ही वाला था की उसकी मोटी आवाज सुन कर वह रुक गया | ज्यादा रोने की वजह से अहीरा का गला बैठ गया था | उसने अपनी दबी हुई आवाज में ही उससे हेलो कहा था |     उधर से अहीरा बोली,""_ कोन है ? "   इशान बिना कुछ कहे कॉल काटा फिर बडबडाते हुए बोली,""_ इस लड़की ने अपना क्या हाल बना रख है ? मुझे इस देखना है |  इशान फिर घर से बाहर निकला |   त्रिहांश का रूम.....     राज्ञा इस वक्त बेड पर लेटी हुई थी | वही त्रिहांश इस वक्त बालकनी में किसी से बात कर रहा था | वह थोड़ी देर में रूम में आया ,आते ही उसकी नजर राज्ञा पर गई, जो किसी गहरी सोच में लग रही थी |       त्रिहांश की आंखे छोटी हो गई,और वह एक ही झटके में उसके ऊपर आते हुए बेहद सख्ती से पूछा,""_ किस सोच में डूबी हो तुम ? "   राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी,त्रिहांश का चेहरा गुस्से से भरा था | वह उसके आस पास ही था तो उसकी बीवी को उस पर फोकस करना चाहिए नाकी किसी फालतू सोच पर .....|     राज्ञा उसके गर्दन में अपने दोनो बाहें डाल कर उससे बोली,""_ कुछ नही त्रिहांश..मैंने ऑफिस में किसी एम्प्लॉय के हाथ मे एक बुक देखा था...बस सोच रही हू की मुझे भी उसे खरीदना चाहिए या नही....? "   त्रिहांश की आंखे छोटी हो गई | वह ना समझी में उससे पूछा,""_ कैसा बुक ? "   राज्ञा थोड़ी देर चुप रही ,फिर वह धीरे से बोली,""_ पति को वश में करने का 100 उपाय.... नीचे एक और लाइन था त्रिहांश......hmmm..|     बोलते हुए राज्ञा कुछ याद करने लगी,फिर वह बोली,""_  पति सिर्फ आपका कहना ही मानेगा | "  बोलते हुए राज्ञा त्रिहांश को देखने लगी ,वही त्रिहांश अपने आंखे सिकोड़ कर उसे बुरी तरह घूर रहा था | राज्ञा कही गलत रास्ते में तो नही चल रही ? उसे उस पर अब ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा |   वही त्रिहांश को अभी भी ऐसा ही घूरता देख राज्ञा का मुंह बन गया | वह कुछ कहती तभी त्रिहांश गुस्से से अपने दांत चबाते हुए बोला,""_ कोन थी वह एम्प्लॉय ? कल उसका कैर नही ? "   बोलते हुए त्रिहांश राज्ञा से अलग हो कर लेट गया | वही राज्ञा की आंखे बड़ी हो गई थी | वह जल्दी से उसके ऊपर लेटते हुए बोली,""_ कोई नही था त्रिहांश,मैने आपको तंग करने यह सब कहा ..| "    त्रिहांश बेहद कोल्ड लुक देते हुए उसे घूरने लगा था | वही राज्ञा लाचारी से उसे ही देखने लगी ,त्रिहांश का कोई रिएक्शन चेंज नहीं हुआ वह उसे ऐसे ही घूरता रहा |      राज्ञा थोड़ा आगे झुक कर त्रिहांश के माथे पर किस की ,फिर उसके दोनो गालों पर किस करते हुए त्रिहांश के होंठो तक सरकने लगी, की तभी त्रिहांश उसे उसके दोनो बाजू  पकड़ कर गुस्से से बोला,""_ अब सो जाओ राज्ञा,अगर मैं शुरू हो गया न ? तो....? "    राज्ञा घबरा गई,वह जल्दी से अपना सर ना में हिलाते हुए उसके सीने में सर रख कर बोली,"" _ मुझे नींद आ रही है | "    त्रिहांश के होंठ मुड़ गए | वह राज्ञा को पूरी तरह अपने बाहों में लॉक कर लिया |   राठौड़ निवास....     इशान का कार आ कर राठौड़ निवास के थोड़ी दूरी पर रुक गया | इशान कार से बाहर आ कर विला में जाने को हुआ तो उसे गेट पर ही वॉचमैन दिखा | इशान रुक कर आस पास देखा फिर वह पीछे के रास्ते से जाते हुए अंदर चला गया |   अहीरा का रूम .....    अहीरा बेड पर पेट के बल गिरी थी | उसके चेहरे पर उदासी था और इस उदासी की वजह सिर्फ इशान था | इशान के वजह से उसका दिल टूट गया था | इशान का उस पर हाथ उठाना उसे बिलकुल अच्छा नही लगा था |        अहीरा अपने ही सोच में गुम थी की तभी उसके कान में किसी की कदमों की आहट सुनाई दी,वह उठ कर आस पास देखने लगी | की तभी उसकी नज़र इशान कर गई...जो रूम।में आ कर रूम का door lock कर रहा था |    अहीरा का चेहरा गुस्से से भर गया,वह उस पर चिल्लाते हुए बोली,_ तुम...तुम यहां क्यों आए ? "   अहीरा भले ही चिल्लाते हुए बोल रही थी, लेकिन उसका गला बैठ गया था तो उसकी मुह से ज्यादा आवाज नही निकल रहा था | वही इशान मुड़ कर अहीरा को देखने लगा था | वह उसके पास आते हुए गुस्से से पूछा,""_ तुम्हारे आवाज को क्या हुआ है ? तुम अपना ख्याल नही रख सकती क्या ? इस तरह .....|   चटाक......!!! " इशान अभी आगे बोलता तभी अहिरा खींच कर उसके गाल पर थप्पड़ मार देती है तो इशान का चेहरा एक तरफ झुक गया |   वही अहीरा गुस्से से उसे ही देख रही थी | वह फिर इशान का कालर पकड़ कर गुस्से से चिल्लाते हुए बोली,""_हो कोन तुम ? यहा आ कर मुझ पर अपना रौब दिखाने वाले होते कोन तुम ? किस हक से तुमने सुबह मुझ पर हाथ उठाया था ? हा ,किस हक से ? "    इशान चुपचाप अहीरा के आंखो में देख रहा था | रोने के वजह से अहीरा के आंखे सूझ गए थे | इशान धीरे से उसके गाल को छुने को हुआ की तभी अहीरा उसे खुद से दुर ढकेल कर बोली,""_ जाइए यहां से .....|     इशान एक टक उसे ही देख रहा था | वह उससे नाराज हुई थी क्यों की उसने भरी बाजारों में उस पर बेरहमी से हाथ जो उठाया था | इशान उसके करीब जाने लगा तो अहीरा वही रखे हुए वास को उठा कर गुस्से से नीचे फेंक कर बोली,""_ मेरे करीब आने की जरूरत नही इशान,अब मुझे आपसे कोई लेना देना नही है |     इशान रूम में फैले हुए ग्लास की टुकड़ों को देखने लगा तभी उसकी नज़र काफी टेबल पर गई,जहा इस वक्त खाने का प्लेट रखा था जिसमे खाना अभी भी वैसा ही था मतलब साफ था उसकी आही खाना ही नही खाई थी |    इशान अहीरा को अपने करीब खींच कर उससे थोड़ा सख्ती से पूछा,""_ तुमने अभी तक डिनर क्यों नहीं किया ? "   अहीरा एक नजर कॉफी टेबल रखे हुए खाने की प्लेट को देखी,फिर इशान से तंज कसते हुए बोली,""_ भरी बाज़ार में आपसे थप्पड़ खाया था न इशान,उससे मेरा पेट भी भर गया है,और भूख भी मर गई | "   अहीरा की ताने भरी बात सुन इशान चुप हो कर उसे ही देख रहा था | वह बेवजह उस पर हाथ नही उठाया था,उस वक्त जिस तरह के हालत थे, उससे इशान को अहीरा को खोने से डर भी लगा गया था और अहीरा की लापरवा देख गुस्सा भी आ गया था |    इशान धीरे से आहिरा के गाल पर किस करा तो अहीरा अपने जगह में ही जम गई | वही इशान उसके चेहरे को अपने दोनो हाथो में भर कर बोला,""_ मैने तुम्हे मारा..क्या तुम्हे सिर्फ यही दिख रहा है ? मैने क्यों मारा ? क्यों तुम पर गुस्सा किया ? वह ना दिखा ? "    अहीरा हैरानी से इशान को देख रही थी | वह उसके हाथ हटा कर गुस्से से बोली,""_ मैं मरने के लिए.......| "  आही...? " आहिरा अभी आगे बोलने ही वाली थी,उससे पहले ही इशान उसके बाजू को पकड़ कर गुस्से से उसका नाम लिया |     आहिरा गुस्से से इशान को देखने लगी,वही इशान बोला,""_ बकवास बाते मत करो आही... उस वक्त तुम बिना सोचे समझे अपने जान को खतरे में डाल दी थी तो मुझे गुस्सा आ गया ,इसीलिए गुस्से से मेरा हाथ भी उठ गया... अगर तुम्हे लगता है की मैं ऐसा कर तुम पर कोई रौब दिखा रहा हू तो तुम गलत सोच रही हो,तुम्हे खोने के डर से और तुम्हारी लपरवाई देख कर मेरा हाथ उठा था ना की अपना रौब दिखाने |          अहीरा एक टक इशान को देख रही थी | वही बोलते हुए इशान का चेहरा बेहद सख्त हो गया था | वह फिर अहीरा से बोला ,""_ तुम अभी खाना खालों,उसके बाद में चला जाऊंगा | "   अहीरा की आंखे छोटी हो गई..वह गुस्से से उसका हाथ झटका कर बोली,""_ मुझे ऑर्डर मत दो समझे ? "  इशान कसके अपने आंखे बंद कर एक गहरी सांस लिया..फिर रिक्वेस्ट भरी आवाज में बोला,""_ प्लीज़ थोड़ा सा खाना खालों,उसके बाद में बिना तुम्हे तंग किए चला जाऊंगा | "    अहीरा खुद को पिघलता हुआ महसूस कर रही थी जिससे उसका गुस्सा बढ़ रहा था | वह गुस्से से बोली,""_ कहा ना मुझ पर ऑर्डर मत चलाओ ? मैं नहीं मानूंगी तुम्हारे कोई भी बात..जाओ यहां से वरना मैं भाई को बुला लूंगी | "     इशान अहीरा का हाथ पकड़ कर उसे जबरदस्ती सोफे के पास ले गया | फिर उसे जबरदस्ती अपने गोद में बैठा कर उसे खाना खिलाने आगे बढ़ा तो अहीरा छटपटाते हुए उससे अलग होने की कोशिश करने लगी |    इशान को बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन वह अहीरा पर और गुस्सा कर उसे तंग नहीं करना चाहता था | इशान बिना कुछ कहे अहीरा को देखने लगा जो चटपटाते हुए उसे घूर रही थी लेकिन इशान के बाहों में से  एक पल के लिए भी आजाद नही हुई | क्यों की इशान का पकड़ बहुत ही मजबूत था |      क्या होगा इस कहानी में आगे ? राज्ञा और त्रिहांश का प्यार अब कोनसा mod लेगा ? इशान आहिर को मना पाएगा ? कोन है जो राज्ञा को मारना चाहता है ? सारे सवालों का जवाब मिलेगा बस पढ़ते रहिए ,