Chapter 23 of 34

chapter 23

Cruel Psycho hubby (Completed)1,006 words~6 min read

•❀.•❤•.¸✿¸.•❤•.❀•Good news rajat gaya महल छोड़ कर•❀.•❤•.¸✿¸.•❤•.❀•🌸अगले दिन🌸डॉक्टर आरोही को चेक कर रहे होते है और रजत आरोही का हाथ पकड़ कर बैठा होता हैडॉक्टर मुस्करा कर मुबारक हो इस महल का वंश आगे बढ़ने वाला हैरजत एक दम से खुश हो जाता है और अपने उंगलियों से सारी rings निकल कर डॉक्टर को दे देता हैडॉक्टर खुशी खुशी चली जाती हैरजत आरोही को गले लगा लेता है और बोला मैं इस बच्चे का बाप और तुम मां आरोही खुश हो जाती है और बोली आपको गुस्सा तो नही है ना?रजत क्यू तुम मेरा proud हो मेरी वाइफ हो और ये हमारे प्यार की निशानी है ❤️आरोही रजत को गले लगा लेती है और बोली तो मत जाओ ना रजत मुझे छोड़ कर अपने बेबी को छोड़ कररजत आरोही को गले लगा कर बोला आरोही महाराज है गुजरात के महाराज ने हमारे साथ बगावत कर ली है हमे जाना ही होगा वरना पूरा राजस्थान उनके कब्जे मैं आ जायगाआरोही रजत के गले लग गई और बोली आप महाराज है तो मैं महाराजी हो आप जाओ में पीछे से सब संभाल लूंगी आपका महल और अपना बेबी रजत मुझे माफ कर देना आरोही मुझे पता है की तुम्हे मेरी जरूरत है लेकिन मैं मजबूर हु आरोही its okay रजत और रजत को गले लगा कर रखती हैरजत आरोही का सिर सहलाने लगा और बोला जब मैं वापिस आऊंगा फिर हम तीनो घूमने चलेंगेआरोही सच्चीरजत हा सच मै, तुम मेरे पीछे से भागने या इस महल से बाहर जाने की कोशिश न करना मेरी नजर तुम पर ही होगी तुम पर ट्रस्ट करने को दिमाग तो नही बोल रहा लेकिन दिल बोल रहा हैआरोही अब तो सवाल ही नही उठता आपको छोड़ने कारजत मुस्करा कर आरोही के लिप्स पर किस करने लगा तो आरोही भी रजत को किस करने लगी😘रजत थोरी देर ऐसे ही आरोही को किस करता रहा फिर आरोही से दूर हो गया और आरोही के पेट को किस करने लगाआरोही मुस्करा उठी और रजत का सिर सहलाने लगीरजत आरोही के दुपट्टा साइड करके अच्छे से किस करने लगा पेट को तो आरोही सिसकने लगीरजत आरोही के पेट एस दूर हो कर बोला अपने बेटे या बेटी को किस कर रहा हु तुम क्यू रोमांटिक हो रही हो और जोर जोर से हसने लगाआरोही एक दम से शर्मा गई और अपने मुंह पर तकिया रख कर हसने लगीरजत आरोही के इस लुक को देख कर एक ही वर्ड बोला तुम कितनी शर्माती होऔर जबरदस्ती तकिया हटा दिया तो आरोही को देखने लगा आरोही का पूरा फेस आज कुछ अलग ही glow हो रहा था रजत तुम आज कितनी प्यारी क्यू लग रही होआरोही शर्मते हुए अब 9 महीने ऐसी ही रहूंगीरजत ohh हमारे बच्चे के चक्कर मै मुझे न भूल जाना आरोही नही बिलकुल नही वैसे आपको क्या चाइए बेटा या बेटी?रजत बेटा हो या बेटी हम दोनो के गुण होने चाइए संस्कार मै तुम्हारे और शक्ति मै सिर्फ मेरेबेटी हुई तो तुम्हारी जैसी जो अपने घर वालो के लिए जान दे दे और बेटा हुआ तो ऐसा जो अपनी फैमिली के लिए किसी को भी जान ले लेआरोही मुस्करा उठी और जोर से रजत को गले से लगा लियारजत मुस्करा उठा और आरोही को आराम से बेड पर बैठा दिया और बोला चलो आरोही नीचे अपने पति को विदा करोआरोही की आखों से आसू आ गए और बोली रजत मुझे नही रहना अकेले इस महल मै मेरा कोई भी नही है और इस हाल मै अकेले कैसे रह सकती हु प्लीज मत जाओरजत आरोही समझा करो मुझे पता है की इस समय तुम्हे अकेले नहीं छोड़ सकता लेकिन मैं मजबूर हुआरोही की आखों से पानी आ गया तो रजत ने आरोही को गले से लगा लिया और आरोही को बेड से उतर कर नीचे खड़ा कर दियाऔर आरोही के आखों से पानी साफ करके बोला आरोही अगर तुम ऐसे रो कर मुझे विदा करोगी तो मैं कैसे जा पाऊंगाआरोही रजत के सीने से लग गई पता नही आज मुझे बहुत अजीब सा लग रहा है जैसे बहुत बुरा होगारजत कुछ बुरा नही होगा आरोही बस तुम किसी से बात न करना मै तुम्हारी फैमिली को बोल दूंगा मिलने आ जाया करेंगेआरोही थैंक्यू रजत आपने मुझे समझारजत मुस्करा कर अगर तुम मेरी हर बात सिर झुका कर मानोगी कभी कोई सवाल नही करोगी तो तुम्हे सब मिलेगा आरोही नजरे झुका लेती है और बोली ओके रजतरजत आरोही के सिर पर किस कर देता है और हाथ पकड़ कर दोनो नीचे आ जाते हैसबने आरोही को बड़ाई दी रीता तो जल बुन रही थी चाची का तो खून खोल रखा था नीरज तो मानो आज ही खून कर दे रजत कारजत ने दादा दादी चाचा चाची के पैर छू लिएसबने आरोही रजत को congrats कियारजत आरोही को दादी के पास ले गया और बोला आरोही तुम सिर्फ दादी पर यकीन रखना जो दादी बोले वोही करना और किसी से कुछ न खाना और न पीना किसी पर यकीन न करनाआरोही जी रजत दादी मै ध्यान रखूंगी तुम जाओ बेटारजत मुस्करा दियाफिर सब दरवाजे के पास आ गए रजत दरवाजे के उस पार था और आरोही इस पारआरोही ने रजत की आरती करी और फिर पैर छुने लगीरजत एक दम से आरोही बिलकुल नही मैने पहले भी बोला था तुम मेरे दिल की रानी हो तुम्हे मेरे पैर नही मेरे दिल से अपना दिल लगाना है और आरोही को गले से लगा लियाआरोही का दिल भर आया फिर रजत आरोही से दूर हुआ और बोला इसके आगे कोई नही आ सकता तुम दरवाजे से अंदर जाओ इसके आगे का सफर सिर्फ मै तह करू गा और आरोही को छोड़ कर चला गयासब दरवाज़ा पर खड़े रहे सब ने महाराज की जय हो महाराज की जय हो के नारे लगाएआरोही रजत को जाते हुए देखती रही और एक दम से भागते हुए अपने रूम मै चली गई और बालकनी से रजत को देखने लगीरजत की गाड़ी महल से निकल गईआरोही की आखों मै आसू आ गए और उसने अपने पेट पर हाथ रख लिया वही रजत की आखों मै भी आसू थे लेकिन वो शांत बैठा रहाLike comment follow ker lo guys

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