Chapter 10: chapter 10

Billionaire's Dark DesireWords: 35464

    त्रिहांश कार ड्राइव करते हुए Ragya को देख रहा था जो कब का सो गई थी | Ragya का चेहरा इस वक्त लाल हुआ था क्यों की वह चोट लगने की कारण रोई हुई थी |          त्रिहांश फिर उसके हाथ को देखने लगा | Ragya अपने हाथ को पकड़ कर ही बैठी थी | यह देख त्रिहांश कार को automatic mode में डाल कर Ragya का सीट को थोड़ा एडजस्ट करा फिर raagya को आराम से सीट को लेटाया |      Ragya नींद में थी लेकिन उसके आंखे भींच गए थे | क्यों की उसे अपने हाथ में तेज दर्द मेहसूस हो रहा था | त्रिहांश ने उसके हाथ को थोड़ा सपोर्टर दे कर वापस कार ड्राइव करने लगा की तभी उसका फोन रिंग होने लगा |     त्रिहांश ने फोन को चेक किया कॉल इस वक्त वेदिका का था | तो त्रिहांश ने जल्दी से कॉल पीक किया क्यों की उसे अच्छे से पता था की वेदिका उसे कॉल क्यों कर रही है |     " त्रिहांश...? " उधर से वेदिका टेंशन भरी आवाज में इतना ही कहा था की त्रिहांश बोला,""_ मैं ठीक हु वेदु,मुझे कुछ नही हुआ है |    " तुम सच बोल रहे हो ना ? " उधर से वेदिका शक करते हुए बोली तो त्रिहांश ने कहा ,""_ अभी घर ही आ रहा हु खुद देखलो | "        इतना बोल कर त्रिहांश ने कॉल कट किया फिर अपना सर घुमा कर Ragya को देखा जो किसी छोटी बच्ची की तरह सिमट कर लेटी थी |       त्रिहांश फिर कार ड्राइव करने लगा | वह आज कही ले जाना चाहा था लेकिन Ragya का हालत देख कर वह वापस घर लौट रहा था |       थोड़ी ही देर में त्रिहांश का कार आ कर अग्निहोत्री की मेंशन के सामने रुक गई | त्रिहांश कार से बाहर आया फिर Ragya के तरफ जाने को हुआ तो उसे वेदिका की आवाज सुनाई दी |    त्रिहांश....!!! "     त्रिहांश मुड़ कर देखा | वेदिका टेंशन में उसके पास जल्दी जल्दी ही आ रही थी | यह देख त्रिहांश उसके पास जाते हुए बोला,""_ वेदू संभाल कर नही तो गिर जाओगे ...!! "      त्रिहांश लंबे कदमों के साथ उसके पास गया तो वेदिका उसे पूरी तरह चेक करने लगी की कही त्रिहांश को कोई चोट वोट तो नही आई | त्रिहांश पर हुई हमले के बारे में उसे खबर मिल चुकी थी |    इस वक्त सारे घरवाले टेंशन से वही खड़े थे | त्रिहांश का दादाजी विनोद,अजय ,नितिन और अदा,इशा,दिया और आरव सब एक के बाद एक त्रिहांश को देखते हुए पूछ रहे थे की वह ठीक है की नही | लेकिन त्रिहांश इरिटेट हो रहा था | वह गुस्से से बोला ,""_ अरे आप लोग इतना टेंशन क्यों ले रहे है और मुझे भी दरे....!! "        वेदिका उसे ले कर अंदर चली गई | वही त्रिहांश मुड़ कर कार के तरफ देखते हुए कुछ कहता उससे पहले ही वेदिका उसे खींच अंदर चली गई | वही अदा की नजर त्रिहांश पर ही था और वह आस पास Ragya को ढूंढ रही थी लेकिन Ragya उसे नजर ही नहीं आ रही थी |     अदा फिर त्रिहांश को देखी जो जो बार बार कार के तरफ देख रहा था | अदा की आइब्रोज सिकुड़ गए | वह मुड़ कर त्रिहांश के कार के तरफ देखी |      Raagya को सीट bed पर सोई हुई थी जिस वजह से अदा को उसे दिखाई नही दी लेकिन वहा देखने कार के पास आई | क्यों की वह जानना चाह रही थी की त्रिहांश बार बार कार के तरफ देख रहा था |         अदा कार के पास आ कर विंडो में झांक कर देखी तो उसे Ragya सोई हुई दिखी | उसका चेहरा अचानक से गुस्से से भर गया | वह अपने दांत पीसते हुए बोली,""_ जिस जगह में मुझे होना चाहिए उस जगह में यह आई है इसे तो मैं हर हाल में अपने रास्ते से हटा दूंगी | "    अदा बोलते हुए कुछ सोचने लगी तो उसके चेहरे पर बेहदशातिर मुस्कान आया | वह जल्दी से ड्राइविंग सीट पर आ कर धीरे से door open कर,ब्रेक लगाने की पेडल के नीचे एक बोतल रखा ताकि कार का ब्रेक ही ना लग सके | फिर Ragya को देखते हुए कार स्टार्ट कर door दडाम से क्लोज कर देती है तो Ragya नींद से जाग गई |      वह आस पास देखती तो उसे कोई नही दिखता वह फिर धीरे से उठने को हुई तो उसकी आंखे हैरानी से चौड़ी हो गई | ड्राइविंग सीट पर तो कोई नही था लेकिन कार चल रहा था | यह देख Ragya हड़बड़ा कर उठने को हुई तो उसके गोली लगी हाथ सीट को टकार गई तो वह दर्द से कराह उठी |    वही कार स्टार्ट कर अदा थोड़ी दूरी पर जा कर खड़ी रही | वह Ragya रोते हुए आस पास देखने लगी उसका कार आगे जाने लगा जो इस वक्त गार्डन के एक पेड़ को टकराने वाला था और उसके बाजू में ही स्विमिंग फूल था | Ragya रोते हुए त्रिहांश को ढूंढने लगी जो उसे मरने के लिए छोड़ गया था |     त्रिहांश कही नही दिख रहा था | Ragya डरते हुए आगे देखने लगी जो कुछ ही सेकंड्स में पेड़ को टकराने लगी थी |      Ragya रोते हुए बोली,""_ अगर मारना ही था तो वही हॉस्पिटल में ही मार देते त्रिहांश इस तरह .... अअह्ह्ह्ह | "     Ragya अभी रोते हुए बोल ही रही थी की उसका कार पेड़ से टकरा गया | और इस तरह टकराने से उसका बैलेंस बिगड़ कर फूल में गिर गया |      वही दूर से खड़ी हुई अदा की चेहरे पर बेहद शातिर मुस्कान तैर गई | वह अपने दोनो हाथ साफ करते हुए बोली,""_ कहा था ना जो भी अपने रास्ते में आएगा मैं उन्हे हटा कर ही रहूंगी...हटा दिया | "   अदा फिर वहा से चली गई | वही त्रिहांश सबसे बात कर बाहर Ragya के पास आ ही रहा था की उसका फोन रिंग होने लगा |     उसने फोन चेक किया | कॉल इस वक्त एक unknown number से आ रहा था | तो वह रुक कर थोड़ी देर फोन के स्क्रीन को देखा | फिर वह बाहर आते हुए कॉल पीक करने को हुआ की तभी उसकी आंखे सिकुड़ गए | उसे अपना कार ही नही दिखा |      त्रिहांश जल्दी से आगे आ कर कार को ढूंढते हुए बोला,""_ मेरा कार....कही Ragya तो....!! "     त्रिहांश बोल ही रहा था की उसकी नज़र अपने कार पर गई जो आधा फूल में डूब गया था | त्रिहांश की आंखे हैरानी से चौड़ी हो गई | वह जल्दी से Ragya का नाम लेते हुए उसके पास गया |      Ragya........!!!! "       त्रिहांश बिना देर किए ही फूल के पास गया और बिना देर किए ही फूल में jump मारा |        वह इस वक्त ज्यादा ही डर गया था वह जल्दी से पैसेंजर सीट के तरफ जा कर door खोलने को हुआ लेकिन door जाम हो चुका था |      वह फिर ग्लास में झांक कर Ragya को देखा | Ragya का हालत इस वक्त देखने के लायक ही नहीं था | उसके सर पर चोट आया था और वह इस वक्त बेजान सी गिरी थी | यह देख त्रिहांश की मानों सांसे ही रुक सी गई हो | वह जल्दी से door को तोड़ने को हुआ लेकिन पानी में गिरने से उसे बहुत मुश्किल सा हो रहा था |     वह गुस्से से पूरा ताकत इकट्ठा कर door को लात मारा तो पूरा कार ही हिल गया | और साथ में door भी टूट गया |        कार में पूरी तरह पानी घुसने लगा | वही त्रिहांश जल्दी से Ragya को ले कर फूल के किनारे आया | Ragya का शरीर उसके ही खून से लथपथ हुआ था | त्रिहान्श बिना देर किए ही Ragya को गोद में ले कर विला में गया |     हाल में इस वक्त सब बैठ कर आपस में ही बाते कर रहे थे लेकिन जैसे ही उनकी नजर त्रिहांश और Ragya पर गई तो वह सब हड़बड़ा गए | Ragya पूरी तरह बेजान हो गई थी |    वही त्रिहांश आरव को देख बोला,""_ जल्दी से डाक्टर को कॉल करिए चाचू,quick | "     त्रिहांश जल्दी Ragya को मेंशन में बनाए हुए मिनी हॉस्पिटल में गया | वही वेदिका जल्दी से त्रिहांश के पास जा कर बोली,""_ Ragya को क्या हुआ त्रिहांश ? यह ...? "    त्रिहांश की धडकने इस वक्त हद से ज्यादा बढ़ गए थे | उसे तो ऐसा लग रहा था की उसकी सांसे ही रुक सी जाएंगे | वह जल्दी से Ragya को बेड पर लेटा कर उसके गाल को थपथपाते हुए बोला ,""_ Ragya..Ragya आंखे खोलो,Ragya प्लीज आंखे खोलो ना ? "     वेदिका एक टक त्रिहांश को देख रही थी  बिना पानी की मछली की तरह छटपटा रहा था | वह घबराया हुआ था | वेदिका फिर Ragya को देखने लगी | Ragya तो ऐसी पड़ी थी जैसे उसने कोई जान ही नहीं हो |          त्रिहांश हाथ पैर रब करने लगा | वही थोड़ी ही देर में डॉक्टर्स आए तो त्रिहांश बोला ,""_ इसे जल्दी से चेक करो डॉक्टर...!! यह सांस भी नही ले रही है | "     Ragya का खून बहुत बह चुका था | वही डॉक्टर्स त्रिहांश से बोले ,""_ आप बाहर जाइए....!!! "     डॉक्टर अभी कह ही रहा था की त्रिहांश Ragya का हाथ कसके पकड़ कर डॉक्टर पर चिल्लाते हुए बोल,""_नही मैं कही नही जा रहा ,आप इसे होश में लाओ अभी के अभी,नही तो मै तुम में से किसी को नही छोडूंगा| "     सारे घरवाले इस वक्त त्रिहांश को देख रहे थे | त्रिहांश उन्हें हमेशा एक पत्थर दिल इंसान लगता था लेकिन इस तरह उसे किसी के लिए तड़पाता हुए वह पहली बार देख रहे थे |      वही वेदिका बोली,""_ प्लीज त्रिहांश तुम चलो....!!! "    वेदिका बोलते हुए त्रिहांश का हाथ पकड़ती तो त्रिहांश उसका हाथ झटका कर बोला ,""_ नही वेदू, मैं इससे एक पल के लिए भी अलग नही हो सकता ,इसे होश में आना होगा...!!  "     वेदिका हैरानी से कभी त्रिहांश को देखती तो कभी Ragya को | उसे समझ नही आ रहा था की वह त्रिहांश को अब कहे तो क्या कहे ?वही डॉक्टर्स बोली,""_ ठीक है मिस्टर अग्निहोत्री,आ आप थोड़ा पीछे हटिए | "        त्रिहांश को एक इंच भी Ragya से अलग नही होना था उसकी सांसे भारी हो गए थे | वह सांस भी नही ले पा रहा था ठीक से | वह अपने बालो पर उंगली फेरते हुए बोला ,""_ मैने तो कार को अच्छे से बंद किया था फिर यह फूल में कैसे गिरा ....? ओह गॉड !! मैं इसे अपने साथ ही घर में क्यू नही ले गया | "     डॉक्टर्स धीरे धीरे Ragya के खून साफ करने लगे | फिर पर्दे डाल कर Ragya के कपड़े चेंज की क्यों की वह गोले कपड़े में थी | ज्यदादार Ragya को हाथ और सर पर चोट लगी थी |     दूसरी तरफ....      आर्यांश उर्मी को अपने गोद में ले कर एयरपोर्ट से बाहर आया था | उर्मी दर्द से कराह रही थी वैसे तो उसे ज्यादा चोट नहीं आई थी लेकिन जितना आई थी उतना भी उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा था |    आर्यंश उसे ले कर कार में बैठा फिर कार में ही रखे हुए फर्स्ट aid box उठा कर उसके चोट को साफ करते हुए बोला ,""_ रिलैक्स, मैं दवा लगाता हूं इसे....!!! "    उर्मी उसे गुस्से से घूरते हुए उसकी बात बीच में ही काट कर अपने दांत पीसते हुए बोली,""_ सब तुम्हारी वजह से ही हुआ है ,तुम्हे.....!!! "      उर्मी आगे कुछ भी कहती उससे पहले ही आर्यंश उसके मुंह पर हाथ रखते हुए बोला ,""_ कितना मच मच करती हो तुम ? मेरी इतनी भी गलती नही थी जितना तुम गिनवा रही हो ? समझी ? "     उर्मी उसे ही खा जाने वाली नजरों से देख रही थी | वह फिर उसके हाथ झटका कर चिल्लाते हुए बोली,""_ तुम....!!! "        " हा में...? " आर्यांश भी गुस्से से घूरते हुए बोला तो उर्मी गुस्से से उसे घूरते हुए बोली ,""_ तुम ... बदतमीज इंसान....!! "  बोलते हुए उर्मी ने उसके पैर पर दे मारी तो अर्यांश के मुंह से आह निकली | वह उस पर चिल्लाते हुए बोला,""_ अअह्ह्ह्ह तुम जंगली कही की....!!! "      आर्यांश उसे और सुनाता उससे पहले ही उर्मी गुस्से से उसका कालर पकड़ कर अपने दांत पीसते हुए बोली,""_ क्या कहा तुमने ? में जंगली हू? तुम्हारी हिम्मत कैसी हुई मुझे यह सब कहने की ? "     उर्मी चिल्लाते हुए बोल ही रही थी की लेकिन अर्यांश एक टक उसके चेहरे को देख रहा था | उर्मी की बदन से आ रही खुशबू,उसकी खूबसूरती,उसकी lip movement सब देख कर आर्यांश का नियत खराब हो रहा था | उर्मी अभी भी उस पर  चिल्लाते हुए उसे सुना रही थी लेकिन आर्यांस तो उसमे को ही गया था |      उर्मी की किसी भी बात आर्यांश के दिमाग में घुस ही नहीं रहे थे | वह एक तक उर्मी के चेहरे को देख रहा था जो गुस्से से लाल हुआ था |      आर्यांश फिर उसके होंठो को देखा | गुलाब की पंखुड़ी जैसा उसका होंठ इस वक्त उसे बेहद अटैट्रेक्ट कर रहा था | आर्यंश बिना सोचे समझे उसके होंठो पर अपना होंठ रख देता है तो उर्मी अपने जगह में ही जम गई | उसे तो कुछ समझ ही नही आया की उसके साथ अभी अभी हुआ क्या था |    अग्निहोत्री मेंशन......     त्रिहांश बेचैनी से Ragya का होश में आने का इंतजार कर रहा था | Ragya का अभी भी ट्रीटमेंट ही चल रहा था | बहुत खून बहने के कारण उसे ब्लड चढ़ा दिया जा रहा था |     वही सारे घरवाले बाहर खड़े थे | अदा को इस वक्त बहुत गुस्सा आ रहा था क्यों की त्रिहांश Ragya के लिए तड़पते जा रहा था |     वही विनोद इधर से उधर टहल रहा था की तभी वहा आरव आ कर बोला ,""_ त्रिहांश का कार फूल में गिरा है बाउजी और शायद कार में ही Ragya थी | "      विनोद, अजय,नितिन,सारे घरवाले हैरानी से उसे ही देखने लगे थे फिर वह सब बाहर चले गए |        वही अंदर त्रिहांश एक टक Ragya को देख रहा था | Ragya के सर पर पट्टी बांध दिया था | हाथ पैर में भी चोट लगी हुई थी तो उसे हर जगह पट्टी ही किया गया था |       थोड़ी ही देर में डॉक्टर्स त्रिहांश को देख बोले,""_ अब यह खतरे से बाहर है |   त्रिहांश ने जैसे ही यह सुना वह एक राहत भरी सांस लेते हुए डॉक्टर से पूछा ,""_ इसे होश कब आएगा ? "      " Two -three hour में आ जाएगा | " डॉक्टर्स इतना बोल कर बाहर चले गए |      वही त्रिहांश Ragya को ऊपर से नीचे तक देखते हुए उसके करीब जा कर उसके हाथ को पकड़ा | फिर धीमी आवाज में बोला,""_मेरी लापारवा की वजह से तुम्हारे साथ आज यह सब कुछ हुआ ,पहले तुम्हे गोली लगी अब यह सब....!!! "     त्रिहांश झुक कर Ragya के चेहरे पर चूमने लगा | door के पास ही वेदिका खड़ी थी | वेदिका बस त्रिहांश को देख रही थी | उसे समझ नही आ रहा था की त्रिहांश Ragya के लिए क्यों तड़प रहा है ? Ragya कोन है ? क्या वह उससे प्यार करता है ?  अगर करता है तो त्रिहांश ने यह क्यों कहा की वह फिलहाल नहीं जनता है की ragya उसे क्या लगती है लेकिन वह उसकी जरूरत है ?     वही त्रिहांश Ragya का हाथ अपने दोनो हाथो मे पकड़ कर एक टक Ragya का चेहरा देख रहा था जो मुरझा हुआ फूल लग रहा था | हद से ज्यादा लाल हुई उसकी चेहरे पर इस वक्त कोई नूर नहीं था |             दूसरी तरफ...   एयरपोर्ट में airaa के जाते ही इशान को उर्मी का ख्याल आया था | उर्मी को लेने के लिए ही तो वह एयरपोर्ट आया था लेकिन उर्मी कही नजर ही नहीं आ रही थी |      इशान फिर उर्मी को ढूंढते हुए उसके फ्लाइट के बारे में जानने गया की कही फ्लाइट delay तो नही हुआ या फिर वह खुद ही देर से आया है।?     थोड़ी देर में उसे पता चला की उर्मी का फ्लाइट लैंड हुआ है और वह उर्मी अभी अभी वहा से गई है तो वह भी एयरपोर्ट से बाहर चला गया |    वही एयरपोर्ट के बाहर ही आर्यंश का कार खड़ी थी और वह उर्मी को किस किए जा रहा था | उर्मी अपने जगह में ही जम गई थी | लेकिन जैसे ही उसे एहसास हुआ की उसके सांसे फूलने लगे है तो वह जोर जोर उसके सीने पर मारते हुए छटपटाने लगी |     वही उसका इस तरह छटपटाने से अर्यांश भी होश में आ गया था | वह जल्दी से उर्मी की होंठो को छोड़ दिया तो जोर जोर से हाफते हुए उसे ही गुस्से से देखने लगी |     आर्यांश को खुद समझ नही आया था की उसने उर्मी किस कैसे कर दिया ? वह उसे कुछ कहता उससे पहले ही उर्मी गुस्से से चिल्लाते हुए बोली,""_ क्या किया तुमने ? तुम्हारी हिम्मत भी कैसी हुई मुझे किस करने की हा ? "      उर्मी की बात सुन कर आर्यंश थोड़ी देर चुप रहा फिर उसे कुछ सूझा तो वह बोला,""_ सारी गलती तुम्हारी है ? तुम मेरे करीब आ कर मुझे सिड्यूस कर रही थी तो मैंने तुम्हारे होंठ.....!!! "   अर्यांश बोलते बोलते रुक कर उसके होंठो को थोड़ी देर देखा ,फिर अपने होंठो पर जीव फेरते हुए बोला,""_बहुत टेस्टी थे यार..!!! "  उर्मी का चेहरा गुस्से से भर गया | वह चिल्ला कर बोली,""_ तुम बदतमीज इंसान ....? "      उर्मी आगे कुछ कहती उससे पहले ही आर्यंश उसके चेहरे को पकड़ कर बिना रुके किस करने लगा | उर्मी हैरानी से उसे ही देखने लगी थी | क्या यह इंसान पागल है ?    उर्मी फिर उसे गुस्से से दूर धखेल कर कार से बाहर आई | वही अर्यांश बोला,""_ अरे...सुनो तो सही ..!!! "   You stupid...!! " उर्मी जोर से door close कर आगे जा कर एक टैक्सी लेती उसे इशान नजर आया जो किसी से फोन पर बात करते हुए इधर उधर टहल रहा था |       दरसल वह उर्मी के बारे में ही पता कर रहा था क्यों की उर्मी के बगैर वह घर जा ही नहीं सकता था |   इशान भाई....!! " उर्मी भागते हुए उसके पास गई | वही इशान को जैसे ही उर्मी की आवाज सुनी वह मुड़ कर देखा |    उर्मी की पैर में दर्द हो रहा था | तो वह धीरे धीरे चल रही थी | यह देख इशान जल्दी से उसके पास आ कर बोला,""_ उर्मी क्या हुआ तुम्हारे पैर को तुम..... ?      " भाई,....कुछ नही बस लगेज पैर पर गिर गया तो बस चोट आई , चलिए ना मुझे घर जाना है सबसे मिलना है | " उर्मी उसकी बात को बीच में ही रोक कर कहती है तो इशान उसके आस पास देखते हुए बोला,""_ तुम्हारा लगेज? "   इशान की बात सुन उर्मी को याद आया की उसके लगेज तो आर्यांश के ड्राइवर ने ले गया है | वह मुड़ कर आर्यंश के कार को देखी जो अब वहा से जा चुकी थी | उर्मी फिर इशान को देखी जो उसे ही सवालिया नजरों से देख रहा था | उर्मी बोली,""_ वह मेरी फ्रेंड के पास रह गए ,में बाद में ले लूंगी अभी चलिए | "          उर्मी इतना बोल कर इशान के साथ घर के लिए निकल गई |  अग्निहोत्री मेंशन....      त्रिहांश Ragya का हाथ पकड़ कर उसके पास ही बैठा था | उसकी नजरे तक एक पल के लिए भी Ragya से नही हटी थी |     करीब दो घंटे बाद Ragya को धीरे धीर होश आने लगा | वह थोड़ा अपना चेहरा इधर उधर हिल रही थी | वही उसे होश आता देख त्रिहांश जल्दी से उसके गाल सहलाते हुए बोला,""_ Ragya....!!     Ragya धीरे से अपने आंखे खोली तो उसके सामने त्रिहांश का चेहरा दिखा जो टेंशन से उसे ही देख रहा था | Ragya थोड़ी देर उसे ही देखती रही | उसे इस वक्त बहुत तकलीफ हो रही थी लेकिन उसके दिल में भी उतना ही दर्द का तूफान उठ चुका था | वह इंसान उसे मरने के लिए इस तरह कार स्टार्ट कर जाएगा ? उसने सोचा नहीं था ?          वही त्रिहांश झुक कर उसके माथे पर किस करने को हुआ तो Ragya अपना चेहरा दूसरी तरफ फेर लिया |   To be continued.........,