Chapter 27 of 59

chapter 27

Billionaire's Dark Desire3,067 words~16 min read

अब आगे....,   अग्निहोत्री मेंशन.....,       राज्ञा को सुला कर त्रिहांश रूम से बाहर आया | सारे घरवाले इस वक्त लिविंग एरिया में आपस में बात करते हुए बैठे थे | लेकिन उनमें अजय और विनोद नही थे |     वही त्रिहांश उन सबको एक नजर देख कर,बाहर जाने को हुआ की तभी उसके फोन में कुछ नोटिफिकेशन का साउंड बजा ,त्रिहांश रुक कर अपना फोन चेक किया फिर वापस अपने रूम के तरफ चला |      त्रिहांश सीधे अपने वार्डरोब के पास गया फिर उसमें रखे हुए अपना एक फाइल ले कर वापस बाहर जाने को हुआ की, तभी उसके कान में राज्ञा की पायलों की खनखनाहट सुनी |    वह मुड़ कर राज्ञा को देखा, राज्ञा नींद में ही करवट बदल कर सो रही थी | उसका चेहरा मुरझा गया था और थका हुआ भी लग रहा था |       त्रिहांश बिना भाव के उसे देखते हुए उसके पास गया | त्रिहांश के कान में अभी भी राज्ञा की वह बात गुंज रही थी | जो उसने उसे हक से कहा था की वह अपने पति से प्यार करती है |      अचानक से त्रिहांश के चेहरे पर हल्की सी स्माइल आ गई | वह धीरे से राज्ञा के ऊपर झुक कर उसके माथे पर किस किया,लेकिन अचानक से उसका चेहरा एक्सप्रेशन लेस हो गया और वह जल्दी से राज्ञा से अलग हो कर बाहर चला गया |     वही अग्निहोत्री  मेंशन के थोड़ी ही दूरी पर एक ब्लैक कार खड़ी थी | car के ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए अर्यांश इस वक्त अपने आपको एक बूढ़े आदमी की तरह रेडी कर रहा था | चेहरे पर व्हाइट व्हाइट बियर्ड और बड़ा सा व्हाइट मूछ और व्हाइट हेयर वाला विग ,उसे देख कोई नही कह सकता था की वह एक उर्मदाराज लड़का है |    वही पैसेंजर सीट पर बैठे हुए अहीरा हैरानी से अपने भाई को देखने लगी थी | उसका भाई आखरी कर क्या रहा है ? वह भी इस तरह भेस बदल कर ?     अहीरा मासूमियत से अर्यांश से पूछी,""_ भाई,आपके पास क्या नही है ,पैसा,दौलत, शौरत सब तो है ? फिर भी आप किसी चोर की तरह कही लुटने जा रहे है ?     आर्यांश अपने आंखे छोटी कर उसे घूर कर देखने लगा तो अहीरा फिर बोली,""_ आप कुछ बता नही रहे तो मै क्या करू ? आपका ड्रेसिंग देख कर तो मुझे ऐसा ही लग रहा है की आप कोई बड़ा सा खज़ाना लुटने जा रहे है ,कहा जा रहे है आप ?  "     अहीरा की stupid सी बाते इग्नोर करते हुए आर्यांश उसे अपने फोन में राज्ञा का फोटो दिखाते हुए बोला,""_ इस लड़की को देख रही हो ....? "   " Wow...!! आपने मेरे लिए एक भाभी ढूंढ लिया ? She is so beautiful भाई | " राज्ञा की तस्वीर को देखते हुए अहीरा ने कहा तो आर्यांश गुस्से से उसे देखा फिर, चिड़ते हुए उससे बोला,""_ पहले मेरी बात तो सुनलो | "   अहीरा चुप हो कर उसका चिड़ा हुआ चेहरा देखने लगी | तभी अर्यांश बोला,""_ यह हम दोनो की बड़ी बहन है राज्ञा... राज्ञा दी और यह इस वक्त उस महल में है | "    आर्यांश बोलते हुए अग्निहोत्री मेंशन के तरफ देखने लगा | वही अहीरा की नजर राज्ञा की तस्वीर पर टिक गई थी | वह हैरानी से आर्यांश को देख बोली,""_ क्या ....क्या कहा आपने ? यह हमारी बड़ी बहन है ? "    आर्यांश अपना सर ऊपर नीचे हिलाते हुए अपना फोन अपने जेब में रखते हुए अहीरा से बोला,""_ हा हम दोनो की बड़ी बहन है ,लेकिन mom डैड ने इन्हे हमसे दूर रखा है ,लेकिन क्यों ? यह मुझे भी नही पता अहीरा । मै इन्हे एक  बार यहा देखने आया हु  .....| "      आर्यांश अपना सीट बेल्ट खोलते हुए अहीरा को और भी बाते बताने लगा लेकिन अहीरा एक दम से ब्लैंक हो गई थी | उसकी एक बड़ी बहन भी है ? उसे तो पता ही नही था | और सबसे बड़ी बात यह था की अहिरा थोड़ा थोड़ा राज्ञा जैसे ही दिख रही थी | तो वह ज्यादा ही हैरान हो गई थी |    वही आर्यांश कार से बाहर आ कर अहीरा के साथ अग्निहोत्री मेंशन के तरफ चला |      त्रिहांश इस वक्त फोन पर किसी से बात करते हुए अपने कार के पास जा रहा था | वही गेट के पास आते ही अर्यांश की नजर त्रिहांश पर गई थी, वह जल्दी से अहीरा को ले कर चुप गया | त्रिहांश कैसा है ? उसका खौफ कैसा है ?आर्यांश ने बहुत सुना था और वह इस वक्त गलती से भी उसके सामने नही आना चाहता था | क्यों की उसे इतना तो पता था की त्रिहांश देखने भर से ही उसका पोल खोलने में देर नहीं करेगा |          वही त्रिहांश फोन पर बात करते हुए ही कार में बैठा और ऑफिस के लिए निकला | लेकिन अचानक से थोड़ी दूरी पर त्रिहांश का कार रुका | वही आर्यांश और अहीरा गेट के पास चुप कर उसका कार जाने का ही इंतजार कर रहे थे लेकिन त्रिहांश का कार रुका देख उन दोनो की एक पल के लिए सिट्टी पिट्टी ही घूम हो गई थी |    वह दोनो एक दूसरे को हैरानी से देखने लगे | वही त्रिहांश का कार वहा से चला गया | तभी अहीरा बोली,""_ भाई,हम इस तरह चोरों की तरह क्यों घर में घुस रहे है ? अगर वह हमारी दी है तो हमरा राइट्स बनता है...!! "    अर्यांश उसे चुप कराते हुए बोला,""_ मुझे भी नही पता आहू,जिस तरह mom dad कल बात कर रहे थे उससे मुझे यही लगा की सालो पहले कुछ हुआ है ? जिस वजह से दी हमारे साथ नही है और सीधे सीधे हम उनसे नही मिल सकते है | "   बोलते हुए अर्यांश अहीरा को ले कर अंदर जाने को हुआ तो एक गार्ड ने उन्हें रोक लिया | अर्यांश को पहले ही पता था की वॉचमैन उसे रोकेगा ही | वह सब प्रिपेयर हो कर ही आया था |    वह अपनी आवाज को थोड़ा मोटा कर उस वॉचमैन से बोला,""_ हमे राज्ञा बिटिया से मिलना है | "    वॉचमैन अजीब नज़रों से अर्याश और अहीरा को देख रहा था | वह फिर पूछा ,""_ कोन है आप दोनो ? "    अर्यांश थोड़ा खांसते हुए नाटक किया ताकि वॉचमैन को लगे कि वह बूढ़ा आदमी है | तभी अहीरा उसके कान में बोली,""_ भाई ....इतना भी मत खांसिए कही आपका मूछ और दाढ़ी बाहर ना आ जाए ...| "   " Hmmmm.....!! अर्यांश हल्के से खांसते हुए एक दम से चुप हो गया | वही वॉचमैन अभी भी उन्हें ऐसे ही देख रहा था | तभी आर्यंश बोला ,""_ देखिए,हम बहुत दूर से आए है,जा कर उन्हें कहिए की हम आए है | "     वॉचमैन थोड़ी देर चुप रहा ,फिर उन्हे वही रुकने का कह कर अंदर चला गया | आर्यंश और अहीरा वही रुक कर एक टक door के तरफ देखने लगे ,अंदर जाने का उनका कोई इरादा नही था ,बस दूर से ही सही उन्हे एक नजर राज्ञा दिखी,तो वहा से चले जाएंगे |       अहीरा एक नजर मेंशन को देखने अपना सर उठाई तो उसकी आंखो में अचानक से चमक आ गई | क्यों की अहीरा की नजर इशान पर टिकी थी जो अपने रूम की बालकनी में  किसी से बात करते हुए टहल रहा था |      अहीरा फिर अपने मन में बोली,""_ हाए...मुझे लगा था इस इंसान को ढूंढते हुए मैं अपनी जवानी ऐसे ही काट दूंगी ,लेकिन भाई के वजह से मुझे इसका घर ही मिल गया।।hehehe...!! "  अहीरा खुशी से आर्यंश के गले लग कर कूदते हुए बोली,""_ भाई...i love you आपकी वजह से.....!! "     अर्यांश जल्दी से अहिरा को ठीक से खड़ा करते हुए थोड़ा गुस्से से बोला,""_ बच्चा यह क्या हरकत है ? सिचुएशन तो देख लिया करो....!! "   आर्यंश फिर अपने दाढ़ी और मूछ ठीक करने लगा ,जो अहिरा की वजह से अब नीचे गिरने ही वाला था | आर्यांश के डांटने से अहीरा चुप हो कर फिर से इशान के रूम के तरफ देखने लगी | अब वहा इशान ही नही था | यह देख अहीरा आस पास उदासी से देखने लगी | उसे एक पल के लिए अब ऐसा लगने लगा की उसने इशान को देखा ही नहीं ...वह उसका वहम था |     अहीरा को थोड़ा अजीब लग रहा था, वह बिना सोचे समझे अंदर चली गई | वही उसे इस तरह जाता देख आर्यांश की आंखे बड़ी हो गई,वह जल्दी से जा कर उसे पकड़ने को हुआ की तभी उसके पास वॉचमैन आया |   यह देख आर्यांश अपने जगह में रुक कर वॉचमैन को देखने लगा ,तो वह वॉचमैन बोला ,""_ आप अंदर जाइए...| "     वॉचमैन बोलते हुए आस पास अहीरा को देखने लगा | अहीरा उसे दिखाई नही दे रही थी | वह फिर अर्यांश से पूछा ,""_ तुम्हारी बेटी कहा गई ? "  बेटी...? " अर्यांश ना समझी में उससे पूछा ,फिर उसे जल्दी से अहीरा का ख़्याल आया तो वह हड़बड़ते हुए बोला ,""_ हां,वह मेरी बेटी को किसी का कॉल आया था वह यही बात कर रही है ...!! "   बोलते हुए आर्यांश अहीरा जिस तरफ गई थी वहा देखा,लेकिन वहा अहीरा नजर ही नहीं आ रही थी | यह देख आर्यांश की माथे पर शिकन आ गया |    वही गार्डन के एक पेड़ के पीछे ,अहीरा को इस वक्त इशान गुस्से से सटा कर खड़ा किया था | उसका एक हाथ अहीरा के मुंह पर था दूसरा कमर | इशान का चेहरा बेहद गुस्से से भरा था ,क्यों की अहिरा को उसने अर्यांश से लिपटते हुए देखा था जो उसे बिलकुल बर्दाश्त नही हुआ था |       अहीरा की आंखो में अभी भी चमक थी | वह बस इशान को देख रही थी | वह कुछ कहने की कोशिश भी कर रही थी लेकिन उसके मुंह से हाथ हटाए तब ना ....!!     " कोन था वह आदमी ? तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई किसी आदमी गले लगाने की ?हम्मम ?  " इशान गुस्से से अपने दांत पीसते हुए पूछा।  इशान जब बालकनी में था तब उसकी नजर अहीरा पर गई थी | जो खुशी से उछलते हुए आर्यंश से लिपटी हुई थी | अर्यांश तो एक बूढ़े आदमी की भेस में था तो, इशान को समझ नही आया था | लेकिन वह इतना जानता था की वह बूढ़ा आदमी अहिरा का पापा भी यानी सुधर्व राठौड़ नही हो सकता |      अहीरा छटपटाते हुए उसे देख रही थी | वही इशान उससे गुस्से से बोला ,""_ अब बोलोगी भी...? "  अहीरा की आंखे छोटी हो गई | यह आदमी कितना बेवकूफ है ? उसके मुंह पर हाथ रख कर कह रहा है की कुछ बोलो ?     अहीरा गुस्से से इशान के हाथ पर बाइट कर देती है तो इशान दर्द से करहाते हुए अपना हाथ पीछे लिया |      अह्ह्ह्ह्ह्ह.....!!! इशान अपना हाथ देख अहीरा को कुछ कहता उससे पहले ही अहीरा जोर से उससे लिपट गई | इशान इसके लिए बिलकुल तयार नही था और वह लड़खड़ाते हुए उसे ले कर ही दडाम से नीचे गिर गया |             अहीरा इशान के ऊपर गिरी थी ,वही इशान खुद को संभालते हुए कुछ समझ पाता, उससे पहले ही अहीरा इशान के चेहरे पर kiss करते हुए बोली,""_ I love you I love you I love you ....!! "    इशान हैरानी से उसे देखने लगा | वही अहीरा desperately उसके चेहरे पर किस करते हुए उसके होंठो पर अपना होंठ रख देती है तो इशान का हाथ उसके कमर में कस गया | वह उसे ले कर पलट गया,जिससे अब अहीरा उसके नीचे आ गई | इशान उसके किस का रिस्पॉन्स नही दे रहा था लेकिन उसे सुकून मिल रहा था | वह धीरे से उसके कमर को सहलाने लगा |     वही अर्यांश अहीरा को ढूंढते हुए गार्डन में ही उसे आवाज लगा रहा था |    " अहीरा...... अहिरा बच्चा कहा हो तुम ?.....!!     आर्यांश की आवाज सुन कर इशान और अहीरा एक तरफ देखने लगे जहा से उन्हे आर्यांश की आवाज सुनाई दे रहा था | अहीरा जल्दी से इशान के होंठ छोड़ कर उससे बोली,""__ भाई आ रहे है.....| "   इशान ना समझी में उसे देखने लगा | वही अहीरा जल्दी से इशान को खुद के ऊपर से हटा कर जाने को हुई लेकिन वह रुक कर इशान के बेहद करीब बैठ कर मासुमियत से पूछी,""_ तुम्हारा नाम क्या है ? और तुम यही रहते हो ना ? "   इशान एक टक उसे ही देख रहा था जो बेहद मासूम नजर आ रही थी | नीचे गिरने से उसके कपड़े थोड़ा गंदे हुए थे लेकिन फिर भी उसकी खूबसूरती में कमी नजर नहीं आ रहा था |    अहीरा जल्दी से उसके गाल पर हाथ रख कर बोली,""_ बोलो ना जल्दी से.....| "    इशान अपने गाल से उसका हाथ हटाते हुए उससे पूछा,""_ तुम यहा क्या कर रही हो ? और वह आदमी कोन है ? "    " अहीरा.....अहीरा बच्चा....? आर्यांश की फिर से आवाज गूंजने लगी | यह देख अहीरा इशान के जेब में उसका फोन ढूंढने लगी | इशान उसे मुश्किल से मिला था और वह कब से उसे देखने के लिए मरे जा रही थी | तो वह आज उसका सब जान कर ही जानेवाली थी |      इशान हैरानी से अहीरा को देखने लगा था जो उसे हर जगह छू रही थी | वह उसे कुछ कहता तभी अहीरा को उसका फोन मिला,वह जल्दी से अपना नंबर डायल कर अपने फोन पर मिस्ड कॉल दिया ताकि उसके पास इशान का नंबर रहे |      वही इशान भूत बन कर उसे ही देख रहा था | उसे समझ नही आ रहा था की अहीरा अग्निहोत्री मेंशन में क्यों आई है? और वह बूढ़ा आदमी ? वह कोन ?      इशान अहीरा को कुछ पूछता तभी अहीरा फिर से उसके चेहरे पर बहुत सारे किस करते हुए बोली,""_ मैं आपको कॉल करूंगी.ठीक है love you..| "  अहीरा इतना बोल कर आर्यांश के पास चली गई | जो कब से उसे ढूंढे जा रहा था |   अल्पा इंडस्ट्री........,     त्रिहांश अपने रिवॉलिंग चेयर पर बैठ कर एक टक लैपटॉप के स्क्रीन को देख रहा था | जिसमे एक तरफ अपने रूम का वीडियो था जहा राज्ञा सुकून से सो रही थी | वही दूसरी तरफ गार्डन का वीडियो था जिसमे इशान अहीरा और आर्यांश थे |     त्रिहांश बैठे बैठे ही सब कुछ देख रहा था | उसके दिमाग में इस वक्त बहुत कुछ चल रहा था | जिसकी वजह सिर्फ और सिर्फ वजह राज्ञा थी |   तभी वहा समर आ कर बोला ,""_ बॉस.. मिस्टर सुधर्व राठौड़ आज रात को मनाली के लिए निकल रहे है और उनके साथ उनकी बीवी भी जा रही है | "      मनाली नाम सुनते ही त्रिहांश के चेहरे के हाव भाव बेहद सख्त और कठोर हो गए थे | वह थोड़ी देर ख़ामोश रहा, फिर वह अपना सर हेडरेस्ट को टिकाते हुए बोला,""_ खुराना फैमली कहा है ? उनका कुछ अपडेट्स ?     त्रिहांश की बात सुन,समर उसे कुछ बताने लगा जिसे सुन त्रिहांश की हाथो की मुट्ठी बन गई |   वह अपना फोन ले कर बाहर चला गया |    अग्निहोत्री मेंशन......    अहीरा भागते हुए आर्यांश के पास गई जो उसे ही बेचैनी से ढूंढ रहा था |      भाई...!!! " अहीरा को देख अर्यांश एक राहत भरी सांस लेते हुए बोला,""_ कहा गई थी तुम ? पता है तुम.....!! "   अर्यांश बोलते बोलते रुक गया क्यों की उसकी नजर अहीरा की कपड़े और बालो पर गई जो ज्यादा ही मेस्सी हो गए थे | वह फिर अहीरा की कपड़े साफ करते हुए बोला,""_ तुम ठीक हो ना बच्चा...तुम्हारे कपड़े क्यों गंदे हुए ? क्या तुम कही गिर गई थी ? "     अहीरा खुद को देखी,फिर आर्यांश को शांत कराते हुए बोली,""_ रिलैक्स भाई, मैं बिल्कुल ठीक हु | "           अहीरा की कपड़े देख अर्यांश को लगा की अहीरा को कही चोट लगी है | लेकिन उसकी बात सुन कर वह थोड़ा शांत हुआ | वही अहीरा बोली,""_ भाई , मैं ठीक हू चलिए दी को देखते है | "   आर्यांश हा में सर हिला कर ,उसे ले कर घर के अंदर चला गया | वही दूर से खड़े इशान सब देख रहा था | उसने उन दोनो की बाते भी सुन लिया था | वह जाते हुए आर्यांश को देख बड़बड़ाते हुए बोला ,""_ आहिरा उस बूढ़े आदमी को भाई कह रही थी मतलब वह आर्यांश राठौड़ है ? लेकिन वह यहा इस भेस में क्यों आया ? और अहीरा किस दी से मिलने का कह रही है ? "  इशान को समझ नही आ रहा था की अहिरा और अर्यांश उसके घर क्यों आए है | वह उनके पीछे ही अंदर चला गया |      हाल में इस वक्त सिर्फ वेदिका बैठी थी | तभी उनकी नजर अंदर आ रहे अर्यांश और अहीरा पर गई | वह थोड़ी देर उन्हे देखती रही लेकिन अचानक से उसकी चेहरे के हाव भाव बदल गए |    वही अर्यांश और अहीरा इधर उधर देखते हुए राज्ञा को ढूंढने लगे | राज्ञा उन्हे कही नजर ही नहीं आ रही थी | वही वेदिका को समझ आ गया था की वह दोनो किसे ढूंढे रहे है | और वॉचमैन ने कहा भी था की राज्ञा से मिलने एक बूढ़ा आदमी और उसकी बेटी आई है |   वेदिका फिर एक फीमेल सर्वेंट को बुला कर राज्ञा को बुला लाने बोली | फिर खुद आर्यांश और अहीरा के पास चली गई | वही इशान भी अंदर आ गया था और वह अभी भी अहीरा और आर्यंश को ही ना समझी में देख रहा था |    To be continued.................

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