Chapter 15 of 20

chapter 15

क्यूट कपल1,206 words~7 min read

                      दानियाल ने उसे अपनी तरफ ऐसे खींचा की माहीन की पीठ उसके सीने से जा टकराई। माहीन की धड़कनें तेज़ हो गई थी "माहीन अफ़रोज़, तुम्हारी इन्ही अदाओं का तो दीवाना है दानियाल खान" उसने माहीन के कान में कहा।माहीन के लबों पर एक हल्की मुस्कान फैल गई। दानियाल की मोहब्बत भरी बातें उसके जिस्म की तपिश बढ़ रही थी।   और आखिर दोनों ने अपने जज़्बात एक दूसरे को कह ही दिया। घंटों तक दोनों मोहब्बत के वादियों में पुरसुकून सफर करते रहे।"तुम्हारा फोन बज रहा है" दानियाल ने अपनी बाहों में गिरफ्तार माहीन से कहा।"O, दावर है" माहीन ने दानियाल से अलग हो कर फ़ोन देखा और कहा।"मत उठाओ, वो पूछेगा तुम ने उनकी डिनर पार्टी ज्वाइन क्यों नहीं की" दानियाल ने उसे दोबारा अपने बाहों में जकड़ लिया और कहा।"Oh, by the way दावर ने तुमसे बात की" माहीन ने कहा।"किस बारे मै...."दानियाल ने कहा।उसे अंदाज़ा ही नहीं था कि उससे पहले माहीन दोनों के रिश्ते की बात करेगी। "दावर फिज़ा को पसंद करता है। उसने मुझसे कहा था कि तुमसे बात करेगा" माहीन ने कहा।"O, हां उसने कहा था" दानियाल को ऐसे कहा जैसे उसे अचानक याद आया हो।"तुम ने क्या कहा" माहीन ने पूछा।"मैंने,.... कुछ नहीं" दानियाल उसे देखते हुए कहा।"क्यों" माहीन ने पूछा।"तुम्हें कोई दिक्कत नहीं... I mean तुम्हारा क्रश था वो" दानियाल ने माहीन को देखते हुए कहा "नहीं, मेरे पास तुम हो एंड मैं बहुत खुश हूं तुम्हारे साथ और उन दोनों के लिए भी" माहीन ने कहा।"तुम बहुत अच्छी हो" दानियाल ने उसकी पेशानी चूमते हुए कहा।            "आज की सुबह बहुत खूबसूरत है भाई" नासिर ने उगते सूरज कि लाल किरणों का नज़ारा देखते हुए कहा।"हर रोज़ सुबह इतनी ही प्यारी होती है। तुम उठो तब तो देखोगे" दानियाल ने उसे कॉफी थमाते हुए कहा।दोनों टैरिस की सफ़ाई करने के बाद कॉफी पी रहे थे।"वैसे भाई, आज आपकी सास आ रही है। ज़रा अच्छे से तैयार होके एयरपोर्ट जाना" नासिर ने कहा।"Oh, ऐसा है क्या" दानियाल ने कहा।"हां, first impression is last impression आप को तो पता ही होगा" नासिर ने कहा।"तुम मुझे ज्ञान देना बंद करो और हां मैं इंटरव्यू के लिए नहीं जा रहा हूं।" दानियाल ने कहा और वहां से चला गया।"ठीक है मत मानो मेरी बात, बाद में न कहना कुछ" नासिर ने दानियाल को तेज़ लहज़े में सुनाया।माहीन और नासिर एयरपोर्ट के लिए निकल गए थे। उनके बाद दानियाल और दावर गए। दानियाल इंप्रेशन  के चक्कर में अपनी गाड़ी धुलने लगा, जिससे उन्हें एयरपोर्ट पहुंचने में लेट हो गया।जैसे तैसे ट्रैफिक को क्रॉस करके उनकी फ्लाइट लैंड होने के बाद वो एयरपोर्ट पहुंचे।और वहां पहले ही माहीन की मॉम नासिर को दानियाल समझ बैठी थी।    उन्हें ढूंढने के लिए एयरपोर्ट का चक्कर लगाते पसीने में डूबे दानियाल और दावर की मुलाकात उसकी सासों से हो ही गई।दानियाल की मॉम शीबा खान ने माहीन की मॉम रिदा अफ़रोज़ को हुई गलतफहमी दूर की और दावर से मिलीं।वो उन्हें बहुत पसंद आया।दावर ने भी अपनी मॉम रीमा को सब से इंट्रोड्यूस करवाया।    दोनों घर में काफी हलचल थी। दावर की मॉम माहीन की तरफ रुकी थी। सबने दानियाल की तरफ लंच किया।खाना दादी और फिज़ा ने बनाया था।    रीमा(दावर की मॉम) ने फिज़ा के खाने की बहुत तारीफ की वो भी खाना बनाने में माहीन के मुकाबले की ही थी।लेकिन हां (माहीन की मॉम) रिदा ने सब को अपनी तरफ डिनर के लिए इनवाइट किया था।          सलाम करते हुए दानियाल माहीन के घर में दखिल हुआ। किचन में परेशान रिदा ने जवाब देकर उसे बैठने को कहा। माहीन भी उनके साथ किचन के कामों में उलझी हुई थी। "दावर और रीमा आंटी कहां है" दानियाल ने किचन में आकर पूछा।"वो ग्रॉसरी के लिए गए हैं" रिदा ने कहा।"आंटी आप क्यों परेशान हो रही है।" दानियाल ने कहा और पयाज़ काटती रिदा के पास आ गया और बोला "आंटी आप रहने दीजिए मैं करता हूं"   माहीन ने तिरछी आंखों से दोनों को देखा और मुस्कुराई। दानियाल, रिदा को बड़ी तमीज़ से सोफे तक लाया और बोला" आप बैठ जाइए"दानियाल के इतने तमीज़ और केयरिंग रवैए से रिदा मन ही मन इंप्रेस हो रही थी।इतने में दावर और रीमा भी बाज़ार से लौट आए। उनके पीछे फिज़ा भी दानियाल को ढूंढते हुए आ गई थी।दानियाल को अपनी होने वाली सास का हाथ बटाते देख  फिज़ा हैरान रह गई।"भाई, मॉम आप को ढूंढ रही थी" फिज़ा ने दानियाल के करीब आ कर धीमी आवाज़ में कहा।"उनको ज़रा रोक के रखो मैं आ रहा हूं " दानियाल ने कहा।वो उनके मिजाज़ से वाकिफ था। वो दिल की साफ़ और मुंह पर कुछ भी बोल जाती थी।दानियाल ने झट पट आधे से ज़्यादा काम निपटा कर अपनी सास को इंप्रेस कर वापिस आ गया।"मॉम आपने बुलाया" दानियाल कमरे में दाखिल हुआ।कमरे में  दादी और शीबा (दानियाल की मॉम) मौजूद थी।इतने में नासिर सब को डिनर के लिए लेने आ गया और उनकी बात नहीं हो पाई।"भाई, मेरी फ्रेंड्स आने को बोल रही थी" डिनर ने बाद गार्डन में वॉक करते दानियाल से फिज़ा ने कहा।"क्या" दानियाल ने हैरत से कहा और उसके ख्यालों में   फिज़ा की ब्रॉड माइडेड दोस्तों का मंजर उसे डरा गया।"मैंने कहा था न उनसे दोस्ती नहीं रखने को" दानियाल ने कहा।"भाई, वो मेरी chilhood फ्रेंड्स हैं मैं उन्हें कैसे छोड़ दूं" फिज़ा ने मुंह बना कर कहां।"फिर भी मैं उन्हें घर आने की परमिशन नहीं दे सकता" दानियाल ने कहा।"क्यों, भाई प्लीज" फिज़ा ने ज़िद की।"क्यों की मुझे पीटना नहीं है। अगर वो तुम्हारी मिनी कपड़ों वाली दोस्तों को मेरे आप पास मडराते माहीन ने देख लिया तो उनके साथ साथ मेरी भी खैर नहीं" दानियाल ने  उसे समझाया।"अगर मैने मॉम को आपके किचन में काम करने वाली बात बता दी तो भी आप की खैर नहीं" फिज़ा ने उसे धमकी दे डाली।"नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकती" दानियाल ने कहा"मैं कर सकती हूं" फिज़ा ने कहा।"Ok, but make sure की टीना जरूर आए" दानियाल ने कहा।"वो क्यों, वो तो सब से बोल्ड है" फिज़ा ने ऐतराज किया।"Just do as I say वैसे और कौन कौन आ रहा है " दानियाल ने कहा।"टीना को आपने इन्वाइट किया है और डेजी, पिंकी और सनम" फिज़ा ने कहा और चली गई।    टीना हिना की छोटी बहन थी। वो इतनी बोल्ड थी की उसके घर वाले उसे अकेले कहीं नहीं जाने देते थे। दानियाल के मुताबिक उसके साथ हिना जरूर आएगी और उसकी नासिर से मुलाकात भी हो जाएगी।डेजी, पिंकी और सनम ये फिज़ा के बचपन की दोस्त थी जब वो अमेरिका में थी। पिछले साल भी  डेजी घर आई थी और वो दानियाल के लुक और कुकिंग स्किल की दीवानी हो गई थी। दानियाल को दर था इस बार वो स्पेशली उससे मिलने तो अमेरिका से नहीं आई। वैसे भी फिज़ा की फ्रेंड्स उससे मिलने नहीं, दानियाल को देखने के लिए घर आती थी। फिज़ा की सब ही फ्रेंड्स को दानियाल पे क्रश था।दानियाल नासिर और हिना की मीटिंग प्लान करके तो खुश था लेकिन फिज़ा की दोस्तों के ख्याल उसकी खुशी पर समंदर की लहरों की तरह आ गिरीं।(आगे अगले पार्ट में)

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