Chapter 6 of 20

chapter 6

क्यूट कपल940 words~5 min read

दानियाल माहीन की मुरझाई  हुई आवाज़ सुन कर उसके घर को दौड़ा आया।"माहीन क्या हुआ तुम्हे, तुम ठीक तो हो न" दनियाल ने उसे जगाया।माहीन ने आंख खोली और कहा," I am just sleepy""तुम को यहां आने की जरूरत नहीं थी " माहीन ने कहा और उठने की कोशिश की ।"चलो हॉस्पिटल चलते हैं" दनियाल ने उसका हाथ पकड़ के उठाते हुए कहा लेकिन माहीन ने हाथ हलके से झटक दिया और कहा "मैं सच में ठीक हूं, बस कल रात ठीक से सो नहीं पाई इसलिए लो फील कर रही हूं।"दनियाल फिर भी परेशान था। "मै तुम्हारे लिए टोमैटो सूप बनाता हूं, तुम एनर्जेटिक फील करोगी, पी के।" दनियाल ने कहा और किचन में चला गया।"तुम बाहर क्यों आ गई" दनियाल ने माहीन को किचन में आते देख कर कहा।"मै ठीक हूं तुम्हे ओवर प्रोटेक्टिव होने की जरूरत नहीं है।" माहीन का लहज़ा सख्त था। उसने ने ग्लास को पानी से भरा और डाइनिंग टेबल पर  गई।दनियाल ने उसके सामने सूप का बाउल रखा और  सामने वाली चेयर पर बैठ गया।"मैं ओवरप्रोटेक्टिव लग रहा हूं" दनियाल ने आराम से कहा हालांकि उसने माहीन के लहज़े की कड़वाहट महसूस की थी।माहीन जवाब में उसे चुप चाप देखती रही। वो डरती थी कही उसे दनियाल की आदत न होजाए।"मैं गिल्टी फील कर रहा हूं। शायद मेरी वजह से तुम कल रात सो नहीं पाई .....और बीमार होगई। मुझे अच्छा नहीं लग रहा....और तुम्हे लग रहा मैं ओवर प्रोटेक्टिव हूं"  उसका लहज़ा नॉर्मल से हाई होगया। वो माहीन की फिक्र में पागल होए जारहा था। माहीन ने उसका हाथ थामा और उसके शांत करने की कोशिश की" दनियाल प्लीज़,मेरी फिक्र मत करो। तुम्हारा, मेरी फिक्र करना मुझे दावर की याद दिला रहा है।" और उसने दनियाल का हाथ छोड़ दिया।"वो मेरी फिक्र ऐसे करता था, जैसे अगर मुझे कुछ हुआ तो वो मर जायेगा। मुझे लगता था वो मुझे पसंद करता है। मैं वो गलतफहमी दोबारा नहीं पालना चाहती" माहीन खोए हुए अंदाज में कहती जारही थी।"मैं वैसा नहीं हूं " दनियाल ने कहा और वहां से चला गया। माहीन उसकी बात में उलझी उसे जाता, देखती रह गई।          शाम हो चुकी थी। माहीन अब थोड़ा बेहतर महसूस कर रही थी। वो दादी और फिज़ा को मिलने के इरादे से दनियाल की तरफ आ गई। सुल्तान भी उसके पीछे चल पड़ा।"अब कैसा फील कर रही हो" दनियाल ने पूछा। वो हाल में लगे सोफे पर बैठा काम कर रहा था।"अब अच्छा लग रहा है" माहीन ने कहा और दनियाल के सामने वाले सोफे पर बैठ गई। "दादी और फिज़ा नज़र नहीं आ रहीं" उसने इधर उधर नज़र दौड़ाई ।"ओ हा.. मै भूल गया था बताना वो फुफो के यहां गई हैं अचानक से प्लान बना, इसलिए ..." दनियाल ने डिटेल दी और कॉफी के लिए पूछा।माहीन ने हां में सर हिला दिया और कॉफी का इंतजार करने लगी।सुल्तान, लिसा के प्लेट में रखे खाने जल्दी जल्दी खाने लगा।लिसा उसे हटाने के लिए  धक्का देती तो कभी उसके ऊपर चढ़ जाती लेकिन सुल्तान को तो आज सब कुछ खा के ही दम लेना था। माहीन और दनियाल कॉफी के साथ साथ सुल्तान और लिसा की रोमांटिक फाइट का भी मज़ा ले रहे थे।"How cute" माहीन ने उन्हें देख कर कहा।"How beautiful" दनियाल ने माहीन की तरफ देखते हुए कहा और जब माहीन ने उसकी तरफ देखा तो उसने बनावटी हड़बड़ाहट से अपनी बात पूरी की  "their fight.""वैसे डिनर में क्या खाना चाहोगी।" दनियाल ने उसकी तरफ देखते हुए पूछा।माहीन ने उसे अपनी तरफ लगातार देखते हुए देखा तो शरमाते हुए कहा" तुम जो चाहो बनाओ मै खाऊंगी।""मै तुम्हारी पसंद का बनाना चाहता हूं" दनियाल ने कहा।"आह! दनियाल तुम मुझे नर्वस कर रहे हो" माहीन ने एक लंबी सांस लेके कहा और किचन की तरफ चली आई। दनियाल भी उसके पीछे चल पड़ा।     डिनर के बाद माहीन गार्डन में कॉफी का इंतजार कर रही थी। तभी उसके  डैड का फोन आगया। उसने फोन उठा, काफी बातें की। उसके डैड ने बताया की घर की सफाई दनियाल ने करवाई थी। माहीन हैरान हुई की दनियाल ने उसे कभी नहीं बताया। उन्होंने ये भी बताया की दनियाल अक्सर उनसे बातें करता है जब से  वो इंडिया आई है। उन्हें दनियाल बहुत जिम्मेदार और सुलझा हुआ लगता है। वो झूले पर बैठी दनियाल के बारे में सोच कर मुस्कुरा रही थी। दनियाल उसके बगल में  आ बैठा और बोला " किसे सोच कर खुश हो रही हो" और उसकी तरफ कप बढ़ाया। "अ..क.. कुछ नहीं" वो चौकी और कप लेकर ज़रा एक तरफ हो कर बैठी। लेकिन झूला इतना छोटा था की दो लोगों के बैठने के बाद एक बालिस्त से भी कम जगह थी।दनियाल के बारे में अपने डैड की राय जान कर जैसे उसे दनियाल के करीब जाने के लिए ग्रीन लाइक मिल गई हो।वह उसके साथ कंफर्टेबल फील कर रही थी।"कुछ तो है बोलो ना" दानियाल  के इसरार पर उसे बताना  पड़ा कि उस के डैड का कॉल आया था और उन्होंने बताया कि सफाई तुम ने करवाई थी घर की।"तुम्हें अच्छा लगा जान के" दानियाल ने पूछा" हां, बिल्कुल मुझे अच्छा लगा।" माहीन ने कहा।" और क्या पसंद है तुम्हें" दानियाल ने कहा ।"फिलहाल मुझे तुमसे बातें करना पसंद है"  माहीन ने  बेझिझक कहां।" क्या बात है आज तुम बहुत रोमांटिक बातें कर रही हो" दानियाल ने मुस्कराते हुई कहा।" मुझे सोने जाना है" माहीन ने मुस्कुराते हुए कहा।"ओके गुड नाईट"  दनियाल ने कहा।"अच्छा सुनो, क्या तुम कल मेरे साथ बाहर जाना चाहोगी।"  दनियाल ने दोबारा पूछा।"क्या,.. कहां" माहीन ने पूछा।"सर्प्राइज" दनियाल ने कहा"ओके, I like surprises" माहीन ने कहा और अपने घर  को चली गई।(आगे अगले पार्ट में)By- Seema

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